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आपने कई बार सुना होगा कि सैचुरेटेड फैट यानि संतृप्त वसा अस्वास्थ्यकर है। दावा किया जाता है कि यह हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण होती है और हमें दिल का दौरा पड़ता है। हालांकि कई हालिया अध्ययनों से पता चलता है कि वास्तविक तस्वीर उससे अधिक जटिल है।

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ऐसा लगता है जब भी बात स्वस्थ भोजन के विषय पर होती है तो हर कोई फैट (वसा) के बारे में बात करना चाहता है। यह एक भ्रमित करने वाला और विविध विचारों वाला विषय हो सकता है। लेकिन आप चाहे माने या नहीं, किसी भी स्वस्थ आहार में फैट की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो ऊर्जा के स्रोत के साथ-साथ आवश्यक फैटी एसिड प्रदान करता है।

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हालांकि, हमारे भोजन में विभिन्न प्रकार के फैट मौजूद होते हैं लेकिन अक्सर "अच्छी" वसा और "बुरी" वसा के रूप में इसे देखा जाता है और "खराब" संतृप्त वसा को एलडीएल-कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि के साथ जोड़ा जाता है, जो कोरोनरी हृदय रोग के विकास को बढ़ाने वाले जोखिम कारकों में से एक है।

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इस लेख में बताया गया है कि आखिर संतृप्त वसा या सैचुरेटेड फैट क्या हैं और वे आपके शरीर को कैसे प्रभावित करते हैं? सैचुरेटेड फैट के क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं और साथ ही सैचुरेटेड फैट कौन से खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं।

  1. सैचुरेटेड फैट क्या है - Saturated Fat kya hota hai in hindi
  2. सैचुरेटेड फैट फूड्स - Saturated Fat food in hindi
  3. संतृप्त वसा के फायदे - Saturated fat ke fayde in hindi
  4. संतृप्त वसा के नुकसान - Saturated fat ke side effects in hindi

"फैट्स" मैक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं। यही वह पोषक तत्व है जिसे हम बड़ी मात्रा में उपभोग करते हैं और हमें ऊर्जा मिलती हैं। प्रत्येक फैट अणु एक ग्लिसरॉल अणु और तीन फैटी एसिड से बना होता है, जो या तो संतृप्त, मोनोअनसैचुरेटेड या पॉलीअनसैचुरेटेड हो सकता है।

सैचुरेटेड फैटी एसिड में कोई डबल बॉन्ड नहीं होता है, मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड में एक डबल बॉन्ड होता है और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड में दो या दो से अधिक डबल बॉन्ड होते हैं। संतृप्त वसा या सैचुरेटेड फैट हाइड्रोजन अणुओं के साथ "संतृप्त या सैचुरेट" होते हैं। वे कमरे के तापमान (रूम टेम्प्रेचर) पर ठोस होते हैं जैसे - मक्खन

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यह हमेशा स्पष्ट नहीं होता है कि हमें अपने हार्ट के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए क्या खाना चाहिए या नहीं खाना चाहिए, खासकर जब फैट की बात आती है, तो यह तय करना अधिक मुश्किल होता है। मीडिया में आप जो भी पढ़ते रहते हैं उसके बावजूद, हमारी सलाह स्पष्ट है - अनसैचुरेटेड फैट वाले भोजन से सैचुरेटेड फैट वाले भोजन को प्रतिस्थापित कर सकते हैं और ट्रांस फैट से बचने की कोशिश करनी चाहिए।

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लेकिन सैचुरेटेड फैट को केवल रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से बदलने, जैसे शुगर वाले खाद्य पदार्थ और पेय से आपके स्वास्थ्य में लाभ नहीं होगा। असंतृप्त वसा या अनसैचुरेटेड फैट जैसे मछली का तेल, नट्स या वनस्पति तेल जैसे सूरजमुखी के तेल के साथ इसे बदलने से दिल के दौरे और स्ट्रोक के आपके जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

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सैचुरेटेड फैट या संतृप्त वसा में समृद्ध स्रोतों में निम्नलिखित खाद्य पदार्थ शामिल हैं -

संतृप्त वसा के पशुओं से प्राप्त खाद्य पदार्थ -

पौधे से प्राप्त संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ -

संतृप्त वसा आमतौर पर कई विनिर्मित और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में भी पाई जाती हैं -

शोध में पाया गया है कि मीडियम-चैन ट्राइग्लिसराइड्स (एमसीटी) संतृप्त वसा का सबसे स्वस्थ प्रकार है। उदाहरण के लिए, नारियल एमसीटी में समृद्ध होता है।

कुल मिलाकर, सैचुरेटेड फैट हमारे शरीर पर अनसैचुरेटेड फैट की तुलना में कम लाभकारी प्रभाव डालता है। इसका मतलब है कि अनसैचुरेटेड फैट एक अधिक बेहतर आहार विकल्प हो सकता है, हालांकि इसके कुछ अपवाद हैं।

हाल के शोध के अनुसार, पहले शोधकर्ता संतृप्त वसा का उपभोग स्वास्थ्य के लिए जितना बुरा मानते थे उतनी बुरी भी नहीं है। वसा एक आवश्यक पोषक तत्व है जिसकी शरीर को ठीक से काम करने के लिए आवश्यकता होती है। वसा ऊर्जा प्रदान करती है, कुछ विटामिन और खनिजों को अवशोषित करती है, शरीर के तापमान को बनाए रखने में मदद करती है और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को अपनाने में मदद करती है।

हाल के शोध में संतृप्त वसा और हृदय रोग के बीच के लिंक को चुनौती दी गयी है। कुछ अध्ययन में हार्ट की बीमारी और स्ट्रोक के जोखिम में संतृप्त वसा को कम करने से लोगों पर कोई भी महत्वपूर्ण प्रभाव सामने नहीं आया हैं। इसके विपरीत, अनसैचुरेटेड फैट या असंतृप्त वसा के स्वास्थ्य लाभ अच्छी तरह से स्थापित हैं।

21 अध्ययनों के एक मेटा-विश्लेषण से पता चलता है की यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है कि संतृप्त वसा हृदय रोग का खतरा बढ़ती है, लेकिन पॉलीअनसैचुरेटेड वसा वाले भोजन से संतृप्त वसा को प्रतिस्थापित करने से हृदय रोग का खतरा कम हो सकता है।

दो अन्य प्रमुख अध्ययनों ने सलाह को थोड़ा सा संकुचित कर दिया और यह निष्कर्ष निकाला कि संतृप्त वसा की जगह पॉलीअनसैचुरेटेड वसा जैसे वनस्पति तेल या उच्च फाइबर कार्बोहाइड्रेट दिल की बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए सबसे अच्छे हैं, लेकिन संतृप्त वसा को अत्यधिक प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट से बदलने का प्रभाव उल्टा हो सकता है।

अधिक सैचुरेटेड फैट वाले आहार का सेवन गैर-एचडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाने से जुड़ा होता है। यह हार्ट और सर्कुलेटरी रोग के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है। अध्ययन से पता चला है कि दिल की बीमारी वाले लोगों या दिल की समस्याओं के खतरे वाले लोगों में उनके आहार में संतृप्त वसा की अधिक मात्रा पाई जाती है।

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ताजा मांस और प्रोसेस्ड (प्रसंस्कृत) मांस में दिखाई देने वाली संतृप्त वसा को कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने वाली माना जाता है। प्रोसेस्ड मांस में अक्सर नमक भी अधिक होता है,जिससे आपका ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है, दिल का दौरा और स्ट्रोक के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।

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याद रखें, हालांकि, सभी प्रकार की वसा में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए बहुत अधिक खाने से वजन बढ़ सकता है। अधिक वजन या मोटापा, हार्ट और सर्कुलेटरी रोग तथा कई अन्य बीमारियों के लिए एक जोखिम कारक है।

वसा में समृद्ध सभी खाद्य पदार्थों में फैटी एसिड का संयोजन होता है। इस प्रकार, किसी भी भोजन में पूरी तरह से केवल संतृप्त या असंतृप्त वसा नहीं होती हैं, जिससे आपके लिए केवल एक प्रकार को चुनना या छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।

संतृप्त और ट्रांस वसा की तुलना में अधिक असंतृप्त वसा खाने से हृदय रोग का खतरा कम हो सकता है और "अच्छा" (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। अधिक संतृप्त और ट्रांस वसा वाले खाद्य पदार्थों जैसे मक्खन, दूध की जगह वनस्पति तेल, एवोकैडो और ट्यूना मछली जैसे असंतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ अपने भोजन में शामिल करें।

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