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आपके दो बच्चों के बीच उम्र का कितना अंतर होना चाहिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप और आपका साथी दूसरे बच्चे के लिए कब तैयार होते हैं। दूसरे बच्चे या दूसरी प्रेगनेंसी से पहले आप कितना इंतजार करना चाहती हैं, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि पिछली प्रेगनेंसी के बाद आपका शरीर पूरी तरह से रिकवर हो गया है या नहीं। दूसरी बार गर्भधारण करने से पहले पिछली गर्भावस्था और डिलिवरी के दौरान शरीर को जिन मुश्किलों से गुजरना पड़ा था, उससे पूरी तरह से उबरना आपके स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होगा।

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हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO की सलाह है कि पहले बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को दूसरे बच्चे की प्लानिंग करने से पहले कम से कम 24 महीने यानी 2 साल तक इंतजार करना चाहिए। इसका मतलब हुआ है कि 2 बच्चों के बीच कम से कम 2 साल 9 महीने यानी करीब 3 साल का गैप होना चाहिए। मां और पहले बच्चे के साथ ही दूसरे बच्चे की भी सेहत को किसी तरह का खतरा न हो इसलिए इतना अंतर रखने की बात कही जाती है। 

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पहले और दूसरे बच्चे के बीच कितना अंतर होना चाहिए कई बार यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कब तक गर्भधारण कर सकती हैं। अगर कोई महिला 30 से अधिक की है तो 35 साल से अधिक की उम्र आते ही उनकी फर्टिलिटी यानी बच्चा पैदा करने की क्षमता कम होने लगती है। लिहाजा दूसरे बच्चे की प्लानिंग करते वक्त उन्हें इस बात का भी ध्यान रखना पड़ता है। डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स का भी यही सुझाव है कि पहले बच्चे के बाद कम से कम 1 साल का इंतजार करने के बाद ही दूसरी प्रेगनेंसी के बारे में सोचना चाहिए। 

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आप अपने दो बच्चों के बीच उम्र का कम अंतर रखना चाहिए या फिर ज्यादा इन दोनों के ही अपने फायदे और नुकसान हैं और उम्र का यह अंतर हर परिवार की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। इसी बारे में हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं।

  1. उम्र में 2 साल से कम का अंतर - Less than 2 years difference in hindi
  2. उम्र में 2 से 4 साल का अंतर - Age difference of 2-4 years in hindi
  3. दो बच्चों के बीच 4 साल से ज्यादा का अंतर - Age gap of more than 4 years

अगर आपके दो बच्चों के बीच 2 साल से कम का अंतर है तो उसके निम्नलिखित फायदे और नुकसान हो सकते हैं :

फायदे

  • चूंकि दोनों बच्चों के बीच उम्र का अंतर कम है लिहाजा दोनों बच्चों को आपकी यानी मां की एक समान जरूरत होगी और इसलिए आपकी दूसरी प्रेगनेंसी थकावट से भरी हो सकती है, लेकिन इसका फायदा ये है कि बच्चों के शुरुआती वर्षों में किए जाने वाले सभी काम जैसे- डायपर बदलना, बच्चे को नहलाना, और बाकी के दिन-प्रतिदिन के कार्यों में आप अविश्वसनीय रूप से कुशल हो जाएंगी और दोनों बच्चे के ये काम एक साथ ही हो जाएंगे।
  • दोनों बच्चों के बीच उम्र का अंतर कम है इसलिए आपके बच्चों के बीच हो सकता है कि बॉन्डिंग बेहतर हो और वे एक साथ खेलें, समान गतिविधियों में शामिल हों और एक जैसे खेल, टीवी शो आदि में दोनों की रूचि होगी।
  • अगर आप वर्किंग वुमन हैं तो जब आप दूसरे बच्चे के समय मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) लेती हैं तो आपको अपने पहले बच्चे के साथ भी अधिक समय बिताने का मौका मिलता है।
  • एक समान उम्र के अधिक भाई-बहन होने से बच्चे भी अधिक रचनात्मक हो सकते हैं।
  • आपका पहला बच्चा चूंकि अभी बहुत छोटा है इसलिए वह इस बदलाव से पूरी तरह से बेफ्रिक होगा कि उसे अपने छोटे भाई या बहन के साथ अपने पैरेंट्स का प्यार बांटना होगा।

नुकसान

  • हो सकता है कि आपका शरीर अभी पहली प्रेगनेंसी के आफ्टर इफेक्ट से पूरी तरह से उबरा न हो और आप दूसरी बार गर्भवती हो गई हैं तो इस कारण लेबर और डिलिवरी के दौरान होने वाली जटिलताएं और समय से पहले डिलिवरी या प्री-टर्म बर्थ का खतरा अधिक होता है।
  • जब आप गर्भवती हों उस दौरान अपने पहले बच्चे की देखभाल जो खुद अभी बहुत छोटा है, एक मुश्किल और थकाने वाला काम हो सकता है। खासकर तब जब आपके शरीर में कैल्शियम और आयरन की मात्रा आपकी पिछली प्रेगनेंसी की तुलना में कम हो।
  • आपको घर में अधिक उपकरणों या सामान की जरूरत हो सकती है क्योंकि आपका पहला बच्चा अभी इतना बड़ा नहीं हुआ कि आप उसका झूला, बिस्तर, प्रैम या गाड़ी अपने दूसरे बच्चे के लिए इस्तेमाल कर पाएं।
  • जब आपके दोनों ही बच्चे छोटे होंगे तो आपका ध्यान और फोकस भी बंटा रहेगा और जब आपके पास 2 साल से भी कम उम्र के दो बच्चे हों तो दोनों बच्चों के साथ एक समान मातृ-शिशु संबंध बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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अब जब आपका पहला बच्चा नवजात शिशु और छोटे बच्चे की कैटिगरी से बाहर निकल गया है तो जाहिर सी बात है कि अब उसे आपके इतने ज्यादा फोकस और ध्यान की जरूरत नहीं होगी और उसे संभालना आसान होगा।

फायदे

  • अगर आपके दो बच्चों के बीच 2 साल से अधिक यानी 3 या 4 साल का अंतर हो तो यह डिलिवरी और लेबर के लिहाज से सबसे सुरक्षित माना जाता है। साथ ही इस तरह के एज गैप में समय से पहले प्रसव या जन्म के वक्त बच्चे का वजन कम- इस तरह की जटिलताओं का खतरा भी कम हो जाता है। कुछ शोधों के अनुसार, अगर आप अपने दूसरे बच्चे को पहली प्रेगनेंसी के 3 साल बाद जन्म देती हैं तो लेबर के दौरान होने वाली जटिलताओं का खतरा बेहद कम होता है।
  • आपके शरीर को पहली प्रेगनेंसी से उबरने के लिए जितने समय की जरूरत थी वह उसे मिल चुका है और अब आपका शरीर फिर से सामान्य स्थिति में आ चुका है। इस कारण आप दूसरी प्रेगनेंसी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
  • आपका पहला बच्चा अब कुछ बड़ा हो चुका है इसलिए आप उसके झूले, बिस्तर और प्रैम जैसी चीजों का इस्तेमाल अपने दूसरे बच्चे के लिए कर सकते हैं और आपको सारी चीजें नई खरीदने की जरूरत नहीं।
  • आपका पहला बच्चा अब शायद पॉटी-ट्रेन्ड हो चुका है इसलिए आपको दो बच्चों के डायपर एक साथ बदलने की चिंता नहीं होगी। (और पढ़ें- डायपर रैशेज हटाने के घरेलू नुस्खे)
  • साथ ही आपका बड़ा बच्चा दिन के कुछ समय के लिए हो सकता है प्री-स्कूल या प्ले स्कूल जाने लगा हो तो इससे आपको अपने दूसरे बच्चे के साथ कुछ ज्यादा समय भी मिल सकता है।

नुकसान

  • बहुत से माता-पिता के लिए यह एक मुश्किल एज गैप हो सकता है क्योंकि आपका पहला बच्चा इतना बड़ा नहीं है कि वह अपना ध्यान खुद रख सके और उसे भी आपके दूसरे बच्चे जितनी ही देखभाल की जरूरत है। लिहाजा दोनों बच्चे पर बराबर ध्यान देना मुश्किल हो सकता है।
  • आपका पहला बच्चा अगर 3 साल या इससे अधिक उम्र का है तो वह इस बात को समझने लग जाएगा कि उसपर कम ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन इस उम्र में चूंकि वह अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकता इसलिए हो सकता है कि वह दूसरे बच्चे पर शारीरिक आक्रमकता दिखाए।

दुनियाभर के ज्यादातर पैरंट्स अपने पहले बच्चे के 4 या 5 साल का होने के बाद ही दूसरे बच्चे के बारे में सोचते हैं।

फायदे 

  • आपका बड़ा बच्चा अब स्कूल जाने लगा है तो जाहिर सी बात है कि वह दिन के कई घंटे स्कूल में होगा, इसलिए आप अपने नवजात शिशु के साथ अकेले कुछ समय आसानी से बिता सकती हैं।
  •  4 साल या इससे अधिक उम्र के बच्चे इतने समझदार तो हो ही जाते हैं उन्हें अपने आने-वाले छोटे भाई-बहन से किसी तरह का खतरा, जलन या असुरक्षा की भावना महसूस न हो। छोटे बच्चे को बड़े वाले से किसी तरह के शारीरिक आक्रमण का भी खतरा नहीं होता और आपका बड़ा बच्चा, अपने छोटे भाई या बहन के साथ प्यार से पेश आता है।
  •  चूंकि आपका पहला बच्चा अब थोड़ा बड़ा हो गया है इसलिए उसे हर वक्त आपकी निगरानी की जरूरत नहीं है और इसलिए वह आपके दूसरे छोटे बच्चे की देखभाल करने में आपकी मदद भी कर सकता है।

नुकसान

  •  जो महिलाएं 2 साल के एज गैप के बाद ही गर्भधारण कर लेती हैं, अगर उन महिलाओं से तुलना करें तो 4 साल या अधिक समय तक इंतजार करने के बाद गर्भवती होने वाली महिलाओं को लेबर और डिलिवरी के वक्त जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है, खासकर तब अगर उनकी उम्र 35 साल से अधिक हो।
  •  दो बच्चों के बीच अगर उम्र का अंतर ज्यादा हो तो कई बार मांओं को अपने बच्चे से जुड़े ज्ञान और जानकारियों को भी फिर से तरोताजा करने की जरूरत पड़ती है क्योंकि कई बार कुछ सलाह में बदलाव भी हो जाता है।
  •  चूंकि आपका पहला बच्चा अब बड़ा हो चुका है और आत्मनिर्भर हो गया है इसलिए आपको जिस खाली समय की अब आदत हो चुकी है, दूसरे बच्चे के आने के बाद आप उस समय को भी मिस करने लगती हैं।
  •  अगर दो बच्चों के बीच उम्र का अंतर बहुत अधिक हो तो आपके दोनों बच्चे अलग-अलग चीजों को पसंद कर सकते हैं, उनके खेल-गतिविधियां सभी अलग हो सकती हैं।
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