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फंगल इन्फेक्शन होना बहुत सामान्य बात है। यह इन्फेक्शन मनुष्य के शरीर के किसी भी हिस्से में लग सकता है। यह इतना बढ़ जाता है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी संक्रमण से लड़ नहीं पाती। फंगल (Fungus) हवा, मिट्टी, पानी और पौधों में हो सकते हैं। कुछ ऐसे कवक भी होते हैं, जो मानव शरीर में रहते हैं। इनमें से कुछ उपयोगी कवक होते हैं, तो कुछ हानिकारक भी होते हैं। यह हानिकारक कवक जब हमारे शरीर पर हमला करते हैं, तो उन्हें मारना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि वे हर तरह के पर्यावरण में जीवित रह सकते हैं। फंगल इन्फेक्शन को कम करने के लिए आप दवाइयां ले सकते हैं लेकिन साथ में आपको अपनी डाइट पर भी ध्यान देना होगा। इस लेख में हमने आपको फंगल इन्फेक्शन में परहेज के बारें में बताया है। 

(और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन का इलाज)

तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं फंगल इन्फेक्शन में क्या खाएं और क्या न खाएं –

  1. फंगल इन्फेक्शन में क्या खाना चाहिए - Fungal infection me kya khana chahiye
  2. फंगल इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए - Fungal infection me kya nahi khana chahiye

फंगल इन्फेक्शन डाइट में शामिल करें नारियल के तेल - Fungal infection me nariyal ke tel ko apni diet me shamil kare

नारियल एक एंटी-माइक्रोबियल आहार है जिसमें कई अन्य फायदे भी मौजूद होते हैं। इसमें लॉरिक एसिड (lauric acid) और कैप्रीलिक एसिड की मात्रा अधिक पाई जाती है जो फंगल संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। यह शरीर में कैंडिडा संक्रमण से भी लड़ता है, जो कि आपके पाचन तंत्र में मौजूद होते हैं, लेकिन जब यह बढ़ते चले जाते हैं तो यह अनियंत्रित हो जाते हैं। इसकी वजह से कई लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे त्वचा पर चकत्ते या त्वचा का फट जाना, खुजली, थकान, मीठे खाद्य पदार्थों की तलब और डिप्रेशन आदि। नारियल के तेल को अपनी डाइट में रोजाना शामिल करें। साथ ही यह अन्य तेल के मुकाबले किफायती होता है। इसलिए फंगल इन्फेक्शन से लड़ने के लिए दो से तीन बड़ा चम्मच नारियल के तेल का इस्तेमाल करें।

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फंगल इन्फेक्शन में खाना फायदेमंद है लहसुन - Fungal infection me lehsun khana faydemand hai

बैक्टीरिया से लड़ने के लिए लहसुन बहुत ही बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है, लेकिन हमेशा ताजा लहसुन का ही इस्तेमाल करें। लहसुन में विटामिन बी6, पोटेशियम होता है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, लीवर को मजबूत करता है व हृदय को स्वस्थ बनाता है। लहसुन खासकर पाचन तंत्र में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ता है और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है। लहसुन में सूजनरोधी, एंटी फंगल, एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो फंगल इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। अधिक फायदे प्राप्त करने के लिए आप लहसुन के साथ लौंग भी मिला सकते हैं। लहसुन को सलाद में, खाने में, सूप में मिलाकर खा सकते हैं। इसके अलावा तीन से चार लहसुन को पीसकर उसका जूस निकाल लें। अब जूस को पानी के साथ मिलाएं और मिलाने के बाद पी जाएं। हालांकि, इस बात को ध्यान में रखें कि लहसुन को कभी खाली पेट न लें।

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फंगल इन्फेक्शन में खाना चाहिए ऑरिगेनो - Fungal infection me oregano khana chahiye

कई लोग ओरिगैनो तेल का इस्तेमाल बैक्टीरिया से लड़ने के लिए करते हैं, लेकिन ओरिगैनो की पत्तियां भी स्वास्थ्य के लिए बेहद बेहतरीन होती हैं। ओरिगैनो की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं और तनाव को दूर करते हैं। ओरिगैनो क्लोरोफिल (chlorophyll) का प्राकृतिक स्रोत है जो बैक्टीरिया और एसिडिटी से लड़ता है। एक रिसर्च के अनुसार ओरिगैनो तेल में कार्वाक्रॉल (Carvacrol) होता है, जिसमें एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं। आप ओरिगैनो तेल को सलाद या अन्य आहार में डाल सकते हैं। इसके अलावा ओरिगैनो तेल को जैतून के तेल के साथ मिलाकर फंगल इन्फेक्शन पर भी लगा सकते हैं।

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फंगल इन्फेक्शन में खाएं कद्दू के बीज - Fungal infection me kaddoo ke beej khaye

कद्दू के बीज खासकर परजीवी से लड़ने में मदद करते हैं। कद्दू के बीज ओमेगा 3 फैटी एसिड से समृद्ध होते हैं जिनमें एंटी-पैरासाइटिक, एंटीवायरल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। ओमेगा 3 फंगल इन्फेक्शन के लक्षणों को कम करने में मदद करता है, मूड को ठीक रखता है, थायराइड में सुधार करता है और फंगल इन्फेक्शन से होने वाली रूखी त्वचा को भी ठीक करता है। रोजाना एक कप कद्दू के बीज को इस्तेमाल करने से आपको कई लाभ प्राप्त होंगे। कद्दू के बीज को आप ओट्स, सूप और अन्य आहारों में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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फंगल इन्फेक्शन में खाएं प्याज - Fungal infection me pyaj khaye

आहार में प्याज मिलाने से न सिर्फ स्वाद में बदलाव आता है बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। लहसुन की तरह ही प्याज भी लीवर व ह्रदय के लिए स्वास्थप्रद होती है, बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करती है और फंगल इन्फेक्शन के लिए भी अच्छी होती है। प्याज रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है। इसमें विटामिन सी, विटामिन बी6, एंटीऑक्सीडेंट्स और पोटेशियम मौजूद होते हैं। प्याज में एंटी-पैरासाइटिक, एंटी-बैक्टीरियल साथ ही एंटी-फंगल गुण मौजूद होते हैं, जो फंगल इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। हालांकि लहसुन और प्याज खाने से आपके मुंह से बदबू आ सकती है। अगर आप मुंह की बदबू से परेशान हैं तो इन सामग्रियों को अजमोद के साथ भी खा सकते हैं।

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फंगल संक्रमण में खाएं दालचीनी - Fungal infection me dalcheeni le

दालचीनी में सूजनरोधी और एंटी-फंगल गुण मौजूद होते हैं। कैप्रिलिक एसिड (Caprylic acid) की तरह ही, यह सामग्री हानिकारक यीस्ट कोशिकाओं से लड़ने में मदद करती है। एक स्टडी के अनुसार दालचीनी कैंडिडा, एच पायलोरी (H. pylori) नामक बैक्टीरिया के साथ ही सिर में जूं का इलाज करने में बेहद प्रभावी होती है। इसके अलावा, गर्भवती महिलाएं या वे लोग जो पेट में अल्सर या आंत की समस्याओं से पीड़ित होते हैं उन्हें यह उपाय नहीं आजमाना चाहिए।

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फंगल संक्रमण के लिए आहार में लें अदरक - Fungal infection ke liye adrak

अदरक आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को तेज कर शरीर से विषाक्त पदार्थों को साफ करती है। यह लीवर को डिटॉक्स भी करती है। साथ ही, अदरक रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन प्रणाली में भी सुधार करने में मदद करती है। अदरक पेट की गैस को भी दूर करती है। इसके अलावा, अदरक में आराम देने वाले गुण होते हैं जो आंत की सूजन का इलाज करते हैं। फंगल इन्फेक्शन का इलाज करने के लिए आप अदरक को खाने में मिलाकर खा सकते हैं। साथ ही अदरक से बना जैम ब्रेड पर लगाकर खा सकते हैं या फिर अदरक के पाउडर को चाय में या अदरक की चाय भी पी सकते हैं। इसके अलावा, आप नींबू के रस में अदरक का जूस मिलाकर भी पी सकते हैं, इससे फंगल इन्फेक्शन का इलाज तेजी से होगा।

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फंगल संक्रमण में खाना चाहिए मुलेठी - Mulethi se fungal infection door hota hai

मुलेठी में एसिड होता है जो फंगल इन्फेक्शन को बढ़ने नहीं देता। मुलेठी का इस्तेमाल करने से फंगल इन्फेक्शन नहीं होता। इसके अलावा, मुलेठी में मुसिलाजीनस (चिपचिपा पदार्थ) गुण होते हैं जो आंत की सूजन को कम करते हैं और अन्य प्रकार की सूजन से राहत दिलाते हैं। साथ ही, मुलेठी ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है और पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद करती है। मुलेठी सप्लीमेंट, चाय या जूस के रूप में भी इस्तेमाल की जाती है। गर्भवती महिलाएं और जिन लोगों को हृदय रोग है उन्हें मुलेठी नहीं लेनी चाहिए।

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फंगल इन्फेक्शन में परहेज -

बासी खाना न खाएं:
बासी खाना जैसे फ्रिज में सड़ा हुआ संतरा अगर आप खाते हैं तो इससे आप बीमार पड़ सकते हैं, लेकिन जरूरी नहीं है कि आपको उससे फंगल इन्फेक्शन ही हो। सूक्ष्म फंगी (माइक्रोस्कोप से दिखने वाली फंगी) खाद्य पदार्थों में मौजूद होती हैं, खासकर अगर वह पुरानी हो या सही तरह से संभालकर न रखी हो। बासी खाना खाने के कारण एलर्जी रिएक्शन और श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में इससे फूड पाइजनिंग भी हो सकती है। खाने को बासी करने की प्रक्रिया या फंगी का इस्तेमाल कुछ प्रकार के खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जैसे ब्लू वीन चीज (blue-veined cheeses) या मशरूम

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अधिक मात्रा में चीनी न लें:
अधिक मात्रा में चीनी लेने से अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यीस्ट इन्फेक्शन होता है या फंगल इन्फेक्शन, लेकिन इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। यीस्ट इन्फेक्शन मीठे खाद्य पदार्थों में ज्यादा बढ़ता है, जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थ - ब्रेड, वाइट राइस, मिठाई और सोडा। कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थों को संतुलित खाएं या फिर बिल्कुल खाना छोड़ दें। इसके अलावा आप ताजा हरी सब्जियां खा सकते हैं। फंगल इन्फेक्शन में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसके लिए अपने डॉक्टर से एक बार बात जरूर करें।

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फंगस से लड़ें:
फंगल इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा खाद्य पदार्थ खाएं जिनमें स्वस्थ बैक्टीरिया होते हैं। दही और अन्य खमीर खाद्य पदार्थ जिनमें प्रोबायोटिक्स होते हैं जैसे केफिर और कोम्बुचा आपके लिए सुरक्षित हो सकते हैं। त्वचा पर होने वाला फंगल इन्फेक्शन, जैसे टिनिया (Tinea) या एथलीट फुट के लिए सही डाइट लेने या न लेने से इतना ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है। फंगल इन्फेक्शन में साफ व सूखे कपड़े पहनें और हमेशा हाथ धोकर खाना खाएं। एनर्जी ड्रिंक, सोडा और प्रोसेस्ड ड्रिंक न लें। रोजाना ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और इसके अलावा आप हर्बल चाय भी पी सकते हैं। 

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