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परिचय
मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम एक ऐसा विकार है, जिसमें शरीर खाद्य पदार्थों से पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है। खाद्य पदार्थों से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट, वसा, मिनरल, प्रोटीन और विटामिन आदि शामिल हैं। मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम आमतौर पर शरीर की सामान्य पाचन क्रिया खराब होने के परिणामस्वरूप होता है। इससे होने वाले लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। इससे होने वाले लक्षणों में आमतौर पर लंबे समय से दस्त रहना, असामान्य प्रकार का मल आना, शरीर का वजन कम होना और गैस बनना आदि शामिल है। डॉक्टर इस स्थिति का परीक्षण करने के लिए कुछ प्रकार के लैब टेस्ट व इमेजिंग टेस्ट आदि कर सकते हैं। मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के कुछ ऐसे कारण भी हैं, जिनकी रोकथाम करना संभव नहीं है। हालांकि कुछ सावधानियां बरत कर मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम होने के खतरे को कम किया जा सकता है। लेक्सेटिव और शराब आदि का अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि ये दोनों मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम होने का खतरा काफी बढ़ा देते हैं। 

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के कारण के अनुसार ही इस स्थिति का इलाज किया जाता है। इलाज के दौरान डॉक्टर मरीज को ऐसे भोजन से परहेज रखने की सलाह देते हैं, जो कुअवशोषण का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा मरीज के शरीर में कम हुए एंजाइम की फिर से पूर्ति करते हैं और भूख बढ़ाने वाली दवाएं देते हैं। मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के कारण मरीज को कुपोषण हो जाता है और उसका वजन कम होने लगता है। यहां तक कि कुछ मरीजों का शरीर सामान्य रूप से विकसित होना भी बंद कर देता है।

(और पढ़ें - शराब की लत का इलाज)

  1. मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम क्या है - What is Malabsorption syndrome in Hindi
  2. कुअवशोषण सिंड्रोम के लक्षण - Malabsorption syndrome Symptoms in Hindi
  3. कुअवशोषण सिंड्रोम के कारण व जोखिम कारक - Malabsorption syndrome Causes & Risk Factors in Hindi
  4. मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम से बचाव - Prevention of Malabsorption syndrome in Hindi
  5. मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का परीक्षण - Diagnosis of Malabsorption syndrome in Hindi
  6. मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का इलाज - Malabsorption syndrome Treatment in Hindi
  7. मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की जटिलताएं - Malabsorption syndrome Risks & Complications in Hindi
  8. मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Malabsorption syndrome in Hindi
  9. मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के डॉक्टर

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम क्या है - What is Malabsorption syndrome in Hindi

मालएब्जॉर्प्शन क्या है?
जब शरीर विटामिन, मिनरल व अन्य पोषक तत्वों को आंत्र प्रणाली से खून में अवशोषित ना कर पाए इस स्थिति को मालएब्जॉर्प्शन (कुअवशोषण) सिंड्रोम कहा जाता है। आपके द्वारा खाए गए भोजन के ज्यादातर हिस्से का पाचन आपकी छोटी आंत के द्वारा किया जाता है। यदि आपको मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम हो गया है, तो आपकी छोटी आंत भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाती है। 

(और पढ़ें - विटामिन की कमी के लक्षण)

कुअवशोषण सिंड्रोम के लक्षण - Malabsorption syndrome Symptoms in Hindi

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के लक्षण क्या हैं?
मालएब्जॉर्प्शन के कारण के अनुसार इसके लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं। इसके अलावा स्थिति कितनी गंभीर है और कितने समय से व्यक्ति को यह रोग है आदि पर भी इसके लक्षण निर्भर करते हैं। कुअवशोषण सिंड्रोम में आमतौर पर निम्नलिखित लक्षण देखे गए हैं:

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
वैसे तो हर किसी को कभी ना कभी पेट फूलना, जी मिचलाना और यहां तक की दस्त होना आदि लक्षण महसूस हो सकते हैं। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को लगातार पेट संबंधी ऐसी कोई समस्या हो रही है, तो उन्हें डॉक्टर से चेकअप करवा लेना चाहिए। 

यदि किसी व्यक्ति के मल या बलगम में खून आ रहा है, तो ऐसी स्थिति में जितना जल्दी हो सके डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। मल में खून आने से मल का रंग गहरा हो जाता है। 

यदि किसी व्यक्ति में निम्न में से कोई भी संकेत दिखाई दे रहा है, तो उनको डॉक्टर के पास चले जाना चाहिए:

  • लगातार पेट फूलना
  • थकान
  • बार-बार दस्त होना
  • जीभ पर छाले आना
  • कमजोरी महसूस होना
  • शरीर का वजन कम होना

डॉक्टर मरीज के लक्षणों व संकेतों की जांच करता है और स्थिति का पता लगाने की कोशिश करता है। 

(और पढ़ें - मुंह के छाले का उपचार)

कुअवशोषण सिंड्रोम के कारण व जोखिम कारक - Malabsorption syndrome Causes & Risk Factors in Hindi

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम क्यों होता है?
मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सामान्य संक्रमण से लेकर जन्म दोष संबंधी समस्याएं भी शामिल हैं। कुअवशोषण से संबंधित ऐसे कई अलग-अलग विकार हैं, जो अलग-अलग कारणों से ही विकसित होते हैं। मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम पाचन संबंधी समस्याओं के कारण भी हो सकता है। कुछ मामलों में पेट उन एंजाइम को बनाना बंद कर देता है, जो कुछ प्रकार के भोजन पचाने में मदद करते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में आपका शरीर आपके द्वारा खाए गए भोजन और एंजाइम को अच्छी तरह से मिला नहीं पाता जिस कारण से भी मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम हो जाता है। 

कुछ प्रकार के रोग भी हैं, जो मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का कारण बन सकते हैं, जैसे ट्रोपिकल स्प्रू (Tropical sprue)। यह रोग वातावरण संबंधी कारकों के कारण भी हो सकता है, जैसे भोजन में विषाक्त पदार्थ, संक्रमण और परजीवी। 

व्हीपल डिजीज (Whipple’s disease) भी मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का एक काफी दुर्लभ कारण हो सकता है, यह रोग मुख्य रूप से एक प्रकार का बैक्टीरियल संक्रमण होता है। निम्नलिखित कुछ अन्य कारक भी हैं, जो मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का कारण बन सकते हैं:

  • कुछ प्रकार के विकार जो जन्मजात या जन्म लेने के दौरान विकसित होते हैं, जैसे लिवर अविवरता (Biliary atresia) इस स्थिति में पित नलिकाएं सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पाती और लिवर से पित्तरस को बहने से रोकती हैं।
  • पित्ताशय, लिवर या अग्न्याशय से संबंधित रोग। 
  • परजीवियों से होने वाले रोग। 
  • संक्रमण, सूजन, जलन या ऑपरेशन आदि के कारण चोट लगने से आंत क्षतिग्रस्त हो जाना
  • एंटीबायोटिक दवाओं का लंबे समय से उपयोग करना
  • रेडिएशन थेरेपी, जिससे आंत की अंदरुनी परत क्षतिग्रस्त हो जाती है।
  • अन्य रोग जैसे क्रोन रोग, अग्न्याशयशोथ, सीलिएक रोग या सिस्टिक फाइब्रोसिस
  • लैक्टेज की कमी या लैक्टोज असहिष्णुता (लैक्टोज इनटॉलेरेंस)।
  • कुछ प्रकार की दवाएं भी हैं, जो आंत की अंदरुनी परत को क्षतिग्रस्त कर देती है जैसे टेट्रासाइक्लिन, कोल्चिसीन और कॉलेस्टेरामाइन आदि।

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम होने का खतरा कब बढ़ता है?
कुछ स्थितियां हैं जिनमें मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम होने का खतरा काफी बढ़ जाता है, जैसे: 

  • सीलिएक रोग (इस स्थिति में मालएब्जॉर्प्शन होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
  • लेक्सेटिव का उपयोग करना या लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाएं लेना।
  • आंतों की सर्जरी करवाना।
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस (इस रोग में आपके शरीर से गाढ़ा बलगम निकलता है, जो फेफड़ों और पाचन प्रणाली को प्रभावित करता है।)
  • क्रोन रोग (इस रोग में होने वाली गंभीर सूजन के कारण आंतों को पोषक तत्व अवशोषित करने में काफी कठिनाई होने लग जाती है।)
  • ऐसी जगहों पर जाना जहां पर आंतों को प्रभावित करने वाले परजीवी काफी प्रचलित है।

(और पढ़ें - परजीवी संक्रमण के लक्षण)

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम से बचाव - Prevention of Malabsorption syndrome in Hindi

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की रोकथाम कैसे करें?
खासकर यदि आपको सीलिएक रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस या अन्य कोई दीर्घकालिक बीमारी है, तो कुअवशोषण सिंड्रोम की रोकथाम नहीं की जा सकती है। लगातार कई महीनों से जीवनभर रहने वाली बीमारियों को “दीर्घकालिक बीमारियां” कहा जाता है। मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम को नियंत्रण में रखने के लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए।

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की रोकथाम सिर्फ तब ही की जा सकती है, जब उसके अंदरुनी कारण (जैसे संक्रमण आदि) की रोकथाम करना संभव हो। आपको लेक्सेटिव व एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर ही और ध्यानपूर्वक करना चाहिए। एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग एक सीमित सीमा में करना चाहिए क्योंकि इससे आंतों की कार्य प्रणाली पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। 

शराब व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि आप किसी ऐसी जगह जा रहे हैं जहां पर आपको पानी की स्वच्छता पर संदेह हो रहा है, तो ऐसे में सिर्फ बोतल बंद फिल्टर पानी ही पिएं। इसके अलावा ऐसे क्षेत्रों में सिर्फ पका हुआ भोजन खाएं और सलाद व साधारण पानी से धुले हुऐ खाद्य पदार्थ ना खाएं। 

(और पढ़ें - नशे की लत का इलाज)

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का परीक्षण - Diagnosis of Malabsorption syndrome in Hindi

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का परीक्षण कैसे किया जाता है?
जब डॉक्टर को लगता है कि आपको मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम हो गया है, तो उन्हें आपके लक्षणों व आपके द्वारा खाए गए भोजन की जानकारी प्राप्त करने की जरूरत पड़ती है। स्थिति के कारण का पता करने के लिए आपके डॉक्टर निम्नलिखित कुछ टेस्ट भी कर सकते हैं:

  • स्टूल टेस्ट:
    यदि आपके मल में बहुत अधिक मात्रा में वसा पाई जाती है, तो इसका मतलब है आपको मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम हो गया है। (और पढ़ें - स्टूल टेस्ट क्या है)
     
  • लैक्टोज हाइड्रोजन ब्रिथ टेस्ट:
    इस टेस्ट के दौरान आपको दूध से मिश्रित एक घोल पिलाया जाता है, उसके बाद एक टेस्ट की मदद से आपकी सांसों में हाइड्रोजन की मात्रा का पता लगाया जाता है। इस टेस्ट से यह पता लग जाता है, कि आप कितने अच्छे से पोषक तत्वों को अवशोषित कर पा रहे हैं।
     
  • एंडोस्कोपी:
    इस टेस्ट के दौरान डॉक्टर एंडोस्कोप (गुहांतदर्शी) नाम के एक उपकरण का उपयोग करते हैं। यह एक पतली व लचीली ट्यूब होती है जिसके सिरे पर कैमरा लगा होता है, इस उपकरण की मदद से आंतों की जांच की जाती है। (और पढ़ें - एंडोस्कोपी क्या है)
     
  • स्वेट टेस्ट:
    पसीने का सेंपल लेकर उसका परीक्षण करने से सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसे रोगों का पता लगाया जा सकता है। सिस्टिक फाइब्रोसिस के कारण शरीर में ऐसे एंजाइम कम होने लगते हैं, जो भोजन को पचाने में मदद करते हैं। (और पढ़ें - ज्यादा पसीना आना रोकने के घरेलू उपाय)
     
  • छोटी आंत की बायोप्सी:
    इस टेस्ट के दौरान छोटी आंत के ऊतकों का एक छोटा सेंपल निकाला जाता है और इसकी जांच की जाती है। ऊतकों की जांच करके संक्रमण आदि का पता लगा लिया जाता है।

(और पढ़ें - बायोप्सी क्या है)

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का इलाज - Malabsorption syndrome Treatment in Hindi

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का इलाज कैसे करें?
कुअवशोषण सिंड्रोम का इलाज उसके अंदरुनी कारणों के आधार पर किया जाता है। मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम का कारण बनने वाली अंदरुनी समस्याओं का समय पर परीक्षण और इलाज करना जरूरी होता है। शुरुआत में डॉक्टर ऐसे खाद्य पदार्थों से परहेज रखने को कहेंगे जो कुअवशोषण पैदा कर सकते हैं, जैसे लैक्टोज और ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ। 

डॉक्टर खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्वों की जांच कर सकते हैं, ताकि मरीज के शरीर में पोषक तत्वों को बढ़ाने के लिए सही भोजन चुना जा सके। डॉक्टर आपके शरीर में पानी की कमी से जुड़े लक्षण व संकेतों की जांच भी कर सकते हैं, इनमें अधिक प्यास लगना, कम पेशाब आना और मुंह, त्वचा व जीभ सूखना आदि शामिल हैं।

(और पढ़ें - मुंह सूखने का कारण)

डॉक्टर मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के कारण के अनुसार ही आपकी की देखभाल करते हैं। उदाहरण के लिए यदि आपको लैक्टोज असहिष्णुता रोग पाया गया है, तो डॉक्टर आपको दूध व उससे बने उत्पाद ना खाने और लैक्टेज एंजाइम की टेबलेट लेने की सलाह देते हैं। 

डॉक्टर आपको डाइटिशियन (आहार विशेषज्ञ) के पास भेज सकते हैं। डाइटिशियन आपके लिए विशेष आहार तैयार करते हैं, ताकि आपके शरीर को जरूरत के अनुसार पोषक तत्व मिलते रहें। आपके आहार विशेषज्ञ आपको निम्न सुझाव दे सकते हैं: 

  • आहार में बदलाव:
    आपके डाइटिशियन आपके आहार में कुछ खाद्य पदार्थों की मात्रा को कम या ज्यादा कर सकते हैं। उदाहरण के लिए आपको ऐसे आहार खाने से मना किया जा सकता है, जिनमें वसा (फैट) की मात्रा अधिक होती है, ताकि दस्त को कम किया जा सके। आपको पोटेशियम में उच्च खाद्य पदार्थ खाने का सुझाव दिया जा सकता है, ताकि इलेक्ट्रोलाइट का स्तर संतुलन में रहे।
     
  • एंजाइम सप्लीमेंट्स:
    ये एंजाइम आपके शरीर को ऐसे पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है, जिनमें यह अपने आप नहीं कर सकता है।
     
  • विटामिन सप्लीमेंट्स:
    आपके डाइटिशियन आपको विटामिन व अन्य ऐसे पोषक तत्वों के सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दे सकते हैं, जो आपकी आंतों द्वारा अवशोषित नहीं किये जा रहे हैं। 

आपके डॉक्टर और डाइटिशियन आपके लिए ट्रीटमेंट प्लान तैयार करेंगे जो मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के लक्षणों को कम करेगा और आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व व तरल प्राप्त करने में मदद करेगा।

डॉक्टर आपको कई बार बुला सकते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इलाज कितने अच्छे से काम कर रहा है या नहीं और कोई नया इलाज शुरू करने की जरूरत तो नहीं है। 

(और पढ़ें - पोटेशियम की कमी से होने वाले रोग)

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की जटिलताएं - Malabsorption syndrome Risks & Complications in Hindi

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम से क्या जटिलताएं हो सकती हैं?
शरीर को स्वस्थ रहने के लिए खाए गए भोजन से पोषक तत्व प्राप्त करने की जरूरत पड़ती है। जब शरीर पोषक तत्वों को पूरी तरह से अवशोषित ना कर पाए तो इससे शरीर पर मालएब्जॉर्प्शन संबंधी कुछ दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकते हैं। कुछ जटिलताएं हैं, जो लंबे समय तक मालएब्जॉर्प्शन रहने के परिणामस्वरूप विकसित हो जाती हैं: 

(और पढ़ें - विटामिन K की कमी के लक्षण)

Dr. Abhay Singh

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
1 वर्षों का अनुभव

Dr. Suraj Bhagat

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
23 वर्षों का अनुभव

Dr. Smruti Ranjan Mishra

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
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मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की ओटीसी दवा - OTC medicines for Malabsorption syndrome in Hindi

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine Name
Baidyanath Vat Vidhvansan Ras खरीदें
Baidyanath Swarna Bhupati Ras खरीदें
Baidyanath Pratap Lankeshwar Ras खरीदें
Baidyanath Peeyushavalli Ras खरीदें
Baidyanath Kravyad Ras खरीदें
Baidyanath Mahashankh Bati खरीदें
Baidyanath Panchamrit Parpati खरीदें
Baidyanath Punarnavadi Mandoor खरीदें
Baidyanath Ras Parpati खरीदें

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल 9 महीना पहले

मुझे कुछ दिनों से पेट में ऐंठन और दस्त हो रहे हैं। मेरा पेट भी फूला हुआ है। ऐसा लगता है कि मुझे मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम हो गया है। मैंने इसके लिए कोई ट्रीटमेंट नहीं लिया है। क्या यह अपने आप ठीक हो सकता है?

Dr. Prakash kumar MBBS, सामान्य चिकित्सा

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की समस्या स्थायी नहीं है, यह ठीक हो सकती है। जब आपको यह समस्या होती है, तो पेट में फ्लू की तरह उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जो शरीर में न्यूट्रिएंट्स के कुशल अवशोषण को रोकते हैं। मालएब्जॉर्प्शन की समस्या मुख्य बीमारी के ठीक होने के साथ ही खुद ही ठीक हो जाती है। एक बार आप गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट से मिलकर सलाह ले लें।

सवाल 9 महीना पहले

कुछ दिनों से मेरे पेट में गैस बन रही है और दस्त भी हो रहे हैं। इसी के साथ मुझे थकान और कमजोरी भी महसूस हो रही है। ऐसा लगता है कि मुझे मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम हो गया है। इससे छुटकारा पाने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? कोई दवा बताएं?

Dr. Bharat MBBS, सामान्य चिकित्सा

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की वजह से आपको इस तरह की समस्या हो सकती है, जिसके लिए उपचार की जरूरत है। इसलिए आप डॉक्टर से सलाह लें, वह दस्त को रोकने के लिए लोपेरामाइड एंटीबायोटिक दे सकते हैं और दस्त के कारण खोए हुए न्यूट्रिएंट्स व तरल को प्राप्त करने के लिए कुछ दवा या सप्लीमेंट लेने के लिए कह सकते हैं। आप डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह को फॉलो करें।

सवाल 8 महीना पहले

मुझे कुछ दिनों से पेट में गैस बन रही थी और थकान भी महसूस हो रही थी। मैंने डॉक्टर को दिखाया था, उन्होंने बताया कि मुझे मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम है और मैं इसके लिए ट्रीटमेंट भी ले रहा हूं। मैं जानना चाहता हूं कि क्या मालएब्जॉर्प्शन से कैंसर हो सकता है?

Dr. Prakash kumar MBBS, सामान्य चिकित्सा

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम कैंसर का संकेतक नहीं है। हालांकि, कई कारण हैं जिससे यह समस्या हो सकती है जिनमें सीलिएक रोग, किडनी से जुड़ी दीर्घकालीन समस्या, एड्स, क्रोहन बीमारी और कई तरह के कैंसर शामिल हैं। जिन लोगों को मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम होता है उन्हें भारी मल, पेट में सूजन, गैस, ऐंठन, दस्त लगना और वजन घटने जैसे कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं।

सीलिएक रोग ग्लूटेन (Gluten) खाए जाने पर प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा दिया गया रिएक्शन होता है, ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन होता है जो गेहूं, जौ और राई में पाया जाता है। क्रोन रोग एक दीर्घकालिक स्थिति है जिससे शरीर के पाचन तंत्र की परत में सूजन व लालिमा पैदा हो जाती है।

सवाल 8 महीना पहले

मुझे मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम हो गया है। कुछ दिनों से पेट में गैस बन रही है और दस्त भी बार-बार हो रहे हैं। मुझे थकान भी महसूस होती है और ऐसा लगता है जैसे मेरा वजन भी कम हो गया हो। क्या मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की वजह से वजन घट या बढ़ सकता है?

Dr. Ramraj MBBS, अन्य

मालएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम की समस्या तब उत्पन्न होती है, जब शरीर भोजन को तोड़ने या इसे ठीक से अवशोषित करने में सक्षम नहीं होता है, तब शरीर पोषक तत्वों को खुद ही बनाए रखने का प्रयास करने लगता है। इस स्थिति में शरीर न्यूट्रिएंट्स के लिए जूझ रहा होता है, जिसकी वजह से अक्सर बढ़ने (पनपने) की समस्या, असाधारण रूप से वजन बढ़ या घट भी सकता है।

References

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