जैसे जैसे आपका बच्चा बढ़ रहा है आपकी पीठ पर तनाव भी बढ़ सकता है। आमतौर पर गर्भावस्था की दूसरी छमाही में अधिकतर गर्भवती महिलाओं को पीठ में दर्द का अनुभव होना शुरू हो जाता है। आप पीठ दर्द को कम करने के लिए आप कुछ उपाय भी कर सकती हैं। जिनपर विस्तारपूर्वक चर्चा इस लेख में की गयी है।

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  2. गर्भावस्था में कमर दर्द होने के कारण - Back pain in pregnancy causes in Hindi
  3. गर्भावस्था में पीठ में दर्द का इलाज - Back pain in pregnancy treatment in Hindi
  4. प्रेगनेंसी में कमर दर्द होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करें - When to seek medical attention for back pain during pregnancy in Hindi
  5. गर्भावस्था में कमर दर्द के डॉक्टर

गर्भावस्था के दौरान पीठ में दर्द या असुविधा होना आम है और ज्यादातर महिलाओं को इसका अनुभव होता है। गर्भावस्था में किसी भी समय पीठ दर्द का अनुभव हो सकता है, हालांकि यह सबसे ज्यादा गर्भावस्था में बाद में महसूस होता है क्योंकि बच्चा बढ़ता है।

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पीठ दर्द आपकी दैनिक दिनचर्या को बाधित कर सकती है या रात में अच्छी नींद लाने में परेशानी कर सकता है। अच्छी बात यह है कि आप पीठ दर्द छुटकारा पाने के लिए कुछ उपाय कर सकती हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द का अनुभव 50 से 70 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं करती हैं।

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गर्भावस्था में पीठ दर्द आम तौर पर वहां होता है, जहां श्रोणि, रीढ़ की हड्डी से मिलती है, सेक्रोइलियक जॉइंट (Sacroiliac joint) पर। ऐसा होने के कई संभावित कारण हैं जो निम्नलिखित हैं:

  1. वजन बढ़ना: स्वस्थ गर्भावस्था के दौरान, महिलाओं का वजन आम तौर पर 11 से 15 किलोग्राम के बीच बढ़ जाता है। रीढ़ की हड्डी ही उस वजन को सपोर्ट करती है, जिससे पीठ दर्द होता है। बढ़ते बच्चे और गर्भाशय का वजन भी श्रोणि और पीठ की रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं पर दबाव डालता है। (और पढ़ें - गर्भावस्था में वजन बढ़ना)
  2. स्थिति में परिवर्तन: गर्भावस्था आपके गुरुत्वाकर्षण के केंद्र को बदल देती है। नतीजतन, धीरे-धीरे और बिना आपके ध्यान में आये आपकी मुद्रा बदल जाती है और जब आप आगे बढ़ती हैं तो आपकी पीठ में दर्द या तनाव होता है। 
  3. हार्मोनों में परिवर्तन: गर्भावस्था के दौरान, आपका शरीर रिलैक्सिन (Relaxin) नामक हार्मोन बनाता है, जो श्रोणि क्षेत्र में लिगामेंट्स (दो हड्डियों को आपस में जोड़ने वाला ऊतक) को आराम पहुंचाता है और जोड़ों को बच्चे के जन्म लेने के लिए थोड़ा ढीला करता है। वही हार्मोन जोड़ों में अस्थिरता और दर्द का कारण हो सकता है। (और पढ़ें - हार्मोन्स का महत्व महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए)
  4. मांसपेशियों का अलग होना: जैसे जैसे गर्भाशय बढ़ता है, मांसपेशियों की दो समानांतर शीट्स (गुदा पेट की मासपेशियां), जो पसलियों से प्यूबिक हड्डी तक होती हैं, बीच से अलग हो सकती हैं। इस विभाजन से पीठ दर्द और अधिक हो सकता है।
  5. तनाव: भावनात्मक तनाव से भी पीठ की मांसपेशियों में तनाव पैदा हो सकता है, जिसे पीठ दर्द या पीठ में ऐंठन के रूप में महसूस किया जा सकता है।

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शुरुआती गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द से निपटने में निम्नलिखित युक्तियां आपकी मदद करेंगी:

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  1. भारी वस्तुओं को उठाने की कोशिश न करें। अगर कुछ भी भारी समान उठाने के लिए झुकना पड़ता है, तो इसे सही तरीके से उठाएं। कमर के बल न झुकें। अपने घुटनों के बल झुकें और अपनी पीठ पर दबाव न पड़ने दें।
  2. लंबे समय के लिए खड़ी या बैठी न रहें। स्टूल या आराम करने वाली कुर्सी का उपयोग करें और एक पैर के बल न खड़ी हों।
  3. ऐसी कुर्सियों पर बैठें जिनमें सपोर्ट हो या अपनी पीठ पर तकिए का उपयोग करें। इसके साथ ही  सीधे बैठने की कोशिश करें।
  4. ऑफिस में और ड्राइविंग करते समय, अपनी कुर्सी पर बैठते समय पैरों को क्रॉस करके न बैठें और जांच लें कि आपके कंप्यूटर की स्क्रीन और कुर्सी की स्थिति सही है या नहीं।
  5. घर के काम करते समय सावधानी बरतें। भारी और मेहनत वाले काम न करें।
  6. अपने आपको आराम देने के लिए सबसे कम सेटिंग पर हीटिंग पैड या गर्म तौलिये का उपयोग करें।
  7. यदि आपके पहले से एक बच्चा है और आप गर्भवती हैं, तो यह विशेष रूप से ज़रूरी है कि आप उसे भी गोद लेने की तकनीकों को सीखें।
  8. एक तरफ करवट देकर सोएं और अपने घुटनों को क्रॉस न करें। अपने घुटनों के बीच में तकिया रखें।
  9. सोने के लिए नरम गद्दे का उपयोग करें।
  10. बिस्तर से बाहर निकलने के लिए, एक तरफ करवट लें और फिर अपने आप को बैठने की स्थिति में लाएं उसके बाद धीरे-धीरे खड़ी हों।
  11. अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से पूछें कि गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द कम करने में मदद वाले कोण से व्यायाम हैं जो आपके लिए उपयुक्त हैं।
  12. यदि आपका डॉक्टर मंजूरी दे तो गर्भावस्था मालिश कराएं। (और पढ़ें - पुत्र प्राप्ति के लिए क्या करें और बच्चा गोरा होने के उपाय)
  13. अपने चिकित्सक से पूछे बिना कोई भी दवा न लें, इससे गर्भावस्था में बाद में जटिलताएं हो सकती हैं।
  14. सही आकार की सहायक मातृत्व ब्रा पहनें जो आपके कंधे और पसलियों पर अतिरिक्त तनाव से आपकी रक्षा करें।
  15. पेट के नीचे फिट होने वाले कपड़े या मातृत्व पैंट पहनें जो आपके पेट को सपोर्ट करे।
  16. गर्भावस्था के दौरान टाइट कपड़े न पहने क्योंकि इससे रक्त प्रवाह सही से नहीं हो पाता है और मांसपेशियों में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है, जो गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द होने का दूसरा कारण है।
  17. हाई हील्स (High heels) के जूते न पहनें।
  18. एक्यूपंक्चर, अरोमा थेरेपी और पौष्टिक आहार भी काफी हद तक प्रेग्नेंसी में पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

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आमतौर पर पीठ दर्द होने पर डॉक्टर को बुलाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन अगर आपको निम्नलिखित में से किसी का भी अनुभव हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें:

  1. गंभीर दर्द।
  2. तेजी से बढ़ने वाला गंभीर दर्द या अचानक शुरू होने वाला दर्द।
  3. ऐंठन के साथ लगातार दर्द।
  4. पेशाब करने में कठिनाई या चुभन होना।

दुर्लभ मामलों में, गंभीर पीठ दर्द गर्भावस्था से संबंधित ऑस्टियोपोरोसिस, ऑस्टियोआर्थराइटिस या सेप्टिक गठिया जैसी समस्याओं से संबंधित हो सकता है। लगातार दर्द समय से पहले प्रसव का संकेत हो सकते हैं। इसलिए यदि आप इनमें से किसी भी समस्या का अनुभव कर रही हैं तो आपको डॉक्टर द्वारा इसकी जांच करना ज़रूरी है।

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