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एसिडिटी की समस्या में आपके सीने में जलन होती है। यह जलन सीने में और रीढ़ की हड्डी के आस-पास होती है। सीने में होने वाली जलन की समस्या जब अधिक बढ़ जाती है, तो वह दर्द का रूप धारण कर लेती है।

एसिडिटी की समस्या अक्सर भोजन करने के बाद महसूस की जाती है, क्योंकि भोजन करने से आपके पेट पर आंतरिक दबाव पड़ता है। इसके अलावा एसिडिटी तब भी होती है जब आप लेटे होते हैं, लेकिन जब आप रीढ़ की हड्डी को सीधे करके बठते हैं, तब आपको जलन से राहत मिलती है।

ऐसा माना जाता है कि एसिडिटी कुछ एंजाइम की वजह से सकती है। पेट के पाचन ग्रंथि और आंत में भी कई प्रकार के एंजाइम होते हैं। उनमें से पेप्सिन (Pepsin) एक प्रकार का एंजाइम है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है। भोजन को पचाने के साथ-साथ यह एंजाइम सीने में जलन के लक्षणों को भी बढ़ावा देता है।

एसिडिटी की समस्या में आहार अहम रोल निभाता है, इसिलए आपको पता होना चाहिए कि एसिडिटी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इसके साथ ही साथ आपको एसिडिटी में परहेज के बारे में भी पता होना चाहिए।

इस लेख में आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह आप अपने भोजन में सावधानी रख कर, एसिडिटी की समस्या को दूर कर सकते हैं।

(और पढ़ें - एसिडिटी के घरेलू उपाय)

  1. एसिडिटी में डाइट का महत्व - Importance of diet in acidity in Hindi
  2. एसिडिटी में क्या खाना चाहिए - What to eat in acidity in Hindi
  3. एसिडिटी में क्या न खाएं और परेहज - What not to eat in acidity in Hindi

एसिडिटी प्राकृतिक रूप से एक अपचयी (कार्बनिक पदार्थों का विघटन अपचय कहलाता है) प्रक्रिया है। एसिडिटी की वजह से आपको थकान, चिड़चिड़ापन, मूड में परिवर्तन होना जैसी समस्याएं होती हैं। इसके अलावा इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है। हालांकि, यह सब पीएच (pH) के स्तर पर निर्भर करता है। इसलिए आपको पता होना चाहिए कि आपके शरीर में पीएच (pH) का स्तर कितना है। एल्कलाइन डाइट या क्षारीय आहार पीएच (pH) के स्तर को संतुलिन बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही साथ एल्कलाइन डाइट प्लान खून और पेशाब के लिए भी लाभदायक हैं।  

पीएच (pH) का स्तर आपके शरीर में एसिड की मात्रा बताता है। यदि आपके शरीर में पीएच (pH) का मान शून्य है, इसका मतलब एसिड का स्तर बहुत अधिक है और यदि पीएच (pH) का स्तर 7 है इसका मतलब एसिड का स्तर उदासीन (न्यूट्रल) है। इसके अलावा यदि पीएच (pH) का स्तर 14 है, तो एसिड का स्तर सामान्य है। इसलिए यदि आपके शरीर में अधिक एसिड बनता है तो आपको एल्कलाइन या क्षारीय आहार को अपनाना चाहिए।

(और पढ़ें - पौष्टिक आहार)

निम्न खाद्य पदार्थों को एसिडिटी की समस्या में खाना चाहिए - 

खाद्य पदार्थ  खाएं
अनाज ब्राउन ब्रेड, ओट मील, अनाज आदि को खाएं
फल तरबूज, केला, पपीता, अंजीर, सेब, नाशपाती जैसे फलों को खाएं
सब्जियां शतावरी, फूलगोभी, बीन्स, कद्दू और लौकी खाएं
मीट बेक्ड या स्टीम्ड चिकन और मटन खाएं, अंडे का सफेद भाग खाएं
मसाले सौंफ, अजवाईन, मेथी, जीरा, धनिया जैसे मसालों को खाएं
अन्य खाद्य सामाग्री

अब ऊपर बताए गए खाद्य पदार्थों के बारे में विस्तार से जानें कि इन खाद्य पदार्थों को एसिडिटी की समस्या में क्यों खाना चाहिए।

  1. एसिडिटी में हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं - Eat green leafy vegetables in acidity
  2. एसिडिटी में फूलगोभी और ब्रोकली खानी चाहिए - Eat cauliflower and broccoli in acidity in Hindi
  3. एसिडिटी में समुद्री नमक खाएं - Eat sea salt in acidity in Hindi
  4. एसिडिटी में जड़ वाली या रूट वेजिटेवल खाएं - Eat root vegetable in acidity in Hindi
  5. एसिडिटी में मौसमी फल खाएं - Eat seasonal fruits in acidity in Hindi
  6. एसिडिटी में सूखे मेवे खाने चाहिए - Have nuts in acidity in Hindi

एसिडिटी में हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं - Eat green leafy vegetables in acidity

अधिकतर हरी पत्तेदार सब्जियों में क्षारीय (या एल्कलाइन) गुण होते हैं। इसलिए हमेशा आपके डॉक्टर आपको हरी पत्तेदार सब्जियां खाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियों में आवश्यक खनिज होते हैं, जिनकी आपके शरीर को जरूरत होती है। इसके साथ ही साथ यह खनिज आपके शरीर के विभिन्न गतिविधियों और बॉडी के संचालन में भी बहुत आवश्यक होते हैं। इसलिए आप पालक, हरी सब्जियों का सलाद, पत्ता गोभी और सरसो जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।

(और पढ़ें - पेट की गैस दूर करने के घरेलू उपाय)

एसिडिटी में फूलगोभी और ब्रोकली खानी चाहिए - Eat cauliflower and broccoli in acidity in Hindi

यदि आपको गोभी और ब्रोकली खाना पसंद है तो यह आपके लिए खुशखबरी वाली बात है, क्योंकि गोभी और ब्रोकली एसिडिटी को कम करने में मदद करते हैं। गोभी और ब्रोकली को आप शिमला मिर्च, बीन्स और मटर के साथ मिलाकर बना सकते हैं। इसप्रकार एसिडिटी को कम करने के लिए आप ब्रोकली और गोभी को अपने आहार में शामिल करें।

(और पढ़ें - पेट दर्द में क्या खाएं)

एसिडिटी में समुद्री नमक खाएं - Eat sea salt in acidity in Hindi

आपको पता होना चाहिए कि समुद्री सब्जियों में 10 से 12 गुना अधिक खनिज होते हैं। इसके साथ ही साथ एसि़डिटी की समस्या में समुद्री नमक भी बहुत अधिक फायदेमंद है। इसके अलावा समुद्री सब्जियों में क्षारीय गुण होते हैं, जो कई प्रकार से आपके शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। 

सलाद, सूप और ऑमलेट में आप समुद्री नमक का इस्तेमाल करें, इससे एसिडिटी को कम करने में मदद मिलेगी।

(और पढ़ें - दस्त में क्या खाना चाहिए)

एसिडिटी में जड़ वाली या रूट वेजिटेवल खाएं - Eat root vegetable in acidity in Hindi

जड़ वाली सब्जियों जैसे शकरकंद, अरबी, कमल ककड़ी, गाजर को खूब खाएं। इन सब्जियों में बहुत अधिक क्षारीय गुण होते हैं, जो एसिडटी को कम करने में मदद करते हैं। इन सब्जियों में हल्का मसाला मिलाकर बनाएं, यह बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं। ध्यान रहे कि इन सब्जियों को बहुत अधिक न पकाएं, अधिक पकाने से इनके क्षारीय गुण कम हो जाते हैं। इसलिए इन सब्जियों को हल्का तलें। इसके अलावा इन सब्जियों का आप सलाद में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - कब्ज में परहेज)

एसिडिटी में मौसमी फल खाएं - Eat seasonal fruits in acidity in Hindi

सभी डायटीशियन और डॉक्टर सलाह देते हैं कि मौसमी फल को अपने आहार में शामिल करें, इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। इन फलों में बहुत अधिक विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो आपके शरीर के कई गतिविधियों में मदद करते हैं। इसके अलावा इन फलों में क्षारीय गुण भी होते हैं, जो एसिडिटी से राहत दिलाने में मदद करते हैं। किवी, अनानास, तरबूज, चकोतरा,खुबानी और सेब जैसे मौसमी फलों को खाना चाहिए।

(और पढ़ें - एंटीऑक्सीडेंट युक्त भारतीय आहार)

एसिडिटी में सूखे मेवे खाने चाहिए - Have nuts in acidity in Hindi

भोजन के बीच-बीच में जब आपको भूख लगे, तब आप सूखे मेवे खाएं। सूखे मेवे में स्वस्थ वसा होती है। इसके अलावा सूख मेवे आपके शरीर में क्षरीय प्रभाव को भी बढ़ावा देते हैं, जो एसिडिटी की समस्या में लाभदायक है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि सूखेमेवे में बहुत अधिक कैलोरी होती है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में खाएं। काजू, बादाम, अखरोट जैसे सूखे मेवे को अपने आहार में शामिल करें।

(और पढ़ें - डायबिटीज डाइट चार्ट)

खाद्य पदार्थ  क्या न खाएं
अनाज गेहूं, ब्राउन राइस, ब्रेड, पास्ता न खाएं 
फल संतरा, चकोतरा, नींबू, जैसे सभी प्रकार के खट्टे फलों को न खाएं
मीट तले हुए मीट न खाएं 
मसाले लाल मिर्च, हरी मिर्च, लौंग, काली मिर्च न खाएं
अन्य खाद्य सामग्री

अब ऊपर बताए गए खाद्य पदार्थों के बारे में विस्तार से जाने कि इन खाद्य पदार्थों को एसिडिटी की समस्या में क्यों नहीं खाना चाहिए।

  1. अधिक वसा वाले फूड और डेरी उत्पाद न खाएं - Avoid high fat foods and dairy products in acidity in Hindi
  2. एसिडिटी में मसालेदार आहार न खाएं - Do not eat spicy foods in acidity in Hindi
  3. एसिडिटी में एवोकाडो न खाएं - Do not eat avocado in acidity in Hindi
  4. एसिडिटी की समस्या में सोडा न पीएं - Do not have aerated drinks in acidity problems in Hindi
  5. एसिडिटी की समस्या में चॉकलेट नहीं खानी चाहिए - Avoid chocolate in acidity in Hindi
  6. एसिडिटी में कैफीन युक्त पेय पदार्थों को न पीएं - Do not drink caffeinated beverages in acidity in Hindi
  7. अम्ल युक्त या अधिक एसिड वाले फलों को न खाएं - Do not eat acid rich fruits in Hindi
  8. एसिडिटी में शराब न पीएं - Do not drink alcohol in acidity in Hindi
  9. एसिडिटी में प्याज, लहसुन और अदरक न खाएं - Do not eat onions, garlic and ginger in acidity in Hindi
  10. एसिडिटी में अनाज नहीं खाना चाहिए - Do not have grains in acidity in Hindi

अधिक वसा वाले फूड और डेरी उत्पाद न खाएं - Avoid high fat foods and dairy products in acidity in Hindi

कई अध्ययनों से इस बात की पुष्टी हो चुकी है कि अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थ और डेयरी उत्पाद मोटापा और एसिडिटी की समस्या को बढ़ाते हैं। तले हुए, अधिक चर्बीदार और प्रोसेस्ड फूड में संतृप्त वसा होती है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए नकुसानदायक है। इसके अलावा डेयरी उत्पाद जैसे मक्खन और पनीर में भी बहुत अधिक फैट की मात्रा होती है, जो एसिडिटी की समस्या को बढ़ाते हैं। इसलिए अधिक वसा वाले फूड और डेरी उत्पादों को एसिडिटी की समस्या में न खाएं।

एसिडिटी में मसालेदार आहार न खाएं - Do not eat spicy foods in acidity in Hindi

मसालेदार भोजन अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों की तरह ही होते हैं, जो एसिडिटी की समस्या को बढ़ाते हैं। इसलिए अपने आहार में मिर्च और मिर्च पाउडर को शामिल न करें। मिर्च की जगह पर आप दालचीनी, जड़ी-बूटियां, अदरक और समुद्री नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा एसिडिटी की समस्या में अधिक मसालेदार खाद्य पदार्थों को भी न खाएं।

(और पढ़ें - मसालेदार खाना खाने से होने वाले दर्द के उपाय)

एसिडिटी में एवोकाडो न खाएं - Do not eat avocado in acidity in Hindi

आपको इस बात का पता होना चाहिए कि एवोकाडो  (नाशपाती की आकार का एक उष्ण कटिबन्धीय फल) में प्रकृतिक रूप से बहुत अधिक वसा होती है। वैसे तो एवोकाडो आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, लेकिन जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या होती है, उनके लिए यह नुकसानदायक होता है। हालांकि, जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या कम होती है, वह लोग बहुत कम मात्रा में डेरी उत्पाद, प्रोसेस्ड फूड और एवोकाडो खा सकते हैं। लेकिन जिन लोगों को एसिडिटी की बहुत ज्यादा समस्या होती है, उन लोगों को प्रोसेस्ड फूड, डेरी उत्पाद और एवोकाडो को नहीं खाना चाहिए।

(और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल में क्या नहीं खाना चाहिए)

एसिडिटी की समस्या में सोडा न पीएं - Do not have aerated drinks in acidity problems in Hindi

कार्बोनेटेड पेय पदार्थ में बहुत अधिक मात्रा में गैस की मात्रा होती है, जो आपके पेट में जमा हो जाता है। पेट में गैस जमा होने से निचले भोजन नलिका में दबाव पड़ता है, जो आपके लिए बहुत अधिक तकलीफदेह होता है। इसलिए सोडा की जगह पर आप पानी और कम एसिड वाले जूस का इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - पेट कम करने के उपाय)

एसिडिटी की समस्या में चॉकलेट नहीं खानी चाहिए - Avoid chocolate in acidity in Hindi

कोको में प्राकृतिक रूप से अम्लीय गुण होते हैं और जब इसे दूध और चीनी के साथ मिलाया जाता है, तब यह एसिडिटी के लक्षणों को बढ़ाता है। यदि आप नियमित रूप से चॉकलेट खाते हैं तो इसे कम करें, हो सके तो सप्ताह में 1 बार खाएं, इससे आपको एसिडिटी को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा आप सफेद चॉकलेट और दूध की जगह पर डार्क चॉकलेट खाएं, यह आपके लिए ज्यादा नुकसानदायक नहीं होगा।

(और पढ़ें - पेट कम करने की एक्सरसाइज

एसिडिटी में कैफीन युक्त पेय पदार्थों को न पीएं - Do not drink caffeinated beverages in acidity in Hindi

कॉफी और कैफीन युक्त पेय पदार्थ एसिडिटी के लक्षणों को बढ़ाते हैं। यह अक्सर तब होता है, जब आप भोजन के तुरंत बाद अधिक मात्रा में कॉफी पीते हैं। इसलिए कम से कम कॉफी पीएं। इसके अलावा कॉफी की जगह पर आप ग्रीन टी या लेमन टी का इस्तेमाल करें, इससे एसिडिटी की समस्या में नहीं बढ़ेगी।

(और पढ़ें - पेट कम करने के लिए योगासन)

अम्ल युक्त या अधिक एसिड वाले फलों को न खाएं - Do not eat acid rich fruits in Hindi

वैसे तो फल आपके लिए नाश्ता और स्नैक्स का काम करते हैं, लेकिन जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या है, उन लोगों के लिए अम्लीय या एसिड वाले फल इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं। सेब, संतरा, केला, जामुन, आडू और पपीता जैसे फल एसडिटी की समस्या में बहुत अधिक नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इनकी जगह पर आप एल्काइल या क्षारीय फल जैसे चकोतरा, तरबूज, खरबूजा को खाएं।

(और पढ़ें - पेट कम करने के लिए डाइट चार्ट)

एसिडिटी में शराब न पीएं - Do not drink alcohol in acidity in Hindi

अधिक शराब पीना आपके लिए नुकसानदायक होता है। इससे आपके पेट के माध्यम से अधिक एसिड भोजन नली में प्रवेश कर जाता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स बढ़ जाता है। इसलिए सीमित मात्रा में या बहुत कम मात्रा में शराब पीएं। इससे एसिडिटी की समस्या से राहत मिलेगी।

(और पढ़ें - शराब पीने के नुक्सान)

इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि शराब में अम्ल युक्त जूस जैसे संतरा और सोडा मिलाकर न पीएं। इनके जगह पर आप कम एसिड वाले जूस जैसे तरबूज या खुबानी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने के उपाय)

एसिडिटी में प्याज, लहसुन और अदरक न खाएं - Do not eat onions, garlic and ginger in acidity in Hindi

भारतीय भोजन तैयार करते समय प्याज, लहसुन और अदरक का इस्तेमाल करना बहुत ही आम है। प्याज, लहसुन और अदरक आपके भोजन को स्वादिष्ट बनाते हैं लेकिन एसिडिटी बढ़ाते हैं। अगर आप एसिडिटी से परेशान हैं तो कोशिश करें कि भोजन में इन चीजों का इस्तेमाल न करें।

(और पढ़ें - शुगर में क्या खाना चाहिए)

एसिडिटी में अनाज नहीं खाना चाहिए - Do not have grains in acidity in Hindi

अनाज आपके आहार का एक बड़ा हिस्सा है। लेकिन गेहूं, ब्राउन राइस, ब्रेड, पास्ता जैसे अनाज में एसिड या अम्ल की मात्रा बहुत अधिक होती है, इसलिए इस प्रकार के अनाज को न खाएं। आपको पता होना चाहिए कि एसिड वाले खाद्य पदार्थ एसिडिटी की समस्या को बढ़ाते हैं। इनमें मौजूद एसिड की मात्रा को कम करने के लिए आप इन्हें पानी में भिगो कर या अंकुरित अनाज के रूप में खा सकते हैं। इसके अलावा इन अनाजों की जगह पर आप एल्कलाइन फूड जैसे क्यूनोवा, बाजरा और ओट्स खाएं, इससे एसिडिटी की समस्या कम होगी।

(और पढ़ें - पेट फूलने पर क्या करें)

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