पिछले कुछ दिनों में ट्विटर पर एक ऐसी बहस छिड़ी है जिसने युवाओं और खासकर महिलाओं को दो हिस्सों में बाँट दिया है। एक तरफ उपासना कोनिडेला की बात वायरल हुई जिसमें उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि वे अपने अंडों को फ्रीज़ करा लें अगर वे अपने करियर पर ध्यान दे रही हैं। दूसरी ओर जोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने अपनी बात रखी कि युवा 20s में शादी करें और जल्दी बच्चे कर लें क्योंकि उम्र के साथ जैविक क्षमता कम हो जाती है। इन दो लीडर्स के बयान आते ही ट्विटर पर बहस का माहौल ऐसा बना जैसे कोई व्यक्तिगत जीवन की टाइमलाइन लोगों के हाथ से निकलकर सोशल मीडिया की अदालत में पहुँच गई हो। यहां सबकी अलग बहस है जब लड़को और लड़कियों से बात की गई तो उनका कहना था की “20 में तो हम खुद बड़े हो रहे हैं, शादी कहां कर पाएंगे”। 

वहीं अगर इसे मेडिकली तौर से देखा जाये तो ये सही भी है क्योंकि उम्र के साथ-साथ महिलाओं की फ़र्टिलिटी कम होती जाती है। जिससे उन्हें प्रेग्नेंसी में काफी समस्याएँ आती है। और केवल महिलाओं की नहीं एक समय के बाद पुरषों में भी ये समस्या आती है पर महिलाओं से बाद में आती है। आज इस लेख के जरिये हम जानेंगे की हमारी उम्र और एग किस प्रकार कार्य करते है, साथ ही किस उम्र तक एग सही है कब समस्या ज्यादा बढ़ जाती है।

  1. मेडिकल फैक्ट की बात: आखिर शरीर क्या कहता है?
  2. आज की जनरेशन के लिए फैमिली प्लानिंग
  3. अलग-अलग उम्र में प्रेग्नेंसी कैसी होती है?
  4. जब नेचुरल प्रेग्नेंसी मुश्किल हो जाए
  5. एग फ्रीजिंग कब करवाना सही है?
  6. 40 के बाद पुरुषों की फर्टिलिटी में क्या बदलता है?
  7. सारांश

अगर हम बिलकुल सीधी-साधी बात करें, तो शरीर की अपनी एक टाइमिंग होती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे फ़र्टिलिटी अपने-आप कम होने लगती है। खासकर 35 के बाद महिलाओं के अंडों की क्वालिटी और संख्या दोनों जल्दी गिरने लगती हैं। जिससे आपके नेचुरल तरीके से प्रेग्नेंट होने के चांस थोड़े कम हो जाते हैं, और कई बार IVF या किसी और मदद की जरूरत पड़ सकती है।

जहाँ तक एग फ्रीजिंग की बात है, तो ये एक ऐसा तरीका है जिसमें 20s या शुरुआती 30s की उम्र में अच्छे क्वालिटी वाले अंडों को सुरक्षित रख लिया जाता है, ताकि बाद में इनका इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन इसे कोई जादुई शॉर्टकट मत समझिए। क्योंकि हर बार इसका रिज़ल्ट 100% नहीं होता, खर्चा भी अच्छा-खासा आता है, और हर महिला के लिए ये तरीका डॉक्टर भी जरूरी नहीं बताते।

आजकल कॉन्ट्रासेप्शन और नई मेडिकल टेक्नॉलजी की वजह से कपल्स के पास ये आज़ादी है कि वो परिवार कब शुरू करना चाहते हैं। पहले इतना कंट्रोल नहीं था, लेकिन अब लोग अपनी प्लानिंग खुद तय कर सकते हैं।

अगर आप बच्चे के लिए कुछ साल रुकना चाहते हैं तो ये बिलकुल मुमकिन है, बस इतना ध्यान रहे कि थोड़ा इंतज़ार करने पर प्रेग्नेंट होने में दिक्कत आ सकती है।

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, फर्टिलिटी अपने-आप कम होने लगती है। इसी वजह से अगर बहुत देर से बच्चा प्लान किया जाए तो प्रेग्नेंसी में दिक्कतें बढ़ जाती है।

फिर भी सच यही है कि कोई “परफेक्ट उम्र” नहीं होती जिसमें आपको ही प्रेग्नेंसी करनी चाहिए। ये फैसला आपकी लाइफ, आपकी उम्र, आपकी तैयारी और आपकी मानसिक हालत, सबको देखकर ही लेना चाहिए।

तो चलिए, जानते हैं कि अलग-अलग उम्र में प्रेग्नेंसी कैसी होती है और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

आपकी 20s में:

20s वह उम्र है जब महिलाओं की फर्टिलिटी सबसे ज्यादा होती है। इस समय शरीर में अच्छी क्वालिटी वाले अंडों की संख्या सबसे ज़्यादा होती है, इसलिए प्रेग्नेंट होने के चांस भी अच्छे होते हैं और प्रेग्नेंसी में दिक्कतें भी कम होती हैं।

इसके साथ ही अगर आप 25 साल की हैं, तो तीन महीने कोशिश करने पर प्रेग्नेंट होने के आपके चांस लगभग 20% के आस-पास रहते हैं।

आपकी 30s में:

आपकी 30 उम्र में बदलाव काफी हो जाते हैं क्योंकि उम्र 32 के बाद फर्टिलिटी धीरे-धीरे गिरने लगती है और 35 के बाद यह गिरावट तेज हो जाती है। हर लड़की लगभग 10 लाख अंडों के साथ पैदा होती है, और उम्र बढ़ने के साथ ये अंडे कम होते जाते हैं। और आप जब 37 की उम्र तक आती है तो, लगभग 25,000 अंडे ही बचते हैं। वही आप 35 की उम्र में, तीन महीने कोशिश करने पर प्रेग्नेंट होने के चांस घटकर लगभग 12% रह जाते हैं।

आपकी 40s में

40 की उम्र में आते-आते आपके नेचुरली प्रेग्नेंट होने के चांस काफी कम हो जाते हैं।

40 साल की उम्र में तीन महीने कोशिश करने पर गर्भ ठहरने के चांस सिर्फ 7% के करीब होते हैं।

उम्र बढ़ने पर अंडों की संख्या और क्वालिटी दोनों कम होती हैं, जिससे बच्चे में जन्म से जुड़ी समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है।

फिर भी बहुत सी महिलाएं 40s में भी स्वस्थ प्रेग्नेंसी करती हैं, लेकिन इस उम्र में C-section, प्रीमैच्योर डिलीवरी, कम वजन का बच्चा, जन्म दोष और स्टिलबर्थ जैसे खतरे बढ़ जाते हैं।

इसके अलावा, 35 के बाद महिलाओं में डायबिटीज और हाई BP जैसी समस्याएँ भी बढ़ती हैं, जो गर्भावस्था में कठिनाइयाँ पैदा कर सकती हैं।

जिसके चलते 40 के बाद डॉक्टर ज़्यादा टेस्ट और मॉनिटरिंग की सलाह देते हैं।

35 के बाद मिसकैरेज और बच्चे में जेनेटिक प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ जाता है, इसलिए डॉक्टर ज़्यादा टेस्ट और स्क्रीनिंग की सलाह देते हैं, ताकि मां और बच्चे दोनों की सेहत का ठीक से पता चलता रहे।

अगर आपकी उम्र 35 से ज़्यादा है और आप 6 महीने से प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रही हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही, तो इसका मतलब यह फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या हो सकती है।

डॉक्टर दवाइयाँ, IVF जैसे तरीके और अन्य ट्रीटमेंट बता सकते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इन तरीकों की सफलता भी कम होती जाती है।

एक और विकल्प है डोनर एग का इस्तेमाल, जिसमें किसी युवा और हेल्दी महिला के अंडे को आपके पार्टनर के स्पर्म से मिलाकर आपके गर्भाशय में लगाया जाता है।

अगर आप अभी परिवार शुरू करने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन भविष्य में बच्चा चाहती हैं, तो आप अपनी 20s या शुरुआती 30s में अंडे फ्रीज़ करा सकती हैं।

इसके लिए पहले हार्मोन दवाइयाँ दी जाती हैं ताकि अंडों की संख्या बढ़ सके, फिर अंडों को निकालकर फ्रीज़ कर लिया जाता है।

जब आप बच्चा प्लान करेंगी, तब अंडे को पिघलाकर उसमें स्पर्म मिलाया जाता है और एम्ब्रायो बनाकर गर्भ में लगाया जाता है।

हालाँकि एग फ्रीज़िंग भी 100% गारंटी नहीं देता। खासकर जब महिला खुद late 30s या 40s में होती है। लेकिन यह विकल्प जरूर देता है कि जब आप तैयार हों, तब आपके पास हेल्दी अंडे मौजूद हों।

पुरुषों की फर्टिलिटी भी उम्र के साथ घटती है, लेकिन यह गिरावट महिलाओं से बाद में शुरू होती है। लगभग 40 साल की उम्र के बाद। इस उम्र के बाद स्पर्म की मात्रा और क्वालिटी दोनों धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। कई बार स्पर्म की मूवमेंट भी कम होती है, जिसकी वजह से गर्भ ठहरने में समय ज्यादा लग सकता है। इसके साथ ही इस उम्र में बने स्पर्म में जेनेटिक समस्याओं की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे पार्टनर को प्रेग्नेंट होने में देरी हो सकती है और मिसकैरेज का जोखिम भी बढ़ जाता है। फिर भी ऐसा नहीं है कि 40 या उससे ज्यादा उम्र के पुरुष पिता नहीं बन सकते। वे बिल्कुल बन सकते हैं, बस पहले की तुलना में यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी या मुश्किल हो सकती है और कभी-कभी डॉक्टर की मदद भी लेनी पड़ सकती है।

आजकल सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज़ है कि 20s में शादी करके बच्चे करने चाहिए या फिर करियर बनाते हुए एग फ्रीजिंग चुनना चाहिए। सच यह है कि शरीर अपनी जैविक टाइमिंग पर काम करता है। क्योकि महिलाओं की फर्टिलिटी 20s में सबसे मज़बूत होती है और 35 के बाद इसमें तेज़ गिरावट आती है। वही 40s में नेचुरली प्रेग्नेंट होना मुश्किल हो सकता है, लेकिन IVF, डोनर एग और एग फ्रीजिंग जैसे विकल्प मदद करते हैं, हालांकि ये 100% गारंटी नहीं देते। साथ ही पुरुषों की फर्टिलिटी भी उम्र के साथ घटती है, लेकिन यह कमी थोड़ी देर में शुरू होती है। इसलिए परिवार कब शुरू करना है इसका कोई “एक सही जवाब” नहीं है। ये फैसला आपके शरीर, आपकी उम्र, आपकी मानसिक तैयारी और आपकी लाइफ प्लानिंग को देखकर ही होना चाहिए।

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