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टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो 'ट्यूबरक्लोसिस' नामक जीवाणु से होता है। यह बीमारी आपके फेफड़ों को सबसे अधिक प्रभावित करती है। इसके अलावा यह शरीर के अन्य हिस्सों जैसे दिमाग, रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान पहुंचाती है। टीबी को ठीक होने में अधिक समय लगता है, इसलिए इसे ठीक करने के लिए आपको चिकित्सीय उपचार की जरूरत होती है। इलाज के साथ ही साथ टीबी को ठीक करने में आहार भी बहुत महत्वपूर्ण रोल निभाता होता है। डॉक्टर हमेशा सलाह देते हैं कि टीबी रोगियों को सबसे पहले अपने पाचन शक्ति को मजबूत बनाना चाहिए। टीबी से ग्रसित रोगियों में कमजोरी की समस्या बहुत सामान्य है, इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों को खाना चाहिए, जिससे पर्याप्त उर्जा मिल सके।

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इसके अलावा टीबी रोगियों को यह पता होना चाहिए कि इस बीमारी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं और किन चीजों से परहेज करना चाहिए और किन चीजों से नहीं। टीबी के दौरान स्वस्थ्य आहार आपके लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि यह आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ ये आपकी शरीरिक क्षमता को भी बढ़ता है। शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए निम्न खाद्य पदार्थों को खाएं। इसके साथ ही साथ दिन में कम से कम 3 बार भोजन जरूर करें।

(और पढ़ें - टीबी के घरेलू उपाय)

  1. टीबी में क्या खाना चाहिए - What to eat in TB in Hindi
  2. टीबी में परहेज और क्या नहीं खाना चाहिए - What not to eat in TB in Hindi

टीबी में रवा का लड्डू खाना चाहिए - Rava laddus should eat in TB in Hindi

टीबी के दौरान आपका वजन कम हो जाता है और भूख भी कम लगती है। इसलिए आपको अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को खाना चाहिए, जिससे आपको पर्याप्त मात्रा में उर्जा मिल सके। रवा के लड्डू या रागी का खिचड़ी खाना आपके लिए बहुत ज्यादा लाभदायक होगा। रागी से आपको भरपूर उर्जा मिलती है।

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टीबी में खिचड़ी खाना चाहिए - Khichadi should eat in TB in Hindi

टीबी रोगियों के लिए खिचड़ी बहुत ज्यादा लाभदायक होता है। लेकिन इस खिचड़ी को बनाने के लिए इसमें चावल, दाल और मौसमी सब्जी को डाल कर बनाएं। इनमें बहुत अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके शरीर के लिए आवश्यक हैं। इसके अलावा यह आसानी से पच जाते हैं। इसके साथ ही साथ आप चीनी रहित सादा पानी और नींबू पानी भी पीएं। 

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टीबी में दूध और पनीर खाएं - Eat cheese and milk in TB in Hindi

पनीर को छोटे-छोटे टुकड़ो में काटकर खिचड़ी या अन्य भोजन में मिलाकर खाएं। पनीर प्रोटीन का बहुत अच्छा स्त्रोत है। इसके साथ ही साथ पनीर मसल्स के निर्माण में सहायक है और आपको भरपूर उर्जा भी प्रदान करता है। इसके अलावा दूध भी प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का बहुत अच्छा स्रोत है।

आप दूध को सुबह, शाम और रात तीनों टाइम भोजन के साथ लें। लेकिन ये ध्यान रहे कि दूध ताजा हो और दूध को उबालें नहीं। अगर आपको कच्चा दूध पीना पसंद नहीं हैं, तो हल्का गर्म कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ आप आम और दूध का शेक बना कर भी पी सकते हैं। इससे आपके अंदर उर्जा बराबर बनी रहेगी।

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टीबी में फल खाना चाहिए - Eat fruits in TB in Hindi

टीबी में अक्सर विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी कॉमपलेक्स की कमी देखी जाती है। इसलिए टीबी को ठीक करने के लिए इनके स्तर को सामान्य स्तर पर लाना बहुत आवश्यक होता है। कुछ फल जैसे अमरूद और आंवला को खाकर आप इन विटामिनों की कमी को पूरा कर सकते हैं, क्योंकि इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। यह विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर निकालने में भी मदद करते हैं।

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इसके अलावा आप स्ट्राबेरी खाएं, इसमें बहुत अधिक मात्रा में पोटैशियम, विटामिन और खनिज मौजूद होते हैं, जो आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। विटामिन ए की आपूर्ति के लिए आम, पपीता और खुबानी जैसे फलों को भी खाएं। इसके साथ ही साथ खरबूज, अनानास, संतरा, आड़ू, अंगूर और सेब को भी खा सकते हैं।

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टीबी में खाएं सब्जियां - Eat vegetables in TB in Hindi

टीबी के दौरान आपको एंटीबायोटिक दवाईयां दी जाती है, जिससे लड़ने के लिए आपको उर्जा की आवश्यकता होती है और वो उर्जा मिलती है सब्जियों से। इसके अलावा सब्जियों और फलों के रंग में भी शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो आपको मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं। यह मुक्त कण बीमारी को जन्म देते हैं। टीबी के दौरान आप सब्जियों में गाजर, टमाटर, शकरकंद और ब्रोकली खाएं।

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साबुत अनाज खाना चाहिए क्षय रोग में - Eat whole grains in TB in Hindi

साबुत अनाज में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और फाइबर मौजूद होते हैं, जो आपको उर्जा प्रदान करते हैं। इससे आपको टीबी के दौरान होने वाली सुस्ती और थकान से राहत मिलती है। इसलिए स्वस्थ और संतुलित आहार खाएं, इससे आप टीबी को कम समय में ठीक कर सकते हैं।    

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टीबी में तले हुए खाद्य पदार्थों न खाएं - Do not eat fried foods in TB in Hindi

तले हुए चिकन, मटन, फ्रेंच फ्राइज को न खाएं। इनमें बहुत अधिक मात्रा में संतृप्त वसा होती है। फैट कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है और साथ ही साथ डायबिटीजहृदय रोग को भी बढ़ावा देता है। इसके अलावा तले हुए खाद्य पदार्थ टीबी में दस्त, पेट में ऐंठन और थकान जैसी समस्या को उत्पन्न करते हैं। दस्त से आपके शरीर में पानी की कमी होती है, जो शरीर के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक होता है। इसलिए खाना बनाने के लिए बेक्ड, ब्रॉइलिंग और स्टीम्ड विधि का इस्तेमाल करें। भोजन को बनाते समय बटर और फैट वाले अन्य चीजों का इस्तेमाल न करें।

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टीबी में खराब फैट (ट्रांस फैट) वाले खाद्य पदार्थ नहीं खाना चाहिए - Do not eat foods with trans fat in TB in Hindi

ट्रांस फैट एक प्रकार का खराब वसा है। इस वसा को एक प्रक्रिया के तहत तैयार किया जाता है, जिसमें हाइड्रोजन को वेजिटेबल ऑयल में मिलाया जाता है। इस तेल में खराब वसा (ट्रांस वसा) होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रोल के स्तर और शरीर में सूजन को बढ़ाते हैं। इसलिए खराब वसा वाले खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल नहीं करने से टीबी के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। कुकीज, केक और प्रेस्ट्री जैसे खाद्य पदार्थों को न खाएं। इसके अलावा उन सभी खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए, जो हाइड्रोजन वेजीटेबल ऑयल से बने होते हैं। इनकी जगह पर आप ताजा फल और सब्जियों को खाएं।

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टीबी में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ न खाएं - Avoid foods with refined carbohydrates in TB in Hindi

रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जैसे कि आंटा, कैलोरी रहित चीनी जैसे खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए। हालांकि सीमित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट नुकसानदायक नहीं होता है। इसलिए टीबी के रोगियों को टीबी के लक्षणों को कम करने के लिए ऐसे खाद्य पादर्थों को नहीं खाना चाहिए। ब्रेड, अनाज, पास्ता कार्बोहाइड्रेट के मुक्य स्रोत है, इसलिए इनसे परहेज करना चाहिए। इसके अलावा सॉफ्ट ड्रिंक, जैम, जैली, कैडी आदी को भी नहीं खाना चाहिए। इन खादय् पदार्थों की जगह पर आप फाइबर युक्त आहार जैसे अनाज और स्टार्च युक्त सब्जियां आदि खा सकते हैं।

(और पढ़ें - कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन)

टीबी में कॉफी और चाय न पीएं - Do not drink coffee and tea in TB in Hindi

चाय और कॉफी से आपको नींद न आने की समस्या हो सकती है। इससे टीबी को ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। अधिक कॉफी पीने से पेशाब के माध्यम से अधिक पानी निकलना या शरीर में पानी की कमी जैसी समस्या हो सकती है। इन तरल पेय पदार्थों की जगह पर आप कम वसा वाला दूध और जूस पी सकते हैं। इसके अलावा टीबी रोगियों को डॉक्टर कॉफी की जगह ग्रीन टी पीने की सलाह देते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं।

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टीबी में न करें धूम्रपान और शराब का सेवन - Do not smoke and drink alcohol in TB in Hindi

टीबी में धूम्रपान करना और शराब पीनी बहुत ज्यादा नुकसानदायक है। टीबी के दौरान अधिक शराब पीने से आप अनिद्रा के शिकार हो सकते हैं। इससे टीबी के लक्षण और गंभीर हो सकते हैं। इसके अलावा तंबाकू में निकोटीन होता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक होता है। इसलिए टीबी रोगियों को किसी भी हाल में धूम्रपान और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा तंबाकू से कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

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