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ग्राम फ्लौर या बेसन अत्यधिक पोषक आहार है जो हमें बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। अधिक प्रोटीन होने के कारण शाकाहारियों में प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। इसका उपयोग न केवल शरीर के अंदर बल्कि शरीर के बाहर भी किया जाता है। प्राचीन काल से बेसन का उपयोग टैन (tan) को हटाने और त्वचा को चमकाने के लिए एक घरेलू फेस पैक के रूप में किया जाता रहा है। बेसन स्वास्थ्य लाभों के अलावा वजन कम करने में भी मदद करता है।

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बेसन में गेहूं के आटे की तुलना में कम कैलोरी होती है और साथ ही यह पौष्टिक भी अधिक होता है। मांसाहारी प्रोटीन आहार की तुलना में इसमें कम वसा और पर्याप्त प्रोटीन होता है जो वजन कम करने में मदद करता है। बेसन फाइबर, आयरन, पोटेशियम, मैंगनीज, तांबा, जस्ता, फास्फोरस, मैग्नीशियम, फोलेट, विटामिन बी6 और थाइमिन में भी समृद्ध है। आइए इसके स्वास्थ्य के लिए अन्य ज़रूरी फायदों पर नज़र डालें।

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  1. बेसन के अन्य लाभ - Other benefits of Gram flour in Hindi
  2. बेसन के नुक्सान - Side effects of Gram flour in Hindi
  3. बेसन खाने का सही तरीका - Besan khane ka sahi tarika in Hindi
  4. बेसन के फायदे कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने के लिए - Gram flour good for cholesterol in Hindi
  5. बेसन की रोटी के फायदे मधुमेह रोगियों के लिए - Besan ki roti for diabetics in Hindi
  6. बेसन खाने के फायदे दिल के लिए - Besan for heart in Hindi
  7. लस एलर्जी के लिए बेसन का उपयोग - Besan is gluten free in Hindi
  8. एनीमिया के लिए बेसन के गुण - Besan khane ke fayde for anemia in Hindi
  9. बेसन का प्रयोग गर्भावस्था में - Benefits of besan in pregnancy in Hindi
  10. बेसन के उपयोग ऊर्जा के लिए - Besan flour for energy in Hindi
  11. ग्राम फ्लौर का उपयोग भूख बढ़ाने के लिए - Besan ka use for mood and appetite in Hindi
  12. बेसन रक्तचाप को नियांत्रित करने के लिए - Gram flour benefits to control blood pressure in Hindi
  13. बेसन के फायदे फोर बोन्स - Besan ke labh for bones in hindi
  14. बेसन हलवा रेसिपी
  15. बेसन के लड्डू बनाने की विधि
  16. फेस पर बेसन लगाने के फायदे
  • बेसन में कैलोरी काफी अधिक मात्रा में होती है, लेकिन नियमित मात्रा में इसका सेवन करने से यह आपकी भूक को नियंत्रित कर सकता है जिसकी वजह से आपको वजन घटाने में मदद मिल सकती है।
  • बेसन में मौजूद फाइबर आपके पाचन को सामान्य करने में मदद करता है। यह कब्ज को भी रोकने में मदद करता है। (और पढ़ें- पाचन शक्ति सुधारने के उपाय)
  • बेसन का सेवन आपको कोलोरेक्टल कैंसर (colorectal cancer) के खतरे से भी बचाता है।
  • आप त्वचा का रंग निखारने के लिए भी बेसन का उपयोग कर सकते हैं।
  • बेसन मुहांसों को हटाने में भी मदद करता है। 2 चम्मच बेसन, 2 चम्मच चंदन पाउडर, 1 चम्मच दूध और चुटकी भर हल्दी पाउडर को एक साथ मिलाएं और इसे अपने चेहरे पर 5 मिनट के लिए लगाएं। फिर चेहरे को ठंडी पानी से धो लें। (और पढ़ें- मुहासों के कारण

बेसन का अधिक उपयोग पेट में गैस का कारण बन सकता है। (और पढ़ें - पेट की गैस के लिए योग)

बेसन का अधिक इस्तेमाल करने से आपको किसी तरह की एलर्जी भी हो सकती है। 

बेसन का जरुरत से ज्यादा सेवन दस्त का कारण बन सकता है।

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  • धोकला एक काफी स्वादिष्ट व्यंजन है जो बेसन से बनाया जाता है।
  • बेसन की रोटी भी बनाकर खाई जा सकती है।
  • आलू, प्याज, पनीर आदि सब्जियों को बेसन के बनाय हुए पेस्ट में लपेटकर और तलकर पकोड़ों के रूप में भी खाया जा सकता है।
  • गट्टे की सब्जी, राजस्थान की एक काफी लोगप्रिय सब्जी है। और यह बेसन से ही बनाई जाती है।
  • बेसन का हलवा भी बनाया जाता है और काफी स्वादिष्ट भी होता है। 

बेसन में स्वस्थ असंतृप्त वसा (unsaturated fats) होता है जो शरीर के कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने में मदद करता है। टोरंटो विश्वविद्यालय (University of Toronto) की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिन में एक बार बेसन का सेवन करने से यह आपके शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है। बेसन फाइबर (घुलनशील और अघुलनशील दोनों) में भी समृद्ध है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। एक और ऑस्ट्रेलियाई अध्ययन के अनुसार, बेसन युक्त आहार गेंहू की तुलना में अधिक खरब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। बेसन का सेवन न केवल खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, बल्कि अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बढ़ता है।

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बेसन अपने कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण मधुमेह रोगियों के लिए बहुत ही अच्छा आहार है। आटे के बजाय बेसन कि रोटी, परांठा का सेवन करें।

अमेरिकी जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन (American Journal of Clinical Nutrition) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, बेसन का भोजन करने के 30 मिनट - 60 मिनट बाद यह शरीर में ग्लूकोज के स्तर को कम कर सकता है। यह रक्त में इंसुलिन के स्तर को भी कम करता है। उत्तरी डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी (North Dakota State University) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेसन टाइप 2 मधुमेह को रोकने और उसका इलाज करने के लिए एक प्राकृतिक समाधान है।

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बेसन में घुलनशील फाइबर होता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य बनाय रखता है और धमनियों को ब्लॉक होने से रोकता है। इस प्रकार, यह दिल को सही से काम करने में मदद करता है। बेसन शरीर में कई स्वस्थ फैट भी प्रदान करता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाय रखते हैं और बदले में, एथेरोस्क्लेरोसिस, हार्ट अटैक, और ​स्ट्रोक जैसे हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। हार्ट केयर फाउंडेशन द्वारा भी इसका समर्थन किया गया है।

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ऐसे कई लोग हैं जो सेलेक रोगों (celiac diseases) से ग्रस्त हैं। सेलेक रोग लस युक्त आहार की एलर्जी के कारण होते हैं। ग्लूटेन मूल रूप से किसी भी घटक में मौजूद प्रोटीन को कहा जाता है। यह मुख्य रूप से जौ और गेहूं के आटे में पाया जाता है। क्यंकि बेसन में लस (gluten) नहीं होता है, यह गेहूं और अन्य लस युक्त अनाज की जगह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा विकल्प है जिन लोगों को लस से एलर्जी है।

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आयरन में समृद्ध होने के कारण, प्रतिदिन बेसन का उपयोग आपके शरीर को एनीमिया जैसे रोग से जो आयरन की कमी के कारण होते हैं, उनसे उबरने में मदद कर सकता है। क्यूंकि गर्भावस्था के दौरान रक्त की अधिक आवश्यकता होती है, इसलिए महिलाओं को आयरन की कैप्सूल खाने को कहा जाता है। लेकिन अपने दैनिक आहार में बेसन को शामिल करने से आयरन की कमी पूरी हो सकती है।

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बेसन में मौजूद कैल्शियम गर्भवती महिलाओं में हड्डियों के मोटे होने के खतरे को कम करने में मदद करता है और अधिक विटामिन बी6 होने के कारण यह गर्भवती महिलाओं में हड्डी खिसकने के खतरे को भी कम करता है। बेसन फोलेट (folate) से समृद्ध है। फोलेट एक ऐसा विटामिन है जो गर्भ में पल रहे बच्चे (foetus) के मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और पूर्णतः विकास में मदद करता है। बेसन का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए काफी अच्छा माना जाता है।

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बेसन विटामिन थाइमिन का एक अच्छा स्रोत है जो भोजन को शरीर में ऊर्जा में परिवर्तित करने में मदद करता है।

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बेसन में विटामिन बी 6 पाया जाता है। विटामिन बी 6 न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन के संश्लेषण (synthesis) में एक महत्वपूर्ण घटक है। सेरोटोनिन मूड और भूख नियमित करने में मदद करता है।

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बेसन में स्वाभाविक रूप से सोडियम की मात्रा काफी कम होती है। इसका सेवन आपके ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कम कर सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क को दिन में 2,300 मिलीग्राम से ज्यादा सोडियम का सेवन नहीं करना चाहिए। बेसन में मौजूद मैग्नीशियम संवहनी स्वास्थ्य (vascular health) को बनाए रखने में मदद करता है और साथ ही रक्तचाप को नियांत्रित करने में भी मदद करता है।

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बेसन में मौजूद फास्फोरस शरीर में कैल्शियम के साथ मिलकर हड्डियों का विकास करने में मदद करता है।

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