गर्भावस्था के तीसरे महीने में, आपके बच्चे का काफी विकास हो जाता है। नतीजतन, आप पहले से कहीं अधिक थका हुआ महसूस कर सकती हैं। इस लेख में हम आपको पहली तिमाही के आखिरी महीने में आपके बच्चे और शरीर में होने वाले अद्भुत बदलावों के बारे में बता रहे हैं।

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  1. गर्भावस्था के तीसरे महीने में बच्चे का विकास - Baby growth in third month of pregnancy in Hindi
  2. प्रेग्नेंसी के तीसरे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव - Changes in body during 3rd month of pregnancy in Hindi
  3. तीसरे महीने की गर्भावस्था के बारे में जाने योग्य बातें - Things to know about third month of pregnancy in Hindi
  4. प्रेगनेंसी का तीसरा महीना के डॉक्टर

गर्भावस्था के तीसरे महीने के अंत तक, बच्चे की लम्बाई लगभग 3.5 इंच हो जाती है और वो एक बेर के आकार का होता है। (और पढ़ें - प्रेगनेंट करने का तरीका)

यद्यपि आपका बच्चा अभी भी बहुत छोटा होता है, उसके सभी शरीर के अंग और सिस्टम विकसित हो रहे होते हैं और इसी समय उसके जननांग विकसित होते हैं, हालांकि उन्हें अल्ट्रासाउंड टेस्ट पर इस समय तक नहीं देखा जा सकता है।

आपके बच्चे की हाथों और पैरों की उंगलियां और नाखून भी विकसित होने लगते हैं। हड्डियां, उपास्थियां (Cartilage) और नीचे के दांत और मसूड़े और बच्चे की मांसपेशियां बन रही होती हैं।

आपका बच्चा अब अपने हाथों और पैरों को हिला डुला सकता है। हालांकि आप अभी कुछ और महीनों तक ये महसूस नहीं कर पाएंगी।

आपके बच्चे का चेहरा पूरी तरह से बन जाता है और वह अंगूठा या मुट्ठी चूसना भी शुरू कर देता है। बच्चे में पाचन रस (Digestive juices) बनने लगते हैं और वो मूत्रत्याग भी करने लगता है।

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हो सकता है कि आप तीसरे महीने के दौरान अधिक थकान महसूस करें। गर्भ में बच्चे को पालना बहुत कठिन काम होता है। इसके अलावा, आपका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों ही गर्भावस्था के दौरान कम हो जाते हैं।

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अब आप अपने पेट को बहुत हल्का सा गोलाई में बढ़ा हुआ महसूस कर सकती हैं। या कोई आश्चर्य की बात नहीं क्योंकि आपका गर्भाशय (uterus) इस समय एक अंगूर के आकार का होता है।

तीसरे महीने में पाचन सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं। प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर पाचन क्रिया को धीमा कर देता है ताकि आपका शरीर बच्चे के लिए अधिक पोषक तत्वों को अवशोषित कर सके। दुर्भाग्यवश इस, धीमे पाचन की वजह से आप पेट फूलने या पेट में गैस का अनुभव कर सकती हैं। इस समय सिरदर्द और चक्कर आना भी आम बात है।

गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ना भी सामान्य है और इस समय तक महिलाओं का वज़न भी थोड़ा सा तो बढ़ ही जाता है और उनके रोज़ के कपड़े भी टाइट हो जाते हैं।

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यदि आप गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान मॉर्निंग सिकनेस से पीड़ित हैं तो कई सारे या अलग अलग प्रकार के और स्वस्थ आहार खाना वास्तव में कठिन हो सकता है। विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां, प्रोटीन, प्रोबायोटिक्स (दही, पनीर, टोफू) और सम्पूर्ण अनाज दिनभर में खाने का प्रयास करें। प्रेग्नेंसी को स्वस्थ रखने के लिए, प्रीनेटल विटामिन (Prenatal vitamin) भी लें। आपका बच्चा अब बहुत तेज़ी से विकास करता है और उसको सभी पोषक तत्वों की जरूरत होती है जो आप ही उसे दे सकती हैं।

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अगर आपने अभी तक प्रीनेटल कैल्शियम सप्पलीमेंट लेना शुरु नहीं किया है तो अब लेना शुरु कर दें। कैल्शियम बच्चे की हड्डियों और दांतों को मजबूत और विकसित करने में मदद करता है।

अपने आप को हाइड्रेटेड रखें। आप जहाँ भी जाएं साथ में पानी की बोतल ले जाएं ऐसा करने से वास्तव में मदद मिलती है।

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हालांकि अभी तो प्रेगनेंसी की शुरुआत है लेकिन बेहतर होगा कि आप प्रेगनेंसी क्लासेज ढूंढ़ना शुरु कर दीजिये। अगर आपको ऐसी क्लासेज ढूंढ़ने में परेशानी हो रही है तो अस्पताल से आपको इनकी जानकारी मिल सकती है।

तीसरा महीना गर्भावस्था का सबसे थकाऊ महीना हो सकता है। इसलिए अधिक से अधिक आराम करें। दिन भर में बीच बीच में थोड़ी थोड़ी देर के लिए झपकी लेना भी थकान दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। चाय पीने से भी इसमें राहत मिल सकती है लेकिन कोशिश कीजिये कि आप हर्बल चाय अधिक पिएं।

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