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गर्भावस्था का सफर चाहे कितना ही उठा-पटक वाला क्यों न हो, चाहे इस दौर में कितनी ही तकलीफें क्यों न हो। इस सबके बावजूद गर्भवती महिला के लिए यह जिंदगी का सबसे खूबसूरत सफर होता है। इस दौरान वह गर्भ में पल रहे अपने बच्चे को पल-पल महसूस करती है, कभी-कभी उससे बातें करती है, खूब प्यार करती है। कहने का मतलब यह है कि शिशु के जन्म से पहले ही गर्भवती महिला मां बन चुकी होती है।

आप चाहें तो इस सफर को और भी रोमांच से भर सकती हैं। ताउम्र इन लम्हों को अपनी याद्दाश्त में कैद कर सकती हैं। सवाल है कैसे? अमूमन गर्भवती महिलाएं किसी भी तरह के जोखिम भरे कामों से दूर रहती हैं। यह गर्भ में पल रहे बच्चे और गर्भवती महिला, दोनों के लिए जरूरी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गर्भावस्था में आप मजेदार चीजें नहीं कर सकतीं। यहां हम आपको कुछ ऐसी ही गतिविधियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें करके आपका यह सफर और भी दिलचस्प हो जाएगा।

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  1. यादों को सहेजने का खूबसूरत तरीका है फोटो मेमोरी - Yadon ko shejne ka khubsurat trika hai photo memory
  2. हर पल को स्क्रैपबुक में समेटें - Har pal ko scrapbook me smeten
  3. मस्ती भरी शाॅपिंग करें - masti bhari shopping karen
  4. खुद में कुछ नए बदलाव करें - Khud me kuch naye badlaw karen
  5. पार्टनर के साथ मस्ती करें - Partner ke sath masti karen
  6. बेबीमून पर जरूर जाएं - babymoon par jarur jayen
  7. रोमांचक तरीके से बच्चे का नाम ढूंढ़े - Romanchak tarike se bachche ka naam dhundhen
  8. घर को नया लुक दें - Ghar ko naya look den
  9. पार्टनर से गर्भ में पल रहे बच्चे से बातचीत करने को कहें - Partner se garbh me pal rahe bachche se baatcheet karne ko kahen
  10. रिलैक्स होने के कुछ ख़ास करें - Relax hone ke liye kuch khas karen
  11. अपनी मां से करें ढेरी सारी बातें - Apni maa se karen dher sari baten
  12. पार्टनर के साथ सेक्स जरूर करें - Partner ke sath sex jarur karen

आजकल बात-बात पर फोटो क्लिक करना एक चलन बन गया है। तो फिर गर्भावस्था में इससे दूर क्यों रहें? हालांकि जैसे-जैसे गर्भवती महिला के दिन चढ़ते हैं, वैसे-वैसे उसके शरीर का आकार बदलता जाता है। ऐसे में ज्यादातर गर्भवती महिलाएं फोटो खिंचवाने से बचती हैं। जबकि गौर करें तो पाएंगी कि इस अवस्था में आप जितनी खूबसूरत दिखती हैं, उतनी पहले कभी नहीं दिखीं। अतः लाइफ में मस्ती भरने के लिए फोटो सेशन जरूर करें। अपने पार्टनर से कहें कि वह इस अवस्था में आपकी कई सारी फोटो खींचें। फोटों खींचने के लिए आखिरी तिमाही का इंतजार न करें बल्कि हर तिमाही में फोटो सेशन करें। इससे आपके पास चरण दर चरण लम्हों की यादें होंगी। आप चाहें तो फोटो सेशन के लिए पेशेवर फोटोग्राफर की भी मदद ले सकती हैं। फोटो सेशन में पार्टनर को भी साथ रखें। ये वक्त न सिर्फ आपके लिए बल्कि आपके पार्टनर के लिए भी यादगार हैं।

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अगर आपको डायरी लिखने की आदत नहीं है, तो स्क्रैप बुक बनाएं। प्रेगनेंसी के सफर में स्क्रैप बुक बनाना दिलचस्प हो सकता है। आप सोच रही होंगी कि स्क्रैप बुक में क्या लिखें या कौन-सी फोटो लगाएं? परेशान न हों। स्क्रैप बुक में आप उन तस्वीरों को लगाएं जो प्रेगनेंसी के दौरान आपने खींची हैं। अगर आप स्क्रैप बुक को और भी ज्यादा इंट्रेस्टिंग बनाना चाहती हैं कि तो इसके लिए हर सप्ताह एक फोटो खींचे। उस फोटो को स्क्रैप बुक में चिपकाएं। इसके साथ ही मजेदार यह रहेगा कि आप अपने मन की कुछ बातें भी स्क्रैप बुक में लिखें। दरअसल गर्भावस्था में महिला के जहन में कई ऐसी बातें घूमती हैं, जिन्हें वह किसी से साझा नहीं कर सकती। ऐसी बातों को यानी अपनी मन की कही-अनकही बातों को लिखें। स्क्रैप बुक में पार्टनर की बातों को भी जरूर लिखें। उदाहरण के तौर पर समझें, प्रेग्नेंसी के दौरान कभी अपने बच्चे को महसूस करते हुए पार्टनर ने आपके पेट को छुआ होगा, भावुक होकर अपने बच्चे के लिए उन्होंने कुछ कहा होगा, उन लम्हों को अपने शब्दों के स्क्रैप बुक में उतारें। यकीन मानिए, इस तरह की चीजें आपकी प्रेग्नेंसी जर्नी को और भी खूबसूरत बना देंगी।

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आपने अब तक न जाने कितनी बार शाॅपिंग की होगी। कभी अपने लिए, कभी अपने पति के लिए, कभी अपने परिवार के लिए। लेकिन क्या कभी आपने यह सोचकर शाॅपिंग की है कि अब आपके शरीर का आकार बदलने वाला है। सप्ताह दर सप्ताह आपका शरीर एक नया आकार लेने वाला है। क्यों न इस बार की शाॅपिंग आप कुछ ऐसी करें जो आपने अब तक नहीं की। इस बार शाॅपिंग को सिर्फ एक अनिवार्य चीज न समझें। इस बार शाॅपिंग में मस्ती के पुट डालें। शाॅपिंग में अलग-अलग साइज के कपड़ें शामिल करें। हालांकि इस दौरान ख़रीदे गए कपड़े डिलीवरी के बाद अनुपयोगी हो जाएंगे। इसलिए बेहतर है ज्यादा महंगी ड्रेसेज न खरीदें या फिर इन ड्रेसेज को डिलीवरी के बाद किसी जरूरतमंद को दे सकती हैं। इसके अलावा आप चाहें तो यादगार के तौर पर इन ड्रेसेज को संभालकर भी रख सकती हैं। बड़े होने पर अपने बच्चे को दिखा सकती हैं कि किस तरह प्रेगनेंसी के सफर को आपने किस-किस अंदाज में सेलिब्रेट किया है। बहरहाल शाॅपिंग में कुछ फंकी (पारंपरिक ड्रेसेज से भिन्न) ड्रेसेज खरीदें। अपने पार्टनर के लिए भी ऐसी ड्रेसेज खरीदें। आखिर उन्हें भी तो इस दौर का पूरा मजा लेना है। शाॅपिंग में ड्रेसेज के अलाावा जूते, बैग भी शामिल करें। जिसके साथ मन हो, उसके साथ शाॅपिंग करने जाएं। चाहें तो दोस्तों की टोली बनाकर जाएं या फिर मां और सासु-मां के साथ बेधड़क शाॅपिंग पर निकल जाएं।

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हालांकि गर्भावस्था की इस जर्नी में आप हर दिन नई सी होती हैं। आपने कभी खुद में इतना ममत्व, इतना प्रेम महसूस नहीं किया होगा, जितना इन दिनों कर रही है। फिर भी कुछ महिलाएं अपने आकार को लेकर तनाव में आ जाती हैं। उन्हें लगने लगता है कि वे अब अच्छी नहीं लग रही हैं। सबसे पहली बात, अगर आप ऐसा सोचेंगी तो जाहिर है कि परेशान रहेंगी। अतः इस तरह की सोच से दूर हो जाएं। अब इस सफर में रोमांच भरना है, तो जरा खुद में बदलाव करें। कभी-कभी खुद को बदलना भी सकारात्मक दिशा की ओर जाना होता है। आप ब्यूटी पार्लर जाएं। सुंदर हेयर कट लें, मेनिक्योर-पेडिक्योर करवाएं। अपने चेहरे पर ध्यान दें। नई ज्वैलरी खरीदें। यकीनन जब आप खुद में इस तरह के बदलाव करेंगी तो अंदर से खुशी का एहसास होगा। ऐसा लगेगा कि आपने खुद में एक नई ‘मैं’ खोजी है। पहले से ज्यादा खुश, पहले से ज्यादा ऊर्जावान, पहले से ज्यादा प्यारी।

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कुछ ही महीनों की बात है, जल्द ही आप मां बनने वाली हैं। निश्चित रूप से आप अभी से उस भाव से गदगद हो रही होंगी, जब आपका बच्चा आपके हाथ में होगा। लेकिन आने वाली खुशी में अपने आज को भूल जाना सही नहीं है। अपनी खुशी में पार्टनर को हमेशा शामिल करें। उनके साथ समय बिताएं। उनसे ढेर सारी बातें करें। कुछ अपनी, कुछ उनकी और कुछ होने वाले बच्चे के बारे में कहें। पार्टनर के साथ म्यूजियम, आर्ट गैलरी जैसी जगह जाएं या फिर पिकनिक पर जा सकती हैं। इन दिनों कुछ ऐसा करने पर जोर दें, जो अब तक नहीं किया। अपने पार्टनर से कहें कि इन दिनों वह आपका सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा ख्याल रखे। गर्भ में पल रहे बच्चे से भी वह ढेर सारी बातें करे। इससे बच्चे के साथ पिता का एक भावनात्मक रिश्ता विकसित होता है। इस तरह तीनों यानी आप, पिता (पति) और बच्चे के बीच खास रिश्ता पनप सकता है।

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हनीमून के बारे में तो आपने खूब सुना होगा और गई भी होंगी। हनीमून पर जाने से पहले आपने पार्टनर के साथ मिलकर कितनी सारी प्लानिंग की होंगी, किस जगह जाना है, वहां क्या करना है, क्या पहनना है, किस तरह-तरह के कपड़े बैग में रखने हैं, कैसे जूते चुनने हैं। यहां तक कि बैग भी पार्टनर के साथ मिलकर खरीदा होगा। ठीक इसी तरह पूरी दुनिया में इन दिनों बेबीमून का चलन चल निकला है। आपको जानकर आवश्चर्य होगा कि विश्व भर के रिजाॅर्ट्स में बेबीमून के लिए अलग-अलग पैकेज दिए जा रहे हैं। तो फिर देर किस बात की? गर्भावस्था के अपने सफर में एक नई मीठी याद जोड़ें। बैग उठाएं, बेबीमून के लिए सही जगह चुनें और पार्टनर के साथ घूमने निकल पड़े। हां, इस बात का ध्यान रखें कि आप कहां जा रही हैं, वहां का मौसम केसा है, वहां अस्पताल की सुविधा कैसी है। वैसे इन दिनों घर के आस-पास की जगह में घूमने जाना बेहतर रहता है। इसी तरह ट्रैवलिंग के दौरान अपनी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। जरूरी दवाएं अपने पास रखें। परिवहन के ऐसे साधन न चुनें, जिससे आपकी तबियत खराब हो सकती है। रास्ते में उलटी या मतली न हो, इसके लिए पहले डॉक्टरों से संपर्क जरूर करें।

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क्या कभी आपने सोचा है कि बच्चे का नाम रखना कितना मजेदार हो सकता है? इन दिनों ज्यादातर मां-बाप अपने बच्चे का ऐसा नाम रखना चाहते हैं, जिसका कोई खास मतलब हो। यही वजह है कि मां-बाप अपने बच्चे के लिए सबसे अच्छा नाम रखने के लिए गहन अध्ययन करते हैं। इंटरनेट में सर्च करते हैं। कई अभिभावक तो विदेशी भाषा तक में अपने बच्चे लिए अच्छा नाम तलाशते हैं। नाम ढूंढ़ने की इस प्रक्रिया को खूब एंज्वाॅय करें। उदाहरण स्वरूप समझें। अपने पार्टनर से कहें कि वह अपने पसंदीदा नामों की सूची ले आएं। इसी तरह आप भी बच्चों के नामों की अपनी लिस्ट तैयार करें। इसके बाद दोनों को एक साथ रखें। इन नामों में से जो बेहतर लगे, उसे चुनें। इस तरह नाम चुनने की गतिविधियों में हिस्सा लेने से बच्चे के खास होने का और आपके पैरेंट्स बनने का अहसास और भी मजबूत हो जाता है।

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प्रेगनेंसी के सफर में अपने घर को नया लुक देना भी मजेदार होता है। खासकर दूसरी तिमाही में। ध्यान रखें कि चौथे-पांचवे महीने तक बच्चे के सभी जरूरी अंग विकसित हो चुके होते हैं। अब आप जो भी करेंगी, आपका बच्चा उसे महसूस करेगा। अतः अपने घर को  ऐसा लुक दें, जो बच्चे को पसंद होते हैं। घर सजाने में तरह-तरह के रंग का इस्तेमाल करें, कमरे के अंदर छोटे-छोटे गमले लगाएं। बच्चों के खिलौनों से घर को नया लुक दें। गर्भ में पल रहे आपके बच्चे को अभी से अहसास होना चाहिए उसकी मां उसके लिए रोज नया कर रही है। आप भी बच्चे के लिए कुछ करते हुए अंदरूनी खुशी का अहसास करेंगी।

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गर्भ में पल रहा बच्चा जिस तरह अपनी मां को महसूस कर सकता है, वैसे ही अपने पिता के स्पर्श को भी समझता है। हालांकि आप सवाल कर सकती हैं कि जन्म से पहले बच्चे के लिए यह कैसे संभव है? जबकि यह संभव है। जब पिता अपने बच्चे से बात करते हैं तो प्रतिक्रिया के तौर पर गर्भ में पल रहा बच्चा अपनी मां को लात मारता है यानि मां के पेट में पैर हिलाता है। यह संकेत है कि बच्चा गर्भ में रहते हुए भी अपनी मां और पिता को जानता-सुनता है। अतः अपने गर्भावस्था के सफर को और भी दिलचस्प बनाने के लिए पति से कहें कि वह रोजाना अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर बच्चे से बातचीत करे। ध्यान रखें कि बातचीत हमेशा सकारात्मक हो।

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गर्भावस्था में थकान होना सामान्य बात है। कई बार पूरी नींद लेने के बाद भी थकान खत्म नहीं होती। इस तरह की समस्या से गर्भावस्था के सफर में अड़चन आ सकती है। इसलिए कुछ ऐसा करें, जो इन समस्याओं को कम करे और आपको अंदर से रिलैक्स भी करे। इसके लिए योग कर सकती हैं। इससे आप मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रह सकती हैं। इसी तरह एक्सरसाइज भी कर सकती हैं। लेकिन ध्यान रखें की एक्सरसाइज करें या योग, दोनों स्थिति में विशेषज्ञ से राय जरूर लें। अगर प्रेगनेंसी से जुड़ा कोई जोखिम है तो इस तरह की गतिविधि में  हिस्सा न लें। आपके और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए यही सही है।

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प्रेग्नेंसी में आप चाहे किसी से कितनी भी बातें कर लें, अपनी मां से बात करने का मजा कुछ और ही होता है। प्रेगनेंसी के इस सफर को अगर आप और भी दिलचस्प बनाना चाहती हैं तो अपनी मां से ढेर सारी बातें करें, प्रेगनेंसी से जुड़े हर तरह के सवाल उनसे पूछें। उन्हें आप अपने साथ लंच या डिनर पर ले जाएं। ध्यान रखें कि अपने साथ किसी तीसरे व्यक्ति को शामिल न करें। किसी और के साथ होने से आपको अपनी मां से साथ समय बिताने का मौका नहीं मिलेगा। 

मां के साथ कहीं घूम आएं। इस दौरान उनसे उनके मां बनने के अनुभव के बारे में पूछें। उनसे यह भी पूछें कि डिलीवरी के कुछ दिनों पहले तक उन्होंने क्या किया था और किस तरह खुद को डिलीवरी के लिए तैयार किया था। यकीन मानिए, आपकी मां जिस तरह आपको सलाह देंगी या डिलीवरी के बाबत जो जानकारी देंगी, वह कोई और नहीं दे पाएगा। उनकी बातों में न सिर्फ जानकारियां होंगी बल्कि आपके लिए और आपके होने वाले बच्चे के लिए फिक्र भी होगी। प्रेगनेंसी का यह सफर उनकी बातों की मदद से और भी आसान और आरामदायक हो जाएगा।

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कई गर्भवती महिलाएं इस आशंका से घिरी रहती हैं कि इस दौरान सेक्स करना सेफ है या नहीं? विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान सेक्स करना न सिर्फ सेफ है बल्कि गर्भावस्था के सफर को यह और भी रोमांचभरा बना देता है। गर्भावस्था की सभी परेशानियां इस एक क्रिया से फीकी पड़ जाती हैं। जहां तक आप इस बात से परेशान हैं कि कहीं सेक्स के दौरान बच्चे को चोट न लग जाए, तो आपको बता दें कि यह डर बेबुनियादी है। आपका बच्चा एम्नियोटिक सैक (एम्नियोटिक थैली) में सुरक्षित है। इन दिनों पार्टनर के साथ खुलकर सेक्स करें। इससे आप खुद को हमेशा खुशी से भरा हुआ और तनावरहित महसूस करेंगी। इसका असर आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर भी पड़ेगा। साथ ही आपके बेहतर रिश्ते पर भी।

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कुल मिलाकर कहने की बात यह है कि प्रेग्नेंसी में जितना धमाल कर सकती हैं, जितनी मस्ती कर सकती हैं, जितना पार्टनर से प्यार कर सकती हैं, सब करें। तभी आपका यह सफर खुशियों से भरा होगा। यकीन मानिए यह सफर बहुत खास है। किसी चीज की कमी न छोड़ें, मन की करें, दिल की सुनें। सफर सहजता से कट जाएगा।

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