आप ग्लूकोज को शायद रक्त शर्करा (blood sugar) के नाम से जानते हों। ग्लूकोज शरीर के सभी अंगों के कार्यों को सही तरह से करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। शरीर में ग्लूकोज की मात्रा जब सही होती है, तो हम इस पर बिलकुल ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन जब यह स्तर ज्यादा या कम हो जाता है, तो आपको कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं।
ग्लूकोज एक तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है, जो मोनोसैक्राइड कार्बोहायड्रेट (monosaccharides) की श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि इसमें चीनी का एक ही अणु होता है। अन्य मोनोसैक्राइड हैं फ्रक्टोज, गैलेक्टोज और रिबोस (fructose, galactose, and ribose)।
वसा के अलावा ग्लूकोज कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए ऊर्जा का सबसे महत्वपूर्ण स्त्रोत है। आप रोटी, फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों से ग्लूकोज प्राप्त कर सकते हैं।
इसके महत्त्व को देखते हुए आपको ग्लूकोज के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इस लेख में आप जानेंगे कि ग्लूकोज क्या है, ग्लूकोज के फायदे, ग्लूकोज के नुकसान, इसका सामान्य स्तर कितना होना चाहिए और ग्लूकोज के कुछ स्त्रोत के बारे में भी बताया जा रहा है।
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- ग्लूकोज क्या है - What is glucose in hindi
- ग्लूकोज के फायदे - Glucose ke fayde
- ग्लूकोज के नुकसान - Glucose ke nuksan
- ग्लूकोज का स्तर - Glucose ka level
- ग्लूकोज के स्त्रोत - Glucose ke srot
ग्लूकोज क्या है - What is glucose in hindi
शरीर भोजन से प्राप्त वसा, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से ग्लूकोज बनाता है, लेकिन कार्बोहाइड्रेट से सबसे अधिक ग्लूकोज बनता है। ग्लूकोज जीवित कोशिकाओं के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। हालांकि,कोशिकाएं इंसुलिन की सहायता के बिना ग्लूकोज का इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं।
इंसुलिन एक हार्मोन है, जो ऊर्जा और संचयन के लिए आपके रक्त से ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाता है। डायबिटीज के मरीजों के रक्त में सामान्य स्तर से अधिक ग्लूकोज होता है। ज्यादा समय तक रक्त में ग्लूकोज का अधिक स्तर आपके गुर्दे, आंखों और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
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ग्लूकोज के फायदे - Glucose ke fayde
ग्लूकोज के शरीर में कई तरह के फायदे होते हैं। यह शरीर के लिए उपयोगी तत्वों में से एक होता हैं। इसके फायदों को नीचे विस्तार से जानें।
- ऊर्जा का स्त्रोत होता है –
रोजाना के कामों को करने के लिए शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। पर्याप्त शारीरिक ऊर्जा न होने पर आप जल्दी थक जाते हैं। आपको ऊर्जा के लिए ग्लूकोज की आवश्यकता होती है और इसके लिए आपको कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ग्लूकोज पाचन तंत्र के द्वारा भोजन से अलग होता है और रक्त में अवशोषित होने के बाद यह ग्लाइकोजिन (glycogen) में बदल जाता है। इसके बाद ग्लाइकोजिन मांसपेशियों में संरक्षित हो जाता है। शरीर की आवश्यकता के अनुसरा यही ग्लाइकोजिन ग्लूकोज में बदलकर आपको ऊर्जा प्रदान करता है। (और पढ़ें - ताकत बढ़ाने के घरेलू उपाय)
- स्टेमिना के लिए जरूरी होता है –
आप ऊपर जान चुके हैं कि ग्लूकोज शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इसके साथ ही ग्लूकोज स्टेमिना को बढ़ाने का भी काम करता है। मांसपेशियों में ग्लाइकोजिन की अधिक मात्रा होने का मतलब है कि आपकी मांसपेशियां जल्दी नहीं थकेंगी, जिससे आपका स्टेमिना बढ़ जाता है। (और पढ़ें - थकान दूर करने के घरेलू उपाय)
- दिमागी कार्यो में सहायक होता है –
हाल ही में हुए कुछ अध्ययनों से इस बात का पता चला है कि ग्लूकोज मस्तिष्क के कार्यों को सही तरह से करने के लिए आवश्यक होता है। इसके साथ ही एक अन्य रिसर्च में यह भी पाया गया कि किसी चीज को सीखने की प्रक्रिया में मस्तिष्क संरक्षित हुए ग्लूकोज को इस्तेमाल करता है। (और पढ़ें - याददाश्त बढ़ाने के घरेलू उपाय)
- शारीरिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने में मददगार होता है -
शारीरिक प्रक्रियाओं - जैसे मांसपेशी का ऐंठन, श्वसन, शरीर का तापमान और हृदय की गति - के लिए शरीर को ग्लूकोज की आवश्यकता होती है। दरअसल हृदय गति से लेकर मांसपेशियों में संकुचन तक की सभी प्रक्रियाओं को ग्लूकोज के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है और ग्लूकोज के बिना यह कार्य संभव नहीं है। (और पढ़ें - अनियमित दिल की धड़कन)
- शरीर के तापमान को नियंत्रण में रखने में सहायक होता है –
शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए भी आपको ऊर्जा की आवश्यकता होती है। आपकी मांसपेशियों में एकत्रित ग्लाइकोजिन शरीर के तापमान को नियमित करने में सहायक होता है।
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ग्लूकोज के नुकसान - Glucose ke nuksan
शरीर में ग्लूकोज नियमित स्तर से अधिक या कम होने पर आपको कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं, इनके बारे में नीचे जानते हैं।
- डायबिटीज होने का खतरा रहता है –
शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाने से रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है और इससे आपको डायबिटीज हो सकती है। लेकिन डायबिटीज होने का यही एक मात्र कारण नहीं होता है। इसके अलावा इंसुलिन हार्मोन भी इसका महत्वपूर्ण कारण होता है। अगर शरीर में इसुंलिन और ग्लूकोज की मात्रा सही अनुपात में न हो तो इससे भी डायबिटीज हो जाती है। (और पढ़ें - डायबिटीज डाइट चार्ट)
- शरीर को मोटा करता है –
कार्बोहाइड्रेट, ग्लूकोज और मोटापे का सीधा संबंध होता है। डायबिटीज में ग्लूकोज ही वजन बढ़ने का कारण नहीं होता है। मांसपेशियों में जमा अतिरिक्त ग्लाइकोजिन वसा में बदल जाता है और इसकी वजह से ही मोटापा बढ़ने लगता है। (और पढ़ें - मोटापा कम करने के लिए क्या खाना चाहिए)
- हाइपोग्लाइसीमिया होने की संभावना बढ़ जाती हैं –
जब रक्त में शर्करा का स्तर या ग्लूकोज का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, तब हाइपोग्लाइसीमिया होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ग्लूकोज की कमी से आपका वजन तेजी से कम होने लगता है, जिससे आपको चिंता, चक्कर आना, भ्रम होना, बोलने में मुश्किल होना आदि समस्याएं हो सकती हैं। (और पढ़ें - चक्कर आने के घरेलू उपाय)
ग्लूकोज का स्तर अनियमित होने से कुछ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह विभिन्न स्थितियों का कारण बन सकता है, जिनमें निम्न शामिल हैं:
- दिल की बीमारी
- अंधापन (और पढ़ें - मोतियाबिंद का इलाज)
- त्वचा का संक्रमण
- जोड़ों और पैरों में समस्याएं (और पढ़ें - जोड़ों में दर्द का उपचार)
- निर्जलीकरण
- बेहोशी
- कोमा
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ग्लूकोज का स्तर - Glucose ka level
शरीर में ग्लूकोज के स्तर को सामान्य बनाए रखना आपके स्वास्थ के लिए महत्वपूर्ण होता है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है, उनको ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।
स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में ग्लूकोज का स्तर इस प्रकार होना चाहिए
- खाने से पहले: 90-130 मिलीग्राम/डीएल (1 डीएल का 100 मिलीलीटर),
- खाने के एक से दो घंटे के बाद: 180 मिलीग्राम/डीएल से अधिक नहीं होना चाहिए
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रक्त शर्करा बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे -
- अधिक मात्रा में भोजन करना
- तनाव (और पढ़ें - तनाव दूर करने के उपाय)
- अन्य बीमारियां
- शारीरिक गतिविधि में कमी
- डायबिटीज होने पर इसकी दवाओं को न लेना (और पढ़ें - डायबिटीज में क्या खाना चाहिए)
ग्लूकोज के स्त्रोत - Glucose ke srot
ग्लूकोज को आप खाद्य पदार्थों से ग्रहण कर सकते हैं। ग्लूकोज के सामान्य स्तर को ना बना पाना भी आपके लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए ग्लूकोज के स्तर को नियमित बनाए रखना बेहद आवश्यक होता है। ग्लूकोज के स्तर को नियमित बनाए रखने के लिए रोजाना आवश्यकता अनुसार खाना खाएं, भोजन में प्रोटीन जैसे मीट, चीज, सूखे मेवों को शामिल करें और अपना नाश्ता ना छोड़े। ग्लूकोज युक्त आहार के कुछ स्त्रोतों के बारे में नीचे बताया गया है। (और पढ़ें - संतुलित आहार के फायदे)
- ग्लूकोज युक्त सब्जियां – बिना जड़ों वाली सब्जियों को अपने खाने में शामिल करें, जैसे ब्रोकली, एस्पेरेगस, पालक, और अन्य पत्तेदार सब्जियां आदि।
- अंडे
- मछली
- चीज
- अंगूर
- बीज और सूखे मेवे
- शहद
- खजूर
- अनार
- अनानास
- आम
- चुकंदर
- खीरा
- कोल्ड ड्रिंक
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को ग्लूकोज युक्त आहार खाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए, क्योंकि कई बार बिना डॉक्टरी परामर्श के यह आहार खाने से आपको स्वास्थ संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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