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गर्भावस्था के दौरान, आपके शरीर में बहुत सारे परिवर्तन होते हैं। वास्तव में आपके शरीर का प्रत्येक भाग किसी न किसी तरह से प्रभावित होता है। इस दौरान आपके स्तनों में भी कई प्रकार के बदलाव आते हैं जिनमें से कुछ दर्दनाक होते हैं और कुछ मामूली होते हैं, जो नुकसानदायक नहीं होते। हालांकि , गर्भावस्था के दौरान, स्तनों में परिवर्तन का भी एक महत्व है। यह इस बात का संकेत है की आपका शरीर बच्चे को स्तनपान कराने के लिए स्वयं को तैयार कर रहा है। इससे जुड़े ध्यान देने योग्य कुछ परिवर्तन इस प्रकार हैं :

  1. ब्रेस्ट में दर्द होने पर लें डॉक्टर की सलाह - Consult Your Doctor in Breast Pain in Hindi
  2. ब्रेस्ट में दर्द होना गर्भावस्था में नॉर्मल है - Breast pain is normal during pregnancy in Hindi
  3. प्रेगनेंसी में बढ़ जाता है ब्रेस्ट का साइज - Breast Size Increases During Pregnancy in Hindi
  4. गर्भावस्था में स्तनों की त्वचा के नीचे से नसें दिख सकती हैं - Blue Veins on Breast During Pregnancy in Hindi
  5. गर्भावस्था के दौरान निपल्स में परिवर्तन - Changes in Nipples During Pregnancy in Hindi
  6. प्रेगनेंसी में ब्रेस्ट से पानी आना - Leaky Breasts During Pregnancy in Hindi
  7. प्रेगनेंसी में ब्रेस्ट में गांठ बनना - Breast Lumps During Pregnancy in Hindi
  8. प्रेगनेंसी के दौरान ब्रेस्ट केयर टिप्स - Breast Care Tips During Pregnancy in Hindi
  9. गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट में परिवर्तन होने के हैं ये कारण के डॉक्टर

गर्भावस्था के दौरान स्तनों की समस्या से जुड़ी सही चिकित्सा चुनना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि उनमें काफी परिवर्तन होते हैं। हालांकि इस दौरान स्तन कैंसर और अन्य ट्यूमर होने की संभावनाएं अधिक होती हैं। वास्तव में गर्भावस्था के दौरान स्तन परीक्षण के लिए डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

हो सकता है कि सभी महिलाओं को इस लक्षण का अनुभव न होता हो, लेकिन यह गर्भावस्था के दौरान आम बात है। हार्मोनल परिवर्तनों के कारण स्तनों में दर्द और कोमलता, उस क्षेत्र में संवेदनशीलता के बढ़ने का ही परिणाम है। ये लक्षण पहले तीन महीनों के लिए अधिक प्रमुख हैं। एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन का बढ़ा हुआ स्तर ही स्तनों में कोमलता के लिए ज़िम्मेदार है। कभी-कभी आपके स्तनों को छूने से गंभीर दर्द हो सकता है। संयोग से ये लक्षण तब समाप्त हो जाते हैं जब आप गर्भावस्था के चौथे महीने में प्रवेश करते हैं।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में ब्रेस्ट में दर्द)

गर्भावस्था के दौरान, दूध बनने और निकलने के लिए तैयार होने के कारण स्तनों के आकार में वृद्धि एक आम बात है जिसके कारण स्तनों में दर्द का अनुभव होता रहता है। आकार में वृद्धि के कारण खिंचाव के निशान और खुजली भी हो सकती है। अगर आपको लगता है कि आपके स्तन तेज़ी से बढ़ रहे हैं तो उन्हें दर्द से बचाने के लिए सही ब्रा का उपयोग करें। (और पढ़ें - अगर अक्सर आप भी रहती हैं ब्रा साइज को लेकर कंफ्यूज, तो ये जानकार हो जाएगी आपकी सारी परेशानी दूर)

गर्भावस्था के दौरान, आपके शरीर की बढ़ती आवश्यकता और बच्चे की वृद्धि के लिए रक्त आपूर्ति 50 प्रतिशत बढ़ जाती है। इस कारण स्तनों में और कभी-कभी पेट में नसें दिखाई देने लगती हैं।

जब आपके स्तनों में ये सारे परिवर्तन हो रहे होते हैं तो निपल्स में भी समान प्रक्रिया होती है। गर्भावस्था के दौरान, एरियोला (Areola) और निपल्स का रंग सामान्य से अधिक गहरा हो जाता है। बल्कि गर्भावस्था के अंतिम दिनों में निपल्स में भी स्तनों के आकार के साथ वृद्धि होती है, क्योंकि वे स्तनपान के चरण के लिए तैयार होते हैं। इसके अलावा, एरियोला के आसपास छोटे-छोटे उभार भी आ सकते हैं जो हानिकारक नहीं होते। ये स्तनधारी ग्रंथियाँ हैं जिनमें तेल एकत्रित रहता है जो स्तनों को जीवाणु संक्रमण से बचाने का काम करता है।

(और पढ़ें - लड़का पैदा करने के उपाय और गोरा बच्चा पैदा करने के उपाय)

आपके स्तन गर्भावस्था के सोलहवें सप्ताह के शुरूआत में लैक्टेशन (दूध निकलने की प्रक्रिया) के लिए तैयार हो जाते हैं। कभी-कभी यह स्तनों से दूध बहने का कारण बनता है जिससे दूधिया पीला पदार्थ निकलता है, जिसे कोलोस्ट्रम (बच्चे का पहला आहार) कहते हैं। यह गर्भवती महिलाओं के लिए आम बात है लेकिन स्तनों से रक्त आने पर डॉक्टर से परामर्श लें। स्तनों से दूध बहने का मतलब यह नहीं है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे दूध की कमी होगी।

गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट में गांठ बनना भी एक आम बात है। इसका कारण फाइब्रोएडीनोमा है अर्थात रेशेदार ऊतकों और गैलेक्टोज़ (शर्करा) से अल्सर बनना, रूकी हुई दूध वाहिनी के कारण अल्सर बनना। यह अल्सर आमतौर पर घातक नहीं हैं। पर इसकी एक बार जांच करा लेनी चाहिए ताकि बाद में किसी समस्या का सामना न करना पड़े।

गर्भावस्था के दौरान अपने स्तनों को स्वस्थ्य रखने के उपाय:

  1. अच्छी फिटिंग की मातृत्व ब्रा का चयन करें जो आपको आरामदायक लगे।
  2. सिंथेटिक कपड़ों, साटन और अन्य डिज़ाइनर अंडरगार्मेंट्स से दूर रहें ये त्वचा में घर्षण पैदा करते हैं। अंडर वायर्ड ब्रा से बचें। इस दौरान कॉटन ब्रा का चयन सबसे बेहतर होगा।
  3. सावधान रहें और यदि आपके स्तनों में दर्द हो रहा हो तो उन्हें स्पर्श करने से बचें।
  4. अपने स्तनों को नमी देने के लिए मसाज करते रहें।
Dr. Gaurav Chauhan

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सामान्य चिकित्सा

Dr. Sushila Kataria

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Dr. Sanjay Mittal

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References

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