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गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जब महिलाओं का बहुत कुछ खाने का मन करता है लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि जो खाद्य पदार्थ आपको सबसे ज्यादा पसंद होते हैं गर्भावस्था के दौरान आप उसे देखते ही कतराने लगती हैं। आपको उन्हीं फूड से परहेज हो जाता है जो कभी आपके पसंदीदा हुआ करते थे। आप उन व्यंजनों की खुशबू तक नापसंद करने लगती हैं।

जब आप गर्भवती होती हैं, उस वक्त आपका शरीर बहुत सारे हार्मोनल परिवर्तनों से गुजरता है। जिसके कारण मतली और मॉर्निंग सिकनेस रहती है।

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प्रेगनेंसी में महिलाओं का मीट, अंडे, दूध, प्याज, लहसुन, चाय, कॉफी और चटपटे खाने आदि से मन हट सकता है और हो सकता है ये सभी खाद्य पदार्थ उन्हें गर्भावस्था से पहले बेहद लजीज लगते हों। किसी भी खाद्य पदार्थ को खाने की तीव्र इच्छा होना जिसे क्रेविंग कहते हैं और किसी भी व्यंजन को खाने से मन हट जाना जिसे फूड एवरजन (प्रेगनेंसी में किसी खाद्य पदार्थ का पसंद न आना) कहते हैं दोनों ही बातें गर्भावस्था में आम हैं।

  1. गर्भावस्था में कब खत्म होता है फूड एवरजन - pregnancy mein kab khatam hota hai food aversion in Hindi
  2. गर्भावस्था में फूड एवरजन से बचने के लिए कुछ टिप्स - Pregnancy me food aversion se bachne ke liye kuch tips

आमतौर पर फूड एवरजन गर्भावस्था के पहली तिमाही से शुरू होता है और यह पूरे 9 महीने तक रहता है ऐसे में यह भी हो सकता है कि कुछ समय के लिए इस समस्या का सामना न करना पड़े और फिर दोबारा वही परिस्थिति उत्पन्न हो जाए। यह तथ्य गर्भावस्था से जुड़े कई रहस्यों में से एक है।

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फूड एवरजन से बचने के लिए कुछ टिप्स अपनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं फूड एवरजन से बचने के लिए क्या सलाह दी जाती है?

  • रात के समय तीखा-मसालेदार और भारी भोजन न करें। तेज सुगंध वाले खाद्य पदार्थों के कारण मितली और फूड एवरजन की संभावना बढ़ जाती है।   
  • अगर मीट खाने में आपको परेशानी हो रही है तो आप प्रोटीन के लिए अंडे, बीन्स, नट्स, पीनट बटर, कम वसा वाला पनीर, ग्रीक योगर्ट और टोफू जैसे सोया खाद्य पदार्थों को अपने आहार का हिस्सा बना सकते हैं।
  • गर्भावस्था में अच्छी तरह से आराम करना एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है। कई बार आपका प्रेगनेंसी में सोने या आराम करने का मन न करे तो फिर भी आपको कुछ समय के लिए आंखें बंद कर के लेट जाना चाहिए। 
  • घर पर जंक फूड नहीं रखना चाहिए क्योंकि अगर आप घर में जंक फूड रखेंगी तो आपका मन उन्हें खाने को भी करेगा।
  • घर में स्वादिष्ट भोजन बनाएं इसके सेवन से आपको कोई नुकसान नहीं होगा।
  • स्वस्थ शरीर और दिमाग भी फूड एवरजन से लड़ने में सहायक हो सकता है, इसके लिए आपको योग का सहारा लेना चाहिए।
  • एक शोध की मानें तो 76 प्रतिशत महिलाओं को किसी के साथ रहने के दौरान यह समस्या होती है यद्यपि इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन एक महिला घर या ऑफिस में बहुत अधिक लोगों से घुलती मिलती है तो उसे क्रेविंग हो सकती है या फिर फूड एवरजन भी हो सकता है ऐसे में उन्हें ऐसे व्यक्ति के साथ नहीं रहना चाहिए जो कुछ खा रहा हो।

ऊपर लिखे सभी बिंदुओं को अपनाने के बाद भी अगर आपको कोई समस्या हो रही है जैसे किसी व्यंजन को खाने की बहुत इच्छा हो रही है या किसी खाद्य सामग्री से आपको दिक्क्त हो रही है जिसके कारण आपको बहुत बेचैनी हो रही हो तो बेहतर रहेगा कि आप एक बार अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लें। गर्भावस्था में अधिकतर महिलाओं का व्यवहार रूखा हो जाता है। व्यवहार में परिवर्तन के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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