एचसीजी यानी ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन इंजेक्शन का प्रयोग इनफर्टिलिटी के इलाज में किया जाता है. इस इंजेक्शन से पुरुषों में कम शुक्राणु की संख्या और महिलाओं की ओवरी में अंडे की उत्पत्ति को बढ़ाया जा सकता है. एचसीजी इंजेक्शन का प्रयोग गर्भधारण करने की संभावना को बढ़ाने के लिए किया जाता है. इंजेक्शन कब लगाया जाना है, ये डॉक्टर तय करता है.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि एचसीजी इंजेक्शन कब लगाना चाहिए और इसके फायदे क्या-क्या हैं -

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  1. एचसीजी इंजेक्शन के फायदे
  2. एचसीजी इंजेक्शन कब लगाना चाहिए
  3. एचसीजी इंजेक्शन की कीमत
  4. सारांश
एचसीजी इंजेक्शन के फायदे व कीमत के डॉक्टर

महिला व पुरुष की इनफर्टिलिटी के इलाज के लिए एचसीजी इंजेक्शन का प्रयोग किया जाता है. आइए, जानते हैं कि ये इंजेक्शन इन दोनों के लिए किस प्रकार फायदेमंद है -

महिलाओं के लिए

एचसीजी इंजेक्शन महिलाओं में बांझपन का इलाज करने के रूप में प्रयोग किया जाता है. अगर किसी महिला को गर्भधारण करने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर उसकी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए अन्य दवाओं - जैसे मेनोट्रोपिन (मेनोपुर, रेप्रोनेक्स) और यूरोफोलिट्रोपिन (ब्रेवेल) के साथ एचसीजी दे सकते हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि एचसीजी हार्मोन पिट्यूटरी ग्रंथि से निकलने वाले ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन के समान काम कर सकता है. ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन ओवुलेशन को उत्तेजित करता है.

अगर कोई महिला आईवीएफ के जरिए भी गर्भधारण कर रही है, तो उसे भी एचसीजी इंजेक्शन दिया जाता है. इस इंजेक्शन के प्रयोग से महिला को कंसीव करने और अंडों की संख्या बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है. महिला को एचसीजी हार्मोन के 5 हजार से लेकर 10 हजार यूनिट इंजेक्शन के जरिए दिए जा सकते हैं.

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पुरुषों के लिए

पुरुषों को एचसीजी इंजेक्शन हाइपोगोनाडिज्म का इलाज करने के लिए दिया जाता है. हाइपोगोनाडिज्म से प्रभावित पुरुष के शरीर में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन नहीं होता है. वहीं, एचसीजी इंजेक्शन लेने से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के निर्माण में मदद मिल सकती है. इससे स्पर्म काउंट में वृद्धि होती है. अधिकांश पुरुषों को कई हफ्तों या महीनों के लिए सप्ताह में दो से तीन बार एचसीजी की 1 हजार से लेकर 4 हजार यूनिट की खुराक दी जा सकती है.

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आइए, अब ये जानते हैं कि एचसीजी इंजेक्शन कब लगाया जा सकता है -

  • पिट्यूटरी ग्लैंड से एक केमिकल रिलीज होता है, जो लुटेनाइजिंग हार्मोन की तरह काम करता है. इस हार्मोन का काम ओवुलेशन प्रोसेस को तेज करना है. जो महिलाएं आईवीएफ से कंसीव कर रही हैं, उनको ट्रीटमेंट के दौरान इस इंजेक्शन को दिया जाता है, जिससे अंडे समय से मैच्योर हो सकें. यह इंजेक्शन महिला के पेट और बॉडी मास के आधार पर दिया जाता है. 
  • एंब्रियो ट्रांसप्लांट से 2 दिन पहले भी एचसीजी इंजेक्शन दिया जा सकता है. आईवीएफ तकनीक से कंसीव करने के लिए 5000 से 7000 यूनिट एचसीजी इंजेक्शन डोज डॉक्टर दे सकते हैं.
  • हार्मोन असंतुलन की समस्या को दूर करने के लिए ओवुलेशन के समय भी महिला को एचसीजी का इंजेक्शन दिया जा सकता है.

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एचसीजी इंजेक्शन महिला और पुरुष की इनफर्टिलिटी के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है. इसकी कीमत 300 रुपये से लेकर 400 रुपये तक हो सकती है.

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एचसीजी इंजेक्शन महिलाओं में ओवरी के अंदर एग प्रोडक्शन बढ़ाने में सहायक है और पुरुषों में स्पर्म काउंट बढ़ा सकता है. इस इंजेक्शन की डोज वेट और बॉडी मास के आधार पर दी जाती है. साथ ही डॉक्टर तय करते हैं कि यह इंजेक्शन महिला या पुरुष को कब देना है. साथ ही इस इंजेक्शन की कीमत 300 रुपये या उससे ज्यादा हो सकती है. इनफर्टिलिटी से जुड़ी किसी भी समस्या में सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि इस इंजेक्शन के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं.

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