नारंगी साइट्रस रेटिकुलेट (Citrus Reticulate) का एक विशिष्ट रूप होता हैं, जो लाल - नारंगी रंग का होता हैं। इसकी सबसे अधिक खेती मुख्य रूप से दक्षिणपूर्व एशियाई के उष्णकटिबंधीय जंगलों में की जाती हैं। नारंगी फलों के पेड़ संतरे के पेड़ की तुलना में छोटे होते हैं। और यह फल एक सपाट आकार के साथ गहरे नारंगी रंग का होता है। इसे आसानी से छील जा सकता है और यह एक फाइबर से भरपूर एक फल है।

(और पढ़ें - संतरे के फायदे)

  1. नारंगी के फायदे - Narangi ke Fayde

नारंगी एक स्वादिष्ट और हल्का खट्टा फल होता हैं जो कई पौष्टिक यौगिकों के साथ परिपूर्ण होता हैं। इसमें फ्लेवोनोइड्स, विटामिन सी, विटामिन ए, फोलेट और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये स्वस्थ तत्व शरीर के सभी हिस्सों, कोशिका डीएनए से लेकर हड्डियों और ह्रदय के लिए स्वस्थ होते हैं। इसके अलावा यह फल विटामिन ए और आयरन में भरपूर होता हैं। तो चलिए इस लेख के माध्यम से इसके लाभों के बारे में जानते हैं।

(और पढ़ें - खट्टे फल खाने के फायदे)

नारंगी के फायदे करें सूजन को दूर - Narangi ke fayde karen sujan ko dur

नारंगी शरीर के लिए विटामिन्स का एक बहुत ही अच्छा प्राकृतिक स्रोत हैं। यह फल विटामिन सी के साथ साथ आवश्यक एंटीऑक्सिडेंट से भी भरपूर होता है। ये एंटीऑक्सिडेंट शरीर में सूजन को रोकने में मदद करते हैं।

ये फल मुक्त कणों को बनने से रोकने के लिए जाने जाते हैं। ये मुक्त कण अनावश्यक ऑक्सीकरण का कारण बनते हैं और शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होते हैं।

इसके अलावा नारंगी में विटामिन ए का अधिक स्तर, सूजन प्रक्रियाओं को कम करने में मदद करता है।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)

नारंगी के औषधीय गुण बचाएं कैंसर से - Narangi ke aushdhiya gun bachayen cancer se

नारंगी शरीर में विभिन्न प्रकार के कैंसर को रोकने में बहुत लाभकारी साबित हुआ है, जिससे सेलुलर नुकसान कम हो सकता है। इस फल में अधिक मात्रा में फाइटो-यौगिक होते हैं जो एंटीकेंसर गुणों के साथ-साथ एंटी-ऑक्सीडेंट विटामिन के रूप में भी जाने जाते हैं। इसके ये गुण विशेष रूप से कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं से बचाकर , सामान्य कोशिकाओं के उत्परिवर्तन (mutation) को रोकने में मदद करते हैं। साथ ही यह फल ट्यूमर को फैलने से रोकने में लाभकारी हो सकता है।

(और पढ़ें - कैंसर में क्या खाना चाहिए)

नारंगी के लाभ करें इम्यून सिस्टम को मजबूत - Narangi ke labh karen immune sytem ko majboot

प्रतिरक्षा प्रणाली ऐसे कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जानी जाती है जो हमारे स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करते हैं। यदि आप प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ और मजबूत रखना चाहते हैं तो आपको विटामिन सी का सेवन करना चाहिए और नारंगी इस विटामिन से भरपूर होती है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी है। नारंगी हानिकारक बाहरी तत्वों को ख़त्म करने में मदद करती है, जिससे आप फ्लू के मौसम में सुरक्षित रह सकते हैं।

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय​)

नारंगी खाने के फायदे रखें ह्रदय को स्वस्थ - Narangi khane ke fayde rakhen hriday ko swsth

ह्रदय शरीर में ब्लड को पंप करने में मदद करता है। यह फल हृदय को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान और सूजन के हानिकारक प्रभावों से बचाने में मदद कर सकता है, जो एथेरोस्क्लेरोटिक प्लाक को जमा और रक्त वाहिका में किसी भी प्रकार की रूकावट को रोकने में मदद करता है।

(और पढ़ें - हृदय रोग का इलाज)

सामान्य कणों के तहत शरीर में री रेडिकल बनते हैं, लेकिन जब ये शरीर में अधिक हो जाते हैं तो ये कण शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नारंगी में मौजूद विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण रक्त में इन मुक्त कणों को हटाने और ह्रदय के रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट सामग्री भी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकने में मदद करती है, जिससे कार्डियक जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय)

नारंगी खाने के लाभ बनाएं हड्डियों को मजबूत - Narangi khane ke labh banayen haddiyon ko majboot

टफट्स यूनिवर्सिटी में किये गए एक अध्ययन के अनुसार जिन पुरुषों ने अधिक विटामिन सी और पोटेशियम (दोनों ही तत्व नारंगी में पाए जाते हैं) का सेवन किया, उनमें बोन डेंसिटी को बढ़ाने और फ्रैक्चर में कमी पाई गई।

हड्डियों को कमजोर होने से बचाने और फ्रैक्चर को रोकने के साथ साथ , यह फल ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को भी कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह फल त्वचा रोगों और गठिया के खिलाफ लड़ने में भी मदद करता है।

(और पढ़ें - हड्डियों को मजबूत कैसे करें​)

नारंगी का सेवन रखें ब्लड प्रेशर को नियंत्रित - Narangi ka sewan rakhen blood pressure ko niyntrit

नारंगी, ह्रदय के लिए अच्छी होने के अलावा, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मदद करती है। इसमें पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद पोटेशियम का रक्त की मात्रा पर बहुत ही मजबूत प्रभाव पड़ता है जिससे शरीर में अधिक मात्रा में पानी जमा नहीं होता है। इसके अलावा, पोटेशियम छोटी रक्‍तवाहिकाओं को बड़ा करने वाली औषधि के रूप में कार्य करता है, जिससे रक्त प्रवाह की क्षमता बढ़ जाती है। इसलिए दिन में एक या दो नारंगी का सेवन जरूर करें।

(और पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाएं)

आँखों को स्वस्थ रखें नारंगी से - Aankhon ko swsth rakhen narangi se

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए हमें ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने की आवश्यकता होती है जिनमें कैरोटीनोइड के साथ साथ अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट यौगिक भी हो। नारंगी में विटामिन सी तथा कैरोटेनोइड विटामिन ए पाए जाते हैं। विटामिन ए का सेवन मैकुलर डिजनरेशन को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा इस फल का सेवन ग्लूकोमा के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।

(और पढ़ें - आँखों की थकान दूर करने के उपाय)

नारंगी का उपयोग रखें पाचन को बेहतर - Narangi ka upyog rakhen paachan ko behtar

इस फल में मौजूद आहार फाइबर पाचन को स्वस्थ रखने में मदद करता है जो शरीर के सभी कार्यों के लिए अच्छा है। इसके अलावा, कैंसर और हृदय रोगों जैसी कई खतरनाक बीमारियों को नारंगी के सेवन से रोका जा सकता है। नारंगी का औषधीय तेल एक बहुत ही अच्छा एजेंट है जो पाचन को बेहतर रखता है। यह तेल एक टॉनिक होने के कारण पाचन से जुड़ी अन्य कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

(और पढ़ें - पाचन तंत्र के रोग)

नारंगी का फल कब्ज को रोकने में भी मदद करता है। इसके अलावा नारंगी पाचन एंजाइम के उत्पादन में भी मदद करती हैं। इसलिए यदि आप अपने पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखना चाहते हैं तो आज से ही इस खट्टे मीठे फल का सेवन शुरू कर दें।

(और पढ़ें - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)

नारंगी खाएं श्वसन समस्याओं को दूर भगाएं - Narangi khayen swhsan samasyaon ko dur bhagayen

ऐंठन या जकड़न के कारण आपके शरीर में कई जटिलताएं और नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। यह श्वसन, पाचन और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकती है और सांस लेने में समस्याएं पैदा कर सकती है। जिसके कारण छाती जमने और अस्थमा की समस्या हो सकती है।

(और पढ़ें - अस्थमा के लिए आहार)

दस्त, पेचिस और यहां तक कि तंत्रिका तंत्र विकार भी ऐंठन के कारण पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा नारंगी के तेल में एंटीस्पाज्मोडिक एजेंट होते हैं जो जकड़न से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - सांस फूलने के उपाय)

त्वचा को स्वस्थ रखें नारंगी के सेवन से - Tvcha ko swsth rakhen narangi ke sewan se

नारंगी विटामिन ए का एक बहुत ही अच्छा स्रोत है। यदि आप मुँहासे और एक्ने जैसी किसी भी प्रकार की त्वचा की बीमारी से पीड़ित हैं, तो आपको विटामिन ए और अन्य विटामिन से भरपूर उत्पादों के सेवन की सलाह दी जाती है। इसलिए इन त्वचा की समस्याओं का इलाज करने के लिए, नारंगी एक बहुत ही अच्छा विकल्प हो सकती है।

(और पढ़ें - मुँहासे हटाने के उपाय)

त्वचा के घावों और अन्य नुकसान को ठीक करने के लिए विटामिन ए बहुत ही आवश्यक होता है, क्योंकि यह त्वचा के ऊतकों के पुनर्निर्माण में मदद करता है। इसके अलावा बढ़ती उम्र के लक्षणों जैसे कि फाइन लाइन, झुर्रियां, ड्राई स्किन आदि को विटामिन ए के सेवन से कम किया जा सकता है क्योंकि इसमें एंटी एजिंग गुण होते हैं।

इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन सी कोलेजन के उत्पादन में मदद करता है। इसलिए यदि आप अपनी त्वचा को जवान और खूबसूरत रखना चाहते हैं, तो आज से ही इस फल का सेवन शुरू कर दें।

(और पढ़ें - झुर्रियां हटाने के घरेलू उपाय)

टैन्जरीन बेनिफिट्स फॉर हेयर इन हिंदी - Tangerine benefits for hair in hindi

विटामिन बी 12 बालों के झड़ने को कम, बालों के विकास को बढ़ाने और सफेद बाल होने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है।

इसमें मौजूद विटामिन ए खोपड़ी को मॉइस्चराइज करने के साथ-साथ बालों की समस्याओं में सुधार करने में मदद करता है। नारंगी फल में मौजूद विटामिन सी, हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन में से आयरन के अवशोषण में मदद सकता है। बालों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए, पर्याप्त मात्रा में आयरन आवश्यक होता है।

(और पढ़ें - बाल झड़ने से रोकने के घरेलू उपाय)


उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें संतरा है

cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ