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सामान्य तौर पर दही के गुण तो सभी को पता ही होते हैं लेकिन गर्भावस्था के दौरान दही कितनी लाभकारी हो सकती है इसकी जानकारी शायद ही किसी को हो। आज इस लेख के जरिए जानेंगे कि गर्भावस्था के दौरान दही खानी चाहिए या नहीं? गर्भावस्था के दौरान दही के क्या फायदे हैं?

गर्भावस्था के दौरान दही का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक गुणकारी है। यह कैल्शियम और प्रोटीन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से प्रचुर होती है। दही को पाश्चुरीकृत (हानिकारक जीवों से रहित) और कच्चे दूध दोनों से बनाया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं को अक्सर अलग-अलग आहारों से कैल्शियम की अच्छी मात्रा का सेवन करने की सलाह दी जाती है जिससे बच्चे की हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों का विकास हो सके।

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  1. गर्भावस्था में दही खाने के लाभ - Pregnancy mein dahi khane ke fayde
  2. गर्भावस्था में दही खाने के नुकसान - Pregnancy mein dahi khane ke nuksan
  3. गर्भावस्था में दही कैसे और कितना खाएं - Pregnancy mein dahi kaise aur kitna khaye
  4. गर्भावस्था में दही खाने की सावधानियां - Pregnancy mein dahi khane ki savdhaniyan

गर्भावस्था में दही खाने के निम्नलिखित फायदे हैं:

  • दही में पाया जाने वाला मैग्नीशियम प्रीक्लेम्पसिया को रोकने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपचार है। प्रीक्लेम्पसिया हाई बीपी की स्थिति है,जो गर्भावस्था के दौरान होती है एवंं इसके कारण दौरे पड़ सकते हैं।
  • दही में पाया जाने वाला विटामिन ए आंखों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
  • दही में आयरन होता है जो एनीमिया को रोकने में कारगर है इसके अलावा, दही विटामिन सी से भरपूर होती है जो शरीर में आयरन को सोखने में मदद करता है।
  • गर्भावस्था के दौरान दही भ्रूण के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास में मदद करती है। दही विटामिन बी (विटामिन बी5, विटामिन बी6, विटामिन बी12) और फोलेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो भ्रूण के मस्तिष्क के विकास के लिए आवश्यक है।
  • गर्भावस्था के दौरान दही बीपी का सामान्य स्तर बनाए रखने में लाभकारी है।

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हमारी आंतों में सैकड़ों अलग-अलग प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होते हैं जो हमारे पाचन तंत्र को सुचारू रूप से काम करने में मदद करते हैं। गर्भावस्था में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है जिससे कब्ज का खतरा बढ़ सकता है।

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दही में सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, गर्भावस्था के दौरान एक दिन में लगभग 600 ग्राम दही का सेवन करना पर्याप्त होता है लेकिन एक ही बार में ज्यादा मात्रा में दही न खाएं। दिन में तीन बार 200-200 ग्राम दही खाना बेहतर रहेगा।

दही को रायते, स्मूदी, लस्सी, दही-शक्कर आदि के रूप में खा सकते हैं। हर व्यक्ति का अलग-अलग स्वाद होता है तो जिसे जैसा स्वाद पसंद हो वो इसे वैसा ही खा सकते हैं।

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गर्भावस्था में दही खाने में निम्नलिखित सावधानियां रखें:

  • पाश्चुरीकृत दूध से बनी दही गर्भवती महिला के लिए ज्यादा लाभदायक है क्योंकि यह महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर है।
  • कम वसा वाली दही ज्यादा बेहतर होती है।
  • वजन को नियंत्रित रखने के लिए दही में कम चीनी ही इस्तेमाल में लें।
  • फ्रिज से निकालकर ठंडी दही तुरंत न खाएं, दही का तापमान सामान्य हो जाने पर ही खाएं।  
  • चूंकि दही की तासीर ठंडी होती है इसलिए रात में दही के सेवन से बचना चाहिए।

यूं तो दही के कुछ खास नुकसान नहीं होते लेकिन फिर भी किसी भी खाद्य पदार्थ के अतिसेवन से बचना चाहिए क्योंकि दही का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। दही हो या कोई अन्य खाद्य पदार्थ उसे चिकित्सक की सलाह के बिना गर्भवती महिला के आहार में शामिल नहीं करना चाहिए। 

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