अक्सर प्रेगनेंसी का पता ब्लड टेस्ट से लगाया जाता है लेकिन आपको बता दें कि प्रेगनेंसी के कुछ शुरुआती संकेतों की मदद से भी आप टेस्ट से पहले ही जान सकती हैं कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं। गर्भावस्था के कुछ ऐसे शुरुआती लक्षण होते हैं, जिन्हें आप खुद आसानी से पहचान कर अपने प्रेग्नेंट होने की पुष्टि कर सकती हैं।
ऐंठन और स्पॉटिंग
गर्भधारण के बाद, निषेचित (फर्टिलाइज) अंडा गर्भाशय की परत से जुड़ जाता है। इसकी मदद से गर्भावस्था के शुरुआती संकेत मिल सकते हैं जैसे कि हल्की ब्लीडिंग (खून के धब्बे पड़ना) और कभी-कभी ऐंठन। इसे इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कहा जाता है। यह अंडे के फर्टिलाइज होने के छह से 12 दिनों के बाद कभी भी हो सकती है।
यह ऐंठन मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन की तरह ही होती है, इसलिए कई बार महिलाएं इस संकेत को समझ नहीं पाती हैं। उन्हें लगता है कि ये पीरियड्स की शुरुआत है। ब्लीडिंग के अलावा, योनि से सफेद पानी (ल्यूकोरिया) भी आ सकता है। ये गर्भधारण के तुरंत बाद शुरू होता है।
ब्रैस्ट में परिवर्तन
ब्रैस्ट में परिवर्तन आना भी गर्भावस्था के शुरुआती संकेतों में शामिल है। गर्भधारण करने के बाद महिलाओं के हार्मोंस के स्तर में तेजी से बदलाव आता है और इन परिवर्तनों के कारण एक से दो सप्ताह के बाद उनकी ब्रैस्ट में सूजन, दर्द या फिर झुनझुनी महसूस हो सकती है। महिलाओं को ब्रेस्ट में भारीपन या छूने पर दर्द हो सकता है। इसके अतिरिक्त निप्पल्स के आसपास के हिस्से (जिसे एरोला कहते हैं) का रंग भी गहरा हो सकता है।
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थकान
गर्भावस्था की शुरुआत में ज्यादा थकान महसूस होना सामान्य बात है, लेकिन बता दें कि गर्भधारण करने के एक सप्ताह बाद ही महिलाओं को असामान्य रूप से थकान महसूस हो सकती है। इसका संबंध प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन के बढ़ने से हो सकता है, हालांकि अन्य चीजें - जैसे ब्लड शुगर कम होना, लो बीपी और खून बनने में वृद्धि भी थकान का कारण हो सकते हैं।
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जी मिचलाना (मॉर्निंग सिकनेस)
गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस होना आम बात है और ये प्रेगनेंसी का सबसे जाना पहचाना लक्षण एवं संकेत है लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि हर गर्भवती महिला में यह संकेत देखने को मिले। हालांकि, मॉर्निंग सिकनेस होने के मुख्य कारण का पता नहीं है, लेकिन गर्भावस्था में होने वाले हार्मोनल बदलाव इसकी वजह हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय मॉर्निंग सिकनेस हो सकती है लेकिन आमतौर पर ऐसा ज्यादा सुबह के समय होता है।
पीरियड्स ना आना
यह गर्भावस्था का सबसे स्पष्ट शुरुआती संकेत है और इसके बाद ही महिलाएं प्रेगनेंसी टेस्ट करने के बारे में विचार करती हैं। लेकिन पीरियड न आने या देरी से आने का ये मतलब बिलकुल नहीं है कि आप प्रेग्नेंट हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान आपको थोड़ी ब्लीडिंग भी हो सकती है। अगर आप गर्भवती हैं तो डॉक्टर से प्रेगनेंसी में होने वाली ब्लीडिंग के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें।
हर स्त्री के लिए प्रेग्नेंसी एक बहुत ही खास अहसास होता है और उपरोक्त संकेतों की मदद से आप इसका पता लगा सकती हैं।
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MBBS,MD / MS - Obstetrics & Gynaecology,MRCOG(UK),Diploma In Minimal Access Surgery,Diploma in Gynaecology Endoscopy,Laparoscopic Training,Medical Writing Course,Laparoscopic Suturing Skills in Surgical Disciples,Fellowship In Endoscopy,FOGSI Ethi Skills Course,Training Course in Ultrasound - Obs & Gynae,PG Diploma
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