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गर्भावस्था के पहले महीने के दौरान, महिलाओं को यह पता भी नहीं होता कि वो गर्भवती हैं। डॉक्टर प्रेग्नेंसी के पहले महीने की गणना, आपके आखिरी पीरियड्स से करते हैं, इसलिए पहले दो हफ़्तों में तो, निश्चित रूप से आपको गर्भधारण का नहीं पता होता। लेकिन फिर, कभी-कभी मासिक चक्र के बीच में ओव्यूलेशन हो जाने से पुरुष के शुक्राणु अंडे से जुड़कर भ्रूण का निर्माण करते हैं। 

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इस लेख और अगले नौ महीने के लेखों में आपको इस समय में होने वाले बच्चे के विकास और आपके शरीर में होने वाले परिवर्तनों के बारे में बताया जायेगा। तो आइये जानते हैं गर्भावस्था के पहले महीने के बारे में महत्वपूर्ण बातें।

(और पढ़ें - गर्भावस्था के हफ्ते)

  1. गर्भावस्था के पहले महीने में बच्चे का विकास - Baby growth in first month of pregnancy in Hindi
  2. प्रेग्नेंसी के पहले महीने में शरीर में होने वाले बदलाव - Changes in body during 1st month of pregnancy in Hindi
  3. पहले महीने की गर्भावस्था के बारे में जानने योग्य बातें - Things to know in the first month of pregnancy in Hindi

जैसे जैसे निषेचन (Fertilization) होता है, अंडा विकसित होकर कई कोशिकाओं में विभाजित हो जाता है। कोशिकाओं के इस शुरुआती संग्रह को युग्मनज (Zygote) कहा जाता है।

कई दिनों के दौरान युग्मनज, फैलोपियन ट्यूब से गर्भाशय की ओर नीचे अपना रास्ता बनाता है, जैसे हर महीने पीरियड्स के समय होता है। गर्भाशय का अस्तर (Lining of uterus) नरम, स्पंजी और पोषक तत्वों से भरा होता है, जो युग्मनज के आरोपण (Implantation) के लिए उपयुक्त स्थान है। एक बार जब युग्मनज गर्भाशय के अस्तर पर आरोपित हो जाता है, तब आप गर्भवती हो जाती हैं, और फिर गर्भाशय का अस्तर पीरियड्स के रूप में बहार नहीं निकलेगा इसी वजह से प्रेग्नेंट होने के बाद पीरियड्स होना बंद हो जाते हैं।

जब युग्मनज गर्भाशय की दीवार में आरोपित हो जाता है, तो इसे ब्लास्टोसिस्ट (Blastocyst) कहा जाता है। इस बिंदु पर, यह मूल रूप से चावल के दाने के आकार का होता है। हालांकि यह बहुत छोटा होता है, लेकिन उसके अंगों और प्लेसेंटा का बनना शुरु हो जाता है।

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कई महिलाओं के लिए, गर्भवती होने का सबसे पहला लक्षण पीरियड न आना होता है। हालांकि, आपको गर्भावस्था के अन्य लक्षण भी महसूस हो सकते हैं। यह थोड़ा भ्रमित करनेवाला हो सकता है, क्योंकि गर्भावस्था के कई लक्षण पीएमएस के लक्षण के समान ही होते हैं। गर्भावस्था के कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं -

  1. मतली और ऐंठन
  2. स्पॉटिंग या आरोपण रक्तस्राव (Implantation bleeding)
  3. थकान
  4. स्तन में सूजन या स्तन में दर्द 
  5. मूड बदलना

कुछ महिलाओं को गर्भधारण के कुछ घंटों में ही पता लग जाता है कि वे गर्भवती हैं, जबकि कुछ को उनके मासिक धर्म न आने तक समझ नहीं आ पाता। ऐसा हर महिला के शरीर की बनावट और क्रियाएं अलग अलग होने के कारण होता है।

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बच्चे के विकास के पहले कुछ हफ्ते बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सभी गर्भवती महिलाओं को मल्टीविटामिन (Multi-vitamin) या ऐसे विटामिन जिनमें फोलिक एसिड होता है दिए जाते हैं। फोलिक एसिड, बच्चे में स्पाइना बिफिडा (Spina bifida- इसे दरार युक्त रीढ़ भी कहते हैं) और अन्य तंत्रिका ट्यूब के दोषों को विकसित होने से रोकता है। डीएचएस युक्त ओमेगा 3, भी इस समय मस्तिष्क, हृदय और आँखों के विकास के लिए महत्वपूर्ण पोषण होता है।

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यदि आप गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं, तो आपको गर्भवती महिलाओं को बरतने वाली सभी सावधानी बरतनी होंगी, क्योंकि आपको पता भी नहीं चलेगा कि आप वास्तव में गर्भवती हो गयीं हैं। अर्थात तंबाकू उत्पाद, शराब या फ़ालतू दवाओं का उपयोग करना बंद करना होगा। विषाक्त धुएं से दूर रहें। कोई भी दवा लेने से पहले एक बार डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें। आपको मर्करी (Mercury) की मात्रा पर नियंत्रण करने के लिए मछली के सेवन को नियंत्रित करना चाहिए।

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घर पर गर्भावस्था जांच करना, प्रेग्नेंसी का पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका है। उसके बाद भी आप डॉक्टर से अपनी गर्भावस्था की पुष्टि ज़रूर करेंगी। फिर पुष्टि होते ही गर्भावस्था में देखभाल करना और अपने लिए डॉक्टर का चयन करना शुरु कर दें।

अब आप गर्भावस्था का रोमांचक सफर शुरू कर चुकी हैं। अगले 9 महीनों में आपका शरीर कुछ अविश्वसनीय परिवर्तनों से गुज़रेगा जिसकी जानकारी के लिए हमारे अन्य लेखों को पढ़िए।

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