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गर्भावस्था के दौरान अतिसार या दस्त होना प्रेग्नेंसी में होने वाली असुविधाओं में से एक है जो अनुभव किया जा सकता है। अतिसार का शाब्दिक अर्थ "बहने से" है और इसे 24 घंटों में तीन या अधिक बार सामान्य से पतले या तरल रूप में मलत्याग के रूप में परिभाषित किया गया है।

यदि आप एक दिन में तीन बार इस प्रकार का मलत्याग कर चुकी हैं तो ऐसे में मुख्य चिंता का विषय हाइड्रेटेड रहना है। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान दस्त का सामना करते समय पानी की काफी कमी हो जाती है। डिहाइड्रेशन, गंभीर और कभी कभी तो घातक भी हो सकता है इसलिए ऐसा होने पर आपको स्वयं को पुन: हाइड्रेट करना होगा। दस्त को गर्भावस्था के समय हल्के में नहीं लेना चाहिए।

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  1. गर्भावस्था में दस्त होने के कारण - Causes of Diarrhea during pregnancy in Hindi
  2. प्रेग्नेंसी में लूज़मोशन होना नॉर्मल है क्या? - Is diarrhea during pregnancy normal in Hindi
  3. प्रेग्नेंसी में दस्त का इलाज - Diarrhea during pregnancy treatment in Hindi

यदि आप एक दिन में तीन या अधिक बार पतले मलत्याग के लिए जाती हैं, तो आपको दस्त हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान दस्त की शिकायत होना सामान्य है। हालांकि, हर अतिसार होने का मतलब ये ही नहीं होता कि ये केवल गर्भावस्था की वजह से है। गर्भावस्था के अलावा दस्त निम्न कारणों से भी होते हैं -

  1. वायरस
  2. बैक्टीरिया
  3. पेट दर्द
  4. आंत के परजीवी
  5. फूड पाइज़निंग
  6. दवाएं

कुछ अन्य स्थितियों में भी दस्त होना आम होता है। इनमें इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable bowel syndrome; अनियमित मलत्याग), क्रोंस डिजीज (Crohn’s disease), सीलिएक रोग (Celiac disease), और अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative colitis- आंत की सूजन) आदि प्रमुख हैं। दस्त के लिए गर्भावस्था संबंधी कारणों में निम्न मुख्य हैं:

(और पढ़ें - फूड पाइज़निंग से बचने के उपाय)

  1. आहार परिवर्तन: कई महिलाएं गर्भावस्था के दौरान अपने खान पान की आदतों में बदलाव लाती हैं। खान पान की आदतों में अचानक आये इस बदलाव की वजह से दस्त की समस्या हो जाती है।
  2. नए खाद्य पदार्थों के प्रति संवेदनशीलता: गर्भवती होने के बाद काफी सारे खाद्य पदार्थ जिनसे पहले कभी कोई परेशानी नहीं हुयी, वो गैस, दस्त आदि का कारण बन सकते हैं।
  3. प्रीनेटल विटामिन: प्रीनेटल विटामिन आपके साथ ही आपके बढ़ते बच्चे के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी और अच्छे होते हैं। हालांकि, ये विटामिन आपके पेट को परेशान कर सकते हैं और दस्त का कारण बन सकते हैं।
  4. हार्मोन में परिवर्तन: हार्मोन, आपके पाचन तंत्र को धीमा कर सकते हैं, जिससे गर्भावस्था में कब्ज की दिक्कत हो सकती है। हार्मोन पाचन तंत्र को तेज भी कर सकते हैं, जो दस्त का कारण बन जाते हैं।

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गर्भावस्था के दौरान दस्त होना आम नहीं है। गर्भवती महिलाओं को पतले मत के बजाय कब्ज होने की अधिक संभावना होती है, लेकिन कुछ महिलाओं को प्रसव के चरण में आने से ठीक पहले दस्त हो सकते हैं। यदि अभी आपकी गर्भावस्था का 37वां सप्ताह नहीं हुआ है तो दस्त अपरिपक्व प्रसव (समय से पहले प्रसव) का संकेत हो सकता है।

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यदि आप अपने तीसरे तिमाही के दौरान दस्त का अनुभव कर रही हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका बच्चा अभी पैदा होगा, इसलिए आपको प्रसव के लिए सतर्क नहीं होना है। यह सिर्फ एक तरीका है यह बताने का कि अब आपका शरीर प्रसव के लिए तैयार हो रहा है जो अब कभी भी शुरू हो सकता है।

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दस्त के अधिकांश मामले कुछ ही दिनों में अपने आप सही हो जाते हैं। दस्त में खासतौर पर हाइड्रेटेड रहना ज़रूरी होता है। इसलिए आप बहुत सारा पानी, जूस और शोरबा पिएं। पानी आपके शरीर में तरल पदार्थों की कमी को फिर से भरने में मदद करेगा और जूस आपके शरीर में आयी पोटेशियम के स्तर में कमी को और शोरबा आपके सोडियम की भरपाई करने में मदद करेगा।

यदि दस्त अपने आप ठीक नहीं हो रहे तो आपको डॉक्टर से परामर्श लेने की आवश्यकता हो सकती है। यदि गर्भावस्था के दौरान बैक्टीरिया या परजीवी के कारण दस्त होते हैं तो आपको एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता होगी, यदि वायरस के कारण होते हैं तो एंटीबायोटिक दवाइयां मदद नहीं करेंगी। इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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अगर आपके पेट में वायरस या फूड पाइज़निंग हो गयी है, तो हाइड्रेटेड रहने के लिए बहुत सारा पानी पिएं। डेयरी खाद्य पदार्थों का सेवन न करें और केले, चावल, सूप या टोस्ट जैसे आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों को खाएं। जब तक आपको दस्त में आराम महसूस न हो तब तक वसा युक्त खाद्य पदार्थ न खाएं। इन सब बातों का पालन करने पर आपको 24 घंटों या उससे भी कम समय में बेहतर महसूस होगा।

डॉक्टर को अपने लक्षणों के बारे में बताएं और पूछें कि ऐसे में कौन सी दवा लेना सुरक्षित होगा। उसके अनुसार ही दवा लें।

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