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चिकन पॉक्स एक बहुत ही जल्दी फैलने वाली बीमारी है, जिसे आम भाषा में छोटी माता या माता निकलना भी कहा जाता है। ये बीमारी “वेरिसेला जोस्टर” (Varicella zoster) नामक वायरस के कारण होती है जिसमें व्यक्ति के पूरे शरीर पर द्रव से भरे हुए छाले या दाने हो जाते हैं। ये दाने पहले चेहरे और पीठ पर होते हैं और फिर पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। इससे व्यक्ति को बुखार और छालों में खुजली जैसे लक्षण कई होते हैं जो बहुत ही ज्यादा परेशान करने वाले होते हैं।

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वैसे तो चिकन पॉक्स अपने आप या कुछ घरेलू उपाय करने से ठीक हो जाता है, लेकिन कभी-कभी इससे कई अन्य समस्याएं व जटिलताएं हो सकती हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में चिकन पॉक्स जानलेवा भी हो सकता है।

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इस लेख में क्या माता निकलना खतरनाक होता है, चिकेनपॉक्स में क्या करे, क्या न करें और इसके लिए डॉक्टर के पास कब जाएं के बारे में बतया गया है।

  1. क्या चिकन पॉक्स खतरनाक होता है - Kya chicken pox khatarnak hota hai
  2. चिकन पॉक्स में क्या करना चाहिए - Chicken pox ho to kya kare
  3. चिकन पॉक्स में क्या न करें - Chicken pox me kya nahi karna chahiye
  4. चिकन पॉक्स के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए - Chicken pox ke liye doctor ke pas kab jaye

वैसे तो चिकन पॉक्स से ग्रस्त लोग पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कई लोगों के लिए ये गंभीर और यहां तक की जानलेवा भी हो सकता है। बड़े लोगों को माता निकलने पर अन्य जटिलताएं होने की संभावना अधिक होती है हालांकि, इनके मामले बहुत कम होते हैं। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, उनके लिए चिकन पॉक्स ज्यादा खतरनाक होता है। इस बात का ध्यान रखें कि आपके परिवार के हर सदस्य को चिकन पॉक्स के टीके लगे हों और आगे भी समय-समय पर लगते रहें। चिकन पॉक्स के लिए लगाए जाने वाले टीके को वेरिसेला वैक्सीन (Varicella vaccine) कहा जाता है।

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अगर चिकन पॉक्स के छाले बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाएं, तो जटिलताएं होने की सम्भावना अधिक होती है।

(और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण के लक्षण)

चिकन पॉक्स से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं, जिनके कारण व्यक्ति की हालत बिगड़ सकती है और कुछ मामलों में मौत भी हो सकती है -

चिकन पॉक्स के लिए कोई इलाज नहीं होता है, लेकिन ये कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि, कुछ तरीकों से इसमें होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है। चिकन पॉक्स के लिए प्राथमिक उपचार निम्नलिखित हैं -

  1. छालों पर ठंडी सिकाई करने से इनमें होने वाली खुजली और जलन से आराम मिलता है। (और पढ़ें - मुंह में जलन का इलाज)
  2. तेज बुखार होने पर मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) दवाएं ली जा सकती हैं। हालांकि, कोई भी दवा लेने से पहले पैकेट पर दिए निर्देशों को पढ़ लें या डॉक्टर से सलाह लें। (और पढ़ें - बुखार भगाने के घरेलू उपाय)
  3. अगर आपको खुजली हो रही है, तो खरोंचने की बजाय छालों को हल्के हाथ से थपथपाएं या दबाएं। ध्यान रहे कि आप छालों पर बहुत ज्यादा दबाव न बनाएं क्योंकि अगर छाले फट गए, तो त्वचा पर उनके निशान रह जाते हैं। (और पढ़ें - मुंह के छाले दूर करने के घरेलू उपाय)
  4. चिकन पॉक्स से ग्रस्त व्यक्ति और परिवार वालों की व्यक्तिगत स्वच्छता बहुत महत्वपूर्ण होती है। व्यक्ति को हल्के ठंडे पानी से नहाना चाहिए और बार-बार हाथ धोने चाहिए, ताकि चिकन पॉक्स फैले नहीं। (और पढ़ें - हाथ धोने का तरीका)
  5. आप छालों पर होने वाली खुजली, जलन और दर्द के लिए उनपर कैलामाइन लोशन लगा सकते हैं। (और पढ़ें - सीने में जलन के कारण)
  6. चिकन पॉक्स में व्यक्ति के शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है, इसीलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। अगर बच्चे पानी नहीं पी रहे हैं, तो आप उनके लिए डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। (और पढ़ें - पानी कितना पीना चाहिए)
  7. व्यक्ति को हर 3 से 4 घंटों में नहाने को कहें और उनके नहाने के पानी में बेकिंग सोडा मिला दें, इससे खुजली में आराम मिलेगा। (और पढ़ें - नहाने का सही तरीका)
  8. अगर आपके घर में किसी को चिकन पॉक्स हुआ है, तो उसके बर्तन, तौलिये, बिस्तर और कपडे शेयर न करें। (और पढ़ें - तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे)
  9. माता निकलने पर व्यक्ति को बहुत अधिक खुजली होती है और अगर व्यक्ति अपने नाखूनों से खुजली कर ले, तो छालों में इन्फेक्शन होने का खतरा होता है। इसके लिए अपने नाखून काट लें और अगर किसी छोटे बच्चे को चिकन पॉक्स हुआ है, तो उनके हाथों पर कपडा बांध दें ताकि वह नाखूनों से खुजली न कर सके। (और पढ़ें - नाखून खाने से क्या नुकसान होता है)
  10. अगर आपके मुंह में दर्द या तकलीफ हो रही है और आप खाना चबा नहीं पा रहे हैं, तो सूप पिएं और तेज मिर्च वाला खाना न खाएं। याद रहे कि सूप ज्यादा गर्म न हो। (और पढ़ें - कैंसर रोगियों के लिए सूप की रेसिपी)
  11. ढीले-ढाले कॉटन के कपडे पहनें ताकि आपकी त्वचा में इरिटेशन न हो और कपडा छालों पर रगड़े नहीं। (और पढ़ें - घमौरी का इलाज)
  12. चिकन पॉक्स में घर का बना हल्का खाना ही खाएं जो आसानी से पच सके और जिसमें पर्याप्त प्रोटीन और कैलोरी हो, जैसे खिचड़ी और अंकुरित अनाज। (और पढ़ें - बदहजमी होने पर क्या करे)
  13. खुजली के लिए मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली कुछ दवाएं ली जा सकती हैं। हालांकि, इन दवाओं को लेने से पहले पैकेट पर दिए निर्देशों को पढ़ें और डॉक्टर से सलाह लें। (और पढ़ें - सिर में खुजली का इलाज)
  14. अगर आपको बहुत अधिक खुजली हो रही है, तो आप छालों पर एक गीला व ठंडा कपडा रख सकते हैं। (और पढ़ें - ठंडा पानी पीने के नुक्सान)
  15. अगर मुंह के छालों के कारण आपका खाना मुश्किल हो रहा है, ऐसे तरल पदार्थ पिएं जो ठन्डे हों। (और पढ़ें - खाली पेट पानी पीने के फायदे)
  16. अगर आपको माता निकली है, तो ऑफिस या बाहर कहीं न जाएं। बाहर जाने से आपको भी परेशानी होगी और दूसरे लोगों को भी चिकन पॉक्स होने का खतरा होगा। (और पढ़ें - खसरे के लक्षण)
  17. अगर बच्चे को चिकन पॉक्स हुआ है, तो कुछ दिन उसे स्कूल न जाने दें। बच्चों में चिकन पॉक्स फैलने का खतरा सबसे अधिक होता है। (और पढ़ें - फफोले के लक्षण)

(और पढ़ें - चिकन पॉक्स का घरेलू उपचार)

नीचे वाले भाग में माता निकलने पर क्या नहीं करने चाहिए के बारे में बताया गया है।

चिकन पॉक्स होने पर बहुत सी बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है, जैसे -

  • आइबुप्रोफेन जैसी एंटी-इंफ्लेमेटरी पेन किलर दवाएं न लें, ये चिकन पॉक्स में आपकी हालत और बिगड़ सकती हैं। (और पढ़ें - पेन किलर के साइड इफेक्ट)
  • प्रोसेस्ड फूड या जंक फूड बिलकुल न खाएं। (और पढ़ें - जंक फूड के नुकसान)
  • बच्चों को एस्पिरिन बिलकुल न दें, इससे गंभीर समस्याएं हो सकती हैं और खुद भी एस्पिरिन लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  • डॉक्टर से सलाह किए बिना कोई भी दवा न लें।
  • अगर आपके आस-पास किसी को चिकन पॉक्स हुआ है, तो उसकी कोई भी चीज या खाना शेयर न करें। चिकन पॉक्स बहुत ही आसानी से फैलने वाली बीमारी है। (और पढ़ें - खाना खाने का सही समय)
  • हो सके तो घर से बाहर न जाएं और थकाने वाले कोई भी काम न करें। (और पढ़ें - व्यायाम से सम्बंधित मिथ्स)
  • माता निकलने पर होने वाले छालों में बहुत खुजली होती है, लेकिन खुजली करने से आपको इन्फेक्शन हो सकता है। कोशिश करें कि छालों पर खुजली न करें। (और पढ़ें - दाद के घरेलू उपाय)
  • खाना-पीना बिलकुल न छोड़ें। केवल घर का बना हल्का खाना ही खाएं। (और पढ़ें - फूड पाइजनिंग के घरेलू उपाय)
  • तेल वाला, मिर्च वाला या तेज नमक वाला खाना न खाएं, इससे आपके मुंह में तकलीफ बढ़ सकती है। (और पढ़ें - लाल मिर्च के नुकसान)
  • चिकन पॉक्स से संबंधित खतरनाक लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

ज्यादातर मामलों में माता निकलने पर डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन कुछ स्थितियों में चिकित्सा लेना महत्वपूर्ण होता है। निम्नलिखित स्थितियों में अपने डॉक्टर के पास अवश्य जाएं -

  1. अगर दवा लेने के बाद भी बुखार 3 या 4 दिन तक ठीक नहीं हो रहा है। (और पढ़ें - बुखार में क्या खाएं)
  2. अगर आंख के आस-पास चकत्ते हो रहे हैं या आंख में दर्द हो रहा है। (और पढ़ें - आंख में दर्द होने पर क्या करना चाहिए)
  3. अगर त्वचा के छालों का साइज बढ़ रहा है या त्वचा के अंदर सूजन हो रही है। (और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)
  4. अगर बुखार 102 डिग्री से तेज है। (और पढ़ें - तेज बुखार होने पर क्या करें)
  5. अगर बहुत ज्यादा खांसी हो रही है। (और पढ़ें - खांसी के लिए घरेलू उपाय)
  6. अगर व्यक्ति को डिहाइड्रेशन के लक्षण अनुभव हो रहे हैं या उल्टी हो रही है। (और पढ़ें - उल्टी रोकने के घरेलू उपाय)
  7. अगर व्यक्ति बहुत ज्यादा बीमार महसूस कर रहा है या खाना-पीना नहीं ले रहा है। (और पढ़ें - डेंगू में क्या खाना चाहिए)
  8. अगर शरीर का कोई भी हिस्सा बहुत अधिक लाल व गर्म हो रहा है या उसे छूने पर दर्द हो रहा है। (और पढ़ें - चेचक के लक्षण)
  9. अगर छालों से गाढ़ा पीले रंग का रिसाव हो रहा है। ( और पढ़ें - आँख आने पर क्या करना चाहिए)
  10. अगर आपको समझ नहीं आ रहा है व्यक्ति को क्या हुआ है और क्या करना चाहिए।
  11. अगर व्यक्ति नींद से उठ नहीं पा रहा है या वह भ्रमित है या पूरी तरह से होश में नहीं है। (और पढ़ें - बेहोश होने पर प्राथमिक उपचार)
  12. अगर व्यक्ति चल नहीं पा रहा है। (और पढ़ें - पैदल चलने के फायदे)
  13. अगर किसी गर्भवती महिला को चिकन पॉक्स हुआ है। खासकर गर्भावस्था के आखिरी महीने में। (और पढ़ें - गर्भावस्था में देखभाल)
  14. अगर व्यक्ति को बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है। (और पढ़ें - कमजोरी दूर करने के घरेलू उपाय)
  15. अगर उसकी गर्दन में अकड़न है। (और पढ़ें - गर्दन में अकड़न के घरेलू उपाय)
  16. अगर व्यक्ति को बहुत तेज सिरदर्द हो रहा है। (और पढ़ें - सिरदर्द होने पर क्या करें)
  17. अगर व्यक्ति की त्वचा में संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं। (और पढ़ें - स्किन एलर्जी के लक्षण)
  18. अगर रोगी को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। (और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करे)
  19. अगर व्यक्ति को बहुत तेज पेट दर्द हो रहा है। (और पढ़ें - पेट दर्द के घरेलू उपाय)
  20. अगर वह बहुत सुस्त लग रहा है। (और पढ़ें - सुस्ती के कारण)
  21. अगर व्यक्ति को दौरे पड़ रहे हैं। (इस स्थिति में जल्द से जल्द अस्पताल जाना जरूरी होता है)
  22. अगर चकत्तों से खून निकल रहा है या नील पड़ रहे हैं। (और पढ़ें - नील क्यों पड़ते हैं)
  23. अगर व्यक्ति को प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता हो रही है। (और पढ़ें - आँखों में दर्द का घरेलू इलाज)
     

नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​ से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

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