कंपकंपी - Shivering in Hindi

Dr. Rajalakshmi VK (AIIMS)MBBS

November 26, 2018

March 06, 2020

कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!
कंपकंपी
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परिचय

जब किसी व्यक्ति को अत्यधिक ठंड लगती है, तो शरीर को गर्म करने के लिए उसे कंपकंपी होने लगती है। हालांकि कंपकंपी होने के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिसमें कुछ स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी हैं।

कंपकंपी होना शरीर की एक अनैच्छिक क्रिया (कंपन) है। अनैच्छिक क्रिया का मतलब है बिना मर्जी के कोई क्रिया होना। हिचकी या छींक आना भी शरीर की अनैच्छिक क्रिया के कुछ उदाहरण हैं। ठंड लगने या मौसम एकदम ठंडा होने के कारण शरीर में कंपकंपी होने लग जाती है।

जब आपकी मांसपेशियां तेजी से सिकुड़ने व खुलने लगती हैं और आपकी त्वचा में रक्त वाहिकाएं कसने लग जाती हैं, तो शरीर में कंपन पैदा होता है। बुखार चढ़ने पर भी शरीर में गंभीर रूप से कंपकंपी होती है और शरीर हिलने लग जाता है। कंपकंपी के साथ-साथ अक्सर कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं, जैसे बुखार, ज्यादा पसीना आना, सीने में दर्द, मतली और उल्टी आदि।

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कंपकंपी के अंदरुनी कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर मरीज के स्वास्थ्य इतिहास संबंधी जानकारी लेते हैं और उसका शारीरिक परीक्षण करते हैं। जांच करके डॉक्टर यह पता लगा लेते हैं कि कंपकंपी शरीर को ठंड लगने के कारण हो रही है या स्वास्थ्य संबंधी किसी अन्य समस्या के कारण ऐसा हो रहा है। कंपकंपी की अच्छे से जांच करने के लिए कुछ अन्य टेस्ट भी किए जा सकते हैं जैसे खून टेस्ट, यूरिन टेस्ट और बलगम की जांच आदि। 

कंपकंपी की समस्या अक्सर कुछ समय के लिए ही होती है और इसके अंदरुनी कारणों का इलाज करके इसको ठीक किया जा सकता है। कंपकंपी से राहत पाने के लिए खूब मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थ पीने चाहिए और शरीर को पर्याप्त आराम देना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर बुखार को ठीक करने के लिए एस्पिरिन और संक्रमण को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं दे सकते हैं। कंपकंपी हृदय व फेफड़ों की बीमारी से ग्रस्त लोगों व बूढ़े लोगों के लिए घातक समस्या बन सकती है।

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कंपकंपी के लक्षण - Shivering Symptoms in Hindi

कंपकंपी के लक्षण क्या हैं?

कंपकंपी का कारण बनने वाली स्थितियों के अनुसार इसके साथ कई अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं:

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डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

कंपकंपी स्वास्थ्य संबंधी किसी अंदरुनी समस्या के कारण हो सकती है, इसलिए इसको कभी भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। 

यदि आपको कंपकंपी महसूस हो रही है, जिसे आप कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं और साथ में नीचे दिए गए लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो जितना जल्दी हो सके आपको डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए:

  • पसीना आना
  • उल्टी आना
  • छाती में दर्द होना
  • जी मिचलाना
  • तेज बुखार होना (103°F)

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कंपकंपी के कारण व जोखिम कारक - Shivering Causes & Risk Factors in Hindi

कंपकंपी क्यों होती है?

कई स्थितियां हैं, जो कंपकंपी का कारण बनती हैं:

  • ठंडा वातावरण:
    जब मौसम का तापमान सामान्य स्तर से नीचे गिरने लग जाता है, तो आपको कंपकंपी महसूस होना शुरू हो जाती है। अधिक कंपकंपी होने पर आपके शरीर द्वारा बनाई जाने वाली गर्मी बढ़ने लग जाती है। हालांकि कंपकंपी से काफी देर बाद शरीर को गर्मी मिलने लगती है।

    लगातार कंपकंपी होने के कुछ घंटों बाद आपकी मांसपेशियों में ग्लूकोज (शुगर) की मात्रा कम होने लग जाती है, जिससे वे थक जाती हैं और सिकुड़ना व खुलना बंद कर देती हैं। अलग-अलग व्यक्तियों के शरीर के अनुसार तापमान का सामान्य स्तर भी अलग-अलग हो सकता है, जिसके नीचे तापमान जाने पर उनको कंपकंपी होने लग जाती है।
     
  • बेहोशी की दवा (Anesthesia) देने के बाद:
    ऑपरेशन करने के दौरान आपको बेहोश करने की दवा दी जाती हैं। जब धीरे-धीरे बेहोशी की दवा का असर उतरता है और आपको होश आने लगता है, तो इस दौरान भी आपको कंपकंपी महसूस हो सकती है। इस बारे में स्पष्ट रूप से पता नहीं है कि ऐसा क्यों होता है, हो सकता है इस दौरान शरीर का तापमान अधिक ठंडा होने के कारण ऐसा होता है।

    ऑपरेशन थिएटर का तापमान आमतौर पर ठंडा होता है, बिना कोई गतिविधि किए लंबे समय तक लेटे रहने से शरीर का तापमान कम होने लग जाता है और आपको ठंड लगने लगती है। बेहोश करने वाली दवा के कुछ प्रकार आपके शरीर के सामान्य तापमान के साथ भी कुछ छेड़खानी कर सकती है।
    (और पढ़ें - बेहोश होने पर प्राथमिक उपचार)
     
  • ब्लड शुगर कम होना:
    खून में शुगर का स्तर सामान्य से कम होने के कारण भी शरीर में कंपकंपी हो सकती है। यदि आप कुछ समय के लिए कुछ ना खाएं तो आपके ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है। यदि आपके शरीर की शुगर को नियमित रखने की क्षमता कम हो गई है, तो भी आपके ब्लड शुगर का स्तर कम हो जाता है।

    शुगर का स्तर कम होना हर व्यक्ति को अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर सकता है। यदि शुगर कम होने के कारण आपको कंपकंपी नहीं हो रही है, तो आपको ज्यादा पसीना आना, सिर घूमना या फिर घबराहट महसूस होना आदि महसूस हो सकता है।
    (और पढ़ें - शुगर में क्या खाना चाहिए)
     
  • संक्रमण:
    यदि आपको कंपकंपी हो रही है, लेकिन आपको ठंड महसूस नहीं हो रही तो इसका मतलब हो सकता है कि आपका शरीर बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन से लड़ रहा है। जैसा कि कंपकंपी शरीर को गर्मी प्रदान करने की एक प्रक्रिया है, कंपकंपी शरीर का तापमान इतना बढ़ा सकती है जिससे संक्रमण का कारण बनने वाले बैक्टीरिया या वायरस मर जाते हैं।

    कंपकंपी बुखार होने की शुरुआती प्रक्रिया भी हो सकती है। बुखार भी संक्रमण से लड़ने का एक तरीका है। कंपकंपी के साथ अक्सर कई स्थितियां जुड़ी होती हैं, जैसे - बैक्टीरियल या वायरल गैस्ट्रोएंट्राइटिस, फ्लूमेनिनजाइटिससाइनसाइटिसनिमोनियास्ट्रेप थ्रोटमूत्र पथ में इन्फेक्शनमलेरिया इत्यादि। (और पढ़ें - बुखार भगाने के घरेलू उपाय)
     
  • भावनात्मक प्रक्रिया:
    कई बार कंपकंपी किसी स्वास्थ्य संबंधित समस्या या तापमान कम होने के कारण नहीं होती, बल्कि आपके एड्रेनालाईन का स्तर ऊपर उठने के कारण भी कंपकंपी हो सकती है। यदि आप किसी वजह से बहुत अधिक डर गए हैं, तो आपके शरीर में कंपन होने लग जाता है। ऐसा खून में एड्रेनालाईन का स्तर अचानक से बढ़ने के कारण होता है।

कंपकंपी होने का खतरा कब बढ़ता है?

  • वृद्ध उम्र:
    उम्र के साथ-साथ ठंड सहन करने की क्षमता भी कम होने लग जाती है। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं विकसित हो जाती हैं, जिनके कारण भी ठंड सहन करने की क्षमता कम हो जाती है। उदाहरण के लिए यदि आपको थायराइड है, तो सामान्य व्यक्ति के मुकाबले आपको जल्दी ठंड लगती है। (और पढ़ें - थायराइड डाइट चार्ट)
     
  • बच्चे:
    कुछ बच्चों के शरीर में अधिक चर्बी ना होने के कारण भी उनका शरीर वयस्कों के मुकाबले जल्दी ठंड महसूस करता है। इसके परिणामस्वरूप उनको जल्दी कंपकंपी होने लगती है।
     
  • वातावरण:
    आपकी त्वचा पर पानी या हवा लगने के कारण आपको अधिक ठंड लग सकती है, जिसके परिणामस्वरूप आपके शरीर में कंपकंपी होने लग जाती है। 
     
  • कुपोषण:
    जब आपके शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, तो  इस स्थिति को कुपोषण कहा जाता है। कुपोषण पोषक तत्वों से युक्त आहार ना खा पाने के कारण भी हो सकता है। इसके अलावा यदि आपका शरीर पोषक तत्वों को ठीक तरीके से अवशोषित नहीं कर पा रहा तो भी आपको यह रोग हो सकता है। पर्याप्त पोषक तत्वों के बिना आपका शरीर ठीक से काम नहीं कर पाता। 

(और पढ़ें - कुपोषण का इलाज)

कंपकंपी से बचाव - Prevention of Shivering in Hindi

कंपकंपी से बचाव कैसे करें?

अधिक ठंडा मौसम होना या संक्रमण होना कंपकंपी के सबसे आम कारण हैं। कंपकंपी से बचाव करने के लिए आप कुछ सावधानी बरत सकते हैं, जैसे:

  • सर्दियों के मौसम में उचित गर्म कपड़े पहनें।
  • गर्मियों में गर्म पानी व अन्य गर्म पेय पदार्थ पिएं जैसे सूप, चायकॉफी आदि। (और पढ़ें - ​गर्म पानी पीने के फायदे)
  • संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता बनाए रखें, खासकर फ्लू के मौसम में विशेष ध्यान रखें। 
  • जिन लोगों को फ्लू है उनसे दूर रहें। (और पढ़ें - फ्लू के घरेलू उपाय)
  • यदि आपको चिंता हो रही है, तो मेडिटेशन, योग व शरीर को शांत करने वाली अन्य तकनीकों का उपयोग करें। (और पढ़ें - चिंता दूर करने के घरेलू उपाय)
  • यदि किसी को ऑपरेशन के लिए बेहोश किया गया है, तो उसके लिए गर्म कंबल, गर्म पानी व हीटर आदि तैयार रखें।

(और पढ़ें - डिप्रेशन के लिए योग)

कंपकंपी का परीक्षण - Diagnosis of Shivering in Hindi

कंपकंपी की जांच कैसे की जाती है?

परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपसे पूछेंगे कि आपको कितने समय से ये लक्षण महसूस हो रहे हैं और इस के साथ आपको कोई अन्य लक्षण तो महसूस नहीं हो रहा। इस दौरान आपका शारीरिक परीक्षण भी किया जाएगा, जिसमें आपकी त्वचा, आंख, कान, नाक गले, छाती और पेट की जांच की जाती है। इसके अलावा डॉक्टर शरीर के तापमान की भी जांच करते हैं।

(और पढ़ें - लैब टेस्ट क्या है)

परीक्षण के दौरान निम्नलिखित कुछ अन्य टेस्ट भी किए जा सकते हैं:

(और पढ़ें - टीबी टेस्ट क्या है)

कंपकंपी का इलाज - Shivering Treatment in Hindi

कंपकंपी का इलाज कैसे किया जाता है?

कंपकंपी व उससे जुड़े अन्य लक्षणों के लिए उचित उपचार का चयन स्थिति के अंदरुनी कारणों के आधार पर ही किया जाता है।

  • यदि कंपकंपी ठंडे मौसम या त्वचा गीली होने के कारण हो रही है, तो त्वचा को सुखा कर और गर्म कपड़ों से ढक कर कंपकंपी को रोका जा सकता है। यदि आप यात्रा कर रहे हैं, तो अपने साथ स्वैटर या जैकेट रखें। 
  • यदि आपको ठंड लगने के कारण कंपकंपी हो रही है, तो गर्म कंबल ओढ़ने या स्वैटशर्ट आदि पहनने से मांसपेशियों को फिर से गर्म किया जा सकता है। गर्म चाय या कॉफी पीने से भी शरीर को गर्मी मिलती है। (और पढ़ें - ग्रीन टी के फायदे)
  • यदि आपको बुखार है, तो स्पंज आदि को हल्के गुनगुने पानी में भिगो कर त्वचा पर लगाने से बुखार उतर सकता है। ध्यान रहे इस दौरान ठंडे पानी का इस्तेमाल ना करें, क्योंकि ऐसा करने से कंपकंपी और तेज हो जाती है। वायरल संक्रमण ठीक होने में अपना समय लेता है और शरीर को पर्याप्त आराम देना ही अक्सर इसका इलाज होता है। वायरल इन्फेक्शन के कुछ गंभीर मामलों में एंटीवायरल दवाएं भी देनी पड़ सकती हैं। (और पढ़ें - गले में इन्फेक्शन का इलाज)
  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन का इलाज करने के लिए मरीज को एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती है। 
  • यदि आपको किसी अन्य बीमारी के कारण कंपकंपी हो रही है, तो बहुत अधिक गर्म कपड़े या ज्यादा कंबल आदि ना ओढ़ें। पहले अपने शरीर का तापमान चेक करें और सुनिश्चित करें कि आपको बुखार तो नहीं। शरीर को हल्के गर्म कपड़ों से ढक कर रखना बेहतर हो सकता है। (और पढ़ें - तेज बुखार होने पर क्या करें)
  • अधिक मीठे खाद्य पदार्थ खाना जैसे केला या कोई टॉफी आदि की मदद से ब्लड शुगर की कमी को फिर से ठीक किया जा सकता है। यदि आपका ब्लड शुगर कम होने की संभावना अधिक है या आप अपने ब्लड शुगर को सामान्य नहीं रख पा रहे हैं, तो मीठी कैंडी आदि खाना काफी फायदेमंद हो सकता है। (और पढ़ें - शुगर के लिए योगासन)
  • यदि आपका ब्लड शुगर बार-बार कम होता है, तो ऐसे में अपने साथ स्नैक रखें। इसलिए अगर आपको कभी लगे कि आपका ब्लड शुगर कम हो रहा है, तो आप कुछ मीठा खाकर घटते शुगर को कम कर सकें। 
  • ऑपरेशन के बाद कुछ कंबल ओढ़ कर रखना ही आपके शरीर को गर्म रख सकता है और कंपकंपी होने से बचाव कर सकता है। यदि आपको ठीक महसूस नहीं हो रहा है या आपके मन में कंपकंपी से संबंधित कुछ सवाल हैं, तो अपने डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएं।

(और पढ़ें - ब्लड शुगर टेस्ट क्या है?)

कंपकंपी की जटिलताएं - Shivering Risks & Complications in Hindi

कंपकंपी से क्या समस्याएं हो सकती हैं?

यदि आप बीमार हैं, तो यह याद रखें कि कंपकंपी होना बुखार की शुरुआत हो सकती है इसलिए शरीर को अधिक गर्म न करें। यदि कोई छोटा बच्चा या वृद्ध व्यक्ति कांप रहा है, लेकिन ऐसा कंपकंपी पैदा करने वाली सामान्य स्थिति के कारण नहीं लगता तो जल्द से जल्द इस बारे में डॉक्टर को बताएं। अत्यधिक ठंड लगना, कंपकंपी या शरीर हिलना किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं इसलिए इनको हमेशा गंभीरता से लेना चाहिए। (और पढ़ें - बीमारी का इलाज)

वृद्ध व्यक्ति या स्वास्थ्य से संबंधित किसी समस्या से ग्रस्त व्यक्ति में कंपकंपी किसी गंभीर समस्या के रूप में विकसित हो सकती है। वृद्ध व्यक्ति अपने शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने में पूरी तरह से सक्षम नहीं रह पाते, इसलिए उन्हें जल्दी ही ठंड लगने लग जाती है। ठंडे मौसम में शरीर को गर्म रखना अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी होता है।

बुखार हृदय की दर को बढ़ा देता है जिससे दिल तेजी से धड़कनें लग जाता है। यदि किसी व्यक्ति को हृदय या फेफड़ों संबंधी कोई समस्या है, तो उसके लिए यह गंभीर स्थिति हो सकती है। 

(और पढ़ें - दिल की धड़कन तेज होने का इलाज​)



संदर्भ

  1. Simon Dworkin American OBSERVATIONS ON THE CENTRAL CONTROL OF SHIVERING AND OF HEAT REGULATION IN THE RABBIT Journal of Physiology-Legacy Content 1930 93:1, 227-244
  2. Mathews, S., Al Mulla, A., Varghese, P.K., Radim, K. and Mumtaz, S. (2002) Postanaesthetic shivering ‐ a new look at tramadol Anaesthesia, 57: 387-403.

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