myUpchar प्लस+ के साथ पुरे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

टीबी या ट्यूबरकुलोसिस, बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक गंभीर संक्रमण है। इसे तपेदिक, यक्ष्मा या तपेदिक भी कहा जाता है। टीबी एक बहुत ही संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी से फैल जाती है। ये बीमारी आमतौर पर फेफड़ों में होती है, लेकिन शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकती है।

(और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण के लक्षण)

टीबी में मुख्य रूप से लगातार खांसी और बुखार जैसे लक्षण होते हैं और व्यक्ति को थकानकमजोरी महसूस होती है।

(और पढ़ें - कमजोरी दूर करने के उपाय)

जब टीबी से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो उसके मुंह में मौजूद टीबी के बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं और जब ये बैक्टीरिया किसी स्वस्थ व्यक्ति की सांस के द्वारा उसके शरीर में चले जाते हैं, तो उसे भी टीबी हो जाता है। इसके बाद ये बैक्टीरिया व्यक्ति के खून में मिल जाता है और शरीर के अंगों संक्रमित करना शुरू कर देता है, साथ ही ये गुणन भी करने लगता है। जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, उन्हें टीबी होने का खतरा अधिक होता है।

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ायें)

टीबी का पता लगाने के लिए डॉक्टर एक्स-रे, स्किन टेस्ट, थूक या बलगम का टेस्ट और ब्लड टेस्ट करते हैं। अगर आपको लगता है कि आपको टीबी है या आपको इसके लक्षण अनुभव हो रहे हैं या फिर आप किसी ऐसे व्यक्ति के अास-पास रहे हैं जिसे टीबी है, तो आपको डॉक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए क्योंकि ये एक गंभीर बीमारी है, जिसका सही उपचार न होने से आपको कई जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे मस्तिष्क को ढकने वाली झिल्ली में सूजन, लिवर संबंधी समस्याएं, हृदय विकार और किडनी रोग आदि। कुछ मामलों में ज्यादा नुकसान होने के कारण व्यक्ति की मौत भी हो जाती है।

(और पढ़ें - लिवर रोग के लक्षण)

टीबी के लिए बच्चों को टीका लगता है, जिससे उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और उन्हें टीबी होने का खतरा कम हो जाता है। हालांकि, ये बीमारी टीका लगने के बाद भी आपको प्रभावित कर सकती है। टीबी के इलाज के लिए डॉट्स (DOTS) का इलाज होता है, जिसमें डॉक्टर आपको दवाएं देते हैं और ये इलाज 6 महीनों तक चलता है क्योंकि टीबी के बैक्टीरिया को मरने में समय लगता है।

(और पढ़ें - टीकाकरण क्यों करवाना चाहिए)

इस लेख में टीबी हो जाए तो क्या करें और इसके लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए के बारे में बताया गया है।

  1. टीबी होने पर क्या करना चाहिए - Tuberculosis hai to kya kare
  2. क्षय रोग (टीबी) के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए - TB hone par doctor ke pas kab jaye

टीबी के लक्षण महसूस करने पर आपको बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए, ताकि इसका सही समाय पर उचित इलाज किया जा सके। अगर आप डॉक्टर से टीबी के लिए इलाज करा रहे हैं, तो अपनी दवाएं बिना भूले सही समय पर लें। टीबी के लिए आप निम्नलिखित प्राथमिक उपचार कर सकते हैं -

  1. जब तक आपको टीबी रहता है तब तक आप संक्रामक होते हैं, इसीलिए अकेले रहने का प्रयास करें ताकि ये बीमारी आप से किसी और व्यक्ति में न फैले। (और पढ़ें - टीबी का टेस्ट कैसे होता है)
  2. खांसते या छींकते समय अपने मुंह को टिशू से ढकें और उसके बाद टिशू को किसी बंद डब्बे या कूड़ेदान में फेंक दें। (और पढ़ें - खांसी के लिए घरेलू उपाय)
  3. हो सके तो रोजाना अकेले सैर करने जाएं, ये आपके स्वास्थ के लिए अच्छा है। (और पढ़ें - सुबह की सैर करने के फायदे)
  4. आपके शरीर को टीबी से लड़ने के लिए ताकत की आवश्यकता होती है, इसीलिए ऐसी चीजें खाएं जिनमें विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व हों। (और पढ़ें - संतुलित आहार चार्ट)
  5. आप बाहर जाकर व्यायाम कर सकते हैं, लेकिन ऐसी एक्सरसाइज न करें जिनमें आपको अधिक शारीरिक परिश्रम करना पड़े। आपको बाहर जाकर फेस मास्क पहनने आवश्यकता नहीं है, लेकिन लोगों के अधिक पास न जाएं। (और पढ़ें - व्यायाम करने का सही समय)
  6. कोशिश करें कि कैफीन वाली ड्रिंक्स व अन्य चीजें न लें, जैसे चाय या कॉफी आदि। (और पढ़ें - हर्बल चाय के फायदे)
  7. जब तक आपके डॉक्टर आपको ये नहीं बोलते कि अब आप टीबी नहीं फैला सकते हैं, तब तक सार्वजनिक स्थानों पर न जाएं, जैसे बस, ट्रेन आदि। हो सके तो अपने कमरे में अकेले सोएं।
  8. चीनी, वाइट ब्रेड और वाइट चावल जैसे संसाधित उत्पाद न लें। (और पढ़ें - ब्राउन ब्रेड क्या है)
  9. सुबह व शाम के समय अपने कमरे की खिड़की को कुछ देर के लिए खोल दें ताकि कमरे में हवा आ सके। (और पढ़ें - टीबी का घरेलू उपाय)
  10. अगर आपके पास टिशू नहीं है, तो अपने हाथों की बजाय बांह की ऊपरी तरफ से मुंह को ढककर छीकें या खासें और फिर पूरे हाथ को अच्छी तरह से धो लें। अगर आप अपने हाथ में छींकते या खांसते हैं, तो टीबी के कीटाणु आपके हाथ में चिपक जाते हैं और फिर आप जिस वस्तु को छुएंगे, ये कीटाणु उस वस्तु को संक्रमित कर देंगे। (और पढ़ें - वायरस क्या है)
  11. ऐसी चीजें खाएं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट हों, जैसे गाजर, काली मिर्च, टमाटर आदि। (और पढ़ें - एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार)
  12. अगर आप गाड़ी में सफर करते हैं, तो गाड़ी के अंदर हवा के लिए पंखे या ए.सी. का उपयोग न करें बल्कि खिड़की खोलकर हवा गाड़ी के अंदर आने दें।
  13. अगर आपक टीबी के लिए दवाएं ले रहे हैं, तो खाना खाने के बाद दवाएं लें ताकि आपका पेट खराब न हो या जैसा आपके डॉक्टर ने बोला है वैसा ही करें। (और पढ़ें - पेट खराब होने पर क्या करें)
  14. ऐसी चीजें न लें जिनमें ज्यादा फैट या कोलेस्ट्रॉल हो। इनकी बजाय टोफू, मछली या फलियां खाएं। (और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपाय)
  15. आपके द्वारा इस्तेमाल किए गए बर्तनों, कपड़ों और चादर को सामान्य तरीके से धोया जा सकता है। (और पढ़ें - चिकन पॉक्स के लक्षण)
  16. हो सके तो बटर की जगह वेजिटेबल आयल या ओलिव आयल का उपयोग करें। (और पढ़ें - बादाम के तेल के फायदे)
  17. अपने घर की और अपनी साफ-सफाई का अच्छी तरह से ध्यान रखें और घर को गंदा बिलकुल न छोड़ें। आप चाहें तो ऐसे वैक्यूम क्लीनर का उपयोग कर सकते हैं, जो बारीक गंदगी को भी निकाल देते हैं। (और पढ़ें - निजी अंगों की सफाई कैसे करें)
  18. किसी भी प्रकार के तंबाकू का सेवन न करें, इससे आपको गंभीर नुकसान हो सकता है। अगर आप सिगरेट पीते हैं, तो इस आदत को छोड़ने का प्रयास करें। (और पढ़ें - सिगरेट पीना छोड़ने के घरेलू उपाय)
  19. शराब पीना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसीलिए शराब छोड़ने का प्रयास करें। (और पढ़ें - शराब की लत छुड़ाने के घरेलू उपाय)

(और पढ़ें - टाइफाइड होने पर क्या करे)

अगर आपको टीबी के लक्षण अनुभव होते हैं, तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए ताकि आपको सही उपचार मिल सके। निम्नलिखित स्थितियों में अपने डॉक्टर के पास तुरंत जाएं -

नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​ से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

और पढ़ें ...