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विटामिन बी1 को थायमिन (Thiamine) के नाम से भी जाना जाता है। यह शरीर के लिए एक बहुत ही आवश्यक खनिज होता है, जो कार्बोहाइड्रेट पर प्रक्रिया (Processing) करने के लिए शरीर को आवश्यक तत्व प्रदान करता है। ऐसा होने से शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद मिलती है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के संचालन को मैन्टेन रखने में भी मदद करता है। ऐसे कई कारक हैं जिनके कारण विटामिन बी1 की कमी हो सकती है, जैसे बहुत ज्यादा डायटिंग करना या बेहद कम खाना (Over dieting), बहुत अधिक शराब पीना, लीवर संबंधी विकार और किडनी डायलिसिस आदि। विटामिन बी1 की कमी को बेरीबेरी (Beriberi) रोग के नाम से भी जाना जाता है। जो लोग अधिक मात्रा में मिठाई, सोफ्ट ड्रिंक और प्रोसेस्ड फूड्स (बाहर बने हुऐ खाद्य पदार्थ) आदि खाते हैं, तो उनमें भी विटामिन बी1 की कमी होने के अत्यधिक जोखिम हो जाते है। थायमिन की कमी खासकर अधिक शराब पीने वाले लोगों में पाई जाती है, क्योंकि लंबे समय से शराब का सेवन करने से शरीर द्वारा पहले से ही अवशोषित की गई विटामिन बी 1 (व अन्य पोषक तत्व) की मात्रा कम हो जाती है।

थायमिन युक्त आहारों का सेवन करने से स्पष्ट रूप से कई स्वास्थ्य संंबंधी लाभ होते हैं, जो निम्न में मदद करते हैं:

  • हृदय का सामान्य रूप से काम करना
  • कार्बोहाइड्रेट और उर्जा पैदा करने वाले मेटाबॉलिज्म को सामान्य रखना
  • तंत्रिका प्रणाली का सामान्य रूप से कार्य करना
  • साइक्लॉजिकल फंक्शन ठीक से काम करना

इसके लक्षणों में थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोर याददाश्त, ठीक से नींद ना आना, भूख कम लगना और पेट में परेशानी आदि शामिल हैं। इस स्थिति का इलाज करने के लिए बाहरी स्रोतों से विटामिन K के पूरक (सप्लीमेंट्स) और इसका कारण बनने वाली अंतर्निहित स्थितियों का उपचार करने की आवश्यकता होती है। ब्रेकफास्ट सीरियल (अनाज जैसे - गेंहू, मक्का या ओट्स, Breakfast cereals) जैसे कई खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से विटामिन बी1 व अन्य विटामिन पाए जाते हैं। ब्रेकफास्ट सीरियल में अक्सर विटामिन बी 1 की मात्रा बढ़ा दी जाती है, जिससे शरीर में इस पोषक तत्व के स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - अच्छी नींद के लिए घरेलू नुस्खे)

  1. विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) के लक्षण - Beriberi (Vitamin B1 ki kami) Symptoms in Hindi
  2. विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) के कारण - Beriberi (Vitamin B1 ki kami) Causes in Hindi
  3. विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) के बचाव के उपाय - Prevention of Beriberi (Vitamin B1 ki kami) in Hindi
  4. विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) का परीक्षण - Diagnosis of Beriberi (Vitamin B1 ki kami) in Hindi
  5. विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) का उपचार - Beriberi (Vitamin B1 ki kami) Treatment in Hindi
  6. विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) से होने वाले रोग - Disease caused by Beriberi (Vitamin B1 ki kami) in Hindi
  7. विटामिन बी 1 की खुराक - Daily requirement of Vitamin B1 ki kami in Hindi?
  8. विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) की दवा - Medicines for Vitamin b1 deficiency in Hindi
  9. विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) के डॉक्टर

विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) के लक्षण - Beriberi (Vitamin B1 ki kami) Symptoms in Hindi

विटामिन बी1 में कमी या बेरी बेरी रोग होने से कौन से लक्षण विकसित होने लगते हैं?

बेरी बेरी रोग के 3 प्रकार होते हैं:

  • वेट बेरी बेरी (बेरी बेरी का नम या भीगा हुआ रूप)
  • ड्राई बेरी बेरी (बेरी बेरी का सूखा रूप)
  • सेरीबरल बेरी बेरी या वर्निक कोरास्कौफ सिंड्रोम (Wernicke-Korsakoff syndrome)

वेट बेरी बेरी कार्डियोवास्कुल रोग से जुड़ी होती है, जिसके लक्षण निम्न हो सकते हैं:

ड्राई बेरी बेरी और वर्निक कोरास्कौफ सिंड्रोम ये दोनों तंत्रिका तंत्र से जुड़े रोगों व नीचे दिए गए लक्षणों से जुड़े हो सकते हैं।

  • दर्द
  • झुनझुनी
  • हाथ व पैरों में कम सनसनी महसूस होना
  • इस स्थिति में मांसपेशियां नष्ट होना और लकवा भी एक सामान्य लक्षण होता है जो मस्तिष्क को नष्ट करने और मृत्यु जैसी घातक स्थितियां पैदा कर सकता है।

बेरी बेरी के ये तीनों प्रकार आमतौर पर शराब का अत्याधिक सेवन करने के कारण हो सकते हैं।

थायमिन या विटामिन बी1 में कमी के कुछ अन्य क्लीनिकल संकेत जिनमें निम्न शामिल हैं:

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि किसी व्यक्ति में बेरी बेरी से से संबंधित कोई भी लक्षण महसूस हो रहा हो, तो उनको डॉक्टर के पास जाकर अपनी समस्या की पुष्टी करने के लिए खून टेस्ट आदि करवाने चाहिए।

जिन लोगों में विटामिन बी1 के स्तर में कमी है, उनको अपने विटामिन बी1 के स्तर पर नजर रखने के लिए नियमित रूप से खून टेस्ट करवाने जाने की आवश्यकता पड़ती है। इसकी मदद से यह पता लगाया जाता है कि इलाज बेरी-बेरी पर कितनी प्रक्रिया दे रहा है और विटामिन बी 1 के स्तर में सुधार हो रहा है या नहीं। 

(और पढ़ें - कैल्शियम यूरिन टेस्ट)

विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) के कारण - Beriberi (Vitamin B1 ki kami) Causes in Hindi

बेरीबेरी रोग या विटामिन बी1 में कमी किस कारण से होती है?

विटामिन बी1 युक्त पदार्थ कम मात्रा में लेना -

थायमिन या विटामिन बी1 में कमी मुख्य रूप इन आहारों का सेवन करने से होती है:

  • ज्यादातर ऐसे भोजन खाना जिनमें मिल के चावल, सादे व ताजे पानी की मछली और शेलफिश (और पढ़ें - मछली के तेल के फायदे)
  • खाद्य पदार्थ जो विटामिन बी1 के विरोधी कारक (एंटी-थायमिन फैक्टर) में उच्च होते हैं जैसे चाय, कॉफी और बीटल नीट्स
  • प्रोसेस्ड फूड्स जो थायमिन को नष्ट कर देते हैं।

भोजन से जुड़े कुछ ऐसे कारक भी हैं, जो विटामिन बी1 की खपत को कम कर देते हैं:

  • शराब की लत की स्थिति
  • बहुत अधिक भूखा रहना
  • गेस्ट्रिक बाईपास सर्जरी – रिकवरी अवधि के दौरान सीमित मात्रा में कैलोरी लेना (प्रतिदिन लगभग 600-900 केसीएएल)
  • अनुवांशिक रूप से प्राप्त पोषण में विटामिन बी1 में कमी होना

खपत बढ़ने की स्थिति -

थायमिन की मेटाबॉलिक खपत बढ़ने की स्थिति भी निम्न के परिणास्वरूप हो सकती है:

(और पढ़ें - व्यायाम छोड़ने के नुकसान)

डेप्लेशन बढ़ना (Increased depletion) -

निम्न के चलते बढ़े हुए विटामिन बी1 में अचानक कमी आने लगती है:

आनुवंशिक विकार -

कुछ बहुत गंभीर मामलों में बेरीबेरी एक विरासत में मिले किसी विकार के कारण हो सकती है। यह विकार खाए गए भोजन से प्राप्त विटामिन बी1 को अवशोषित करने में अक्षमता पैदा करता है।

विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) के बचाव के उपाय - Prevention of Beriberi (Vitamin B1 ki kami) in Hindi

विटामिन बी 1 में कमी या बेरीबेरी रोग होने से रोकथाम कैसे करें?

  •  बेरीबेरी रोग की रोकथाम करने के लिए सबसे पहले आप यह सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी 1 से उच्च खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं।
  • बेरी बेरी रोग होने की संभावना अक्सर कम ही होती है क्योंकि ज्यादातर लोग उनके द्वारा खाए गए खाद्य पदार्थों से पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी1 प्राप्त कर लेते हैं।
  • छोटे समूहों के लोग जिनमें बेरी बेरी होने के अधिक जोखिम होते हैं। उनमें पोषक तत्वों में कमी से बेरी बेरी रोग विकसित होने से रोकथाम करने का एकमात्र तरीका नियमित रूप से ब्लड टेस्ट करना होता है, जिससे शरीर विटामिन बी1 की मात्रा की जांच की जाती है।

विटामिन बी1 में उच्च खाद्य पदार्थ -

थायमिन के स्त्रोतों में निम्न खाद्य पदार्थ शामिल हैं:

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जिनमें विटामिन बी1 को अलग से शामिल किया जाता है, जिनमें निम्न हैं:

विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) का परीक्षण - Diagnosis of Beriberi (Vitamin B1 ki kami) in Hindi

बेरी बेरी रोग का परीक्षण कैसे किया जाता है?

जिन लोगों में पहले भी बेरी-बेरी से संबंधित लक्षण महसूस हो चुके हैं और साथ ही अगर उनमें निम्न  कारक भी नजर आ रहे हैं तो डॉक्टर उनमें विटामिन बी 1 की कमी होने के संदेह कर सकते हैं:

निम्न की जांच करने के लिए डॉक्टर एक स्पेशल परीक्षण करते हैं:

  • शरीर के अंगों में एक दूसरे से तालमेल बैठाने में कमी
  • चलने में कठिनाई
  • पलके लटक जाना
  • किसी क्रिया की प्रतिक्रिया में हड्डियों और मांसपेशियों का ठीक से प्रतिक्रिया ना दे पाना

शारीरिक परीक्षण की मदद से डॉक्टर हृदय संबंधी किसी प्रकार की समस्या का पता भी लगा सकते हैं ।

आपको बेरीबेरी रोग है या नहीं यह निर्धारित करने के लिए आपको कई टेस्ट करवाने की आवश्यकता पड़ कती है।

  • ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट की मदद से शरीर में विटामिन बी1 की मात्रा की जांच की जाती है। यदि विटामिन बी1 का अवशोषण करने में आपके शरीर को कठिनाई हो रही है, तो आपके खून में विटामिन बी1 का स्तर कम और यूरिन में इसका स्तर ज्यादा हो जाएगा।
  • हार्ट फेलियर की समस्या की जांच करने के लिए इको टेस्ट (इकोकार्डियोग्राम) किया जाता है।
  • बेरीबेरी रोग में होने वाले मानसिक बदलावों का पता लगाने के लिए एमआरआई स्कैन और सीटी स्कैन किया जाता है।

विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) का उपचार - Beriberi (Vitamin B1 ki kami) Treatment in Hindi

बेरी बेरी रोग का उपचार कैसे किया जाता है?

अक्सर शरीर में एक से अधिक प्रकार के विटामिन की कमी एक साथ होती है। एेसे में इलाज शुरू होने के साथ ही रोगी पर विशेष निगरानी रखें जाने की आवश्यकता है:

दवाएं:

यह बेरीबेरी से होने वाले संभावित लक्षणो व समस्याओं को कम करने का मुख्य तरीका है:

  • हृदय की दवाएं - यदि बेरीबेरी रोग की वेट बेरीबेरी (Wet beriberi) के रूप में पहचान की गई है और यह स्थिति मरीज में काफी दिनों से है। तो इस स्थिति में हृदय के कार्यों पर प्रभाव पड़ने लगता है,  ऐसे में सिर्फ विटामिन बी1 की ही आवश्यकता नहीं पड़ती बल्कि डाइजोक्सिन (Digoxin) जैसी दिल की दवाएं लेने की भी आवश्यकता पड़ती है। (और पढ़ें - हृदय रोग का इलाज)
  • दर्द निवारक - न्यूरोलॉजिकल लक्षणों की गंभीरता के आधार पर दर्द निवारक दवाएं न्यूरोपैथी के कारण हाथों और पैरों में दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है। (और पढ़ें - पैर के दर्द के लिए घरेलू उपाय)
  • अन्य विटामिन - खून टेस्ट आदि के रिजल्ट के आधार पर डॉक्टर मरीज को अन्य विटामिन के सप्लीमेंट्स (जो टेबलेट आदि के रूप मे मिलते हैं) लेने की सलाह भी दे सकते हैं। यह उपचार अक्सर उन लोगों के लिए होता है जिनके आहार में कई पोषक तत्वों की कमी होती है और जिन्हें अलग से विटामिन प्राप्त करने के लिए दवाएं दिए जाने की आवश्यकता हो सकती है।

इसके अलावा विटामिन बी1 के सप्लीमेंटेशन को या तो इंन्ट्रावेनसली (नसों के माध्यम से) या फिर टेबलेट के रूप में मरीज को दिया जाता है। डॉक्टर मरीज की विटामिन अवशोषित करने की प्रक्रिया में सुधार करने के लिए उसे विटामिन बी1 में उच्च खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ाने के साथ-साथ सप्लीमेंट्स लेने की सलाह भी दे सकते हैं। इससे शरीर में इस विटामिन की कमी में सुधार होने लगता है और इसके लक्षण कम हो जाते हैं।

अधिकतर लोगों को पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी1 प्राप्त करने के लिए इसके सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ती और जैसा कि विटामिन बी1 पानी में घुलनशील होता है इसे अधिक मात्रा में लेने से किसी प्रकार के जोखिम पैदा नहीं होते।

  • विटामिन बी1 (थायमिन) - बेरी बेरी के लक्षणों के आधार पर विटामिन बी1 को या तो नसों के द्वारा (नस में इंजेक्शन की मदद से) या फिर टेबलेट के रूप में दिया जाता है। कई बार इन दोनों तरीकों का संयोजन करके भी मरीज में विटामिन बी 1 की पूर्ति की जा सकती है। यदि विटामिन बी1 में थोड़ी बहुत कमी हो, तो डॉक्टर इस विटामिन की खुराक को विशेष समय के अनुसार विशेष खुराक लेने की सलाह देते हैं। यदि विटामिन बी1 में बहुत अधिक कमी हो गई है तो विटामिन बी1 को नसों के द्वारा निश्चित समय पर विशेष खुराक के अनुसार दिया जाता है।

ओरल सप्लीमेंट्स (मुंह द्वारा लिए जाने वाले) को प्राप्त करने के सुझाव निम्न हो सकते हैं:

  • अगर विटामिन बी1 में थोड़ी बहुत कमी है जो काफी लंबे समय से है, तो प्रतिदिन 25 से 100 एमजी की खुराक निर्धारित की जाती है।
  • विटामिन बी1 में कमी की अधिक गंभीर स्थिति में प्रतिदिन 200 से 300 एमजी की खुराक निर्धारित की जाती है।

(और पढ़ें - संतुलित आहार के लाभ)

विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) से होने वाले रोग - Disease caused by Beriberi (Vitamin B1 ki kami) in Hindi

विटामिन बी1 की कमी से होने वाले रोग?

  • बेरी-बेरी के कारण होने वाला हार्ट फेलियर। अगर इसका इलाज ना किया जाए तो यह जीवन के लिए घातक स्थिति बन सकती है।
  • विटामिन बी1 की कमी, बी ग्रुप के अन्य विटामिनों की कमी के साथ हो सकती है, जिन्हें अपने नियमानुसार इलाज की आवश्यकता पड़ सकती है।

बेरी बेरी के बाद के चरणों में लोगों को निम्न समस्याएं हो सकती हैं:

(और पढ़ें - भ्रम का इलाज)

विटामिन बी 1 की खुराक - Daily requirement of Vitamin B1 ki kami in Hindi?

विटामिन बी1 को रोजाना कितनी मात्रा में प्राप्त करना चाहिए?

विटामिन बी1 या थायमिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण खनिज होता है, जो शरीर को पर्याप्त उर्जा प्रदान करता है। यदि विटामिन बी 1 की कमी होने लगे तो शरीर में उर्जा की कमी होने लगती है। इसके अलावा जैसे की ऊपर बताया गया है, कि यह तंत्रिका के कार्यों को मैंटेन रखने में भी मदद करता है इसलिए इसको नियमित रूप से प्राप्त करना सभी के लिए जरूरी होता है। लेकिन इसको प्राप्त करने के लिए इसकी सही मात्रा जानना जरूरी होता है क्योंकि पुरुष हो या महिला सभी को उम्र व अन्य कुछ कारकों के अनुसार इसको प्राप्त करने की मात्रा में भी बदलाव करना जरूरी होते हैं। इन सभी स्थितियों के अनुसार नीचे टेबल की मदद से विटामिन बी1 को प्राप्त करने की सही मात्रा को सुझाया गया है:

उम्र  पुरुष महिला गर्भावस्था स्तनपान
जन्म से 6 महीने तक 0.2 एमजी 0.2 एमजी    
7 से 12 महीने 0.3 एमजी 0.3 एमजी    
1 से 3 साल 0.5 एमजी 0.5 एमजी    
4 से 8 साल 0.6 एमजी 0.6 एमजी    
9 से 13 साल 0.9 एमजी 0.9 एमजी    
14 से 18 साल 1.2 एमजी 1.0 एमजी 1.4 एमजी 1.4 एमजी
19 से 50 साल 1.2 एमजी 1.1 एमजी 1.4 एमजी 1.4 एमजी
51 तथा उससे ऊपर की उम्र 1.2 एमजी 1.1 एमजी    

(और पढ़ें - पौष्टिक आहार के लाभ)

 

Dr. Tanmay Bharani

Dr. Tanmay Bharani

एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान

Dr. Sunil Kumar Mishra

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एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान

Dr. Parjeet Kaur

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एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान

विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) की दवा - Medicines for Vitamin b1 deficiency in Hindi

विटामिन बी 1 की कमी (बेरी बेरी) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
TiamTIAM 100MG CAPSULE95
Bigvin PlusBigvin Plus Soft Gelatin Capsule60
NervijenNERVIJEN INJECTION 2ML50
Mycobal Plus (Marc)Mycobal Plus Syrup67
B ColexB COLEX CAPSULE36
Cynocal 16CYNOCAL 16 200ML SYRUP85
ThiaminThiamin 100 Mg/Ml Injection38
Sioneuron ForteSioneuron Forte Tablet8

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References

  1. Gibson GE, Hirsch JA, Fonzetti P, Jordan BD, Cirio RT, Elder J. Vitamin B1 (thiamine) and dementia. Ann N Y Acad Sci. 2016 Mar;1367(1):21-30. PMID: 26971083
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