विटामिन बी 7 को "बायोटिन" (Biotin) के नाम से भी जाना जाता है। यह विटामिन बी का ही हिस्सा होता है। विटामिन बी 7 शरीर में प्रोटीन के अवशोषण और ग्लूकोज बनने की प्रक्रिया में मदद करता है। इसको विटामिन एच (Vitamin H) भी कहा जाता है।

बायोटिन अन्य विटामिन की तरह शरीर में अपने आप नहीं बनता है, इसकी आवश्यकता को पूरा करने के लिए आपको विटामिन बी 7 युक्त आहार लेना चाहिए। इसकी कमी होने से आपको कई तरह के रोग हो सकते हैं। त्वचा, बालों, आंखों और मुंह से संबंधित कई समस्याएं विटामिन बी 7 की कमी के कारण होती हैं।

विटामिन बी 7 के महत्व के कारण आपको इसके बारे में आगे विस्तार से बताया जा रहा है, जिसमें आप जानेंगे विटामिन बी 7 क्या है, विटामिन बी 7 के फायदे, विटामिन बी 7 की अधिकता, विटामिन बी 7 को कितनी मात्रा में लेना चाहिए और विटामिन बी 7 के स्त्रोत आदि।

(और पढ़ें - विटामिन के फायदे)

  1. विटामिन बी 7 क्या है? - Vitamin B7 kya hai?
  2. विटामिन बी 7 के फायदे - Vitamin B7 ke fayde
  3. विटामिन बी 7 की अधिकता - Vitamin B7 ki adhikta
  4. विटामिन बी 7 को कितनी मात्रा में लेना जरूरी होता है - Vitamin B7 ko kitni matra me lena jaroori hota hai
  5. विटामिन बी 7 के स्त्रोत - Vitamin B7 ke srot

शरीर को अन्य विटामिन की तरह ही विटामिन बी 7 की भी आवश्यकता होती है।

मेटाबॉलिक प्रक्रिया से शरीर को ऊर्जा मिलती है। विटामिन बी 7 शरीर में होने वाली इन मेटाबॉलिक प्रकियाओं के लिए जरूरी होता है। विटामिन बी समूह के सभी विटामिन की तरह बायोटिन भी पानी में घुलनशील होता है। यह विटामिन शरीर में अपने आप ना तो बन पाता है और ना ही संरक्षित होता है। संरक्षित ना कर पाने के कारण आपको विटामिन बी 7 को रोजाना अपने आहार के माध्यम से लेने की आवश्यकता होती है। शरीर में बायोटिन की कमी से आपको कई तरह के रोग हो सकते हैं, इसलिए इसकी निर्धारित मात्रा को लेना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

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विटामिन बी 7 शरीर के लिए उपयोगी होता है। इससे होने वाले फायदों को आगे विस्तार से बताया जा रहा है -

मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है

विटामिन बी 7 अन्य विटामिन बी के साथ मिलकर मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया को सही करता है, जिससे आप भोजन के माध्यम से ऊर्जा को असानी से ग्रहण कर पाते हैं। विटामिन बी 7 शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का कार्य कई तरह से करता है, जिसमें यह कार्बोहाइड्रेट और चीनी को ग्लूकोज में परिवर्तित कर शारीरिक ऊर्जा को बनाए रखता है।

शारीरिक कार्यों को सुचारू रूप से करने के लिए विटामिन बी 7 प्रोटीन से एमिनो एसिड का उपयोग करता है। इसके साथ ही शरीर के द्वारा भोजन से सभी पोषक तत्वों को प्राप्त करने के लिए मेटाबॉलिज्म का ठीक होना बेहद जरूरी होता है। विटामिन बी 7 ग्लूकोज के उपयोग को भी बढ़ाता है। जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज है, उनके शरीर में ग्लूकोज का लगातार उपयोग होना आवश्यक होता है।

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रक्त शकर्रा को नियत्रंण में करने के लिए जरूरी होता है

विटामिन बी 7 (या विटामिन H) रक्त में मौजूद शकर्रा (ब्लड शुगर) के स्तर को नियत्रंण में रखने के लिए जरूरी होता है। इससे डायबिटीज की समस्या से परेशान लोगों की रक्त शकर्रा का स्तर कम किया जा सकता है। जिन लोगों के शरीर में रक्त शकर्रा का स्तर अनियंत्रित होता है, उनको बायोटिन की दवा लेने की सलाह दी जाती है

बायोटिन से इंसुलिन की प्रक्रिया में बढ़ोतरी होती है, जिससे बल्ड शुगर का स्तर सामान्य बनता है। इंसुलिन के सही तरह से कार्य करने से आप "प्री-डायबिटीज" (pre-diabetes) और डायबिटीज टाइप 2 के जोखिम से सुरक्षित रहते हैं।

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बालों, त्वचा और नाखूनों को स्वस्थ रखने में मददगार होता है

बालों, त्वचा और नाखूनों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन बी 7 की आवश्यकता होती है। शरीर में विटामिन बी 7 की कमी होने से आपके बाल पतले और कमजोर हो जाते हैं। इसके अलावा त्वचा में रूखापन और जलन होने लगती है। त्वचा, बालों और नाखूनों पर विटामिन बी 7 की कमी के इस प्रभाव के चलते फेस क्रीम, हेयर मास्क और अन्य सौंदर्य उत्पादों में बायोटिन को शामिल किया जाने लगा है, लेकिन इसे त्वचा पर लगाने के बजाय भोजन के माध्यम से लेना अधिक प्रभावी होता है।

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मस्तिष्क के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होता है

तंत्रिकाओं और अंगों के बीच होने वाले संकेतों में तालमेल बनाने में बायोटिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे तंत्रिका तंत्र सही तरह से कार्य करता है। विटामिन बी में मौजूद सभी विटामिन मस्तिष्क के कार्य को सही बनाए रखते हैं और यह उम्र के साथ मस्तिष्क संबंधी समस्याएं, जैसे अल्जाइमर और डिमेंशिया (मनोभ्रंश) रोग के खतरे को कम करते हैं। इसके अलावा विटामिन बी 7 का आपके मूड पर भी गहरा असर पड़ता है, इसको लेने से आप सकारात्मक होते हैं और आपकी एकाग्रता में बढ़ोतरी होती है।

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हृदय को रोग मुक्त रखने में सहायक होता है

विटामिन बी 7 लेने से आपका हृदय कई बीमारियों से मुक्त रहता है। इससे सूजनएथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis: नसों में प्लाक होना), हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे रोग की संभावनाएं कम हो जाती है। अध्ययन से पता चला है कि विटामिन बी 7 से कोलेस्ट्रोल का स्तर नियंत्रित होता है। इससे स्वास्थ्य के लिए जरूरी एचडीएल (अच्छा) कोलेस्ट्रोल बढ़ता है और एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रोल कम होता है। जिन लोगों को डायबिटीज के साथ ही हृदय रोग का खतरा होता है, उनको विटामिन बी 7 जरूर लेना चाहिए।

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थायराइड को नियत्रंण करने के लिए जरूरी होता है

विटामिन बी 7 से थायराइड गतिविधि सामान्य होती है। इसके साथ ही एड्रेनल ग्रंथि ठीक से काम न करने के कारण होने वाली थकान भी नहीं होती है। थायराइड और एड्रेनल गंथि शरीर के कई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन ग्रंथियों से ही आपकी भूख, नींद, दर्द, मूड और ऊर्जा आदि शारीरिक क्रियाएं नियंत्रित होती हैं। विटामिन बी 7 की कमी से आपको थायराइड और एड्रेनल ग्रंथि संबंधी कई परेशानियां होना शुरू हो जाती हैं, जिसमें आपको थकान, वजन कम होना या वजन ज्यादा होना और अनिद्रा आदि समस्याएं हो सकती हैं।

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शरीर में विटामिन बी 7 (बायोटिन) की मात्रा अधिक होने के मामले बहुत कम होते है। पानी में घुलनशील होने के कारण शरीर में विटामिन बी 7 की अधिकता होने पर, यह पेशाब के माध्यम से बाहर निकल जाता है।

हालांकि, शरीर बायोटिन की अधिक मात्रा को बर्दाश्त करने में सक्षम होता है। स्वस्थ व्यक्ति में बायोटिन के कारण मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्या कम देखने को मिलती है। दो साल तक बायोटिन की 5 मिलीग्राम मात्रा लेने से भी किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं होता है। बायोटिन की पांच मिलीग्राम मात्र इसकी रोजाना की जरूरत से कई गुना अधिक होती है।

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कुछ लोगों को बायोटीन की अत्यधिक मात्रा लेने से हल्के दुष्प्रभाव का अनुभव हो सकता है। इन लक्षणों में शामिल हैं:-

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विटामिन बी 7 को आहार और दवा रूप में लिया जा सकता है। हर आयु वर्ग के लोगों को इसकी अलग-अलग मात्रा लेने की आवश्यकता होती है। बायोटिन की रोजाना आवश्यकता को नीजे विस्तार से जानें-

आयु  मात्रा
0 से 12 महीने तक 0.007 मिलीग्राम
1 से 3 साल तक 0.008 मिलीग्राम
4 से 8 साल तक

0.012 मिलीग्राम

9 से 13 साल तक 0.020 मिलीग्राम
14 से 18 साल तक 0.025 मिलीग्राम
18 साल से अधिक उम्र 0.030 मिलीग्राम
गर्भावस्था के दौरान 0.030 मिलीग्राम
स्तनपान कराने वाली महिलाएं 0.035 मिलीग्राम

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विटामिन बी 7 की रोजाना आवश्यकता को आप अपने भोजन से ही प्राप्त कर सकते हैं। निम्न प्रकार से विटामिन बी 7 (बायोटिन) युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जानें- 

  1. बादाम
    एक चौथाई कप भूने हुए बादाम खाने से आपको बायोटिन की करीब 0.0015 मिलीग्राम मात्रा मिलती है। बादाम में बायोटिन के अलावा मैग्नीशियम और विटामिन ई भी पाया जाता है। इसमें फाइबर होने के कारण यह वजन को कम करने में उपयोगी माना जाता है। (और पढ़ें - बादाम खाने का सही तरीका)
     
  2. पालक
    आधा कप उबले हुए पालक में करीब 0.0005 मिलीग्राम बायोटिन होता है। पालक में वसा और कोलेस्ट्रोल बेहद कम मात्रा में होती है, जबकि इसमें आयरन की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है। पालक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपको कैंसर और डायबिटीज से सुरक्षा प्रदान करते हैं। (और पढ़ें - कोलेस्ट्रोल को कम कैसे करे)
     
  3. ब्रोकली
    ब्रोकली एक ऐसी सब्जी है, जिसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। आधा कप ब्रोकली में 0.0004 मिलीग्राम बायोटिन पाया जाता है। इसके अलावा ब्रोकली में विटामिन के होता है, जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। इतना ही नहीं इसमें मौजूद विटामिन सी आपको कई तरह के कैंसर से दूर रखने में सहायक होता है। (और पढ़ें - कैंसर में क्या खाना चाहिए)
     
  4. दूध
    दूध शरीर की कई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। एक कप दूध से आपको करीब 0.0003 मिलीग्राम बायोटिन मिलता है। यह कैल्शियम का मुख्य स्त्रोत माना जाता है। इससे दांत और हड्डियां स्वस्थ होती हैं, जबकि दूध में मौजूद प्रोटीन से मांसपेशियों को दोबारा स्वस्थ होने में मदद मिलती है। (और पढ़ें - दांत दर्द के घरेलू उपाय)
     
  5. दही
    एक कप दही से आपको करीब 0.0002 मिलीग्राम बायोटिन मिलता है। इसके साथ ही दही में कैल्शियम और विटामिन डी अधिक मात्रा में होता है। विटामिन डी की कमी से बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और कमजोरी महसूस होती है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए अपने आहार में दही को जरूर शामिल करें। (और पढ़ें - रात को दही खाना चाहिए या नहीं)

विटामिन बी 7 के अन्य स्त्रोत


उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें बायोटिन है

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