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गर्भावस्था के आठवें सप्ताह के दौरान कई सारी चीज़ें होती हैं। यद्यपि कई महिलाएं छठे और सातवें सप्ताह के दौरान डॉक्टर के साथ पहली अपॉइंटमेंट निश्चित करती हैं लेकिन कई बार चिकित्सक इस अपॉइंटमेंट के लिए आठवें सप्ताह या दो बार पीरियड्स न होने तक का इंतजार करने की सलाह देते हैं। उसके बाद ही जांच आदि कराने की सलाह देते हैं। 

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डॉक्टर के साथ पहली अपॉइंटमेंट आगे होने वाली बाकी अपॉइंटमेंट्स की तुलना में थोड़ा अधिक समय लेती है, क्योंकि डॉक्टर आपसे कई कागजी जानकारियां भरवाते हैं साथ ही आपके बहुत सारे सवालों का जवाब भी देते हैं फिर आपका अल्ट्रासाउंड भी करते हैं, ताकि आप अपने बच्चे को देख सकें।

अल्ट्रासाउंड से बच्चे के दिल की धड़कन का भी पता चलता है। यदि आप जुड़वां बच्चों की माँ बनने वाली है तो इसका पता भी उससे लग जायेगा। यह आपके बच्चे को जन्म के बाद जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त होगा। इस हफ्ते तक आप पहली तिमाही आधी पार कर चुकी होती हैं।

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  1. आठवें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव - Body changes in 8th week of pregnancy in Hindi
  2. आठवें हफ्ते की गर्भावस्था में भ्रूण का विकास - Baby development in 8th week of pregnancy in Hindi
  3. आठवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड - Ultrasound of 8th week pregnancy in Hindi
  4. आठवें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स - Tips for 8th week of pregnancy in Hindi
  5. प्रेगनेंसी के आठवें हफ्ते का डाइट प्लान - Diet plan for 8 week pregnancy in Hindi

जैसे जैसे आठवां सप्ताह आता और जाता है, आपके शरीर में बहुत से भीतरी परिवर्तनों के साथ बाहरी बदलाव भी होने लगते हैं। जैसे जैसे बच्चा बढ़ता है आपका गर्भाशय भी बढ़ता जाता है और इस हफ्ते में बच्चा एक अंगूर के आकार का होता है। 

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इस समय आपके स्तन अधिक संवेदनशील हों लगेंगे क्योंकि वे स्तनपान कराने के लिए तैयार हो रहे होते हैं। वेरीकोज वेन्स (Varicose veins- स्तनों की त्वचा की ऊपरी सतह पर रक्त आपूर्ति में वृद्धि होने के कारण उभरी हुयी दिखाई देती हैं) भी दिखाई दे सकती हैं। 

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ये नसें सभी महिलाओं को तो नहीं लेकिन कुछ में ज़रूर दिखाई देती हैं। अपने शरीर के अंदर हार्मोनों में परिवर्तन होने के कारण, एरियोला (Areola- निपल्स के चारों ओर की त्वचा) और निपल्स का रंग सामान्य से अधिक गहरा हो जाता है। मोंटगोमरी ट्यूबरकल (Montgomery tubercles- एरियोला की सतह पर उपस्थित छोटी ग्रंथियां) भी विकसित होती हैं और निपल्स अधिक बड़े होने लगते हैं।

कोलोस्ट्रम (मां का पहला दूध) नामक पीला पदार्थ निपल्स से स्रावित होने लगता है। गर्भाशय के बढ़ने के कारण आपको पेट में ऐंठन या दर्द का अनुभव हो सकता है। 

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गर्भावस्था के आठवें सप्ताह में कई विशेष चीज़ें होती हैं। सर्वप्रथम तो आपका बच्चा अब भ्रूण (Embryo) से गर्भस्थ शिशु (Fetus) कहलाने लगेगा। इस समय भ्रूण की पूंछ भी गायब होनी शुरू हो जाती है।

इस सप्ताह का शिशु लोबिया के दाने जितना बड़ा और लगभग तीन ग्राम का होता है। उसकी आंतों का भी विकास होने लगता है और ये फैलकर 12वें सप्ताह तक गर्भनाल तक पहुंच जाती है। हालांकि ये दिखाई नहीं देता साथ ही उसके अंडकोश या अंडाशय में जननांगों का बनना भी शुरू हो जाता है। इस दौरान हड्डियों में मज़बूती आने लगती है और कोहनी, कलाई तथा अन्य जोड़ आकार लेने लगते हैं। 

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पैर और हाथों की उंगलियां अलग होना शुरू कर देती हैं अर्थात यदि आप अल्ट्रासाउंड में पास से देखेंगी तो आपको हाथ और पैरों की पूरी बीस उंगलियां दिखाई देंगी।

चेहरे की चीज़ें जैसे नाक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, कान बढ़ रहे होते हैं और आंतरिक और बाहरी विकास भी होता है। शिशु का जबड़ा और मुंह भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं।

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इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड की छवि में, भ्रूण पीठ के बल लेटा हुआ दिखाई देता है और उसका सिर स्क्रीन के दायीं ओर होता है। इस दौरान आप देख सकती हैं कि उसके मस्तिष्क का विकास होने के कारण उसका सिर पहले की अपेक्षा बड़ा हो गया है। उसका मस्तिष्क तीन मुख्य भागों में विभाजित होता है: अग्रमस्तिष्क (Forebrain), मध्यमस्तिष्क (Midbrain) और पश्‍चमस्तिष्क (Hindbrain)। पिछले हफ्ते की तरह, पश्‍चमस्तिष्क भ्रूण के सिर के पीछे एक बिंदु के रूप में दिखाई देता है।

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गर्भावस्था के 8वें सप्ताह में बच्चे या अपने भविष्य के साइज के अनुसार कपड़े खरीदने से पहले अपने लिए दो मातृत्व ब्रा (प्रेगनेंसी में स्तनों के आकार में बदलाव आने के अनुसार) खरीदें। जब आप मातृत्व ब्रा खरीदने जाती हैं, तो अपने स्तनों के सामान्य आकार से एक या दो सेंटीमीटर अधिक साइज की ब्रा खरीदें। हालांकि प्रत्येक महिला की विकास दर अलग होगी इसलिए अपने शरीर के अनुसार ही खरीददारी करें।

आठवें सप्ताह के दौरान एक और खरीददारी भी आप कर सकती हैं, अगर आपने नहीं की है तो प्रेगनेंसी की किताबें खरीदें। इन पुस्तकों को पढ़ने से आपको होने वाले अनुभवों और शारीरिक परिवर्तनों को समझने में सहायता मिलेगी। अपने साथ साथ अपने साथी को भी ये किताबें पढने के लिए बोलें जिससे उन्हें भी ये अनुभव महसूस हों। 

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गर्भावस्था के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दवाओं के रूप में विटामिन का सेवन करती रहें। क्योंकि इन विटामिन में आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जो आपके और आपके बच्चे को आवश्यक होते हैं।

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में 10 कैलोरी/दिन आवश्यक होती है। पोषक तत्वों की बात करें तो आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फोलिक एसिड, आयोडीन आदि का सेवन उचित अनुपात में करना भी बहुत ज़रूरी होता है। अपने आहार में प्रत्येक पोषक तत्व शामिल करें और साथ ही डॉक्टर द्वारा दी गयीं दवाओं का सेवन भी करें क्योंकि इस समय आवश्यक सभी विटामिन की पूर्ति केवल आहार से नहीं की जा सकती। 

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  1. कैफीन युक्त चीज़ों का सेवन कम से कम करें। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी डाइट चार्ट)
  2. ओमेगा 3 फैटी एसिड से समृद्ध खाद्य पदार्थ खाएं ये आपके शिशु के मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
  3. कैल्शियम और विटामिन डी शिशु के दांतों और हड्डियों के विकास के लिए ज़रूरी होता है।
  4. सलाद, रोटी, चावल, अंकुरित अनाज, हरी सब्ज़ियां और सूखे मेवे खाएं।
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