myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

यदि आपने अभी तक गर्भकालीन डायबिटीज की जांच के लिए ग्लूकोज स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं कराया है, तो अब आपको यह टेस्ट करा लेना चाहिए। आपके डॉक्टर भी इस टेस्ट को करवाने की सलाह देंगे, जो आम तौर पर 24-28 सप्ताह के बीच ही किया जाता है। आपके रक्त में एनीमिया या आयरन की कमी की जांच भी की जा सकती है। आप जिस प्रकार के वातावरण में रहती हैं, उसके आधार पर आपको काली खांसी का टीका भी लगाया जा सकता है। यदि आपका ब्लड ग्रुप आरएच नेगेटिव है, तो आपको उसका टीका भी लगाया जा सकता है। प्रेगनेंसी क्लासेज जाने का यह उपयुक्त समय है यदि अपने जाना शुरू नहीं किया है तो इस हफ्ते से इसकी शुरुआत भी कर सकती हैं।

(और पढ़ें - गर्भकालीन मधुमेह के लक्षण)

  1. 25वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव - Body changes in 25th week of pregnancy in Hindi
  2. पचीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास - Baby development in 25th week of pregnancy in Hindi
  3. पचीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड - Ultrasound of 25 weeks pregnancy in Hindi
  4. 25वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स - Tips for 25th week of pregnancy in Hindi
  5. प्रेगनेंसी के पचीसवें हफ्ते में डाइट - Diet for 25th week pregnancy in Hindi

जैसा जैसे आपके बच्चे के बाल बढ़ते हैं, आप अपने स्वयं के बालों के भी तेजी से बढ़ने का अनुभव करेंगी। लेकिन बच्चे के पैदा होने के बाद इनके झड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। निर्जलीकरण से बचने के लिए तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें क्योंकि पानी की कमी के कारण चक्कर आना, थकान, सांस की तकलीफ और अन्य दर्द आदि समस्याएं होती हैं। अपनी पीठ के बल न लेटें।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में थकान)

आपकी त्वचा में खिंचाव के कारण वो शुष्क और खुजलीदार हो सकती है, लेकिन लोशन आदि से त्वचा का सूखापन दूर करने में मदद मिल सकती है। आपको आँखों में भी सूखेपन की शिकायत हो सकती है जिससे दृष्टि पर भी असर पड़ता है। हार्मोनों के स्तर में निरंतर वृद्धि और अस्थिरता के कारण आप हॉट फ्लैशेस का अनुभव भी कर सकती हैं। यदि आप कब्ज से पीड़ित हैं, तो अधिक फाइबर युक्त आहार खाने का प्रयास करें और नियमित रूप से व्यायाम करने की आदत डालें।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में होने वाली प्रॉब्लम और प्रेगनेंसी टेस्ट किट का उपयोग केसे करें)

शिशु इस हफ्ते में 13½ इंच लंबा और वज़न में सिर्फ 680 ग्राम का होता है। बच्चे का विकास तेजी से हो रहा होता है। 25वें हफ्ते के दौरान, बच्चे की त्वचा में अंदर वसा एकत्रित होने लगती है, जिस कारण उसमें मांस (चर्बी) चढ़ने लगता है। 3-डी अल्ट्रासाउंड में तो आपका बच्चा बिलकुल नवजात शिशु की तरह दिखना शुरू हो जायेगा। इस स्तर पर, अधिकांश महिलाएं बच्चे की बहुत सारी गतिविधियां महसूस करती हैं। लेकिन इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है अधिक गतिविधियां भी एक अच्छी बात है। इसका यह अर्थ बिलकुल भी नहीं है कि आपका बच्चा आवश्यकता से अधिक सक्रिय हो रहा है।

(और पढ़ें - गर्भ में बच्चे का विकास, वीडियो के साथ)

अल्ट्रासाउंड में बच्चे के कान की करीबी तस्वीर से पता चलता है कि उसके चेहरे की आकृतियां कैसे बनी हैं। यद्यपि उसकी सुनने की क्षमता पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है। जब तक बच्चा पैदा होता है, तब तक वह गर्भ में आपकी आवाज को लगातार सुनने की वजह से पहचानने में सक्षम हो जाता है।

(और पढ़ें - गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर से चेकअप)

अगर आपने अभी तक बच्चे का नाम सोचना शुरु नहीं किया है तो अब समय आ गया है कि आप एक लड़की और एक लड़के का अच्छा सा नाम सोच लें। क्योंकि इन दोनों में से कोई भी आपकी ज़िंदगी में आ सकता है। इसके लिए आप परिवार के सदस्यों, दोस्तों या इंटरनेट की मदद ले सकती हैं। अपने पति की भी इस काम में मदद लें। ऐसा करने से आप कुछ क्षण के लिए तीसरी तिमाही की शुरुआत में होने वाले दर्द आदि को भूल जाएंगी। किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

(और पढ़ें - गर्भ में लड़का या लड़की होने के लक्षण से जुड़े मिथक)

शिशु और स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए आपको अपने शरीर को विभिन्न पोषण देने की आवश्यकता होती है। कुछ पोषक तत्व केवल खाद्य पदार्थों से ही प्राप्त होते हैं और उन पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए आपको अधिक से अधिक उनका सेवन करने के लिए अपने आहार में उनकी मात्रा बढ़ाने की आवश्यकता होती है। कैल्शियम एक ऐसा पोषक तत्व है जो आपके बच्चे के सम्पूर्ण विकास, विशेष रूप से हड्डी और दांतों के विकास में योगदान करता है।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी डाइट चार्ट)

  1. दुग्ध उत्पाद, हरी सब्जियां, पालक और हरी बीन्स आदि कैल्शियम के बहुत अच्छे स्रोत हैं।
  2. दालें, राजमा, बादाम, अखरोट और अंजीर भी कैल्शियम के प्रमुख स्रोत हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या ना खाएं)
  3. विटामिन डी, खाद्य पदार्थों से कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, इसके लिए आप विटामिन ऑयली मछली (Vitamin oily fish), अंडे और दूध का सेवन कर सकती हैं।
  4. ठंडाई और छाछ आदि पानी के अलावा पेय पदार्थों के सेवन के अच्छे विकल्प हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में ये हेल्दी जूस हैं काफी फायदेमंद)
और पढ़ें ...