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अगर आपको सामन्य से अधिक बार पेशाब करने जाना पड़ता है तो यह मूत्राशय यानी ब्लैडर में किसी समस्या के कारण हो सकता है। ऐसे में मूत्राशय के कमजोर होने की संभावना होती है और यह दैनिक कार्यों और रात की नींद में बाधा डाल सकता है। 

बार बार पेशाब आना किसी अंतनिर्हित मेडिकल स्थिति का संकेत या लक्षण हो सकता है। वैसे तो यह समस्या पुरुष और महिलाओं दोनों को हो सकती है लेकिन कई अध्ययनों में पाया गया है कि यह महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करती है। वैसे तो इसका इलाज कई घरेलू नुस्खों से किया जा सकता है लेकिन अगर आपको इस समय ज्यादा दर्द और पीड़ादायक हो तो डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।

आज हम कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में बताएंगे जिनसे आप अपने बार-बार पेशाब आने की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। यह घरेलू उपाय न केवल कारगर हैं बल्कि इनका आपके शरीर पर कोई हानिकारक प्रभाव भी नहीं पड़ता है।

  1. बार बार पेशाब आने से छुटकारा दिलाता है अनार - Frequent Urination se chuthkara dilata hai Anar
  2. बार बार पेशाब आने की दवा है तिल और गुड़ - Frequent Urination ki medicien hai til aur gud
  3. बार बार पेशाब आने का इलाज है मेथी - Frequent Urination ka ilaj hai Methi ke beej
  4. पालक है बार बार पेशाब आने का घरेलू उपाय - Palak hai bar-bar peshab aane ka gharelu ilaj
  5. बार बार पेशाब आने का रामबाण इलाज है सीताफल के बीज - Frequent Urination ka ghrelu nuskha hai sitafal ke beej
  6. बार बार पेशाब आने पर करें जीरे का सेवन - Bar-bar peshab aane ki roktham karne ke liye Jeera
  7. बार बार पेशाब आने को रोकने का उपाय है दही - Dahi hai bar-bar peshab aane ke gharelu upay
  8. बार बार पेशाब आने का देसी नुस्खा है दालचीनी - Bar bar urine aane ka desi nuskha hai dalchini
  9. बार बार पेशाब आने का देसी इलाज है एलोवेरा जूस - Bar bar peshab aane ka desi ilaj hai Alovera

अनार में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो हमारे मूत्राशय में होने वाले बैक्टीरिया को उसकी दीवारों जमा नहीं होने देते। विटामिन सी हमारे इम्यून सिस्टम को बढ़ाकर उसे इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल देते हैं। इसके साथ ही इम्यून सिस्टम के बेहतर होने से बार-बार पेशाब आने की समस्या खत्म हो जाती है।

आवश्यक सामग्री

  • 1 अनार
  • ½ चम्मच पानी

इस्तेमाल का तरीका

  • अनार के छिलके को उतार लें
  • अब इस छिलके को पीस कर इसका पेस्ट बना लें
  • इसके अंदर आधा चम्मच पानी मिलाएं
  • अब इस मिश्रण को पानी या दूध में मिलाकर पिएं
  • आप चाहें तो इस पेस्ट को सीधा भी खा सकते हैं

कब इस्तेमाल करें

इस पेस्ट को रोजाना 2 बार उपयोग करने की सलाह दी जाती है, जब तक कि बार-बार पेशाब आने की समस्या पूरी तरह से ठीक ना हो जाए।

तिल फाइबर, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स युक्त होते हैं, जो शरीर में होने वाले संक्रमणों को कम करते हैं और बार बार पेशाब आने की समस्या को दूर करते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • एक चम्मच तिल 
  • एक चम्मच गुड़ (लगभग 5 ग्राम)

इस्तेमाल का तरीका

  • तिल के बीज को गुड़ के साथ मिलाकर खाएं
  • आप चाहें तो तिल के बीजों को गुड़ के साथ मिलाकर लड्डू बना सकते हैं और रोजाना खा सकते हैं।

कब इस्तेमाल करें 

दोनों में से किसी एक विधि को अपनाएं और रोजाना उसका सेवन करें जब तक बार बार पेशाब आने के लक्षण गायब ना हो जाए।

मेथी में मूत्रवर्द्धक प्रभाव के साथ कुछ ऐस रसायनिक यौगिक भी होते हैं जो पेशाब की समस्या को दूर करते हैं। मेथी के दानों के रोजाना सेवन से यह समस्या कम की जा सकती है।

आवश्यक सामग्री

  • 10-15 मेथी के दाने
  • 1 चम्मच अदरक का पेस्ट
  • 1 चम्मच शहद या 1 चम्मच पानी

इस्तेमाल का तरीका

  • मेथी के बीजों को पीस कर उनका पाउडर बना लें
  • इसके अंदर अब अदरक के पाउडर को मिला लें
  • अब इसका पेस्ट बनाने के लिए इसमें 1 चम्मच शहद या 1 चम्मच पानी डालें

कब इस्तेमाल करें

इस मिश्रण का रोजाना सिर्फ एक बार ही इस्तेमातल करें।

पालक एक शक्तिशाली आहार है जो हमें त्वचा, बालों और हड्डियों आदि की समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। पालक में प्रोटीन, आयरन और विटामिन ए होता है जो बार-बार पेशाब आने की समस्या दूर करने में मदद करते हैं।

पालक को अपनी इस बीमारी से लड़ने के लिए ऐसे इस्तेमाल किया जा सकता है:

आवश्यक सामग्री

  • 1-2 पालक के पत्ते
  • 1 कटोरा पानी

इस्तेमाल का पहला तरीका 

  • पालक के पत्तों को कटोरे में डालें
  • अब कटोरे में पानी डालकर कर पालक उबाल लें

कब इस्तेमाल करें

उबली हुई पालका रोजाना सेवन करें, इसे दिन में किसी भी समय खाया जा सकता है।

इस्तेमाल का दूसरा तरीका

  • इसके अलावा आप पालक का जूस भी बना सकते हैं
  • पालक के जूस के लिए पालक के पत्तों को ग्राइंडर में अच्छे से पीस लें
  • अब इसमें आधा कप पानी मिलाएं
  • आपका पालक का जूस तैयार है

कब इस्तेमाल करें

पालक के जूस का सेवन रात के समय करने की सलाह दी जाती है।

सीताफल या कद्दू के बीजों को कई घरेलू उपायों के इस्तेमाल में लिया जाता है। ये कई अम्ल का एक अच्छा सोत्र होते हैं जो मूत्राशय को मजबूत बनाने और बार-बार पेशाब आने के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • 1 चम्मच सीताफल या कद्दू के बीज
  • 1 चम्मच दालचीनी
  • 1 चम्मच शक्कर

इस्तेमाल का तरीका

  • कद्दू को चाकू की मदद से काट कर उसके अंदर के बीजों को निकाल लें
  • बीजों को साफ करने के लिए पानी से धो लें
  • अब थोड़ी देर सूखने के लिए छोड़ दें
  • सूखने के बाद बीजों को तेल में 30 मिनट के लिए भून लें
  • इसके बाद इसमें एक चम्मच दालचीनी और 1 चम्मच शक्कर मिला लें

कब इस्तेमाल करें

कद्दू के बीज का सेवन दिन में दो बार (1 चम्मच सुबह और 1 चम्मच शाम) करें जब तक पेशाब से जुड़ी समस्या पूरी तरह से खत्म ना हो जाए।

जीरा बार-बार पेशाब आने से होने वाली पाचन की समस्या को कम करने में सहायता करता है। जीरा मूत्राशय के कार्यों को फिर से पहले जैसा करने में मदद करता है और पेशाब से होने वाली अन्य बीमारियों को भी रोकता है। आईए जानते हैं, बार बार पेशाब आने के घरेलू उपाय के रूप में जीरे का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है:

आवश्यक सामग्री

  • 1 चम्मच जीरा
  • 2 कप पानी
  • ½ चम्मच
  • 1 छलनी 

इस्तेमाल का तरीका

  • जीरे को 2 कप पानी में तब तक उबालें जब तक पानी आधा ना हो जाए 
  • इसे ठंडा होने के लिए रख दें 
  • ठंडा होने पर चम्मच की मदद से जीरे को पीस लें
  • इसके बाद पानी में से जीरे के बचे हुए बीजों को छान कर अलग कर लें 
  • अब इसे शहद मिलाकर पी लें

कब इस्तेमाल करें 

चाय की जगह इस मिश्रण को रोजाना 2 बार पिएं।

बालों को मजबूत और सुंदर बनाने के अलावा दही बार-बार पेशाब आने की समस्या को दूर करने के लिए भी अच्छी मानी जाती है। दही में प्राकृतिक एंटीबायोटिक्स होते हैं जो शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं जिसके कारण पेशाब संबंधी काफी समस्याएं ठीक हो जाती हैं। साथ ही दही हमारे पाचन तंत्र और किडनी को स्वस्थ रखती है, जो बार-बार पेशाब आने संबंधी समस्या को दूर करने में काफी लाभदायक होता है।

आवश्यक सामग्री

  • 1 कटोरी दही

इस्तेमाल का तरीका

दही को खाने के लिए आपको किसी विशेष तरीके की जरूरत नहीं पड़ती आप इसे भोजन के साथ या अकेले भी खा सकते हैं।

कब इस्तेमाल करें

दही को खाने के लिए कोई विशेष समय नहीं है, हालांकि सुबह और दोपहर के समय दही खाना अधिक स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है।

दालचीनी में सूजन कम करने के भी गुण पाए जाते हैं और साथ ही यह घरेलू नुस्खा दर्द और जलन को भी कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह भी पाया गया है कि दालचीनी किडनी को स्वस्थ बनाती है, जिससे बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याओं को दूर करने में काफी मददद मिलती है।

आवश्यक सामग्री

  • दालचीनी

इस्तेमाल का तरीका

  • दालचीनी को पीस कर उसका पाउडर बना लें
  • अब दिन में 3 से 4 बार इस पाउडर को अपने आहार में मिलाकर खाएं
  • आप चाहें तो दालचीनी पाउडर को गर्म दूध में मिलाकर भी पी सकते हैं

कब इस्तेमाल करें

इस उपाय को दिन में सिर्फ दो बार इस्तेमाल करें।

एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमिनो एसिड्स और 12 विटामिन होते हैं जो कई प्रकार के रोगों को ठीक करने की क्षमता रखते हैं। इसके साथ ही एलोवेरा में दर्द और पेशाब के दौरान होने वाली जलन को कम करने के गुण भी होते हैं। साथ ही यह किडनी को ठीक रूप के कार्य करने में भी मदद करता है, जिसकी मदद से बार-बार पेशाब आने की समस्या दूर की जा सकती है। 

आवश्यक सामग्री 

  • 4 चम्मच एलोवेरा जैल
  • 1 गिलास पानी
  • ½ चम्मच नमक

इस्तेमाल का तरीका

  • एलोवेरा से चार चम्मच जैल निकाल लें
  • अब इस जैल को मिक्सर-ग्राइंडर में पानी के साथ अच्छे से मिला लें 
  • अब एक खाली गिलास में इस जूस को निकाल कर पी लें

कब इस्तेमाल करें

एलोवेरा के जूस को दिन में किसी भी समय पीया जा सकता है और दिन में दो बार से अधिक इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

घरेलू उपायों के साथ-साथ, बार-बार पेशाब आने की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए विटामिन डी और मैग्नीशियम युक्त आहारों के सेवन की सलाह दी जाती है। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि जिन लोगों में विटामिन डी और मैग्नीशियम की कमी होती है, उनमें बार-बार पेशाब आने की समस्या अधिक पाई गई थी। खासतौर से महिलाएं अपने आहार में विटामिन डी पाने के कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को बढ़ाएं जैसे की दूध, दही, अंडे और मछली। इसके अलावा अपने शरीर के मैग्नीशियम को सामान्य स्तर पर लाने के लिए भुट्टा, आलू और केले का सेवन करें इन सभी में मैग्नीशियम की मात्रा अधिक होती है।

क्या ना खाएं?

इसके अलावा बार बार पेशाब आने की समस्या में आपको इन आहारों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए:

भले ही आप बार बार वॉशरूम जाने से बचने के लिए पानी कम पिये लेकिन फिर भी इतना जरूर ध्यान में रखें कि आपके शरीर में पानी की कमी न हो, क्योंकि पानी की कमी के कारण पेशाब गहरे रंग का निकलता है जिससे मूत्राशय पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

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