पनीर के इस्तेमाल से हर सब्जी का स्वाद बढ़ जाता है और इसे सभी सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया भी जा सकता है। वैसे तो पनीर ज्यादातर लोगों का मनपसंद व्यंजन होता है। पनीर खाना लोगों को जितना ज्यादा पसंद होता है वो उसके गुणों से उतना ही अनजान भी होते हैं। आज हम जानेंगे गर्भवती स्त्री के लिए पनीर कितना लाभकारी होता है? गर्भवती महिलाओं को पनीर क्यों खाना चाहिए?
- प्रेगनेंसी में पनीर खाने के फायदे - Garbhavastha me paneer khane ke fayde
- गर्भावस्था में पनीर खाने के नुकसान - Pregnancy me paneer khane ke nuksaan
- गर्भावस्था में पनीर खाने की सावधानियां - Pregnancy me paneer khane se judi savdhaniyan
प्रेगनेंसी में पनीर खाने के फायदे - Garbhavastha me paneer khane ke fayde
प्रेगनेंसी में पनीर का सेवन मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। पनीर में कैल्शियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। पनीर जितना दिखने में दूध से बना हुआ साधारण खाद्य पदार्थ लगता है लेकिन गुणों से उतना ही आसाधारण होता है।
एक गर्भवती महिला को कम से कम 1000 मिलीग्राम कैल्शियम को अपने दैनिक आहार में शामिल करने की आवश्यकता होती है और पनीर में कैल्शियम उच्च मात्रा होता है जो गर्भवती के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
पनीर खाने के निम्नलिखित फायदे हैं:
- गर्भावस्था में कई पोषक तत्वों के सेवन से गर्भवती के शरीर का वजन बढ़ना आम समस्या होती है लेकिन पनीर वजन में इजाफा किए बिना पेट भरने में सक्षम है। (और पढ़ें - वजन घटाने के उपाय)
- प्रेगनेंसी में जोड़ों में दर्द और सूजन होना आम है लेकिन पनीर में मौजूद सूजनरोधी गुण इस समस्या से भी निजात दिलाने में तत्पर हैं।
- पनीर में ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है जो जन्म दोष को कम करने के साथ ही समय से पूर्व प्रसव की संभावनाओं को भी कम करता है।
- पनीर का सेवन करने से गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों जैसे कि मॉर्निंग सिकनेस, थकान और एनीमिया के रोकथाम के लिए जरूरी ऊर्जा मिलती है - 100 ग्राम पनीर से 265 किलो कैलोरी ऊर्जा मिलती है।
- पनीर कैल्शियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत है। जो बच्चे की हड्डियों और दांतों के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक हैं। ये पोषक तत्व संचार और तंत्रिका तंत्र के लिए सुचारू रूप से कार्य करने के लिए जरूरी होते हैं। (और पढ़ें - हड्डियों में दर्द के कारण)
- पनीर में उपस्थित प्रोटीन गर्भ में पल रहे शिशु के टिशू (ऊतकों) और मांसपेशियों के समुचित विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक है। पनीर को प्रोटीन का पावरहाउस भी कहा जा सकता है क्योंकि इसमें मौजूद सभी पोषक तत्व होने वाली मां के स्वास्थ्य में सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
(और पढ़ें - मांसपेशियों में दर्द का इलाज)
गर्भावस्था में पनीर खाने के नुकसान - Pregnancy me paneer khane ke nuksaan
गर्भावस्था में पनीर का सेवन ज्यादा करने के निम्नलिखित नुकसान हो सकते हैं:
- पनीर में सोडियम की अधिक मात्रा होने के कारण गर्भवती का रक्तचाप प्रभावित हो सकता है। इसलिए गर्भावस्था में पनीर के अधिक सेवन से बचना चाहिए।
- ज्यादा पनीर खाने से अपच और पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं। कभी - कभी फूड पाइजनिंग का भी खतरा रहता है। (और पढ़ें - पेट खराब होने पर क्या करें)
- अधिक मात्रा में पनीर खाने से वजन भी बढ़ सकता है। (और पढ़ें - मोटापा घटाने के लिए क्या खाना चाहिए)
गर्भावस्था में पनीर खाने की सावधानियां - Pregnancy me paneer khane se judi savdhaniyan
पनीर खाने के पहले इन बातों का रखें खास ख्याल:
- पनीर को खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि यह पनीर पाश्चुरीकृत (हानिकारक जीवों से रहित) दूध से बनाया गया है।
- पनीर खरीदने से पहले, पनीर ताजा है या नहीं इसकी जांच जरूर कर लेनी चाहिए। यह भी जांच ले कि इसे उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से बनाया गया है।
- पनीर को एक सप्ताह से ज्यादा फ्रिज में नहीं रखना चाहिए पुराना रखा हुआ पनीर खाना सुरक्षित नहीं होता।
- सूखा, क्रैक और रंग में फीका पनीर नहीं खरीदना चाहिए, इसका सेवन करने के हानिकारक परिणाम भी हो सकते हैं।
प्रेगनेंसी में पनीर खाना बिल्कुल सुरक्षित है। घर पर बनाया गया पनीर ज्यादा सुरक्षित रहता है। कुछ लोग दूध का सेवन नहीं कर सकते हैं या उन्हें दूध पसंद नहीं होता वो पनीर को बिना संकोच खा सकते हैं। पनीर खाने के कोई भी दुष्परिणाम अभी तक प्रकाश में नहीं आए हैं। ऊपर लिखे बिंदुओं को ध्यान रखकर पनीर का सेवन करना चाहिए क्योंकि गर्भावस्था के दौरान हुई जरा सी भी चूंक गंभीर परिणाम का कारण बन सकती है। बेहतर यही रहता है कि गर्भवती की आहार तालिका में किसी खाद्य सामग्री का इजाफा करने के पहले डॉक्टर से सलाह ले ली जाए।
(और पढ़ें - क्या गर्भावस्था में चिकन खाना चाहिए)



