प्रेगनेंसी एक खूबसूरत पल होता है. इस दौरान माता-पिता अपने आने वाले बच्चे की तैयारियों में लगे होते हैं. कई बार माता-पिता बच्चे के लिए शॉपिंग तक करने का प्लान करते हैं. साथ ही ये अंदाजा लगाने में लगे रहते हैं कि लड़का होगा या लड़की. हालांकि, कुछ पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर शिशु के लिंग का अनुमान लगाया जाता है, लेकिन इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.
आज इस लेख में आप विस्तार से जानेंगे कि प्रेगनेंसी में बेबी बॉय किस साइड होता है -
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गर्भावस्था में बेबी बॉय किस तरफ होता है?
इस संबंध में रामजी थ्योरी (Ramzi Theory) काफी प्रचलित है, लेकिन इस थ्याेरी का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. ऐसे में इसकी सत्यता को प्रमाणित करना मुश्किल है. इस थ्याेरी के अनुसार, कोई भी कपल प्रेगनेंसी में बेबी बॉय या गर्ल की साइड का पता लगा सकता है. रामजी थ्योरी में कहा गया है कि अगर प्लेसेंटा गर्भाशय के दाहिनी ओर बन रहा है, तो शिशु के लड़का होने की संभावना अधिक होती है. वहीं, अगर प्लेसेंटा गर्भाशय के बाईं तरफ बन रहा है, तो लड़की होने की संभावना अधिक रहती है.
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क्या रामजी थ्योरी सही है?
डॉ. सैम रामजी इस्माइल ने रामजी थ्योरी को विकसित किया था. इसे रामजी मैथड या रामजी थ्योरी कहा जाता है. डॉ. इस्माइल का दावा है कि गर्भावस्था के 6 सप्ताह पूर होने के बाद 2-डी अल्ट्रासाउंड का उपयोग करके भ्रूण के लिंग का पता लगाया जा सकता है, लेकिन यह सिद्धांत कितना सही है, इस संबंध में संशय कायम है.
ऐसा माना जाता है कि रामजी थ्योरी का जिक्र पहली बार 2011 में ObGyn.net पर प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के साथ हुआ था. हालांकि, इस पेपर में लेखक का नाम नहीं था, लेकिन इस थ्योरी को डॉ. साद रामजी इस्माइल का बताया गया, लेकिन उनके बारे में पूरी तरह उल्लेख नहीं किया गया.
यहां हम स्पष्ट कर दें कि ObGyn.net एक मीडिया कंपनी है. यह किसी भी तरह से मेडिकल जर्नल नहीं है. इस आधार पर साइट पर प्रकाशित रामजी थ्योरी को सही नहीं माना जा सकता है.
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सारांश
गर्भावस्था के समय भ्रूण के लिंग का पता लगाना कानूनी अपराध है. इसलिए, ऐसा कोई भी काम करने से बचना चाहिए. वहीं, रामजी थ्योरी की बात करें, तो इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, जिस कारण से इसकी प्रमाणिकता सिद्ध नहीं होती है. ऐसे में इसके आधार पर अंदाजा लगाना कि गर्भ में बेबी बॉय है या बेबी गर्ल सही नहीं होगा.
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MBBS,MD / MS - Obstetrics & Gynaecology,MRCOG(UK),Diploma In Minimal Access Surgery,Diploma in Gynaecology Endoscopy,Laparoscopic Training,Medical Writing Course,Laparoscopic Suturing Skills in Surgical Disciples,Fellowship In Endoscopy,FOGSI Ethi Skills Course,Training Course in Ultrasound - Obs & Gynae,PG Diploma
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