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आपकी प्रेग्नेंसी के सातवें महीने के साथ ही आपकी तीसरी तिमाही भी शुरू होती है और लोग इसे एक अच्छे कारण के लिए "होम स्ट्रेच" (Home stretch) भी कहते हैं। इस चरण से बच्चे में थोड़ी अधिक तेजी से वृद्धि होती है। सातवें महीने की गर्भावस्था में सिर्फ बच्चे के विकास के अलावा भी बहुत कुछ होता है। हालांकि, आइए इस महीने के दौरान बच्चे और आपके शरीर में होने वाले अद्भुत परिवर्तनों पर नज़र डालते हैं।

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  1. गर्भावस्था के सातवें महीने में बच्चे का विकास - Baby growth during seventh month of pregnancy in Hindi
  2. प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में शरीर में होने वाले बदलाव - Changes in body during 7th month of pregnancy in Hindi
  3. सातवें महीने की गर्भावस्था के बारे में जानने योग्य बातें - Things to know about seventh month of pregnancy in Hindi

बच्चे के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र का अब तेजी से विकास होता है और उसके फेफड़े काम करने लगते हैं। उसके कान पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं और वो सुनने में सक्षम हो जाता है। उसकी सोने और जागने की क्रिया पहले से और अधिक स्पष्ट हो जाती है और वो सोते समय सपने देखना भी शुरु कर देता है। बच्चा आंखें खोलना और रोना भी शुरु कर देता है।

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वह अब चारों ओर घूमने के लिए काफी बड़ा हो जाता है, हालांकि इसके बावजूद वो किक मारना और उलट-फेर करना जारी रखेगा। उसके नरम गर्भरोम, लैन्यूगो (Lanugo) गायब होना शुरू हो जाते हैं। इस महीने के अंत तक बच्चे की लम्बाई एक या डेढ़ फुट और वज़न लगभग एक किलो होगा।

प्रेगनेंसी के 28वें हफ्ते में ही पैदा हुए बच्चे, हालांकि प्रीमैच्योर होते हैं लेकिन अगर उनकी उचित देखभाल की जाये तो उनके जीवित रहने की सम्भावना होती है।

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आपका पेट पहले से और अधिक बढ़ जाता है और आप खिंचाव के निशान भी पहले से अधिक दिखाई देंगे। यदि अभी भी स्ट्रेच मार्क्स दिखाई नहीं दे रहे हैं तो अगले महीने या फिर बच्चे के जन्म से पहले के कुछ हफ्तों में विकसित हो सकते हैं, जब आपका बच्चा बहुत तेजी से बढ़ता है।

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आपका गर्भाशय अब आपकी नाभि के ऊपर आ जाता है, जिसकी वजह से आपको कभी कभी सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है। गर्भावस्था के इस चरण में आपको सोने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई गर्भवती महिलाओं का कहना है कि जब वे सोने की कोशिश करती हैं उस समय उनका बच्चा अधिक सक्रिय होता है।

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जब आपका शरीर स्तनपान कराने के लिए तैयार होता है, तब आप तरल पदार्थ के लीक होने का अनुभव कर सकती हैं। आपको बेडौल जैसा भी महसूस हो सकता है क्योंकि आपको पेट बढ़ने की वजह से अपना ही संतुलन बनाए रखने में परेशानी होती है।

आपको प्रेगनेंसी के इस समय में इन समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है -

आपका वज़न इस महीने के हर हफ्ते में लगभग 450 ग्राम बढ़ता है। विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ खाने का प्रयास करें। अध्ययनों के अनुसार, महिलाएं गर्भावस्था में जो खाती हैं बच्चों को भी वही चीज़ें खाने में ज्यादा पसंद होती हैं। इसका मतलब है कि आप बच्चे को स्वस्थ खाना खाने की आदत अभी से डाल सकती हैं। इस समय प्रीनेटल सप्प्लिमेंट्स लेना न भूलें।

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गर्भावस्था के 28वें सप्ताह के आसपास आपके डॉक्टर गर्भकालीन मधुमेह का भी परीक्षण कर सकते हैं। डॉक्टर आपको एक मीठा घोल पीने को देंगे और फिर आपका ग्लूकोज स्तर मापने के लिए रक्त का नमूना लेंगे। ऐसा पाया गया है कि लगभग 3-5% महिलाओं को गर्भकालीन डायबिटीज की शिकायत होती है, इसलिए इसको लेकर बहुत ज्यादा चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है।

अब से बच्चे के जन्म तक आपको डॉक्टर की अधिक आवश्यकता महसूस होगी। अब जब सुनने में पूरी तरह से सक्षम हो गया है, तो आप और परिवार के अन्य सदस्य बच्चे से बातें कर सकते हैं। कुछ माताएं तो अपने बच्चों के लिए गाना भी गुनगुनाती हैं। आपको शोर शराबे से दूर रहना चाहिए क्योंकि इससे बच्चा डर सकता है।

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