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कासनी औषधीय गुणों वाली जड़ी-बूटी है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। इससे पाचन सम्बन्धी समस्याएं दूर होती हैं और सीने की जलन तथा गठिया का दर्द में आराम मिलता है। साथ ही इसमें लिवर को विषाक्तता मुक्त (डिटॉक्स) करने, जीवाणु संक्रमण को रोकने, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत और हृदय रोगों की आशंकाएं कम करने की भी क्षमता होती है। इसमें एक प्राकृतिक तत्व होता है जो किडनी की पथरी से मुकाबला करता है और वजन कम करने में मदद करता है। 

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  1. कासनी के फायदे - Kasni ke Fayde
  2. कासनी के नुकसान - Kasni ke Nuksan

कासनी पोषक तत्वों से भरपूर जड़ी-बूटी है। यह ज़िंक, मैग्नीशियम, मैंगनीज, कैल्शियम, लौह-फोलिक एसिड और पोटेशियम के साथ साथ विटामिन ए, विटामिन बी 6, विटामिन सी, विटामिन ई और विटामिन K जैसे विटामिन्स और खनिजों का बहुत अच्छा स्रोत है। तो आइये जानते हैं इसके लाभ के बारे में - 

(और पढ़ें - मिनरल्स के फायदे)

  1. कासनी बनाये पाचन तंत्र मजबूत - Kasni ke fayde banayen paachan ko majboot
  2. कासनी रखे हृदय को स्वस्थ - Kasni ke labh rakhen hriday ko swsth
  3. कासनी बचाए कैंसर से - Kasni ke aushdhiya gun bachayen cancer se
  4. कासनी है गठिया के लिए उपयोगी - Kasni khane ke fayde gathiya ke liye
  5. कासनी है वजन कम करने में उपयोगी - Kasni ka sewan hai wajan kam karne mein upyogi
  6. कासनी रखे कब्ज को दूर - Kasni ke gun karen kabj ko dur
  7. कासनी करे प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत - Kasni ka upyog rakhen immunity ko majboot
  8. कासनी है तनाव दूर करने में मददगार - Kasni ka istemal karen chinta dur karne ke liye
  9. कासनी रखे किडनी स्वस्थ - Kidney ko swsth rakhen kasni se

कासनी बनाये पाचन तंत्र मजबूत - Kasni ke fayde banayen paachan ko majboot

कासनी पाचन तंत्र को मजबूत करता है। इसमें इन्यूलिन होता है जो शक्तिशाली प्रीबायोटिक है। प्रीबायोटिक पाचन तंत्र में शरीर के लिए लाभदायक प्रोबायोटिक बैक्टीरिया की तादाद बढ़ाने में मदद करता है जिससे कैल्शियम का अवशोषण बढ़ता है। इन्यूलिन सक्रिय रूप से एसिडिटी कम करता है, इसलिए इसका उपयोग एसिड रिफ्लक्स, अपच और सीने की जलन सहित कई आंतों और पाचन से जुड़ी दिक्कतों के इलाज के लिए किया जाता है। 

(और पढ़ें - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)

कासनी रखे हृदय को स्वस्थ - Kasni ke labh rakhen hriday ko swsth

इन्यूलिन न केवल पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है बल्कि यह हानिकारक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम करता है। मुख्य तौर पर हानिकारक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के कारण एथेरोस्क्लेरोसिस और हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी होती है क्योंकि यह रक्त के प्रवाह को रोक देता है जिससे  दिल के दौरे और स्ट्रोक की आशंका बढ़ सकती है। हालांकि अभी कासनी के हृदय सम्बन्धी परेशानियों को कम करने की क्षमता के बारे में विभिन्न किस्म के शोध जारी हैं।

गौरतलब है कि कासनी से बनी कॉफी से कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों की आशंका कम की जा सकती है।

(और पढ़ें - हार्ट अटैक के बाद क्या खाएं)

कासनी बचाए कैंसर से - Kasni ke aushdhiya gun bachayen cancer se

कुछ अनुसंधान में कासनी के अर्क को विभिन्न प्रकार के कैंसर का ट्यूमर कम करने में कारगर पाया गया है। इस सम्बन्ध में विस्तृत अनुसन्धान अभी जारी है। हालांकि शुरूआती रपटों के मुताबिक ऐसा कासनी में पाए जाने वाले फ्रक्टन के कारण होता है जिसमें ट्यूमर-रोधी गुण और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। कासनी में मौजूद पॉलीफेनॉल और फाइटोकेमिल भी स्तन कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर सहित विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचाव में मदद करते हैं।

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कासनी है गठिया के लिए उपयोगी - Kasni khane ke fayde gathiya ke liye

विभिन्न अनुसन्धान और क्लिनिकल परीक्षण में पाया गया है कि कासनी में पाए जाने वाले जलन-सूजन कम करने वाले गुणों के कारण यह गठिया और विशेष तौर पर ऑस्टियोआर्थराइटिस के उपचार में उपयोगी है। साल 2010 में जारी एक अध्ययन के मुताबिक कासनी का सेवन  करने वाले 70 प्रतिशत व्यक्तियों के ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द में उल्लेखनीय कमी आई। इसका इस्तेमाल सामान्य दर्द, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द-सूजन के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। चूहों पर किये गए 12 शोधों के अनुसार कासनी, कैल्शियम अवशोषण बढ़ाने के साथ पूरे शरीर में अस्थि खनिज घनत्व (Bone Mineral Density) बढ़ा सकता है।

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कासनी है वजन कम करने में उपयोगी - Kasni ka sewan hai wajan kam karne mein upyogi

कासनी ओलिगो-फ़्रुक्टोज बहुत अच्छा स्रोत है। साथ ही इन्यूलिन अपने-आप में ही फाइबर का एक रूप है जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। कासनी, घ्रेलिन की मात्रा कम कर बार-बार खाने की तलब कम करता है, पेट भरा-भरा सा लगता है जिससे वजन घटता है।

(और पढ़ें - वजन कम करने के लिए डाइट)

कासनी रखे कब्ज को दूर - Kasni ke gun karen kabj ko dur

प्राकृतिक फाइबर के रूप में इन्यूलिन बहुत लाभकारी होता है। कासनी में मौजूद इन्यूलिन कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है, खासकर बुजुर्गों के लिए। फाइबर आंतों की सक्रियता बढ़ाने और अमाशय की फैलने और सिकुड़ने की गति बढ़ाने में अमाशय रस के स्राव में मदद करता है। इसका अर्थ है कि यह पाचन प्रक्रिया में सुधार करता है और कब्ज दूर करता है जिससे पेट और कोलन कैंसर जैसी बीमारियों की आशंका कम होती है। 

(और पढ़ें - कब्ज दूर करने के घरेलू उपाय)

कासनी करे प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत - Kasni ka upyog rakhen immunity ko majboot

कासनी से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रखने में भी मदद मिलती है। इसमें कई बैक्टीरिया-रोधी गुण होते हैं जिनसे प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। कासनी में पॉलीफेनोलिक यौगिक और फाइटोकेमिकल भी होते हैं जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं। ये रक्त प्रवाह से मुक्त कणों (Free Radicals) बहार निकाल कर दिल की बीमारियों और कैंसर सहित कई रोगों से बचाव कर सकते हैं।

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कासनी है तनाव दूर करने में मददगार - Kasni ka istemal karen chinta dur karne ke liye

कासनी में मन को शांत करने वाले गुण होते हैं जिनसे चिंता कम होती है। इससे शरीर को तनाव और इसके खतरनाक प्रभाव से मुक्त किया जा सकता है। कासनी अनिद्रा दूर करने में भी उपयोगी है। यह बाजार में उपलब्ध नींद की गोलियों से बेहतर विकल्प है। इसके सेवन से तनाव और चिंता से राहत मिलती है जिससे दिल की बीमारी, हार्मोन का असंतुलन, अनिद्रा और समय से पहले उभरे बुढ़ापे के लक्षणों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

(और पढ़ें - चिंता दूर करने के घरेलू उपाय)

कासनी रखे किडनी स्वस्थ - Kidney ko swsth rakhen kasni se

कासनी की जड़ के अर्क का उपयोग अक्सर मूत्रवर्धक के तौर पर किया जाता है। सामान्य रूप से पेशाब आने से लिवर और किडनी में जमा विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इस तरह यह शरीर में विषाक्त पदार्थों को जमा होने से रोकता है ताकि विभिन्न किस्म की बीमारियों से बचाव हो सके।

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गर्भवती महिलाओं को कासनी का उपयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अधिक सेवन से गर्भपात की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी कासनी का अधिक मात्रा में सेवन फायदेमंद नहीं है। 

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