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तीसरी तिमाही के शुरू होते ही आपको नियमित रूप से डॉक्टर के पास अपनी और बच्चे की स्वास्थ्य जांच के लिए जाना चाहिए। एक अच्छी प्रेगनेंसी के लिए सही खान पान और नियमित रूप से व्यायाम करना जारी रखें। 

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  1. 29वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव - Body changes during 29 weeks of pregnancy in Hindi
  2. उन्तीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास - Baby development in 29th week of pregnancy in Hindi
  3. उन्तीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड - Ultrasound of 29 weeks pregnancy in Hindi
  4. 29वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स - Pregnancy tips for 29th week in Hindi
  5. प्रेगनेंसी के उन्तीसवें हफ्ते में डाइट - Diet for 29th week pregnancy in Hindi

इस दौरान हार्मोन में उतार-चढ़ाव के कारण आपको, त्वचा पर चकत्ते, सूखापन और तीव्र खुजली का अनुभव होगा। अपनी त्वचा को खरोचें नहीं और न ही अधिक खुजलाएं। त्वचा को नम रखने की कोशिश करें। गंभीर चकत्ते पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें। आपके मूड में जल्दी जल्दी बदलाव आ सकता है और वज़न बढ़ने की वजह से आप थका हुआ महसूस कर सकती हैं लेकिन यह सामान्य स्थिति है। इस हफ्ते तक आपका वज़न लगभग 11 किलो तक बढ़ जायेगा। जैसा कि आप चलने, बैठने, खड़े होने और सोने के नए तरीके सीख रही हैं साथ ही अपनी मांसपेशियों को आराम पहुंचाने के लिए गर्म पानी से स्नान करने का भी प्रयास करें। ऐसा करने से आपको दर्द और ऐंठन से छुटकारा पाने में भी मदद मिलती है। वेरीकोज नसें (Varicose veins- त्वचा की ऊपरी सतह पर उभरी हुयी दिखाई देती हैं) पैरों पर दिखाई दे सकती हैं। इसे कम करने के लिए विशेष प्रकार की जुर्राबों का उपयोग करें या पैरों को ऊपर उठाने वाले व्यायाम करें। पिछले हफ्ते महसूस होने वाले लक्षण आप अभी भी महसूस कर सकती हैं।

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29वें हफ्ते के दौरान, आपके बच्चे की किक और घूसों में थोड़ी तेज़ी आ जाती है जिनकी वजह से कभी कभी गंभीर दर्द भी हो सकता है। इस समय इन गतिविधियों का अक्सर अनुभव होता है जो सामान्य बात है बल्कि इस बात का संकेत भी है कि बच्चा गर्भ में ठीक प्रकार से है। कभी-कभी इन किक और गतिविधियों के कारण पसलियों में दर्द, श्रोणि में दर्द और अनजाने में मूत्र हो जाने की समस्या हो सकती है।

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आपका बच्चा तेज़ी से बढ़ रहा है, उसका वज़न 1.3 किलो के करीब और लम्बाई एक फुट से अधिक हो जाती है। आप यह भी अनुभव कर सकती हैं कि बच्चे के विकास के साथ साथ आपकी भूख भी बढ़ती जाती है, क्योंकि वो अब पहले से अधिक पोषक तत्वों का उपयोग करने लगता है। आपको एक बार भोजन करने के बाद दोबारा भोजन करने की आवश्यकता महसूस हो सकती है, लेकिन गलती से भी ऐसा न करें। बच्चे को सभी पोषक तत्व मिलते रहते हैं। मासपेशियां और फेफड़े परिपक्व हो रहे होते हैं और बच्चे की सुनने की क्षमता में भी काफी सुधार होता है।

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इस हफ्ते बच्चे की हड्डियां और मासपेशियां अधिक मजबूत हो जाती हैं। आप उसकी किक और अन्य गतिविधियों से यह अंदाजा लगा सकती हैं कि हफ्ते दर हफ्ते उसमें कितनी मज़बूती आ रही है। सोनोग्राम (अल्ट्रासाउंड) में हड्डियां सफेद और चमकदार दिखाई देती हैं। बच्चा इस समय से एम्नियोटिक द्रव (Amniotic fluid) के बाहर सांस लेने का अभ्यास करने लगता है, हालांकि उसके फेफड़ों को अभी परिपक्व होने के लिए और समय की आवश्यकता होगी।

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जैसे जैसे बच्चा अधिक से अधिक रक्त का उपयोग स्वयं करने लगता है, आपके रक्त में आयरन का स्तर कम हो सकता है। इसलिए अपने शरीर में आयरन का स्तर सामान्य बनाये रखने के लिए, प्रीनेटल विटामिन या आहार के माध्यम से रोजाना औसतन 30 मिलीग्राम आयरन का सेवन करें। आयरन, लाल रक्त कोशिकाओं में वृद्धि करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर आपमें आयरन के स्तर और एनीमिया की जांच करने के लिए रक्त परीक्षण भी कर सकते हैं। यदि परिणामस्वरुप आपमें खून या आयरन की कमी निकलती है तो वे प्रेगनेंसी पूरी होने तक आपको आयरन की गोलियां खाने की सलाह दे सकते हैं। पीठ के बल सोने के बजाय, एक ओर करवट लेकर (आमतौर पर बाईं ओर करवट लेना अच्छा होता है) सोने से आपको और बच्चे को आराम मिलेगा और यह रक्त परिसंचरण में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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यह हफ्ता आपकी गर्भावस्था की अंतिम तिमाही का पहला हफ्ता है, आपको अब सब कुछ संभालने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसके लिए आपको कम से कम 200 से 300 कैलोरी प्रतिदिन खाने की जरूरत है, ताकि प्रेगनेंसी में सब कुछ सामान्य चलता रहे। साथ ही स्वयं को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीती रहें।

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  1. अतिरिक्त कैलोरी के लिए सब्ज़ियों के साथ दो रोटियां या सांभर के साथ दो इडली पर्याप्त हैं। लेकिन यह अभी तक के दिनभर में करने वाले भोजन के अलावा की डाइट है।
  2. शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए पेय पदार्थ जैसे लस्सी और नींबू पानी आदि पी सकती हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में क्या खाएं)
  3. इस दौरान ऐसे खाद्य पदार्थ खाएं जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो। (और पढ़ें - गर्भ में लड़का कैसे हो और बच्चा गोरा कैसे पैदा हो से जुड़े मिथक)
  4. बादाम का दूध, अंगूर का शरबत, सेब और गाजर का रस आदि आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में ये हेल्दी जूस हैं काफी फायदेमंद)
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