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हरसिंगार एक दिव्य वृक्ष माना जाता है। हरसिंगार या हरिश्रृंगार का पुष्प भगवान हरि के श्रृंगार एवं पूजन में प्रयोग किया जाता है। इसलिए इस मनमोहक व सुगंधित पुष्प को 'हरसिंगार' के नाम से जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि श्री भगवान कृष्ण इस दिव्य वृक्ष को स्वर्ग से धरती पर लाए थे।

हरिवंश-पुराण के अनुसार, यह दिव्य वृक्ष इच्छापूरक भी है। यह पारिजात के नाम से भी प्रसिद्ध है और प्रेमियों के हृदय में इसका एक ख़ास स्थान है। इसके इस नाम के पीछे एक पौराणिक कथा है, जिसके अनुसार पारिजात नामक एक राजकुमारी को सूर्य देवता से प्रेम हो गया परन्तु सूर्य देवता द्वारा उसके प्रेम को स्वीकृति ना मिलने पर उसने निराश हो कर अपने प्राण त्याग दिए। जिस स्थान पर राजकुमारी को जलाया गया उसी पावन भूमि की कोख से पारिजात वृक्ष का जन्म हुआ। इसीलिए इसके पुष्प केवल रात्रि में सूर्यास्त के बाद ही खिलते है और पूर्ण रात्रि अपनी मनोहर सुगंध से पृथ्वी को प्रलोभिक कर सूर्योदय के साथ अपने तन से विलग हो ज़मीन पर झड़ जातें हैं। इसलिए इसे "रात की रानी" भी कहा जाता है।

यह मूल रूप से दक्षिण एशिया में पाया जाता है। भारत में यह हिमालय, पूर्व जम्मू-कश्मीर ,असम, बंगाल और त्रिपुरा में मिलता है। इसे "दुख का पेड़" भी कहा जाता है क्योंकि इसके फूल दिन की रोशनी में अपनी चमक खोने लगते हैं। पारिजात का फूल पश्चिम बंगाल का आधिकारिक फूल है।

शेफालिका, शिवली, मल्लिका तथा स्वर्णमल्लिका इसके कुछ अन्य नाम है। यह दिव्य पौधा केवल आस्था का ही प्रतीक नहीं है, अपितु यह एक औषधीय पौधा भी है। इसका पुष्प सेहत के लिए अत्यंत फलदायी होता है, इसके लाभ निम्नलिखित हैं:-

  1. हरसिंगार के औषधीय गुण व लाभ - Harsingar ke Fayde in Hindi
  2. हरसिंगार के नुकसान - Harsingar ke Nuksan in Hindi
  3. हरसिंगार का उपयोग - Use of Harsingar in Hindi
  1. रक्त को साफ करने हेतु हरसिंगार के फायदे - Harsingar for Blood Detoxification in Hindi
  2. गठिया रोग का घरेलू उपचार है हरसिंगार - Harsingar for Arthritis in Hindi
  3. घाव का इलाज है हरसिंगार - Heal Wounds with Harsingar in Hindi
  4. हरसिंगार अस्थि-भंग में लाभप्रद - Harsingar Beneficial in Fractures in Hindi
  5. हरसिंगार का लाभ है गृध्रसी रोग में - Harsingar for Sciatica in Hindi
  6. बवासीर की अचूक दवा है हरसिंगार - Piles Treatment with Harsingar in Hindi
  7. हृदय रोग के उपचार में हरसिंगार से लाभ - Harsingar Benefits for Healthy Heart in Hindi
  8. हरसिंगार का औषधीय गुण दे ज्वर से आराम - Medicinal Use of Harsingar for Fever in Hindi
  9. सूखी खाँसी का घरेलू उपाय है हरसिंगार - Dry Cough Remedy is Harsingar in Hindi
  10. हरसिंगार का उपयोग दे त्वचा संबंधित विकारों से छुटकारा - Harsingar Leaves Benefits for Skin Disorders in Hindi
  11. हरसिंगार का उपयोग लंबे व मज़बूत बालों के लिए - Harsingar for Hair in Hindi
  12. मधुमेह का घरेलू उपचार है हरसिंगार का पेड़ - Harsingar for Diabetes in Hindi
  13. पाचन शक्ति बढ़ाने का उपाय है हरसिंगार - Benefits for Harsingar for Digestion in Hindi
  14. महिलाओं के लिए स्वास्थ्य-वर्धक है हरसिंगार का फूल - Harsingar for Women Health in Hindi
  15. मलेरिया की दवा है हरसिंगार - Harsingar Medicinal Use for Malaria in Hindi
  16. तनाव को दूर करने का उपाय है हरसिंगार - Harsingar Medicinal Use for Stress in Hindi

रक्त को साफ करने हेतु हरसिंगार के फायदे - Harsingar for Blood Detoxification in Hindi

यह पवित्र औषधी रक्त में से सभी कीटनाशक प्रदार्थों का विनाश कर, रक्त को स्वच्छ करने का कार्य करती है। इसके पत्तों का जूस पीने से ना केवल रक्त साफ होता है अपितु रक्त-संबंधी विकारों का भी विनाश होता है।

(और पढ़ें - खून साफ करने के उपाय)

गठिया रोग का घरेलू उपचार है हरसिंगार - Harsingar for Arthritis in Hindi

हरसिंगार में एंटी-रूमेटिक गुण (रयूमेटाइड अर्थराइटिस जोड़ों को प्रभावित करने वाली बीमारी है) होते हैं। जिस की वजह से इसकी पत्तिया गठिया के इलाज में लाभकारी होती है। गठिया बच्चो से लेकर बूढ़ो तक किसी भी उम्र के लोगो को सकता है आमतौर पर यह परेशानी बढ़ती उम्र के साथ अधिक हो जाती है। पारिजात का तेल दर्द, चोट और सूजन को कम करने के लिए बहुत गुणकारी होता है। इतना ही नहीं, यह गठिया, तनाव, मांसपेशी में तनाव, संधिशोथ और मांसपेशियों के दर्द को भी कम कर देता है।

हरसिंगार के पत्तों, पुष्पों व टहनियों का मिश्रित रस रोज़ पीने से जोड़ों के दर्द व सूजन से राहत मिलती है। इसके पुष्पों का लेप जोड़ों पर लगाने से सूजन पर काफ़ी असर पड़ता है। इसके साथ ही एक कटोरे में नारियल तेल और पारिजात के तेल की 5-6 बूंदों को मिलाएं। फिर इसे गर्म करें और सूजन वाले क्षेत्र पर इस मिश्रण से मालिश करें। इससे भी आपको दर्द से राहत पाने में मदद मिलेगी।

(और पढ़ें – गठिया से बचने के उपाय)

घाव का इलाज है हरसिंगार - Heal Wounds with Harsingar in Hindi

इसके पत्तों का लेप घाव पर लगाने से घाव थोड़े ही समय में भर जाते हैं।

(और पढ़ें - घाव भरने के उपाय)

हरसिंगार अस्थि-भंग में लाभप्रद - Harsingar Beneficial in Fractures in Hindi

हरसिंगार के लेप को टूटी हुई हड्डियों पर लगाकर उसे कपड़े से कसकर बाँधने से ना केवल हड्डियाँ जोड़ने में सहायता मिलती है, अपितु यह उन्हें और मज़बूत बनाता है और दर्द भी कम करता है।

(और पढ़ें - हड्डी टूटने का इलाज)

हरसिंगार का लाभ है गृध्रसी रोग में - Harsingar for Sciatica in Hindi

गृध्रसी रोग (sciatica) एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें कमर से पैर तक गंभीर दर्द होता है। जिसके परिणामस्वरूप चलने में कठिनाई होती है। यह पाया गया है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि गृध्रसी रोग कितना गंभीर है। हरसिंगार की पत्तियों के काढ़े का नियमित रूप से प्रयोग करने से  इस बीमारी से रहत मिलती है। इसके सूखे पत्तें का चूर्ण पानी के साथ सुबह-शाम लेने से भी गृध्रसी के दर्द से आराम मिलता है। 

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बवासीर की अचूक दवा है हरसिंगार - Piles Treatment with Harsingar in Hindi

आमतौर पर बवासीर गुदा और उसके आसपास रक्त वाहिकाओं में सूजन के कारण होता है। हरसिंगार के बीज बवासीर का एक अचूक उपाय है। प्रतिदिन इसके बीज का सेवन करने से आंत्र निकासी (bowel evacuation) में सहायता मिलती है और थोड़े से वक्त में बवासीर जैसी गंभीर दर्दनाक बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। 

(और पढ़ें - खुनी बवासीर का उपाय)

हृदय रोग के उपचार में हरसिंगार से लाभ - Harsingar Benefits for Healthy Heart in Hindi

इसके ताज़ा फूलों के रस का सेवन करने से हृदय रोग मानव शरीर से मीलों दूर चला जाता है। हरसिंगार का पुष्प आमतौर पर सितंबर-नवंबर माह में खिलता है। 

(और पढ़ें – उच्च रक्तचाप के लिए घरेलू उपचार)

हरसिंगार का औषधीय गुण दे ज्वर से आराम - Medicinal Use of Harsingar for Fever in Hindi

चाहे बुखार कितना ही पुराना क्यूँ ना हो, हरसिंगार के पत्तों का रस पीने से वह जड़ से ख़त्म हो जाता है। हरसिंगार के पेड़ की 2 ग्राम छाल, 2 ग्राम पत्तियों और 2-3 तुलसी के पत्तों को लें। एक गिलास पानी में उबाल लें। फिर सुबह और शाम को इस काढ़े का उपभोग करें। यह कमजोरी और शरीर के दर्द से भी राहत प्रदान करता है।

(और पढ़ें – बुखार का इलाज)

सूखी खाँसी का घरेलू उपाय है हरसिंगार - Dry Cough Remedy is Harsingar in Hindi

हरसिंगार अस्थमा, शुष्क खांसी, ब्रोंकाइटिस इत्यादि के कारण होने वाले रक्त-संकुलन (congestion) से राहत दिलाने में मददगार है। खांसी से आराम पाने के लिए, हरसिंगार के सूखे पत्ते या उसकी छाल के पाउडर को पान के पत्ते के रस में मिलाकर 2-3 ग्राम ही प्रयोग करें। यदि आप सूखी खाँसी से परेशान है तो इसके पत्तों के रस का शहद के साथ सेवन करें।

(और पढ़ें – खांसी का घरेलू उपाय)

हरसिंगार का उपयोग दे त्वचा संबंधित विकारों से छुटकारा - Harsingar Leaves Benefits for Skin Disorders in Hindi

हरसिंगार एक शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरिया और एंटीवायरल जड़ी बूटी है। यह विभिन्न प्रकार के त्वचा संक्रमण, एलर्जी और चकत्ते का इलाज करता है। यह न केवल बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ता है, बल्कि यह सेम्लिकी वन वायरस (Semliki Forest Virus), और कार्डियोवायरस (Cardiovirus) के खिलाफ लड़ने में भी मदद करता है। जो एन्सेफलोमाकार्डिटिस (encephalomyocarditis) का कारण है। 

हरसिंगार का तेल त्वचा संबंधित विकारों के लिए बहुत उपयोगी है। यह दाग-धब्बों को भी मिटाता है और त्वचा को चमकदार बनाता है। इसके पत्तों का लेप भी त्वचा पर लगाया जा सकता है। इसका फेस-पैक चहरे पर लगाने से रंग साफ होता है।

(और पढ़ें – चेहरे के काले दाग धब्बे हटाने का उपाय)

हरसिंगार का उपयोग लंबे व मज़बूत बालों के लिए - Harsingar for Hair in Hindi

हमारे व्यस्त जीवन में बालों के देखभाल की कमी के कारण हम विभिन्न प्रकार की बालों की समस्याओं से ग्रस्त हैं। आयुर्वेद में बालों की समस्याओं के लिए कई प्रकार की जड़ी बुटिया है। पारिजात का वृक्ष भी उन में से एक है। यह गंजापन, स्कार्वी और सिर की त्वचा के संक्रमण के इलाज में उपयोगी है। यह जूँ ख़त्म करने, डैंड्रफ का इलाज करने और सफेद बालों से छुटकारा पाने में मदद करता है।

हरसिंगार के सुगंधित पुष्पों का रस पीने से बाल मज़बूत व लंबें होते हैं। यह सूखे व बेजान बालों को पोषित कर उन्हें लंबे, चमकदार व घने बनाता है। यह रूसी का भी एक प्रभावी उपचार है। 

(और पढ़ें – बालों से रूसी हटाने के उपाय)

मधुमेह का घरेलू उपचार है हरसिंगार का पेड़ - Harsingar for Diabetes in Hindi

इस मधुमय पेड़ के पत्तों का रस मधुमेह का भी एक प्रबल उपचार है। इसके पत्तों के रस का सेवन करने से रक्त में शर्करा का स्तर स्वस्थ रहता है और मधुमेह में सुधार आता है।

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पाचन शक्ति बढ़ाने का उपाय है हरसिंगार - Benefits for Harsingar for Digestion in Hindi

हरसिंगार के पत्तो का जूस पीने से ना केवल पाचन शक्ति में सुधार आता है, अपितु आंत के कीड़ों (Intestinal worms) का भी नाश होता है जिससे पाचन शक्ति बेहतर होती है 

(और पढ़ें - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)

महिलाओं के लिए स्वास्थ्य-वर्धक है हरसिंगार का फूल - Harsingar for Women Health in Hindi

हरसिंगार पुष्प की कलियों का सेवन यदि काली-मिर्च के साथ किया जाए तो स्त्री-संबंधित रोगों पर सकारात्मक असर पड़ता है।

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मलेरिया की दवा है हरसिंगार - Harsingar Medicinal Use for Malaria in Hindi

पारजीत फूल की पत्तियों का उपयोग अक्सर मलेरिया के बुखार में इलाज के लिए किया जाता है। इसका बुखार के प्राकृतिक उपचार के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसकी पत्तियों का जूस दोनों प्रकार के मलेरिया के इलाज में प्रभावी होता है। खासतौर पर यह प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम के खिलाफ अधिक उपयोगी होता है इसकी पत्तियों के रस मलेरिया के परिजीवों को मारने में लाभकारी होता है। हरसिंगार के पत्तों के जूस में मलेरिया जैसे गंभीर विकार से लड़ने की भी क्षमता है। 

(और पढ़ें – मलेरिया के घरेलू उपचार)

तनाव को दूर करने का उपाय है हरसिंगार - Harsingar Medicinal Use for Stress in Hindi

मात्र इसकी सुगंध सूंघने से मन प्रफुल्लित हो उठता है और सारे तनाव दूर हो जातें है। इसकी जादुई महक नकारात्मक सोच को भी दूर रखती है।

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इस दिव्य वृक्ष के कोई ज्ञात दुष्प्रभाव नहीं हैं। आप इसे अपने घर के आँगन में भी उगा सकते हैं जिससे ना केवल आपका घर सुगंधित हो उठेगा और जीवन में खुशहाली छा जाएगी अपितु आपका शरीर भी रोग एवं तनाव-मुक्त रहेगा।

हरसिंगार या पारिजात को एक शुभ और इच्छा पूर्ति करने वाला पेड़ माना जाता है। धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण होने के अलावा यह औषधीय गुणों का भी खजाना है। यह बालों, त्वचा,  हृदय, हड्डियों तथा रक्त के लिए बहुत लाभप्रद है और सबसे बड़ी खूबी तो यह है कि इसके कोई  दुष्प्रभाव नहीं हैं। इसका उपयोग विभिन्न विकारों और बीमारियों, जैसे — गठिया, कटिस्नायुशूल (साइटिका), हड्डी में फ्रैक्चर, त्वचा रोग, बवासीर,  बुखार, डेंगू, मलेरिया, शुष्क खाँसी, मधुमेह आदि का इलाज करने के लिए किया जाता है। हरसिंगार महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। यह तनाव को खत्म करता है और एक स्वस्थ व सुखी जीवन जीने में मदद करता है। यहाँ तक कि इसकी मनमोहक खुशबू में सभी नकारात्मक विचारों को दूर करने और शरीर को सकारात्मक ऊर्जा से भरने की शक्ति होती है। आप भी अपने घर में ऐसे विविध औषधीय गुणों वाले पेड़ लगा सकते हैं और लाभ उठा सकते हैं।

हरसिंगार के पेड़ की विभिन्न भागो का उपयोग -

 हरसिंगार की पत्तियां -
आयुर्वेद में हरसिंगार की पत्तियों का बुखार, खांसी, साइटिका, संधिशोथ, कब्ज आदि जैसी बीमारियों के उपचार में उपयोग किया जाता है। पत्तियों का रस स्वाद में कड़वा होता है और एक टॉनिक के रूप में काम करता है।

  • पत्तियों से तैयार पेस्ट बुखार, उच्च रक्तचाप और मधुमेह में उपयोगी है।
  • इसकी पत्तियों का रस खांसी के इलाज़ में उपयोग किया जाता है। 
  • बुखार, खांसी में शहद के साथ हरसिंगार की पत्तियों के रस को दिन में तीन बार सेवन करने से आराम मिलता है।
  • इसकी पत्तियों का रस आंतों के रोगों के लिए चीनी के साथ दिया जाता है।

हरसिंगार के फूल -

हरसिंगार के फूल सफेद-नारंगी रंग के सुगंधित फूल होते है। जो अपनी सुगंध के साथ अपने औषधीय गुणो के लिए भी जाने जाते हैं। यह पेट से सम्बन्धी कई बीमारी जैसे गैस, अपच आदि को कम करते हैं। साथ ही यकृत द्वारा अतिरिक्त पित्त स्राव को भी रोकते हैं। इनका प्रयोग खांसी ठीक करने के लिए भी किया जाता है। 

हरसिंगार का तना -
तने की छाल का पाउडर संधिशोथ, जोड़ो के दर्द और मलेरिया के इलाज में उपयोगी होता है। इसका पाउडर मलेरिया को ठीक करने के लिए उपयोगी माना जाता है। इसके साथ ही इसके अनेक औषधीय गुण है। 

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