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गर्भावस्था के दौरान सेवन किए जाने वाले आहार और पोषक तत्वों की बात हो रही हो और इमली को नजरअंदाज किया जाए ये तो असम्भव है। गर्भावस्था में इमली खाना बहुत ही आम बात है। आमतौर पर गर्भावस्था में महिलाओं का मन इमली या इमली के जैसे ही खट्टे फलों को खाने का करता है।

इमली एक बहुत ही स्वादिष्ट फल है जो अपने स्वाद के कारण कई व्यंजनों में उपयोग की जाती है। इमली में औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। इमली में पॉलीफेनॉल्स, फ्लेवोनोइड, पोटेशियम, आयरन, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन k के साथ ही कई अन्य खनिजों से प्रचुर है।

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गर्भावस्था के दौरान कोई भी महिला खुद को इमली खाने से रोक नहीं सकती लेकिन क्या वो यह जानती हैं कि गर्भावस्था में इमली खानी चाहिए या नहीं?

आज हम इस लेख के जरिए जानेंगे कि गर्भावस्था में इमली का सेवन करना चाहिए या नहीं? इमली के फायदे और नुकसान क्या हैं? गर्भावस्था के दौरान इमली खाना सुरक्षित है या नहीं।

  1. गर्भावस्था में इमली खाने के फायदे - Pregnancy mein imli khane ke laabh
  2. गर्भावस्था में इमली खाने के नुकसान - Pregnancy mein imli khane ke nuksan
  3. गर्भावस्था में इमली कैसे और कितनी खाएं - Pregnancy mein imli kaise aur kitna khaye
  4. गर्भावस्था में इमली खाने की सावधानियां - Pregnancy mein imli khane ki savdhaniyan

गर्भावस्था में इमली खाने के फायदे निम्नलिखित हैं:​

(और पढ़ें - क्या गर्भावस्था में आम खाना चाहिए)

जिस तरह एक सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी प्रकार अगर किसी खाद्य पदार्थ के फायदे हैं तो नुकसान भी होते हैं। इमली विटामिन सी का अच्छा स्रोत है लेकिन विटामिन सी का अधिक सेवन गर्भवती महिलाओं पर हानिकारक प्रभाव भी डालता है।

गर्भावस्था में इमली खाने के निम्नलिखित नुकसान हो सकते हैं:

  • विटामिन सी की अधिकता के कारण मिसकैरेज हो सकता है।
  • विटामिन सी के अधिक सेवन से समय से पूर्व प्रसव की संभावना बढ़ जाती है और भ्रूण की कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचता है।
  • इमली खाने से गर्भवती महिला के ब्लड शुगर में असंतुलन पैदा हो सकता है।
  • बहुत अधिक इमली का सेवन रक्तचाप को नुकसान पहुंचा सकता है।

(और पढ़ें - नॉर्मल ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए)

एक कप इमली के गूदे में 3.36 मि.ग्रा आयरन होता है। गर्भवती महिलाओं को अपने दैनिक आहार में 27 मि.ग्रा आयरन की जरूरत होती है जिसकी 12 प्रतिशत की पूर्ति एक कप इमली के गूदे हो जाती है। इमली का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजनों को बनाने की विधि में भी किया जाता है। अगर इमली के सीधे सेवन से बचना चाहतीं है तो इमली से बना कोई व्यंजन भी खा सकती हैं। कई महिलाएं इमली तो अचार की तरह सूखा ही खाना पसंद करती हैं। कुछ अलग खाने का मन हो तो इमली की चटनी भी खाई जा सकती है।

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गर्भावस्था में इमली खाने में निम्नलिखित सावधानियां रखें:

  • इमली पेरासिटामोल, इबुप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी कुछ दवाओं पर असर करती है, इसलिए अगर कोई गर्भवती महिला इन दवाओं का सेवन कर रही है तो या तो उन्हें इमली के सेवन से बचना चाहिए या इन दवाओं के सेवन के 24 घंटे बाद ही इमली खानी चाहिए।
  • आमतौर पर देखा जाए तो बाजार में इमली आसानी से उपलब्ध है लकिन बाजार में मिलने वाली इमली ज्यादातर खुली ही मिलती है ऐसी खुली मिलने वाली इमली से परहेज करें।
  • बहुत ज्यादा कच्ची इमली के सेवन से बचना चाहिए।

सभी अन्य खाद्य पदार्थों की तरह इमली का सेवन भी सीमित मात्रा में किया जाना ही अधिक लाभकारी होता है। गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से इमली खाने पर ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर के स्तर की जांच कराते रहना चाहिए। यदि किसी को इमली खाने से कोई समस्या हो रही हो तो इसे खाना बंद कर देना चाहिए या उचित होगा अगर चिकित्सकीय परामर्श ले लिया जाए।

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