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आपने लोगों के मुंह से गांजा शब्द कहीं बार सुना होगा और आप में से कुछ लोगों ने इसका अनुभव भी किया होगा। आप में से अधिकांश लोग यह भी जानते होंगे कि यह एक नशे की लत लगाने वाली चीज है, लेकिन बहुत कम लोगो को यह मालूम है कि गांजा या मारिजुआना वास्तव में क्या है और यह कैसे काम करता है।

मारिजुआना दुनिया में नशा करने के लिए सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले पदार्थों में से एक है। मारिजुआना से जुड़े वैज्ञानिक ज्ञान और इसके बारे में मौजूद मिथकों के बीच लगातार एक बड़ा अंतर बना हुआ है।

कुछ लोग सोचते हैं कि चूंकि गांजा कुछ स्थानों पर गैर कानूनी नहीं है, इसलिए शायद यह सुरक्षित होगा। लेकिन उन लोगो के लिए हम ये बता दे कि यदि आप गांजे का अधिक उपयोग करते हैं तो यह आपके शरीर को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा सकता है। फिर इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप जहां गांजा पीते हैं वहां ये गैर कानूनी है या नहीं।

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मारिजुआना या गांजे के बारे में लोगों में फैली हुई कुछ भ्रांतियों को दूर करना ही इस लेख का प्रमुख उद्देश्य है। इस लेख को पूरा पढ़कर आप जान पाएंगे कि वास्तव में गांजा क्या है, यह कैसे काम करता है, गांजा के प्रभाव क्या हैं, इसके क्या उपयोग और फायदे हैं, गांजा पीना किस तरह से आपके शरीर को नुकसान करता है और गांजे की लत कैसे छुड़ाएं?

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  1. गांजा क्या होता है - What is Marijuana in hindi
  2. गांजा के प्रकार - Types of weed in hindi
  3. गांजा के उपयोग - Use of Ganja in hindi
  4. गांजा पीने के प्रभाव - Weed effects on body in hindi
  5. गांजा के फायदे - Benefit of Marijuana on health in hindi
  6. गांजा पीने के नुकसान - Ganja ke side effect in hindi
  7. गांजे की लत कैसे छुड़ाएं - Ganja kaise chode in hindi

गांजा को इंग्लिश में कई नामों से जाना जाता है जैसे - मारिजुआना, वीड, हर्ब, पॉट, ग्रास, बड, गंजा, मैरी जेन और ऐसे ही कई अन्य सांकेतिक शब्द भी उपयोग किए जाते हैं। गांजा वास्तव में कैनबिस सैटाइवा नामक पौधे के सूखे फूलों, पत्तियों, तने और बीजों का एक हरे-भूरे रंग का मिश्रण है। कैनाबिस को हेम्प भी कहा जाता है।

हालांकि सामान्य रूप से कैनबिस के बारे में बात करते समय बहुत से लोग 'मारिजुआना' शब्द का उपयोग करते हैं, लेकिन मारिजुआना वास्तव में केवल इस पौधे के सूखे फूल और पत्तियां हैं। कैनबिस का उपयोग करने वाले कुछ लोग हशीश का भी उपयोग करते हैं जो इन पौधे के गोंद जैसे “रेजन” (resin) या हैश ऑयल से बनती है।

किसी भी उद्देश्य से कैनबिस पौधे का कोई भी हिस्सा किसी भी रूप में बेचना, उपयोग करना या कहीं ले जाना नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित है और एक दंडनीय अपराध है। मारिजुआना दुनिया भर में सबसे अधिक दुरुपयोग किया जाने वाला अवैध पदार्थ है और इसकी बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है।

हालांकि, गांजा पीने से आपके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है, सांस की समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। लेकिन हजारों कमियों के बावजूद गांजे के पौधे में कुछ अच्छे गुण भी हैं, जिनका वर्णन इस लेख में आगे किया गया हैं।

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यदि आप कैनबीस के पौधे के बारे में जानते होंगे तो आपने वीड या गांजे के विभिन्न प्रकार का वर्णन करने के लिए उपयोग किए जाने वाले दो सामान्य शब्दों - इंडिकस और सैटाइवा के बारे में सुना होगा। ये शब्द मारिजुआना या गांजे के पौधे की दो अलग-अलग प्रजातियों, कैनबीस इंडिका और कैनबिस सैटाइवा से संबंधित हैं।

इंडिकस और सैटाइवा दोनों प्रकार के पौधों की गंध, स्वाद और बनावट अलग-अलग होती हैं। इंडिकस आकार में छोटे और गठीले पौधे होते हैं, जबकि सैटाइवा लंबे और पतले होते हैं।

गांजा के कई अलग-अलग रूप के अनुसार भी विभिन्न प्रकार हैं और उन्हें कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है। वे इस प्रकार हैं -

  • वीड
    इसे अक्सर पॉट भी कहा जाता है। वीड मारिजुआना का बिना प्रोसेस्ड किया हुआ रूप है। यह सबसे आम रूप है और आमतौर पर टीएचसी (गांजे में पाया जाने वाला एक रसायन, इसके बारे में इस लेख में आगे विस्तार से बताया गया है) की उच्च मात्रा के कारण इसको सिगरेट में भर कर नशा करने वाले लोग पीते हैं। वीड में मादा कैनबीस सैटाइवा और कैनबीस इंडिका पौधों की पत्तियां और कलियां होती हैं। वीड बनाने की एकमात्र प्रक्रिया यह है कि इसके लिए इन पौधों की पत्तियों और कलियों को सूखाया जाता है। (और पढ़ें - सिगरेट पीने के नुकसान)
     
  • हशीश
    हशीश या हैश, कैनबीस सैटाइवा या कैनबीस इंडिका पौधों के राल या “रेजन” (resin) से बनता है। राल को सूखाया जाता है, जिससे हशीश नामक तैलीय ठोस पदार्थ बनता है।
     
  • हशीश ऑयल
    हशीश तेल या हैश तेल, गांजा या मारिजुआना का सबसे तेज या स्ट्रांग रूप है और यह ड्रग का सबसे कम उपयोग होने वाला रूप है। यह छोटी बोतलों या प्लास्टिक के सीलबंद बैग में बेचा जाता है।

गांजा या मारिजुआना का उपयोग लोग हाथ से बनाई सिगरेट (जॉइंट), पाइप, पानी वाले पाइप (बोंग) इत्यादि की मदद से धूम्रपान करने के लिए करते हैं। लोग इसे खोखले खाली सिगार में भर कर भी धूम्रपान करते हैं।

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धुएं को सांस में लेने से बचने के लिए, कुछ लोग वैपोराइजर्स का उपयोग कर रहे हैं। ये उपकरण गांजे से सक्रिय अवयवों (टीएचसी समेत) को खींचते हैं और इन को वाष्प कणों के रूप में उपकरण के एक हिस्से में एकत्र करते हैं, जिसे स्टोरेज यूनिट कहा जाता है। इसके बाद लोग इन वाष्प कणों को लेते हैं। कुछ वैपोराइजर्स इन कणों को तरल रूप में भी एकत्रित कर सकते हैं।

बहुत से लोगों को लगता हैं कि बोंग कम खतरनाक होते हैं क्योंकि पानी के कारण धुआं कम असर करता है, लेकिन असल में धूम्रपान करने वाले सभी तरीकों से सांस के रोगों की संभावना बढ़ सकती है।

लोग भोजन (edibles), जैसे ब्राउनी, कुकीज या कैंडी में मारिजुआना या गांजे का मिश्रण करते हैं या इसे चाय के रूप में भी पीते हैं।

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दवा के रूप में उपयोग होने वाला मेडिकल मारिजुआना, जिसे मारिनोल (ड्रोनबिनोल) भी कहा जाता है, मारिजुआना का सिंथेटिक रूप है। इसका उपयोग लोगों में भूख कम लगने और एनोरेक्सिया के साथ वजन घटने की समस्या का इलाज करने के लिए किया जाता है।

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सिंथेटिक मारिजुआना का उपयोग एड्स की बीमारी के रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है। कीमोथेरेपी से कैंसर का इलाज करवाने वाले लोग जिनको मतली और उल्टी हो रही है तथा सामान्य उपचार से कोई लाभ नहीं हो रहा है, उनके इलाज के लिए भी सिंथेटिक मारिजुआना का उपयोग किया जाता है।

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गांजा पीने के प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकते हैं जैसे कि कुछ लोग अधिक खुशी महसूस करते हैं, अधिक बोलने लगते हैं और सामान्य से कम आत्म-जागरूकता महसूस कर सकते हैं, जबकि अन्य लोग नींद, उल्टी, खुद पर कम नियंत्रण या इन सब का मिला-जुला असर महसूस कर सकते हैं। (और पढ़ें - भांग के फायदे)

कैनबिस पौधे में आप के दिमाग में परिवर्तन करने की क्षमता होती है। इस पौधे में सैकड़ों ऐसे यौगिक होते हैं, जिनमें नशे की लत लगाने वाले प्रभाव होते हैं, उन्हें टेट्राहाइडोकैनिबिनोल (टीएचसी) कहा जाता है।

आप पर टीएचसी के निम्नलिखित प्रभाव हो सकते हैं -

कैनबिस का एक अन्य यौगिक सीबीडी है, जिसे कैनाबिडिओल भी कहा जाता है। इस पर भी काफी अध्ययन किया गया है। इससे होने वाले प्रभाव टीएचसी से होने वाले प्रभावों के विपरीत काम कर सकते हैं और यह आपको अधिक सक्रिय करने की बजाय आपको किसी मनोविकृति या चिंता में डाल सकता है।

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कैनाबिस पौधे का सैकड़ों वर्षों से दवा के रूप में उपयोग होता रहा हैं। शोधकर्ता कैनाबीडियोल (सीबीडी) के संभावित लाभों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। कैनाबीडियोल मारिजुआना में पाया जाने वाला एक कैनाबीनोइड है, जिसके विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के इलाज में रोगी के दिमाग पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होते हैं। (और पढ़ें - दिमाग तेज़ कैसे करें)

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि टीएचसी मतली और उल्टी के इलाज के लिए उपयोगी है, लेकिन इसके प्रतिकूल प्रभाव इसके उपयोग को सीमित कर सकते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार दवा के रूप में कैनाबिस निम्नलिखित स्थितियों में मदद कर सकते हैं -

  • मारिजुआना का ग्लूकोमा के इलाज के लिए उपयोग होता है क्योंकि मारिजुआना आंख में आंतरिक दबाव को कम करता है। यह 70 के दशक में शोध से साबित हुआ था। मारिजुआना इस बीमारी की प्रगति को धीमा करके अंधेपन से बचाता है। (और पढ़ें - कलर ब्लाइंडनेस का इलाज)
  • मारिजुआना मिर्गी के संबंध में भी काफी मदद कर सकता है। मिर्गी वाले चूहों को मारिजुआना का अंश दिया गया था और नतीजे बताते हैं कि इस दवा ने 10 घंटों तक दौरे को रोका। (और पढ़ें - मिर्गी के दौरे का देसी इलाज)
  • मारिजुआना तंत्रिका तंत्र के विकारों से ग्रसित लोगों की सहायता करने का भी एक शानदार तरीका है। (और पढ़ें - न्यूरोपैथी का इलाज)
  • मारिजुआना में पाया जाने वाला सीबीडी कैंसर फैलने से रोक सकता है क्योंकि यह आईडी -1 नामक जीन को निष्क्रिय कर देता है। आईडी -1 जीन वह जगह है जहां कैंसर कोशिका अधिक प्रतियां बना सकती है और रोगी के शरीर में तेजी से फैल सकती है।
  • चिंता, अवसाद, तनाव और अनिद्रा की समस्या कम हो सकती है। (और पढ़ें - गहरी नींद के आसान उपाय)
  • टीएचसी "अमीलोइड प्लेक" को अवरुद्ध करके अल्जाइमर रोग बढ़ने की गति धीमी कर देता है, अल्जाइमर रोगी के मस्तिष्क की कोशिकाओं को मारने के लिए जिम्मेदार रोग है। (और पढ़ें - अल्जाइमर रोकने के लिए आहार)

यदि आप लंबे समय तक वीड या गांजा का उपयोग करते रहते हैं, तो आप को सांस के रोग हो सकते हैं। आपकी याददाश्त प्रभावित हो सकती है और वास्तव में आप प्रेरणा विहीन महसूस कर सकते हैं। इससे आपका काम, आपका सामाजिक जीवन और परिवार के रिश्ते भी प्रभावित हो सकते हैं।

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शोधकर्ताओं को फेफड़े, सिर या गर्दन में कैंसर और मारिजुआना से धूम्रपान के बीच कोई लिंक नहीं मिला है। हालांकि कुछ सीमित सबूत बताते हैं कि अधिक मारिजुआना के उपयोग से एक प्रकार का टेस्टिकुलर कैंसर हो सकता है। (और पढ़ें - फेफड़ों के रोग का इलाज)

नियमित मारिजुआना का उपयोग आपमें लगातार खांसी और कफ का कारण बन सकता है। जब आप धूम्रपान बंद कर देते हैं तो वे फिर से ठीक हो सकते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि मारिजुआना अस्थमा या क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज का कारण बन सकता है या नहीं।

गर्भवती होने पर मारिजुआना से धूम्रपान करने वाली महिलाओं के पैदा होने वाले शिशु का वजन कम होने की आशंका रहती है। शिशु बहुत जल्दी पैदा हो सकते हैं, जिससे उन्हें नियोनेटल इंटेंसिव देखभाल की आवश्यकता होती है।

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गांजा की लत छुड़ाने के लिए वर्तमान में कोई दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन व्यवहारिक समर्थन प्रभावी साबित हुआ है। निम्नलिखित व्यवहारिक उपचारों से इलाज थोड़ा असरदार हुआ है:

  • संज्ञानात्मक-व्यवहार चिकित्सा
    संज्ञानात्मक-व्यवहार चिकित्सा, मनोचिकित्सा का ही एक प्रकार हैं। इस थेरेपी में लोगों को आत्म-नियंत्रण बढ़ाने, ड्रग के उपयोग को रोकने और अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए समस्या की जड़ को पहचानने और सही करने की रणनीतियां सिखाई जाती है। (और पढ़ें - स्पीच थेरेपी)
     
  • आकस्मिकता प्रबंधन:
    आकस्मिकता प्रबंधन थेरेपी के अंतर्गत प्रभावित व्यक्ति के व्यवहार की लगातार निगरानी की जाती है। उसको आत्म नियंत्रण के प्रयास में छोटी-छोटी सफलताओं पर सकारात्मक पुरस्कारों से प्रेरित किया जाता है। (और पढ़ें - क्रोध प्रबंधन क्या है)
     
  • मोटिवेशनल एनहांसमेंट थेरेपी:
    मोटिवेशनल एनहांसमेंट थेरेपी व्यक्ति के अंदर तेजी से, आंतरिक रूप से प्रेरित बदलाव उत्पन्न करने के लिए डिजाइन किया गया व्यवस्थित तरीका है। यह थेरेपी व्यक्ति के इलाज का प्रयास नहीं करती है, बल्कि उपचार के साथ जुड़ाव और फायदे के लिए व्यक्ति की आंतरिक क्षमता को प्रेरित करती है। (और पढ़ें - सम्मोहन चिकित्सा कैसे होती है)

ऊपर वर्णित व्यक्तिगत व्यवहार आधारित उपचारों के अलावा, जिन किशोरों को गांजे की लत हैं, उनके इलाज के लिए अक्सर एक या अधिक पारिवारिक उपचारों का उपयोग किया जाता है। इनमें मल्टी डायमेंशनल थेरेपी, मल्टी सिस्टमिक थेरेपी, फैमिली सपोर्ट नेटवर्क इंटरवेंशन और संक्षिप्त रणनीतिक  फैमिली थेरेपी शामिल हैं। ये सभी उन तकनीकों का उपयोग करती है जो लत वाले व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों को गांजे के उपयोग को हतोत्साहित करने के तरीके सिखाने के लिए डिजाइन की गयी हैं। (और पढ़ें - पीआरपी क्या है)

वैज्ञानिक इसके इलाज के लिए दवा विकसित करने हेतु निरंतर शोध कर रहे हैं। जल्दी ही कुछ नई दवाएं विकसित की जा सकती है, जो गांजा छोड़ने से पैदा होने वाले लक्षणों को कम करने, गांजे के प्रभावों को रोकने और दुबारा लत लगने से बचाने में मदद कर सकती हैं।

(और पढ़ें - शॉक थेरेपी क्या है)

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