यदि छींकते समय , हँसते समय , खाँसते समय आप पेशाब को नहीं रोक पाते हैं , तो आप अकेले नहीं हैं। पेल्विक फ्लोर की समस्याएं आम हैं और किसी को भी हो सकती हैं। 

अच्छी बात ये है कि अपनी दिनचर्या में पेल्विक फ्लोर व्यायाम को शामिल करने से आपकी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है, साथ ही पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स के लक्षणों की गंभीरता को कम किया जा सकता है।

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  1. पेल्विक फ्लोर क्या है - What is pelvic floor
  2. पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियाँ क्या करती हैं - What do the pelvic floor muscles do?
  3. पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का कैसे पता लगाएँ - How to locate pelvic floor muscles?
  4. पेल्विक फ़्लोर मांसपेशियों को ऐक्टिव करें - Activate pelvic floor muscles
  5. पेल्विक फ्लोर व्यायाम करने का तरीका - How to do pelvic floor exercises
  6. कुछ पेल्विक फ्लोर व्यायाम
  7. 1.कीगल्स (Kegels)
  8. 2. कसें और छोड़ें
  9. 3. ब्रिज (Bridge pose)
  10. 4. स्क्वैट्स (Squats)
  11. 5. हैप्पी बेबी पोज़ (Happy Baby Pose)
  12. पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की कमजोरी के कारण
  13. पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों की कमजोरी के लक्षण
  14. डॉक्टर से कब मिलें
  15. सारांश

पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों और लीगामेंट्स का एक समूह है जो मूत्राशय, गर्भाशय (गर्भ) और आंत को सहारा देते हैं।  इन अंगों से निकलने वाले छिद्र, मूत्रमार्ग मूत्राशय से, योनि छिद्र गर्भाशय से  और गुदा छिद्र आंत से होकर पेल्विक फ्लोर से ही गुजरता है।  पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां सामने की ओर से प्यूबिक हड्डी से और पीछे की ओर पूंछ की हड्डी जुड़ी होती हैं और पेल्विस यानि श्रोणि का आधार बनाती हैं ।

 

जब पेल्विक फ्लोर मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं , तो यह पेल्विक अंगों से जुड़ी समस्याओं को रोकने मे मदद करती हैं जैसे -

  • मूत्र या मल को रोक न पाने की समस्या को कम करना  (मूत्र की अनैच्छिक हानि)
  • मूत्राशय, गर्भाशय और आंत से संबंधित समस्याओं को कम करना 

अगर पुरुषों को मूत्र संबंधी कोई परेशानी है या रोग प्रतिरोधक क्षमता और मासपेशियों में कमजोरी महसूस होती है तो पुरुष माइ उपचार की आयुर्वेदिक ऊर्जास शिलाजीत का उपयोग कर सकते हैं। 

(और पढ़ें -योनि को टाइट करने की एक्सरसाइज)

 
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पेल्विक फ्लोर मासपेशियों का पता लगाने के लिए कुछ देर के आप ये महसूस कीजिए कि आपने अपने मूत्र और गैस को रोक हुआ है , ऐसा करने से आपको जिन मासपेशियों में दवाब महसूस होता है वही पेल्विक फ्लोर मासपेशियाँ हैं । लेकिन आप नियमित रूप से पेशाब को बीच में न रोकें क्योंकि यह आपके मूत्राशय के लिए हानिकारक हो सकता है।

 

पेल्विक फ्लोर व्यायाम करने से पहले आपको पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को कैसे ऐक्टिव करना है ? ये सीखना होगा। 

  • पहले अपने लिए एक आरामदायक स्थिति और जगह ढूंढ कर , सभी मांसपेशियों को आराम देने के साथ ही अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करना है। 
  • आगे की पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सक्रिय करने के लिए, मूत्र के प्रवाह को रोकने की क्रिया को बार बार दोहराएँ। 

  • पीछे की पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सक्रिय करने के लिए, पास होने वाली गैस को रोकने का प्रयास करें। 

  • अब दोनों क्रियाओं को साथ में करने की कोशिश कीजिए। 

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  1. मूत्राशय को खाली करके पेल्विक फ्लोर व्यायाम शुरू करें। 

  2. पेल्विक फ्लोर मासपेशियों को कस लें। 3 से 5 सेकंड तक रुकें और कम से कम इतने ही समय के लिए आराम करें। करीब 10 बार यही प्रक्रिया बार बार दोहराएँ 

  3. सांस को सामान्य रखें और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को जल्दी जल्दी , बार-बार कसें और बार बार ढील छोड़ें। 

  4. लिफ्ट में सवारी करने की कल्पना करें। जैसे-जैसे लिफ्ट ऊपर जाती है पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कस जाती हैं और लिफ्ट के नीचे आने से मासपेशियाँ खुल जाती हैं।

  5.  अपनी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए, खड़े होते, बैठते या लेटते समय मांसपेशियों को 10 बार तक दबाएं।

  6. एक ही समय में लंबे समय तक अपनी सांस न रोकें। 

  7. जब आपको पेल्विक फ्लोर व्यायाम करने की आदत हो जाए, समय को बढ़ाते जाएँ । 

एक दिन मे पेल्विक फ्लोर व्यायाम को शुरुआत में अधिक बार न करें। एक ही सेट परफ़ॉर्म करें । कुछ ही महीनों में , आपको परिणाम नज़र आने लगेंगे। काम करते हुए भी आप ये व्यायाम कर सकते हैं। 

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कीगल व्यायाम मूत्र प्रवाह को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों को कसने और पकड़ने पर ध्यान केंद्रित करता है।

इस अभ्यास को करने के लिए, आरामदायक स्थिति में बैठें, आंखें बंद करें और उन मांसपेशियों को महसूस करें जो मूत्र प्रवाह को रोक सकती हैं। जितना हो सके इन मांसपेशियों को कस लें।इस स्थिति में 3-5 सेकंड तक रुकें। ऐसा महसूस होना चाहिए जैसे मांसपेशियां ऊपर उठ रही हैं। मांसपेशियों को छोड़ें और कुछ सेकंड के लिए आराम करें। इसे 10 बार तक दोहराएं। कीगल्स को खड़े होकर, लेटकर या चारों तरफ झुककर अलग-अलग तरीके से कर सकते हैं।

(और पढ़ें - कीगल एक्सरसाइज के फायदे)

ये तेजी से करने वाला व्यायाम है जो पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को शीघ्रता से प्रतिक्रिया करने में मदद करता है । इस अभ्यास को करने के लिए, आरामदायक स्थिति में बैठें। पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को महसूस करें । जितनी जल्दी हो सके मासपेशियों को कसने और ढीला छोड़ने का प्रयास करें। 3-5 सेकंड के लिए आराम करें। प्रति सेट 10-20 बार दोहराएं। ये व्यायाम दिन में बाद में दो बार कर सकते हैं। 

 

ब्रिज व्यायाम मुख्य रूप से नितंबों को मजबूत करता है, यह पेल्विक फ्लोर मासपेशियों को मजबूत करने मे भी मदद करता है। इस व्यायाम को करने के लिए पीठ के बल लेट कर घुटनों को मोड़ लें, पैरों को कूल्हे की चौड़ाई के बराबर फर्श पर सपाट रखें। हथेलियों को नीचे की ओर रखते हुए भुजाओं को बगल में रखें।

नितंबों और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ें और नितंबों को जमीन से कई इंच ऊपर उठाएं। इस स्थिति में 3-8 सेकंड तक रुकें। नितंबों और पेल्विक फ़्लोर की मांसपेशियों को आराम दें, और नितंबों को ज़मीन पर झुकाएँ। इसे प्रति सेट 10 बार तक दोहराएं। जैसे-जैसे पेल्विक फ्लोर व्यायाम से आपकी मासपेशियों की की ताकत बढ़ती है, कई लोगों को लगता है कि वे अधिक दोहराव कर सकते हैं।

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स्क्वैट्स बच्चों में पेल्विक फ्लोर और नितंबों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। स्क्वाट करने के लिए,पैरों को कूल्हे की चौड़ाई जितना फैलाकर खड़े रहें और पैर फर्श पर सपाट रखें। नितंबों को फर्श की ओर लाने के लिए घुटनों को मोड़ें, केवल उतना ही नीचे जाएं जितना आपको ठीक लगे।  पीठ सीधी और थोड़ा आगे की ओर झुका हुआ रखें। घुटने पंजों की सीध में होने चाहिए। खड़े होने की स्थिति में लौटते समय नितंबों और पेल्विक फ्लोर की मासपेशियों को कसने पर ध्यान दें। इस अभ्यास को करीब 10 बार दोहराएं। कोई भी अतिरिक्त सेट करने से पहले आराम करें।

हैप्पी बेबी पोज़ पेल्विक फ्लोर रूटीन के लिए एक बढ़िया व्यायाम है। इसके लिए अपने घुटनों को मोड़कर फर्श पर लेट जाएँ । अपने घुटनों को अपने पेट की ओर 90 डिग्री पर लाएँ, जिसमें आपके पैरों के तलवे ऊपर की ओर हों। अपने पैरों के बाहरी या भीतरी हिस्से को पकड़ें। घुटनों को तब तक खोलें जब तक वे आपके शरीर से थोड़े चौड़े न हो जाएं। फिर, अपने पैरों को अपनी चेहरे तक लाने की कोशिश करें । आपकी एड़ियाँ आपके घुटनों के ऊपर हों। अपनी एड़ियों को मोड़ें और अपने पैरों को अपने हाथों में दबाएं।

पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों की कमजोरी के के कुछ सामान्य कारण

  •  गर्भावस्था
  •  प्रसव के बाद की परेशानियाँ 

  •  अधिक वजन होना 

  •  कब्ज होना और मल त्याग करते समय अधिक जोर लगाना 

  •  लगातार भारी सामान उठाना

  •  बहुत खांसी होना

  •  रजोनिवृत्ति के समय हार्मोनल स्तर में परिवर्तन

  •  बुढ़ापा 

महिलायें अगर वजन बढ़ने की समस्या और मासिक धर्म की समस्या से परेशान है तो ट्राइ कीजिए माइ उपचार की प्रजनस वुमन हेल्थ केपसूल, पत्रांगसाव, अशोकारिष्ठ जैसी आयुर्वेदिक दवाइयाँ 

(और पढ़ें - मेनोपॉज में क्या खाना चाहिए)

 

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  • पेल्विक क्षेत्र, जननांगों, पेरिनेम या मलाशय में दर्द 

  • यौन रोग जिसमें स्तंभन दोष, सेक्स के दौरान या उसके बाद जननांगों में दर्द या सुन्नता 

  • पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स, जिसमें योनि में उभार महसूस होता है या योनि में भारीपन महसूस होना  

  •  पीठ के निचले हिस्से में पुराना दर्द

पुरुष स्तंभन दोष को खत्म करके सेक्स टाइम बढ़ाने के लिए और अपने लिंग को मजबूत बनाने के लिए माइ उपचार का ऊर्जास केपसूल और डिलै स्प्रे का उपयोग कर सकते हैं।   

 

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बहुत से लोग , अपनी दैनिक दिनचर्या में पेल्विक फ्लोर व्यायाम को शामिल करते हैं लेकिन आपको व्यायाम करने के बाद भी आंत्र या मूत्राशय पर नियंत्रण की समस्या हो रही है तो अपने डॉक्टर से जरूर बात करें ।

(और पढ़ें - मल त्याग में दर्द)

कुछ संकेत आपको दिए जा रहें हैं जिनसे आप ये जान सकेंगे कि आपको डॉक्टर से कब मिलना है?

  • मूत्र या मल का अचानक बिना नियंत्रण के त्याग होना 
  • मल त्याग करने में समस्या

  • श्रोणि में दबाव या असुविधा

  • योनि या गुदा से बाहर निकला हुआ उभार देखना या महसूस करना

  • पेशाब करते समय दर्द होना

  • मूत्राशय को पूरी तरह से खाली करने में कठिनाई

(और पढ़ें - मूत्र असंयमिता (पेशाब न रोक पाना))

याद रखें, अपने डॉक्टर से बात करना हमेशा ठीक होता है, भले ही आपको लगे कि आपके लक्षण उतने गंभीर नहीं हैं। आपकी स्थिति के लिए सही उपचार ढूंढने से आपको बेहतर महसूस होगा  और पेल्विक फ्लोर मासपेशियों मे होने वाली अन्य समस्याओं से बच जा सकेगा। 

 

पेल्विक फ्लोर व्यायाम आपके मूत्राशय, नितंब , योनि और लिंग के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करता है। पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने से असमय मूत्र निकालने की परेशानी में मदद मिल सकती है, पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स का इलाज हो सकता है और सेक्स भी बेहतर हो सकता है। पेल्विक फ्लोर व्यायाम करने से हर किसी को फायदा हो सकता है।

 
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