आंत्र असंयम क्या है?

आंत्र असंयम (शौच, मल, प्रेशर न रोक पाना) आंत्र क्रियाओं को नियंत्रित करने में असमर्थता है, जिसके कारण मल गुदे से अप्रत्याशित रूप से बाहर आ जाता है। ये गैस पास करते समय मल के कभी-कभी रिसाव से ले कर पूर्ण रूप से आंत्र नियंत्रण खो देने तक हो सकता है।

आंत्र असंयम के सामान्य कारणों में दस्त, कब्ज, और माँसपेशी या तंत्रिका क्षति शामिल हैं। माँसपेशी व तंत्रिका क्षति उम्र बढ़ने या जन्म देने के कारण हो सकती है। 

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आंत्र असंयम शर्मनाक हो सकता है। लेकिन अपने डॉक्टर से बात करने में संकोच न करें। ऐसे उपचार उपलब्ध हैं जो आंत्र असंतुलन और जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।

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  1. आंत्र असंयम के लक्षण - Bowel Incontinence Symptoms in Hindi
  2. आंत्र असंयम के कारण - Bowel Incontinence Causes in Hindi
  3. आंत्र असंयम से बचाव - Prevention of Bowel Incontinence in Hindi
  4. आंत्र असंयम का निदान - Diagnosis of Bowel Incontinence in Hindi
  5. आंत्र असंयम का उपचार - Bowel Incontinence Treatment in Hindi
  6. आंत्र असंयम की जटिलताएं - Bowel Incontinence Risks & Complications in Hindi
  7. आंत्र असंयम की दवा - Medicines for Bowel Incontinence in Hindi
  8. आंत्र असंयम की दवा - OTC Medicines for Bowel Incontinence in Hindi
  9. आंत्र असंयम के डॉक्टर

आंत्र असंयम के लक्षण क्या हैं?

ज्यादातर वयस्कों को केवल कभी-कभी दस्त के दौरान आंत्र असंयम का अनुभव होता है। लेकिन कुछ लोग बार-बार होने वाले या पुराने आंत्र असंयम से ग्रसित होते हैं। वे :

  • अपनी आंतों से गैस या मल (तरल या ठोस) के पास होने पर नियंत्रण नहीं कर सकते (और पढ़ें - मल में खून आना)
  • समय पर शौचालय पहुँचने में सक्षम नहीं होते

बच्चों सहित, कुछ लोगों के लिए, आंत्र असंतुलन अपेक्षाकृत मामूली समस्या है, जो उनके अंडरवियर को गंदा करने तक सीमित होती है। दूसरों के लिए, आंत्र नियंत्रण पूर्ण रूप से समाप्त होने के कारण स्थिति गंभीर हो सकती है।

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आंत्र असंयम अन्य आंत्र समस्याओं के साथ हो सकता है, जैसे कि:

डॉक्टर को कब दिखाएँ?

यदि आपको या आपके बच्चे को आंत्र असंयम की समस्या है तो अपने डॉक्टर को दिखाएँ। अक्सर, नई माताएं और अन्य वयस्क अपने डॉक्टरों को आंत्र असंयम के बारे में बताने में अनिच्छुक होते हैं। लेकिन इसके लिए उपचार उपलब्ध हैं और जितनी जल्दी जांच होती है, उतनी जल्दी आपको लक्षणों से कुछ राहत मिल सकती है।

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आंत्र असंयम क्यों होता है?

शौच या मल ना रोक पाने की समस्या के कारण इस प्रकार हैं :

  • मांसपेशियों को क्षति -
    गुदे (ऐनल स्फिंक्टर) के अंत में मांसपेशियों के छल्ले में चोट लगने से मल को ठीक से रोक पाना मुश्किल हो सकता है। प्रसव के दौरान इस प्रकार का नुकसान हो सकता है, खासकर तब जब आपकी डिलीवरी के दौरान एपीसीओटॉमी (episiotomy: प्रसव के दौरान योनि पर किया गया सर्जिकल कट) या फोरसेप्स का उपयोग किया गया है। (और पढ़ें - प्रसव पीड़ा)
     
  • नसों को क्षति -
    गुदे में मल को महसूस करने वाली या ऐनल स्फिंक्टर को नियंत्रित करने वाली नसों को क्षति से आंत्र  असंयम हो सकता है। (और पढ़ें - नसों की कमजोरी)
     
  • कब्ज -
    पुरानी कब्ज से गुदाशय में शुष्क, कठोर मल (प्रभावित मल) इकट्ठा हो सकता है जिसे पास करने में बड़ी कठिनाई होती है। पुरानी कब्ज भी तंत्रिका क्षति का कारण बन सकती है।
     
  • दस्त -
    ढीले मल की तुलना में गुदा में ठोस मल को रखना आसान है, इसलिए दस्त का ढ़ीला मल आंत्र असंतुलन का कारण बन सकता है। 
     
  • गुदे में स्टोरेज क्षमता की कमी -
    आम तौर पर, गुदा मल को समायोजित करने के लिए फैलता है। यदि आपका गुदा क्षतिग्रस्त है या आपकी गुदे की दीवार की सर्जरी, विकिरण उपचार या इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी)  से सख्त हो गई है, तो गुदा जितना आवश्यक हो उतना खिंच नहीं सकता, और अतिरिक्त मल बाहर आ सकता है। (और पढ़ें - गुदा कैंसर क्या है)
     
  • सर्जरी -
    गुदाशय या गुदा में बढ़ी हुई नसों (बवासीर) के साथ-साथ गुदाशय और गुदे से जुड़ी जटिल समस्याओं के इलाज के लिए की गई सर्जरी, मांसपेशी और तंत्रिका क्षति का कारण बन सकती है जिससे आंत्र असंयम हो सकता है। (और पढ़ें - गर्भावस्था में पाइल्स)​
     
  • अन्य परिस्थितियां-
    अगर गुदा ऐनस में पहुँच जाता है (रेक्टल प्रोलैप्स) या महिलाओं में गुदा योनि के माध्यम से निकलता है (रेक्टोसील) तो आंत्र असंयम हो सकता है। (और पढ़ें - बवासीर के घरेलू उपाय

निम्न कारक आंत्र असंतुलन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं :

  • उम्र -
    यद्यपि आंत्र असंयम किसी भी उम्र में हो सकता है, यह मध्यम आयु वर्ग के लोगों और वृद्ध वयस्कों में अधिक पाया जाता है। 40 वर्ष से अधिक उम्र की हर 10 महिलाओं में से लगभग 1 को आंत्र असंयम होता है। (और पढ़ें - बढ़ती उम्र की समस्याएँ)
     
  • महिला होना -
    पुरुषों की तुलना में महिलाओं में आंत्र असंतुलन थोड़ा अधिक आम है। एक कारण यह हो सकता है कि आंत्र असंतुलन प्रसव की जटिलता हो। लेकिन आंत्र असंतुलन अधिकांश महिलाओं में 40 साल की उम्र के बाद होता है, इसलिए इसमें अन्य कारक शामिल हो सकते हैं। (और पढ़ें - महिला स्वास्थ्य)
     
  • नस को क्षति -
    जिन लोगों को लंबे समय से मधुमेह या मल्टिपल स्क्लेरोसिस है - ऐसी स्थितियां जो मल को नियंत्रित करने में मदद करने वाली नसों को नुकसान पहुंचा सकती हैं - आंत्र असंयम की चपेट में आ सकते हैं। 
     
  • डिमेंशिया -
    आंत्र असंयम अक्सर आख़िरी चरणों वाले अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया में मौजूद होता है।
     
  • शारीरिक विकलांगता -
    शारीरिक रूप से अक्षम होने से समय में शौचालय तक पहुँचने में मुश्किल हो सकती है। शारीरिक विकलांगता के कारण होने वाली चोट से रेक्टल तंत्रिका को क्षति भी हो सकती है जिससे आंत्र असंतुलन होता है। (और पढ़ें - फाइलेरिया क्या है)

आंत्र असंयम से कैसे बचें?

कारण के आधार पर, आंत्र असंयम को रोकना संभव है :

  • कब्ज कम करें -
    व्यायाम करें, अधिक फाइबर युक्त भोजन खाएं और बहुत सारे तरल पदार्थ पीएं। (और पढ़ें - व्यायाम करने का सही समय)
     
  • दस्त नियंत्रण -
    दस्त के कारण, जैसे आंत संक्रमण, का इलाज आपको आंत्र असंयम से बचने में मदद कर सकता है। (और पढ़ें - दस्त रोकने के उपाय)
     
  • तनाव से बचें -
    आंत्र क्रियाओं के दौरान तनाव गुदा स्फिंक्टर की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है या तंत्रिका को नुकसान पहुंचा सकता है, जो संभवतः आंत्र असंयम का कारण बनता है।

(और पढ़ें - पेट में इन्फेक्शन का इलाज

आंत्र  असंयम के कारण को इंगित करने के लिए कई परीक्षण किये जाते हैं :

  • डिजिटल रेक्टल परीक्षण -
    डॉक्टर आपकी स्फिंक्टर मांसपेशियों की ताकत का मूल्यांकन करने और रेक्टल क्षेत्र में किसी भी असामान्यता की जांच करने के लिए आपके गुदे (ऐनस) में एक कवर्ड चिकनी उंगली डालते हैं। इस दौरान डॉक्टर रेक्टल प्रोलैप्स (गुदे का शरीर से बाहर दिखना) की जांच करने के लिए आपको नीचे दबाव डालने के लिए कह सकते हैं।
     
  • बलून एक्सपल्शन परीक्षण (Balloon expulsion test​) -
    गुदे में एक छोटा गुब्बारा डाला जाता है जो पानी से भरा होता है। तब आपको शौचालय जाने और गुब्बारा निकालने के लिए कहा जाता है। गुब्बारे को निष्कासित करने में लगने वाला समय दर्ज किया जाता है। एक मिनट या उससे अधिक समय आमतौर पर मलत्याग विकार का संकेत माना जाता है। (और पढ़ें - फिशर रोग का इलाज​)
     
  • एनल मैनोमेट्री (Anal manometry​) -
    गुदे में एक संकीर्ण, लचीली ट्यूब डाली जाती है। ट्यूब की नोक पर एक छोटा गुब्बारा फ़ुलाया जाता है। यह परीक्षण आपके ऐनल स्फिंक्टर की टाइटनेस और आपके गुदे की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली को मापने में मदद करता है।
     
  • ऐनोरेक्टल उल्ट्रसोनोग्राफ़ी (Anorectal ultrasonography​) -
    एक संकीर्ण, छड़ी जैसा यंत्र को गुदे में डाला जाता है। यह डॉक्टर को शरीर के अंदर का वीडियो दिखाता है जो आपके डॉक्टर को आपके स्फिंक्टर की संरचना का मूल्यांकन करने में मदद करता है। 
     
  • प्रॉक्टोग्राफी (Proctography) -
    जब आप एक विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए शौचालय में मलत्याग करते हैं तब एक एक्स-रे वीडियो बनाई जाती है। परीक्षण यह मापता है कि आपका गुदा कितना मल रख सकता है और आपका शरीर मल को कितने अच्छे से त्यागता है।
     
  • प्रॉक्टोसिग्मोइडोस्कोपी (Proctosigmoidoscopy) -
    सूजन, ट्यूमर या चोट (जो आंत्र असंतुलन का कारण हो सकते हैं) के संकेतों के लिए पेट (सिग्मोइड) के अंतिम दो फ़ीट का निरीक्षण करने हेतु आपके गुदे में एक लचीली ट्यूब डाली जाती है।
     
  • एंडोरेक्टल अल्ट्रासाउंड (Endorectal Ultrasound) -
    निचले पेट को देखने और ऐनल स्फिंक्टर की छवियां प्रदान करने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करने के लिए एक विशेष एन्डोस्कोप डाला जाता है। (और पढ़ें - एंडोस्कोपी क्या है)
     
  • कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy) -
    पूरे पेट का निरीक्षण करने के लिए आपके गुदे में एक लचीली ट्यूब डाली जाती है।
     
  • एनल इलेक्ट्रोमोग्राफी (Anal electromyography​) -
    गुदे के चारों ओर मांसपेशियों में डाले गए छोटे इलेक्ट्रोड तंत्रिका क्षति के संकेत प्रकट कर सकते हैं। (और पढ़ें - नसों में दर्द)
     
  • एमआरआई - 
    चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) स्फिंक्टर की स्पष्ट तस्वीर प्रदान कर सकती है जिससे ये पता चल सके कि क्या मांसपेशियां ठीक हैं कि नहीं। यह मलत्याग के दौरान छवियां भी प्रदान कर सकती हैं।

आंत्र  असंयम के कारण के आधार पर, उपचार विकल्प :

  • एंटी-डायरियल ड्रग्स
  • लक्सेटिव्स, यदि पुरानी कब्ज समस्या का कारण बन रही है
  • अपने आंत्र की सहज गति को कम करने के लिए दवाएं

आहार परिवर्तन

मल की स्थिरता आपके खाने पीने से प्रभावित होती है। यदि कब्ज आंत्र  असंयम का कारण है, तो डॉक्टर आपको बहुत सारे तरल पदार्थ पीने और फाइबर समृद्ध खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दे सकता है। यदि दस्त समस्या को बढ़ा रहा है, तो हाई फाइबर खाद्य पदार्थ आपके मल को ठोस बना सकते हैं।

व्यायाम और अन्य उपचार
यदि मांसपेशियों की क्षति के कारण आंत्र असंयम होता है, तो डॉक्टर मांसपेशियों की ताकत वापिस लाने के लिए व्यायाम और अन्य उपचारों की सलाह दे सकते हैं। ये उपचार गुदे को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही ये उपचार मरीज को मल आने की सनसनी को पहचानने में फिर से सक्षम बनाते हैं। कुछ विकल्प:

  • बायोफीडबैक - विशेष रूप से प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट सरल व्यायाम सिखाते हैं जो गुदा मांसपेशियों की शक्ति को बढ़ा सकते हैं। लोग श्रोणि तल (पेल्विक फ्लोर) की मांसपेशियों को मजबूत करने व आंत्र क्रियाओं को नियंत्रित करने के तरीके सीखते हैं। (और पढ़ें - कीगल एक्सरसाइज के फायदे)
  • आंत्र प्रशिक्षण - डॉक्टर दिन के एक विशिष्ट समय पर एक आंत्र क्रिया करने के लिए एक सचेत प्रयास करने को कहते हैं, उदाहरण के लिए, खाने के बाद। यदि आपको यह पता है कि आपको शौचालय का उपयोग कब करना है तो आप बेहतर कण्ट्रोल कर सकते हैं।
  • सेक्रल नर्व उत्तेजना - सेक्रल तंत्रिका आपकी रीढ़ की हड्डी से आपकी श्रोणि में मांसपेशियों तक जाती है। ये तंत्रिका आपके रेक्टल और गुदा स्फिंक्टर मांसपेशियों की सनसनी और ताकत को नियंत्रित करती है। आंत्र में मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए एक उपकरण को डाला जाता है जो तंत्रिकाओं को लगातार छोटे विद्युत आवेग भेजता है। यह उपचार आमतौर पर अन्य उपचारों के बाद किया जाता है।

(और पढ़ें - कोलोरेक्टल कैंसर का इलाज)

सर्जरी

आंत्र असंयम का इलाज करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है ताकि अंतर्निहित समस्या को ठीक किया जा सके, जैसे कि रेक्टल प्रोलैप्स या प्रसव के कारण स्फिंक्टर क्षति। विकल्प :

  • स्फिंक्टरोप्लास्टी (Sphincteroplasty​) - यह प्रक्रिया एक क्षतिग्रस्त या कमजोर गुदा स्फिंक्टर की मरम्मत करती है। मांसपेशियों के घायल क्षेत्र की पहचान की जाती है, और इसके किनारों को आसपास के ऊतक से मुक्त किया जाता है। मांसपेशियों के किनारों को फिर वापस लाया जाता है और एक के ऊपर एक सिला जाता है जिससे मांसपेशी मजबूत होती है और गुदा टाइट होता है।
  • रेक्टल प्रोलैप्स, रेक्टोसेल या बवासीर का इलाज - इन समस्याओं का सर्जिकल सुधार संभवतः आंत्र असंयम को कम या खत्म कर देता है। (और पढ़ें - बवासीर का घरेलू उपचार)
  • स्फिंकर प्रतिस्थापन - एक क्षतिग्रस्त गुदा स्फिंक्टर को "कृत्रिम गुदा स्फिंक्टर" के साथ प्रतिस्थापित किया जा सकता है। यह डिवाइस एक ऐसा बैंड है जिसमें हवा भरी जा सकती है, इसे आपके गुदे के आसपास लगाया जाता है। फुलाये जाने पर ये आपके गुदा स्फिंक्टर को तब तक तंग रखता है जब तक कि आप मलत्याग के लिए तैयार न हों।
  • स्फिंक्टर रिपेयर - इस सर्जरी में मांसपेशियों को आंतरिक जांघ से लिया जाता है और स्फिंक्टर के चारों ओर लपेटा जाता है, जो स्फिंक्टर की मांसपेशी बहाल करता है।
  • कोलोस्टॉमी (Colostomy) - यह सर्जरी पेट में एक द्वार के माध्यम से मल को हटा देती है। मल को इकट्ठा करने के लिए इस द्वार से एक विशेष बैग जोड़ा जाता है। कोलोस्टोमी आमतौर पर अन्य उपचारों की के बाद ही की जाती है।

आंत्र असंयम की जटिलताएं :

  • भावनात्मक तनाव - किसी का आंत्र नियंत्रण खोना शर्म, निराशा, क्रोध और अवसाद का कारण बन सकता है। समस्या को छिपाना या सामाजिक जुड़ाव से बचना ऐसे लोगों के लिए आम बात है।
  • त्वचा पर जलन - मलद्वार के चारों ओर त्वचा नाजुक और संवेदनशील होती है। मल के साथ बार बार संपर्क से दर्द और खुजली हो सकती है, और घावों (अल्सर) को चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है। 

(और पहड़े - भगन्दर का इलाज)

Dr. Kapil Sharma

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सामान्य चिकित्सा

Dr. Mayank Yadav

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Dr. Nilesh shirsath

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सामान्य चिकित्सा

आंत्र असंयम के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
AndialAndial 2 Mg Tablet19.21
ImodiumImodium 2 Mg Capsule13.9
LomidLomid 2 Mg Capsule37.81
LopamideLopamide 2 Mg Tablet18.5
LoparetLoparet 2 Mg Tablet17.65
LoprapilLoprapil 2 Mg Capsule5.56
LoramylLoramyl 2 Mg Tablet26.18
RidolRidol 2 Mg Tablet12.5
RokoRoko 2 Mg Capsule18.0
Sestil AdSestil Ad 2 Mg Tablet21.79
DiarlopDiarlop 2 Mg Capsule17.18
DyrilDyril 2 Mg Tablet218.75
GlendoperGlendoper 2 Mg Capsule18.0
Lomofen PlusLomofen Plus 2 Mg Tablet38.4
LoopraLoopra 10 Mg Tablet106.25
LopagutLopagut Tablet15.0
LopajoyLopajoy 2 Mg Tablet13.33
LopamaxLopamax 2 Mg Tablet3.75
LopideLopide Capsule18.0
LopidusLopidus Capsule5.0
LopipenLopipen 2 Mg Tablet6.25
LoppaLoppa 2 Mg Tablet6.25
LopramacLopramac 2 Mg Tablet9.27
Lopramide (Makers)Lopramide 2 Mg Tablet41.25
LupidiumLupidium Tablet3.75
DiarsecDiarsec 2 Mg Tablet14.0
Lomid MLomid M Syrup10.99
Lopramide (Cadila Pharma)Lopramide 5 Mg Tablet5.0
RokamideRokamide 2 Mg Tablet8.5
StarlopStarlop 2 Mg Tablet8.48
TropamideTropamide 2 Mg Tablet3.75
EldoperEldoper 2 Mg Tablet24.0
L GripL Grip 10 Mspores/2 Mspores/60 Mspores Capsule21.0
NorstrepNorstrep 200 Mg/2 Mg Capsule19.37

आंत्र असंयम के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Himalaya Bael TabletsHimalaya Bael Capsules135.0

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