'सूरजमुखी के बीज' को अंग्रेजी में सनफ्लॉवर सीड्स के नाम से जाना जाता है। सूरजमुखी के बीज में पाए जाने वाले पोषक तत्व आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होते हैं।

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इसके बीजों का सेवन स्नैक्स की तरह किया जाता है। ये बीज अनेक पोषक तत्वों जैसे कैलोरी, आवश्यक फैटी एसिड (जैसे ओमेगा 3), विटामिन और खनिज आदि से भरपूर होते हैं।

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तो आइये आपको विस्तार से बताते हैं सूरजमुखी के बीज के फायदे और कुछ नुक्सान -

  1. सूरजमुखी के बीज के फायदे - Surajmukhi ke beej ke fayde
  2. सूरजमुखी के बीज के नुकसान - Surajmukhi ke beej ke nuksan

सूरजमुखी के बीज बालों को बढ़ाने, हृदय को स्वस्थ रखने, वजन कम करने, कोलेस्ट्रॉल को कम करने और कुछ प्रकार के कैंसर को रोकने के लिए फायदेमंद होते हैं। सूरजमुखी के बीज में विटामिन ई, विटामिन बी और प्रोटीन, सेलेनियम, मैग्नीशियम, आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम और जिंक (जस्ता) जैसे खनिज पाए जाते हैं। ये सभी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं।

तो आइये जानते हैं इसके लाभों के बारे में -

सूरजमुखी के बीज के फायदे स्वस्थ ह्रदय के लिए - Surajmukhi ke beej ke fayde swasth hriday ke liye

सूरजमुखी के बीज में मोनोअनसेचुरेटेड फैट (monounsaturated fat) और फाइटोस्टेरोल (phytosterols: पौधों में पाया जाने वाला एक उपयोगी प्राकृतिक तत्व) जैसे कई पोषक तत्व होते हैं जो आपके ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। मोनोअनसेचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट आपके लिए लाभकारी जबकि ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट आपके ह्रदय के लिए नुकसानदायक होते हैं। मोनोअनसेचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट्स कोलेस्ट्रॉल को कम और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। और ये सभी अच्छी फैट्स सूरजमुखी के बीजों में पाई जाती हैं। इसमें मौजूद फाइटोस्टेरोल भी कोलेस्ट्रॉल को कम करने में लाभकारी होते हैं। इसलिए आज से ही अपने नाश्ते में इन बीजों को शामिल करना शुरू कर दें।

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सूरजमुखी के बीज करें कोलेस्ट्रॉल को कम - Surajmukhi ke beej kare cholesterol ko kam

जैसे कि ऊपर बताया गया था, सूरजमुखी के बीज में फाइटोस्टेरॉल काफी मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए सूरजमुखी के बीज को कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले नट्स और बीजों में अव्वल माना जाता है। प्रत्येक दिन एक छोटी चम्मच सूरजमुखी के बीज का सेवन करने से आप एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (खराब कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को कम कर सकते हैं और रक्त वाहिकाओं में जमा प्लाक को कम करके अपने ह्रदय को हानि होने से रोक सकते हैं।

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सूरजमुखी के बीज खाने के फायदे रखें पाचन को स्वस्थ - Surajmukhi ke beej khane ke fayde rakhen paachan ko swasth

सूरजमुखी के बीज में मौजूद फाइबर पाचन के लिए लाभकारी होता है। सूरजमुखी के कच्चे बीज भोजन को पचाने और यहां तक कि कब्ज को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

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इसलिए आज से ही पाचन को स्वस्थ रखने के लिए सूरजमुखी के बीजों का सेवन शुरू कर दें। 

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सूरजमुखी के बीज के औषधीय गुण बचाएं कैंसर से - Surajmukhi ke beej ke aushidhiya gun bachaye cancer se

सूरजमुखी के बीजों में विटामिन ई, सेलेनियम और तांबा की अधिक मात्रा होती है। इन सभी तत्वों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। और एक स्टडी के अनुसार सेलेनियम कैंसर को फैलने और होने से रोकने में मदद करता है। यह खनिज शरीर में एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, यानी यह शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव (मुक्त कणों द्वारा होने वाले नुकसान) को कम करता है।

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सनफ्लावर सीड्स फॉर बोन्स - Sunflower Seeds Benefits for Bones in hindi

सूरजमुखी के बीज में मौजूद मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी होता है। शरीर में अधिकांश मैग्नीशियम हमारी हड्डियों में मौजूद होता है और यह हड्डियों की शारीरिक संरचना और ताकत में मदद करता है। जबकि शेष मैग्नीशियम हड्डियों की सतह पर पाया जाता है, जो शरीर द्वारा आवश्यकतानुसार उपयोग किया जाता है।

इन बीजों में तांबा भी होता है जो हड्डियों के जोड़ों में लचीलापन और मजबूती लाता है। इसके अलावा इनमें विटामिन ई भी होता है जो सूजन को कम करने वाले गुणों के कारण गठिया के लक्षणों को कम करने में लाभदायक होता है।

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सूरजमुखी के बीज का उपयोग रखे दिमाग को शांत - Surajmukhi ke beej ka upyog rakhen dimag ko shant

अवसाद को कम करके सूरजमुखी के बीज आपके मूड को बेहतर रखने में सहायक होते हैं। सूरजमुखी के बीजों में मौजूद ट्रिप्टोफैन (tryptophan: एक आवश्यक एमिनो एसिड) की अधिक मात्रा के कारण यह आपके मस्तिष्क को शांत करने में सहायक होता है। जब आप ट्रिप्टोफैन युक्त आहार का सेवन करते हैं तो उससे आपके मस्तिष्क में सेरोटोनिन (serotonin) हॉर्मोन का बनना बढ़ता है, जिससे तनाव कम होता है और आप बेहतर महसूस करते हैं।

कोलाइन (Choline), सूरजमुखी के बीज में पाया जाने वाला एक यौगिक होता है जो याददाश्त और संज्ञानात्मक कार्यों में सुधार करने में मदद करता है। मैग्नीशियम माइग्रेन अटैक होना कम करने में मदद करता है और साथ ही ब्लड प्रेशर को कम करता है। पोटेशियम युक्त होने के कारण ये बीज आपके रक्त में सोडियम के प्रभाव को संतुलित करने में मदद करते हैं।

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सूरजमुखी के बीज के गुण करें सूजन को कम - Surajmukhi ke beej ke gun karen sujan ko kam

विटामिन ई, जो कि सूरजमुखी के बीज में मौजूद होता है, वसा में घुलने वाला एंटीऑक्सीडेंट पदार्थ होता है। यह विटामिन शरीर में मुक्त कणों को समाप्त करने में मदद करता है। नहीं तो ये मुक्त कण कोशिकाओं की झिल्ली (cell membranes), मस्तिष्क की कोशिकाओं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसीलिए विटामिन ई सूजन को कम करने के लिए भी जाना जाता है क्योंकि यह अस्थमा, ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी सूजन व मुक्त कणों के कारण होने वाली बीमारियों में मदद करता है।

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सूरजमुखी के बीज का सेवन करे तनाव को दूर करने के लिए - Surajmukhi ke beej ka sewan kare tanav ko dur

सूरजमुखी के बीज में मैग्नीशियम की काफी अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसके कारण यह नसों को शिथिल करता है और तनाव व माइग्रेन को ठीक करता है जिससे आपके दिमाग को आराम मिलता है। सूरजमुखी के बीजों में ट्राइपोफान (tryptophan) और कोलाइन (choline) जैसे प्राकृतिक तत्व भी होते हैं जो चिंता और अवसाद कम करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद कोलाइन मस्तिष्क के कार्यों में सुधार और याददाश्त को बढ़ाता है।

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सूरजमुखी के बीज करें हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित - Surajmukhi ke beej karen high blood pressure ko control

सूरजमुखी के बीजों में विटामिन ई होने के कारण, ये आपकी एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। यह विटामिन हाई बीपी को कम करने के लिए विटामिन सी और सेलेनियम के साथ मिलकर कार्य करता है।

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सूरजमुखी के बीज के लाभ ऑस्टियोपोरोसिस के लिए - Surajmukhi ke beej ke labh osteoporosis ke liye

अंकुरित सूरजमुखी के बीज प्रोटीन का सबसे अच्छा शाकाहारी स्त्रोत हैं। प्रोटीन शरीर में एंजाइम को अपने कार्य करने में मदद करता है और साथ ही मांसपेशियों को पहुंची क्षति को ठीक करने में मदद करता है। प्रोटीन हड्डियों के विकास के लिए भी जरूरी होता है और इसी कारण ये ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करते हैं। 

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सनफ्लावर सीड्स के लाभ आर्थराइटिस के लिए - Sunflower Seeds benefits for arthritis in Hindi

अगर आप गठिया से परेशान हो चुके हैं तो आज से ही सूरजमुखी के तेल उपयोग शुरू कर दें। क्योंकि सूरजमुखी का तेल गठिया के लक्षणों से राहत प्रदान करता है। इस तेल के उपयोग से रूमेटाइड आर्थराइटिस को ठीक करने में मदद भी मिली है।

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अस्थमा के लिए सूरजमुखी के बीज के फायदे - Asthma ke liye surajmukhi ke beej ke fayde

सूरजमुखी का तेल अस्थमा और इससे जुड़े लक्षण जैसे बंद नाक, जुकाम और खांसी को रोकने में मदद करता है।

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सनफ्लावर सीड्स के लाभ एंटी एजिंग के लिए - Sunflower seeds have Anti Aging benefits in Hindi

सूरजमुखी के बीज में कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद विटामिन ई त्वचा को मुक्त कणों और सूरज की किरणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। यह चेहरे पर झुर्रियों के निशान और झुर्रियों को होने से भी रोकने में मदद करते हैं।

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सूरजमुखी के बीज में बीटा कैरोटीन भी पाया जाता है जो आपकी त्वचा को सूरज की किरणों के प्रति कम संवेदनशील बनाता है। इस प्रकार सूरजमुखी के बीज बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकने में मदद करते हैं।

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मुहांसों को दूर करें सूरजमुखी के बीज से - Muhaso ko dur karen surajmukhi ke beej se

सूरजमुखी के बीज के तेल में आवश्यक फैटी एसिड पाए जाते हैं जैसे कि लिनोलेइक, ओलेइक, पाल्मिटिक और स्टियरिक एसिड जो कोलेजन और एलास्टिन के बनने में मदद करते हैं। यह आपकी त्वचा को कोमल बनाये रखने में मदद करता है। इन फैटी एसिड में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो आपकी त्वचा को बैक्टीरिया से बचाते हैं जिससे मुंहासे की समस्या कम होती है। इसके अलावा सूरजमुखी का तेल सूजन और एक्जिमा को कम करने में मदद कर सकता है।

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सूरजमुखी के बीज का इस्तेमाल करें बालों को बढ़ाने के लिए - Surajmukhi ke beej ka istemal karen baalon ko badhaane ke liye

सूरजमुखी के बीज में मौजूद जिंक बालों के विकास में मदद करता है। लेकिन जिंक का अधिक सेवन बालों के झड़ने का कारण भी बन सकता है। विटामिन ई खोपड़ी में रक्त परिसंचरण को बढ़ाने के साथ साथ बालों के विकास को भी बढ़ाता है।

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सूरजमुखी के बीज में विटामिन बी 6 (पाइरोडॉक्सिन) भी पाया जाता है जो जस्ता के अवशोषण के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि बालों को झड़ने से रोकने में भी मदद करता है। यह तांबे के सबसे अच्छे आहार स्रोत में से एक है जो मेलेनिन के उत्पादन में मदद करता है। 

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  1. सूरजमुखी के बीजों में फास्फोरस की अधिक मात्रा होती है। आपके शरीर में इस खनिज की अधिक मात्रा खतरनाक हो सकती है, इसलिए बहुत ज्यादा नहीं खाना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, फॉस्फोरस की अधिकता किडनी की समस्या का कारण बन सकता है। (और पढ़ें - kidney rog ka upchar)
  2. सूरजमुखी के बीज में सेलेनियम (एक कम पाया जाने वाला खनिज) की भी अधिक मात्रा होती है। यदि आप अधिक मात्रा में इन बीजों का सेवन करते हैं, तो आपको सूजन, थकान या मूड स्विंग की समस्या हो सकती है।
  3. अधिक मात्रा में सूरजमुखी के बीज का सेवन आपके लिए इसलिए भी हानिकारक हो सकता है क्योंकि इनके अधिक सेवन से आपके शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ सकता है जो आपके रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। (और पढ़ें - हृदय रोग के उपचार)

 

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