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प्रेग्नेंसी क्रेविंग्स यानी गर्भावस्था के दौरान कुछ चीजें खाने की तीव्र इच्छा बेहद सामान्य सी बात है। गर्भवती मांओं को अक्सर अचार से लेकर आइसक्रीम और पीनट बटर से लेकर बर्गर-पिज्जा जैसी अनहेल्दी चीजें खाने का मन होता है। प्रेगनेंसी के 9 महीने के दौरान जब पेट में आपका बच्चा लगातार बढ़ रहा होता है ऐसे में आपको हर वक्त यह महसूस हो सकता है कि आपका पेट भरा नहीं और आपको भूख लगी है। 

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सामान्तया प्रेगनेंसी का अर्थ है लगातार भूख महसूस होना, पेट का जल्दी न भरना और अजीब-अजीब कॉम्बिनेशन की चीजें खाने का मन करना। लेकिन घबनाएं नहीं क्योंकि गर्भावस्था के दौरान बढ़ी हुई भूख पूरी तरह से नॉर्मल सी बात है। इस दौरान आपके गर्भ में एक और जीवन पल रहा है जिसका निर्माण करने के लिए आपका शरीर लगातार ओवरटाइम काम कर रहा है। ऐसे में अगर आपको ज्यादा भूख लगती है और ज्यादा खाती हैं तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है और यह पूरी तरह से एक नॉर्मल प्रतिक्रिया है।

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चूंकि गर्भावस्था के दौरान बढ़ने वाला वजन भी एक स्वस्थ सीमा के भीतर ही रहना महत्वपूर्ण है, ऐसे में इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि प्रेगनेंसी में ज्यादा भूख लगने का कारण क्या है और इस बढ़ी हुई भूख को मैनेज करने के लिए आप क्या कर सकती हैं। 

  1. प्रेगनेंसी में ज्यादा भूख क्यों लगती है? - Pregnancy me jyada bhukh kyon lagti hai?
  2. प्रेगनेंसी में ज्यादा भूख कब लगती है? - Pregnancy me jyada bhukh kab lagti hai?
  3. प्रेगनेंसी में ज्यादा भूख लगे तो उसे मैनेज कैसे करें? - Pregnancy me bhukh ko manage kaise kare?
  4. आखिर में इन बातों का रखें ध्यान - Jaruri baaton ka rakhen dhyan

इस बात को समझना मुश्किल नहीं कि गर्भ में पल रहे एक नए जीवन का निर्माण करना आसान नहीं और इसके लिए आपके शरीर को बहुत काम करना पड़ता है और इसलिए, अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है जो भोजन से प्राप्त होती है। प्रेगनेंसी के दौरान आपका शरीर 3 तरह से सक्रिय प्रदर्शन करता है:

  • पहला: शरीर में खून की मात्रा में करीब 100 प्रतिशत (आमतौर पर 45 प्रतिशत के करीब) की बढ़ोतरी करना
  • दूसरा: गर्भाशय के साइज को बढ़ाना जो आमतौर पर किसी नाशपाती के साइज का होता है उसे बढ़ाकर बास्केटबॉल जितना करना और
  • तीसरा: 3 से 4 किलोग्राम वजन वाले बच्चे का निर्माण करना

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भले ही आप शरीर के अंदर हो रहे इन आश्चर्यजनक कार्यों से अवगत न हों, लेकिन बढ़ते बच्चे की जरूरतों को पूरा करने के लिए आप अतिरिक्त कैलोरी का उपयोग कर रही हैं जो स्वाभाविक रूप से आपकी भूख को बढ़ाने का काम करता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में हार्मोन्स में भी काफी बदलाव आता है और इसका भी आपकी भूख पर असर पड़ता है। रिसर्च के मुताबिक, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन में उतार-चढ़ाव के कारण भी प्रेगनेंसी में ज्यादा भूख लगती है।

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क्या बढ़ी हुई भूख प्रेगनेंसी का शुरुआती लक्षण है?
नाजुक या कोमल ब्रेस्ट, जी मिचलाना और पीरियड्स का मिस होना प्रारंभिक गर्भावस्था के स्पष्ट संकेत हैं। लेकिन क्या आप इस सूची में भूख बढ़ने को भी जोड़ सकते हैं? संभवतः हां। वैसे तो भूख का बढ़ना गर्भावस्था का एक प्रारंभिक संकेत हो सकता है, लेकिन यह प्रेगनेंसी का एकमात्र लक्षण नहीं है। वास्तव में, प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में कई महिलाओं की भूख बढ़ने की बजाए कम हो जाती है क्योंकि मॉर्निंग सिकनेस की वजह से उन्हें भोजन की गंध पसंद नहीं आती और वह कुछ खा नहीं पाती। 

गर्भावस्था के दौरान आमतौर पर महिला की भूख दूसरी तिमाही में बढ़ जाती है, लेकिन कुछ महिलाएं इसे पहली तिमाही में भी अनुभव करती हैं। लेकिन सामान्यतः गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान गर्भवती महिला की भूख ज्यादा बढ़ती है क्योंकि यही वह समय है जब आपकी मॉर्निंग सिकनेस यानी जी मिचलाने और उल्टी आने की समस्या समाप्त हो चुकी होती है और भूख बढ़नी शुरू होती है ताकि पहली तिमाही के दौरान उल्टी की वजह से आपका जो वजन कम हुआ था, आप उसे दोबारा हासिल कर पाएं। 

डॉक्टरों की मानें तो भूख बढ़ने की यह स्थिति वैसे तो हर महिला में अलग-अलग हो सकती है लेकिन औसतन प्रेगनेंसी का आधा समय गुजर जाने के बाद यानी गर्भावस्था के 20वें हफ्ते के आसपास ज्यादातर महिलाओं की भूख बढती है। हालांकि कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जिनकी भूख प्रेगनेंसी के शरुआती दिनों से ही बढ़ी रहती है। वैसे तो कुछ गर्भवती महिलाओं को डिलिवरी के समय तक ज्यादा भूख लग सकती है, लेकिन कुछ महिलाओं में प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में भूख कम हो जाती है। इसका कारण ये है कि आपका बढ़ता हुआ गर्भाशय पेट में मौजूद अंगों को दबाना शुरू करता है जिससे पेटभकर खाने पर असहजता महसूस हो सकती है।

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इसके अलावा, गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में कई महिलाओं में सीने में जलन की समस्या बढ़ जाती है जिस वजह से खाने में उनकी रुचि कम होने लगती है।

जब गर्भावस्था के दौरान आपकी बढ़ती भूख को संतुष्ट करने की बात आती है, तो आपको अपने शरीर की बात सुननी चाहिए लेकिन आप कितना खा रही हैं इस पोर्शन को भी समझदारी से चुनें। याद रखें कि भले ही लोग आपसे कहें कि आपको दो लोगों के लिए खाना चाहिए लेकिन वह दूसरा प्राणी यानी आपका बच्चा बहुत छोटा है, इसलिए "एक मेरे लिए, एक बच्चे के लिए" का सिद्धांत यहां काम नहीं करेगा। प्रेगनेंसी में बढ़ती भूख को मैनेज करने के लिए इन सुझावों को अपनाएं:

1. शरीर में पानी की कमी न होने दें
कई बार हम इस बात को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि हमें अभी भूख लगी है या प्यास। और चूंकि आपका शरीर बच्चे के निर्माण में व्यस्त है, लिहाजा आपके शरीर को पहले से अधिक तरल पदार्थों की आवश्यकता होगी। प्रतिदिन कम से कम 12 से 13 कप पानी जरूर पिएं और अगर बाहर का तापमान गर्म हो और आपको पसीना आ रहा हो तो ज्यादा पानी पिएं। पानी के साथ फ्रूट जूस, नारियल पानी आदि भी पी सकती हैं लेकिन सोडा या कोल्ड ड्रिंक से दूर रहें क्योंकि इसमें कोई पोषण नहीं होता और अतिरिक्त कैलोरी और चीनी होती है जो आपकी भूख को बढ़ाती है। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी में सोडा या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए या नहीं)

2. कैलोरीज का भी ध्यान रखना है जरूरी
आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रेगनेंसी के पहली तिमाही में गर्भवती महिला को भोजन से मिल रही कैलोरीज में बढ़ोतरी करने की कोई जरूरत नहीं होती। लेकिन दूसरी तिमाही के दौरान प्रेगनेंसी के पहले की डाइट की तुलना में 300-350 अतिरिक्त कैलोरीज की जरूरत होती है और तीसरी तिमाही में यह बढ़कर 500 कैलोरीज हो जाती है। कैलोरीज की जरूरत का ध्यान रखें और उसके हिसाब से ही भोजन करें।

3. प्रेगनेंसी डाइट को हेल्दी बनाए
इस बात का ध्यान रखें कि आप जो खा रही हैं फिर चाहे वह स्नैक्स हो या मील- उससे सिर्फ आपका पेट न भरे बल्कि वह पोषण से भरपूर भी होना चाहिए। लिहाजा अपनी डाइट में 3 अहम न्यूट्रिएंट्स- प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट को जरूर शामिल करें। आप चाहें तो प्रोटीन के लिए मछली, अंडा, बीन्स, सोया उत्पाद, चिकन आदि, फाइबर के लिए- साबुत अनाज, फल और सब्जियां और हेल्दी फैट के लिए- दही, नट्स, ऐवकाडो और जैतून के तेल का सेवन कर सकती हैं। प्रोसेस्ड और रिफाइंड उत्पादों की जगह फ्रेश भोजन का सेवन करें। 

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4. 3 की जगह 6 बार छोटी-छोटी मील खाएं
एक दिन में 3 बार भोजन करने की बजाए आप चाहें तो 5 से 6 बार में छोटी-छोटी मील हर 3-4 घंटे में ले सकती हैं। अगर गर्भवती महिलाएं एक बार में ही बहुत ज्यादा भोजन खाने की कोशिश करेंगी तो इससे उनका पेट फूलना, पेट में गैस, सीने में जलन जैसी समस्याएं बढ़ जाएंगी। अगर आप नियमित रूप से कुछ घंटों में लगातार थोड़ा थोड़ा खाएंगी तो आपको बहुत ज्यादा भूख भी नहीं लगेगी, पेट और मन दोनों भरा हुआ और संतुष्ट महसूस होगा और आप एक बार में बहुत ज्यादा भोजन भी नहीं खाएंगी।

गर्भावस्था के 9 महीनों के दौरान आपकी भूख का बढ़ना आपको बार-बार इस बात की याद दिलाता है कि आपका काम शरीर को फिलहाल पोषण प्रदान करना है ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे को किसी न्यूट्रिएंट की कमी न हो। बार-बार लगने वाली भूख की वजह से भले ही आपको कभी-कभी फ्रस्टेशन या निराशा महसूस हो लेकिन याद रखें कि यह हमेशा के लिए नहीं है। गर्भावस्था आपके जीवन का एक अहम पड़ाव है और इस दौरान अपने भोजन विकल्पों के प्रति सचेत रहें, अपने भोजन और नाश्ते को हेल्दी बनाने के लिए पहले से प्लानिंग करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। ऐसा करने से आप स्वस्थ भी रहेंगी और भूख भी कंट्रोल में रहेगी।

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