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जैसे ही गर्भावस्था का 35वां हफ्ता शुरू होता है कुछ महिलाओं को डिलीवरी की चिंता होने लगती है। इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। डॉक्टर अब आपके और बच्चे के स्वास्थ्य की अधिक बारीकी से निगरानी करने के लिए आपकी अपॉइंटमेंट्स जल्दी जल्दी कर सकते हैं। यदि आपने अभी तक कीगल व्यायाम करना शुरू नहीं किया है, तो अब करना शुरु कर दें। कीगल व्यायाम, डिलीवरी के लिए पैल्विक मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और उस क्षेत्र में बच्चे के कारण बढ़ते दबाव को सहने में आपकी मदद करते हैं।

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  1. 35वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव - Body changes in 35th week of pregnancy in Hindi
  2. पैंतीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में बच्चे का विकास - Baby development in 35th week of pregnancy in Hindi
  3. पैंतीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड - Ultrasound in 35th week of pregnancy in Hindi
  4. 35वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स - Tips for 35th week of pregnancy in Hindi
  5. प्रेगनेंसी के पैंतीसवें हफ्ते में डाइट - Diet in 35th week of pregnancy in Hindi
  6. गर्भावस्था का 35वां सप्ताह के डॉक्टर

इस हफ्ते तक आपका वज़न सामान्य वज़न से 11-13 किलो तक बढ़ जाना चाहिए। आपका गर्भाशय, नाभि (तोंद) से लगभग छह इंच ऊपर हो जाता है और नाभि स्पर्श के प्रति संवेदनशील हो सकती है। लोग इस समय आपके पेट को छूने की कोशिश करेंगे, क्योंकि आप पूर्ण रूप से गर्भवती दिखती हैं। आपका बच्चा अपना सिर, श्रोणि क्षेत्र में नीचे की नीचे की ओर कर लेता है जिससे आपकी पसलियों, छाती और फेफड़ों पर दबाव कम पड़ता है। लेकिन इससे आपके मूत्राशय पर दबाव बढ़ जाता है और आपको अधिक बार पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होती है। इसकी वजह से आपको काफी परेशानी भी हो सकती है। पीठ दर्द, पैल्विक दर्द, और श्रोणि क्षेत्र का सुन्न पड़ना आदि भी हो सकता है। जब तक बच्चे का जन्म नहीं हो जाता आपको ये सारे अनुभव होते रहेंगे। अत्यधिक असुविधा होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

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इस हफ्ते आपका बच्चा 18 इंच लम्बा और उसका वज़न करीब 2.7 किलो हो जाता है। इस समय तक बच्चे का अधिकांश विकास पूरा हो जाता है। अब बस उसके वजन और चर्बी में वृद्धि होती जाती है। उसका लिवर काम करना शुरु कर देता है और अपशिष्ट पदार्थ जैसे मल-मूत्र आदि निकलने लगते हैं। उसकी किडनी भी पूरी तरह परिपक्व हो चुकी होती हैं। आप उसकी किक महसूस करती रहेंगी। बच्चे के कान पूरी तरह से परिपक्व हो जाते हैं और काम भी करने लगते हैं, इसलिए जितनी बार संभव हो उससे बात करें। बच्चे के गर्भरोम (Lanugo- लैन्यूगो) गायब होने लगते हैं लेकिन इनकी जगह वेल्लस बाल (Vellus hair) आ जाते हैं। ये हल्के रंग के वो बाल होते हैं जो शिशुओं, बच्चों और वयस्कों के शरीर पर पाए जाते हैं।

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इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में नज़दीक से देखने पर साफ़ पता चलता है कि उसके चेहरे की आकृतियां पूरी तरह से विकसित हो गयी हैं। वह अब बिलकुल नवजात शिशु की तरह दिखता है। आपका बच्चा अंदर और परिपक्व हो रहा होता है। वह गर्भ के बाहर सांस लेने अभ्यास करता रहता है।

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गर्भावस्था के दौरान आप समय समय पर तनाव और संवेदनशीलता महसूस कर सकती हैं। यह गर्भवती महिलाओं के लिए सामान्य है। अपनी किसी भी स्थिति को लेकर शर्मिंदा न हों और अपने दिमाग में आने वाली नकारात्मकता (Negativity) को कम करने के लिए उन लोगों से बात करें जो पहले इस स्थिति से गुज़र चुकी हों या अब गुज़र रही हों। हालांकि यदि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीती हैं तो सूजन भी बढ़ सकती है। सोते समय पानी का जग अपने करीब रख कर सोएं। नियमित रूप से प्रेगनेंसी में व्यायाम करने से आपको आराम मिलेगा। अनिद्रा के बारे में परेशान होने की ज़रूरत नहीं है, जैसे जैसे आपकी डिलीवरी की तारीख निकट आती है यह होना भी सामान्य है। रात के समय अच्छे से आराम करें और दिन में कभी कभी झपकी लेना भी इस दौरान फायदेमंद होता है।

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आपको 35वें हफ्ते में भी पहले की तरह ही स्वस्थ भोजन करने की आवश्यकता है। विशेष रूप से विटामिन के (Vitamin k) युक्त फल और सब्जियां अपने आहार में शामिल करें। यह विटामिन बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक पोषक तत्व है। ये घावों को ठीक करने में मदद करता है।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी डाइट चार्ट)

  1. हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे सरसों का सागपालक, मेथी आदि में और इनके अलावा फूलगोभी, ब्रोकली और पत्तागोभी में भी विटामिन के प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  2. पुदीने और टमाटर का जूस, मिश्रित फलों का जूस आदि आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे पेय पदार्थ हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में ये हेल्दी जूस हैं काफी फायदेमंद)
  3. आप अपने दैनिक आहार में चोकरयुक्त आटे की रोटी और सोयाबीन का सेवन भी कर सकती हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या ना खाएं)
Dr. Gujjala Krishnamurthy

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Dr. Aniket Pawar

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Dr. Vishwanath Sajjanshetty

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