myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

मल को इंग्लिश में स्टूल या फीसिस के रूप में भी जाना जाता है, जो हमारी पाचन प्रणाली का एक सामान्य हिस्सा है। मल में अपशिष्ट पदार्थों का समावेश होता है, जिन्हें शरीर से बाहर निकाला जाता है। इसमें बिना पचे हुए खाद्य कण, बैक्टीरिया, लवण और अन्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं।

(और पढ़ें - बॉडी को डिटॉक्स करने का तरीका)

आकार और रंगों में भिन्नता के साथ, आपका मल आपके स्वास्थ्य के बारे में बता सकता है। यह विशेष रूप से क्रोहन रोग वाले लोगों के लिए सच है, जिनको अक्सर बीमारी की स्थिति में बदलाव का पता लगाने के लिए मल पर नजर रखनी पड़ती हैं।

(और पढ़ें - स्टूल टेस्ट कैसे होता है)

यदि आप कभी ध्यान देते हैं कि आपका मल सामान्य से अलग रंग का है, जैसे अगर यह हरा, लाल, पीला, सफेद या काला है तो इसका क्या अर्थ है? हाल के वर्षों में, शोधकर्ता भी जांच कर रहे हैं कि आपका मल आपके पेट में रहने वाले बैक्टीरिया के बारे में क्या बता सकता है और यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं को कैसे प्रभावित कर सकता है।

क्या आप अपने मल के रंग के बारे में चिंतित हैं? इस लेख में बताया गया है कि मल के असामान्य रंग के कारण, अलग-अलग मल के रंग का मतलब और असामान्य कब एक चिकित्सकीय पेशेवर से बात करनी चाहिए।

  1. मल का रंग कैसा होना चाहिए - Mal ka rang kaisa hona chahiye in hindi
  2. मल का रंग बदलना - Mal ka rang badlna in hindi
  3. स्टूल कलर चार्ट - Stool colour chart in hindi
  4. हरा मल आना - Mal ka rang hara hona in hindi
  5. लाल मल आना - Mal ka rang lal hona in hindi
  6. काला मल आना - Stool ka kala aana in hindi
  7. सफेद मल आना - Mal ka rang safed hona in hindi
  8. मल का रंग पीला होना - Mal ka rang pila hona in hindi

सामान्य मल का रंग आमतौर पर भूरा होता है। आपके मल का रंग आप क्या खाते हैं और आपके मल में कितना पित्त है, इसके ऊपर निर्भर करता है। हालांकि मल का रंग या बनावट में परिवर्तन सामान्य हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश परिवर्तनों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

(और पढ़ें - वात पित्त और कफ क्या है)

मल का सामान्य भूरा रंग पित्त के कारण होता है, जो हमारे लिवर द्वारा उत्पादित पदार्थ है जो हमें वसा को पचाने में मदद करता है। यद्यपि पित्त स्वाभाविक रूप से हरा होता है, लेकिन इसके वर्णक पीले और भूरे रंग में बदल जाते हैं क्योंकि वे आपके पाचन तंत्र से यात्रा करते हुए शरीर से बाहर आते हैं और एंजाइमों द्वारा तोड़ दिए जाते हैं। यदि आपका मल भूरा और ठोस है, तो आपके लिए चिंता करने का कोई कारण नहीं है।

मल का रंग अलग-अलग हो सकता है। ब्राउन और यहां तक ​​कि हरे रंग के सभी शेड को भी सामान्य माना जाता है। अधिकांश समय, आपके मल के रंग में मामूली परिवर्तन आहार के कारण होते हैं। आखिरकार, हम हर दिन भोजन में एक ही चीज तो नहीं खाते हैं।

लेकिन कभी-कभी मल के रंग में परिवर्तन एक मामूली स्वास्थ्य समस्या का संकेत दे सकता है। आपके मल का रंग केवल कभी-कभी ही आंतों की संभावित गंभीर स्थिति का संकेत होता है, ऐसे दुर्लभ मामलों का मतलब है कि आपके पाचन तंत्र में कुछ गंभीर गड़बड़ है।

(और पढ़ें - पाचन तंत्र के रोग का इलाज)

जैसा की हमने ऊपर बताया कि स्टूल या मल का रंग आमतौर पर आप जो भी खाते हैं, उसके साथ-साथ पित्त की मात्रा से प्रभावित होता है। चूंकि पित्त वर्णक आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से होते हुए बाहर आते हैं, इसलिए वे एंजाइमों द्वारा रासायनिक रूप से परिवर्तित होते हैं, रंगीन हरे से भूरे रंग में बदल जाते हैं।

अधिकांश लोगों को किसी न किसी स्तर पर मल के रंग में बदलाव का अनुभव होता है। आमतौर पर, यह आहार या कुछ अन्य मामूली कारणों से हो सकता है। हालांकि, यदि कोई भी व्यक्ति 2 या अधिक हफ्तों तक यह बदलाव देखता है या लाल या काला मल आता रहता है, तो उसे डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

यदि आपका मल उज्ज्वल लाल या काला है तो यह आपके मल में ब्लड आने की परेशानी का संकेत हो सकता है, इसलिए तत्काल इलाज करवाने के लिए डॉक्टर से मिलें।

मल का रंग इसका क्या अर्थ हो सकता है संभावित कारण
हरा भोजन बड़ी आंत से बहुत जल्दी बाहर आ सकता है, जैसे दस्त के कारण। नतीजतन, बड़ी आंत के एंजाइम पित्त को पूरी तरह तोड़ नहीं पाते है। हरी पत्तेदार सब्जियां, हरे रंग का भोजन जैसे स्वाद युक्त पेय या बर्फ के गोले, आयरन सप्लीमेंट्स।
हल्का सफेद या धूसर मल में पित्त की कमी, यह पित्त नली में किसी रुकावट का संकेत हो सकता है। कुछ दवाएं, जैसे कि बिस्मुथ सबसालिसिलेट (काओपेक्टेट, पेप्टो-बिस्मोल) की बड़ी खुराक और अन्य एंटी-डायरियल ड्रग्स।
पीला, चिकना, गंदी गंध मल में अतिरिक्त वसा होना, कुअवशोषण डिसऑर्डर के कारण, उदाहरण के लिए, सीलिएक रोग कभी-कभी प्रोटीन ग्लूटेन के कारण जो ब्रेड और अनाज में पाया जाता है।
काला ऊपरी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट यानी ऊपरी जठरांत्र प्रणाली में रक्तस्राव आयरन सप्लीमेंट्स, बिस्मुथ सबसालिसिलेट (काओपेक्टेट, पेप्टो-बिस्मोल) और ब्लैक लिकोरिस जैसी दवाएं।
लाल निचली आंत्र प्रणाली में रक्तस्राव, जैसे कि बड़ी आंत या गुदाशय, अक्सर बवासीर के कारण। लाल रंग वाला भोजन, चुकंदर, करौंदा, टमाटर का रस या सूप, लाल जिलेटिन या पेय।

(और पढ़ें - यूरिन कलर चार्ट)

जैसा कि हमने ऊपर उल्लेख किया है कि हरे रंग का मल वास्तव में काफी सामान्य हैं। लेकिन जब यह भूरे रंग से पूर्ण हरे रंग में बदल जाता है तो निम्नलिखित चीजें इसका कारण बन सकती हैं -

  • हरी सब्जियां, जैसे पालक या गोभी
  • ग्रीन फूड कलरिंग, जैसे कि पेय या बर्फ के गोले
  • आयरन सप्लीमेंट्स

यदि आपको हरी दस्त हो रही है, तो यह रंग आपके भोजन के कारण नहीं हो सकता, इसका संभावित कारण यह है कि आपका भोजन बड़ी आंत से बहुत जल्दी गुजर जाता है और अगर मल बहुत जल्दी आंत से गुजरता है, तो मल को सामान्य भूरा रंग प्रदान करने के लिए पित्त को पचाने और टूटने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है।

(और पढ़ें - दस्त रोकने के घरेलू उपाय)

आम तौर पर, आंत में पाए जाने वाले बैक्टीरिया रासायनिक रूप से पित्त को हरे रंग से भूरे रंग के बदलते हैं। आंत में पित्त के रंग को पूरी तरह से बदलने में समय लगता है और फिर यह ब्राउन या भूरे रंग का बन जाता है और यदि पारगमन का समय छोटा होता है यानी यह जल्दी पास होता है, उदाहरण के लिए, जब किसी व्यक्ति को दस्त होती है, तो मल का हरा रंग बना रहता है।

(और पढ़ें - दस्त में क्या खाना चाहिए)

एकदम लाल या ब्राइट रेड रंग का मल चुकंदर, करौंदा, टमाटर के रस या सूप, लाल रंग वाले भोजन जैसे कि लाल अंगूर या अन्य पेय, जिलेटिन, बर्फ के गोले, लाल कैंडी और लाल फ्रॉस्टिंग के कारण हो सकता है। एमॉक्सिसिलिन जैसी लाल दवाएं भी मल के लाल होने का कारण हो सकती हैं।

यदि आपको नहीं लगता कि आपका आहार इसका कारण है, तो आपके मल के लाल रंग का कारण ब्लड हो सकता है। यदि मल का रंग चमकीला लाल है, तो ब्लड आपके पाचन तंत्र के निचले हिस्से से आ रहा है। इसके सामान्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं -

  • वयस्कों में लाल मल का सबसे आम कारण बवासीर के कारण खून बहना, कैंसर रहित ट्यूमर, आंतों में सूजन जिसे कोलाइटिस कहा जाता है, कोलन की परत में छोटी थैलियों के कारण होने वाली परेशानी जिसे डाइवर्टिक्युलर बीमारी कहा जाता है, हो सकते हैं। (और पढ़ें - बवासीर के घरेलू उपाय)
  • शिशुओं में, सबसे लाल मल का आम कारण गुदा के आसपास के ऊतक में कटना या फटना हो सकता है।

यदि आपको लाल मल आ रहा है, जो आपके द्वारा खाए गए भोजन के कारण नहीं है तो अपने डॉक्टर से जांच करा लें।

पैदा होने के बाद पहले कुछ दिनों तक शिशुओं का मल काले रंग का रहता है। उसके बाद, ऐसा इसलिए हो सकता है कि कुछ बहुत ही गहरे रंग का रंग भोजन खाया हो या एक ऐसी दवा या सप्लीमेंट लिया हो जो काले मल का कारण बनता है।

ब्लैक स्टूल या काला मल एक चिंताजनक लक्षण हैं, क्योंकि यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में बड़ी मात्रा में रक्तस्राव के कारण हो सकता है, अक्सर ऊपरी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट आहार नली, पेट और पाचनांत्र सहित में ऐसा होता है।

कुछ भोजन, दवाएं और सप्लीमेंट जो की मल के काले रंग का कारण हो सकते हैं वो निम्नलिखित हैं -

  • बिस्मुथ सबसालिसिलेट (काओपेक्टेट, पेप्टो-बिस्मोल)
  • ब्लैक लाइकोरिस
  • आयरन सप्लीमेंट्स (पूरक दवा) 
  • ब्लूबेरी इत्यादि।

मल जो टार की तरह दिखता है अक्सर पाचन तंत्र में खून बहने का संकेत हो सकता है जिसके कुछ कारणों में शामिल हैं -

यदि आपको लगता कि ब्लैक स्टूल आपने जो खाया है उसके कारण नहीं है तो आपको अपने डॉक्टर से बात करने की जरूरत है।

बिस्मुथ सबसालिसिलेट (काओपेक्टेट, पेप्टो-बिस्मोल) जैसी दस्त के लिए दी जाने वाली दवाएं कभी-कभी पीला या मिट्टी जैसे धूसर रंग के मल का कारण हो सकती हैं। बेरियम, जो आपके पाचन तंत्र के ऊपरी हिस्से का एक्स-रे कराने से पहले आप को एक चॉकलेटी तरल पदार्थ पिलाया जाता है, वह भी मल के सफेद रंग का कारण हो सकता है।

(और पढ़ें - दस्त बंद करने के लिए क्या करना चाहिए)

सफेद या मिट्टी के रंग का मल पित्त की कमी के कारण हो सकता है, जो पित्त नलिकाओं में किसी अवरोध से हो सकती है। पित्ताशय की पथरी इस तरह के अवरोध का एक संभावित कारण हैं। यह अग्नाशय या पैंक्रिअटिक कैंसर के कारण भी हो सकता है जो पित्त नलिकाओं को अवरुद्ध करता है।

लिवर की बीमारी, जैसे हेपेटाइटिस, पित्त को आपके शरीर के अपशिष्ट में आने से रोक सकती है।

पीले रंग का मल होने का मतलब यह हो सकता है कि आप मीठे खाद्य जैसे आलू, गाजर या हल्दी, पीले रंग की अधिक मात्रा वाला भोजन खा रहे हैं।

अगर शुरुआत हाल ही में हुई है, तो पीला मल आंतों के संक्रमण का संकेत भी हो सकता है, खासतौर से अगर दस्त, बुखार, फ्लू जैसे लक्षण और पेट की ऐंठन हो। जिआर्डिएसिस, जो एक परजीवी जियार्डिया लैम्बलिया के कारण होने वाला छोटी आंत का संक्रमण है, यह पीले मल या दस्त का कारण बन सकता है।

(और पढ़ें - परजीवी संक्रमण का इलाज)

इसके अलावा, गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स बीमारी (जीईआरडी) वाले लोगों और जीईआरडी के लिए दवा लेने वाले लोगों को कभी-कभी पीले रंग का मल हो सकता है।

यह शेड भी कई लोगों के लिए सामान्य हो सकता है। यह बच्चों के लिए आम होता है, खासतौर पर जो बच्चे स्तनपान करते हैं। लेकिन अगर आपको पीला मल हो रहा है जो चिकना दिखता है और बहुत गंध आती है, तो इसमें बहुत अधिक वसा हो सकती है। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका शरीर भोजन को सही तरीके से नहीं पच रहा है।

(और पढ़ें - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)

और पढ़ें ...