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प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं को अपना अधिक ख्याल रखना होता है। प्रेगनेंसी के दौरान डाइट में पौष्टिक आहार और सेहत के लिए फायदेमंद खाद्य पदार्थों को लेने की सलाह दी जाती है जिसमें दूध भी शामिल है। प्रेगनेंसी में दूध पीना बहुत लाभकारी माना जाता है। दूध में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं।

एक रिसर्च के अनुसार, प्रेगनेंसी में दूध पीने से शिशु तंदुरुस्त पैदा होता है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि प्रेगनेंसी में दूध पीना कितना फायदेमंद है और यह किस तरह से मां और बच्चे की सेहत को फायदा पहुंचाता है।  

दूध में कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन-डी जैसे कई पोषक तत्व होते हैं जिससे गर्भावस्था के दौरान दूध पीने से मां और बच्चे को पोषण मिलता है और इससे भ्रूण की हड्डियों के विकास में भी मदद मिलती है। दूध विटामिन-ए और विटामिन-बी से भी युक्त है। 

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प्रेगनेंसी में दूध पीने के फायदे :

हड्डियों को मजबूती देता है:

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भस्थ शिशु में आवश्यक मिनरल्स की पूर्ति के लिए पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेने की जरूरत होती है। 19 साल और इससे अधिक उम्र की गर्भवती महिलाओं को एक दिन में 1000 मि.ग्रा और 19 साल से कम उम्र की गर्भवती महिलाओं को 1300 मि.ग्रा कैल्शियम की जरूरत होती है। फैट रहित मिल्क के एक कप में 302 मि.ग्रा कैल्शियम होता है। इसलिए रोजाना की कैल्शियम की जरूरत को पूरा करने के लिए दिन में 3 से 4 कप दूध पीने की सलाह दी जाती है।   

भ्रूण के विकास के लिए प्रोटीन:

प्रोटीन गर्भाशय को मजबूती देता है और खून की आपूर्ति में सुधार लाता है एवं शिशु तथा मां के ब्रेस्ट के ऊत्तकों को पोषण प्रदान करता है। जो गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान उचित मात्रा में प्रोटीन का सेवन नहीं करती हैं उनके शिशु में जन्म के समय सामान्य से कम वजन होने का खतरा रहता है।   

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 65 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। एक कप दूध में 8.22 ग्राम प्रोटीन होता है। यदि आप प्रेगनेंसी में एक दिन में तीन कप दूध पीती हैं तो आपके शरीर में प्रोटीन की आवश्यक मात्रा के एक तिहाई हिस्से की पूर्ति हो जाती है।  

नवजात को रिकेट्स से बचाता है विटामिन-डी:

प्रेगनेंसी में विटामिन-डी लेने से शिशु में रिकेट्स और जन्म के समय कम वजन होने का खतरा घट जाता है। प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं को रोजाना विटामिन-डी की 10 माइक्रोग्राम की मात्रा की आवश्यकता होती है। एक कप दूध में 3 से 4 माइक्रोग्राम विटामिन-डी पाया जाता है इसलिए रोजाना 3 कप दूध पीने से गर्भवती महिलाओं में विटामिन की पूर्ति की जा सकती है।

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एक्जिमा:

एक मेडिकल जांच के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों की वजह से एक्जिमा की स्थिति और खराब हो सकती है जिसमें दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं। हालांकि, 2018 में एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को अपने आहार में दूध और प्रोबायोटिक्स शामिल करने से शिशु में एक्जिमा और अन्य फूड एलर्जी का खतरा कम होता है।

प्रेगनेंसी के दौरान दूध पीने का सुरक्षित तरीका: 

  • दूध और पानी का अनुपात 2:1 रखें और इसका इस्तेमाल मिल्क शेक और चाय बनाने में करें। 
  • गर्म दूध को छोटे-छोटे घूंट कर के पिएं। जल्दी में गर्म दूध पीने की गलती न करें। 
  • खाना खाने के तुरंत बाद दूध न पिएं। 
  • गर्भवती महिला को एक दिन में लगभग 3 कप दूध पीना चाहिए। इन्हें खासतौर पर लो-फैट या नॉन फैट मिल्क का सेवन करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में दूध पीना अमूमन फायदेमंद ही रहता है लेकिन जैसा कि हमने आपको बताया कि गर्म दूध पीने से बचना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से शिशु को नुकसान हो सकता है।

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