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शीघ्र स्खलन एक पुरुषों का यौन रोग है, जिसमें दोनों यौन साथियों की इच्छा के विपरीत सेक्स के दौरान पुरुष बहुत जल्दी ऑर्गास्म पर पहुंच जाता है यानि जल्दी स्खलित हो जाता है। इस समस्या के कारण के आधार पर, ऐसा या तो फोरप्ले के दौरान या लिंग प्रवेश कराने के तुरंत बाद हो सकता है। इससे एक या दोनों साथियों को यौन संतुष्टि प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। स्खलन को रोक पाने में असमर्थता अन्य लक्षणों जैसे कि आत्मविश्वास में कमी, शर्मिंदगी, तनाव और हताशा आदि को जन्म दे सकती है।

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ज्यादातर मामलों में, हो सकता है कि स्खलन को नियंत्रित करने में असमर्थता किसी जैविक कारण से न पैदा होती हो, हालांकि उपचार के किसी भी अन्य रूप की सिफारिश करने से पहले डॉक्टर इसकी संभावना का पता लगाते हैं। तनाव, चिंता, अवसाद, यौन अनुभवहीनता, कम आत्मसम्मान और शरीर की छवि जैसे मनोवैज्ञानिक कारक शीघ्र स्खलन के सबसे आम कारण हैं। विशेष रूप से सेक्स से संबंधित अतीत के दर्दनाक अनुभव भी शीघ्र स्खलन का संकेत दे सकते हैं।

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अन्य कारणों में मधुमेह, प्रोस्टेट रोग, थायराइड की समस्या, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अत्यधिक शराब का सेवन, जैसी स्थितियां शामिल हैं। इन मामलों में, शीघ्र स्खलन अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति के लक्षण के रूप में देखा जा सकता है। शारीरिक चोट, संक्रमण या हार्मोनल समस्याएं भी संभावित कारण हो सकते हैं।

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जांच के लिए डॉक्टर प्रभावित व्यक्ति के लक्षणों और यौन जीवन के बारे में पूछताछ करते हैं। उनका मेडिकल इतिहास भी लिया जाता है। किसी अंतर्निहित चिकित्सा कारण की संभावना का पता करने के लिए खून की जांच या पेशाब की जांच की सिफारिश की जा सकती है। नक्स वोमिका, एवेना सैटाइवा, सेलेनियम और चाइना जैसे होम्योपैथिक उपचार शीघ्र स्खलन के इलाज में सहायक हो सकते हैं।

  1. होम्योपैथी में शीघ्र स्खलन का इलाज कैसे होता है? - Homeopathy me Shighrapatan ka upchar kaise hota hai?
  2. शीघ्र स्खलन की होम्योपैथिक दवा - Premature Ejaculation ki homeopathic medicine
  3. होम्योपैथी में शीघ्र स्खलन के लिए खान-पान और जीवनशैली के बदलाव - Homeopathy me Premature Ejaculation ke liye khan pan aur jeevan shaili ke badlav
  4. शीघ्र स्खलन के होम्योपैथिक इलाज के नुकसान और जोखिम कारक - Shighrapatan ke homeopathic upchar ke nuksan aur jokhim karak
  5. शीघ्र स्खलन के होम्योपैथिक उपचार से जुड़े अन्य सुझाव - Premature Ejaculation ke homeopathic upchar se jude anya sujhav
  6. शीघ्र स्खलन की होम्योपैथिक दवा और इलाज के डॉक्टर

होम्योपैथी किसी भी स्वास्थ्य समस्या की जड़ को खत्म करने का प्रयास करती है। इसका उद्देश्य केवल लक्षणों को दबाना नहीं है, बल्कि उन्हें पूरी तरह से रोकना या खत्म करना है। समय से पहले स्खलन के लिए होम्योपैथिक दवाएं किसी व्यक्ति को धीरे-धीरे शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारणों को दूर करके शक्ति प्राप्त करने में मदद करती हैं। शीघ्र स्खलन का इलाज करने के अलावा, होम्योपैथिक दवाएं यौन प्रदर्शन को बढ़ाने में भी मदद कर सकती हैं। पारंपरिक दवाओं के विपरीत, होम्योपैथिक उपचार का प्रजनन प्रणाली पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।

(और पढ़ें - लंबे समय तक सेक्स करने के उपाय)

व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर, शीघ्र स्खलन के उपचार के लिए निम्नलिखित दवाएं निर्धारित की जा सकती हैं:

  • एवेना सैटाइवा (Avena Sativa)
    सामान्य नाम: कॉमन ओट (Common oat)
    लक्षण: एवेना सैटाइवा निम्नलिखित लक्षणों के समाधान के लिए एक उपयोगी दवा है:

  • ऐग्नस कैस्टस (Agnus Castus)
    सामान्य नाम: चेस्ट ट्री (Chaste tree)
    लक्षण: निम्नलिखित लक्षणों में रोगी को ऐग्नस कैस्टस की आवश्यकता हो सकती है:

  • बैरीटा कार्बोनिकम (Baryta Carbonicum)
    सामान्य नाम: कार्बोनेट ऑफ बैरीटा (Carbonate of baryta)
    लक्षण: यह दवा निम्नलिखित लक्षणों की रिपोर्ट करने वाले व्यक्तियों के लिए सबसे उपयुक्त है:

    • याददाश्त खोना
    • आत्मसम्मान कम होना
    • आत्मविश्वास कम होना
    • शर्म आना
    • यौन इच्छा में कमी
    • बढ़ी हुई प्रॉस्टेट ग्रंथि
    • सख्त अंडकोष
       
  • चाइना ओफ्फिसिनालिस (China Officinalis)
    सामान्य नाम: पेरुवियन बार्क (Peruvian bark)
    लक्षण: निम्नलिखित लक्षणों में आमतौर पर मरीज को इस दवा की आवश्यकता होती है:

  • कोनियम मैक्यूलैटम (Conium Maculatum)
    सामान्य नाम: पाइजन हेमलॉक (Poison hemlock)
    लक्षण: निम्नलिखित लक्षणों वाले रोगी को इस दवा की आवश्यकता होती है:

    • वृषण में सूजन
    • अंडकोश की थैली से लिंग की जड़ तक तीव्र और काटने जैसा दर्द
    • लिंग में अपर्याप्त इरेक्शन (तनाव)
    • लिंग में तनाव लाने में असमर्थता
    • लिंग में तनाव बहुत थोड़े समय के लिए रहना
    • लिंग में सही तरह से तनाव आने से पहले ही स्खलित हो जाना
    • भावनाओं के आवेग के दौरान प्रोस्टेटिक तरल पदार्थ का स्राव होना
    • अंडकोष में कठोरता
    • नपुंसकता
    • यौन विचार आना
    • अत्यधिक अवसाद
    • चिड़चिड़ापन
    • भ्रम
    • कमजोर याददाश्त
       
  • सेलेनियम (Selenium)
    सामान्य नाम: एलिमेंट सेलेनियम (The element selenium)
    लक्षण: सेलेनियम निम्नलिखित लक्षणों के उपचार में सहायक हो सकती है:

    • बहुत अधिक सोचने के कारण थकावट
    • अत्यधिक दुःख की भावना
    • निराशा
    • नींद के दौरान वीर्य निकलना (और पढ़ें - धातु (धात) रोग का इलाज)
    • प्रोस्टेटिक द्रव का स्राव
    • यौन संभोग के बाद चिड़चिड़ापन
    • यौन शक्ति का कम होना
    • यौन उत्तेजक विचार
    • पतला और गंधहीन वीर्य
    • संभोग में संलग्न होने के दौरान स्तंभन खत्म हो जाना
    • नींद में परेशानी (और पढ़ें - नींद संबंधी परेशानियां के कारण)
    • बहुत जल्दी जाग जाना
    • न चाहते हुए भी मूत्र बूँद बूँद कर टपकना
    • पेशाब करते समय मूत्रमार्ग की नोक पर दर्द होना
       
  • सल्फर (Sulphur)
    सामान्य नाम: सब्लिमेटेड सल्फर (Sublimated sulphur)
    लक्षण: यह दवा निम्नलिखित लक्षणों से छुटकारा पाने में मदद करती है:

    • भूलने की समस्या
    • विचारों को समझने में कठिनाई
    • चिड़चिड़ापन
    • अवसाद
    • विशेष रूप से रात में लगातार पेशाब आना
    • पेशाब करते हुए मूत्रमार्ग में जलन वाला दर्द
    • मूत्र में बलगम या मवाद की उपस्थिति
    • लिंग में दर्द (और पढ़ें - लिंग में दर्द का होम्योपैथिक इलाज)
    • लिंग से अनैच्छिक द्रव का स्राव
    • जननांगों में खुजली खासकर जब बिस्तर पर सो रहे होते हैं
    • जननांग बहुत ठंडे और शिथिल स्थिति में हो जिससे लिंग में तनाव बनाए रखना मुश्किल होता हो
    • पसीने से तर हाथ
    • रात में पसीना आना
    • नींद में आसानी से रुकावट होती है
    • नींद के दौरान झटके
       
  • ग्रेफाइट (Graphites)
    सामान्य नाम: ब्लैक लेड, प्लंबैगो (Black lead, plumbago)
    लक्षण: ग्रेफाइट निम्नलिखित लक्षणों से राहत के लिए एक प्रभावी दवा है:

    • लगातार उदासी और अवसाद
    • किसी विशेष कारण के बिना रोना
    • एक विशेष कारण के बिना अत्यधिक मानसिक तनाव
    • गुप्तांग में ऐंठन और तनाव
    • लिंग पर पिंपल्स होना (और पढ़ें - पिम्पल्स हटाने के घरेलू उपाय)
    • अंडकोश में सूजन
    • यौन इच्छा की वजह से चरम उत्तेजना
    • बेकाबू यौन उत्तेजना
    • सुबह के समय लिंग में तनाव न होना
    • फॉरप्ले के दौरान पिंडलियों में दर्द (और पढ़ें - टांगों में दर्द का इलाज)
    • संभोग के बाद पूरे शरीर में थकान और पसीना आना
    • स्खलित होने में असमर्थता
    • पेशाब करने के दौरान मूत्रमार्ग में दर्द
    • मूत्र में सफेद या लाल पदार्थ की उपस्थिति
    • रात में बिस्तर गीला करना
       
  • आयोडम (Iodum)
    सामान्य नाम: आयोडीन (Iodine)
    लक्षण: निम्नलिखित लक्षणों में आयोडम की आवश्यकता होती है:

  • काली ब्रोमैटम (Kali Bromatum)
    सामान्य नाम: ब्रोमाइड ऑफ पोटाश (Bromide of potash)
    लक्षण: यह दवा उन व्यक्तियों के लिए सबसे उपयुक्त है जो निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव करते हैं:

    • बेहोशी
    • याददाश्त खोना
    • संवेदना धीमी होना
    • लगातार उनींदापन
    • अकेलेपन का डर
    • अवसाद और चिंता
    • अत्यधिक यौन इच्छाओं के साथ रात में बार बार लिंग में तनाव
    • नपुंसकता
    • पीठ में दर्द
    • असंतुष्ट यौन इच्छा की वजह से घबराहट
    • किडनी के क्षेत्र से कमर के नीचे तक दर्द फैल जाना
    • पेशाब न रोक पाना
    • रात में बिस्तर गीला करना (और पढ़ें - बिस्तर गीला करने से रोकने के घरेलू उपाय)
    • पतला और पीला मूत्र
       
  • नुफर ल्यूटियम (Nuphar Luteum)
    सामान्य नाम: स्माल येलो पॉन्ड लिली (Small yellow pond lily)
    लक्षण: इस होम्योपैथिक दवा का निम्नलिखित लक्षणों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है:

    • अधीरता
    • इरेक्शन (लिंग में तनाव) की अनुपस्थिति
    • यौन इच्छा की अनुपस्थिति
    • शिथिल अंडकोश
    • नींद के दौरान या पेशाब करते हुए अनैच्छिक स्खलन
    • सामान्य कमजोरी
    • बाएं अंडकोष में असहनीय दर्द
    • लिंग के अंतिम सिरे में दर्द
    • मूत्र में लाल रेत की तरह जमाव
    • कमर के आसपास दर्द, विशेष रूप से सुबह 5 बजे से 7 बजे तक
    • संभोग के बाद पाचन कमजोर होना (और पढ़ें - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)
       
  • नक्स वोमिका (Nux Vomica)
    सामान्य नाम: पाइजन नट (Poison nut)
    लक्षण: नक्स वोमिका निम्नलिखित लक्षणों के उपचार में सहायक हो सकती है:

    • अत्यधिक चिड़चिड़ापन
    • छूने में अरुचि
    • आसानी से इच्छा उत्तेजित होना
    • अंडकोष में दर्द
    • कमजोरी और चिड़चिड़ेपन के साथ-साथ रीढ़ में दर्द
    • बार बार पेशाब करने की इच्छा
    • मूत्र बूँद बूँद कर टपकना
    • पेशाब करते समय खुजली और दर्द (और पढ़ें - पेशाब में दर्द का इलाज)
    • पेट में दर्द
    • सुबह और खाने के बाद मतली (और पढ़ें - मतली रोकने के घरेलू उपाय)
    • 3 बजे के बाद सोने में असमर्थता
    • जागने के बाद उदास महसूस करना
    • भोजन करने के बाद उनींदापन
       
  • फॉस्फोरिक एसिडम (Phosphoricum Acidum)
    सामान्य नाम: फॉस्फोरिक एसिड (Phosphoric acid)
    लक्षण: यह दवा उन रोगियों में अच्छी तरह से काम करती है जो निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव करते हैं:

    • रोने की प्रवृत्ति
    • उदासी और चिंता
    • कमजोर याददाश्त
    • लिंग के सिरे पर चुभन वाली संवेदना
    • अंडकोष में भारीपन महसूस होना
    • जननांगों में गर्मी और जलन
    • जननांगों पर मस्से होना (और पढ़ें - जननांग मस्सों के घरेलू उपाय)
    • अंडकोष की सूजन और छूने पर अंडकोष में दर्द
    • अंडकोष में इंफ्लमैशन
    • यौन इच्छा न होना
    • संभोग के बाद थकान
    • लिंग में तनाव बनाए रखने में असमर्थता
    • बार-बार और तत्काल पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होना
    • सफेद और गाढ़ा पेशाब
    • पेशाब करते हुए असहजता के साथ जलन महसूस होना

होम्योपैथिक दवाओं के साथ आपको कुछ बातों को ध्यान में रखने की आवश्यकता होती है, इसके लिए आपको निम्नलिखित खान-पान और जीवनशैली के बदलाव करने चाहिए:

क्या करें

  • व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें।
  • यह भी सुनिश्चित करें कि व्यक्ति का वातावरण साफ और स्वच्छ हो।
  • रोजाना व्यायाम के द्वारा सक्रिय जीवन शैली बनाए रखें।  
  • हवादार और आरामदायक कपड़े पहने जिसमें उचित वेंटीलेशन हो।

क्या न करें

  • चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थों की खपत कम करनी चाहिए।
  • होम्योपैथिक दवाओं को लेते हुए शराब के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है।
  • प्याज, लहसुन या हींग जैसे उत्तेजक खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। इनके अलावा, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन से भी बचना चाहिए।
  • अधिक मीठे पदार्थों के साथ-साथ अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कृत्रिम और तेज खुशबू वाले सुगंधित इत्र या सुगंधित उत्पादों जैसे कि रूम फ्रेशनर का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • एयर कंडीशनर या हीटर का उपयोग करके कृत्रिम रूप से तापमान में बदलाव से बचना चाहिए।

होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग करना आमतौर पर सुरक्षित होता है और इनसे कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं क्योंकि वे प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थों से बनती हैं और उपयोग करने से पहले अत्यधिक नियंत्रित खुराक में सुरक्षित स्तर तक घोला जाता है। हालाँकि, होम्योपैथिक दवाओं को केवल प्रमाणित होम्योपैथिक चिकित्सक की देखरेख में ही लेना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये दवाएं अलग-अलग व्यक्तियों में चिकित्सा इतिहास और व्यक्ति की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग प्रभाव पैदा करती हैं। इसलिए एक उपाय जो किसी व्यक्ति के लिए काम करता है, वह दूसरे के लिए फायदे से ज्यादा नुकसान कर सकता है।

(और पढ़ें - कब्ज का होम्योपैथिक इलाज)

हालांकि शीघ्रपतन केवल पुरुषों को प्रभावित करने वाली समस्या है, लेकिन यह दोनों साथियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। इस स्थिति को संभालना काफी निराशाजनक हो सकता है क्योंकि इसे रोकने के कोई स्पष्ट तरीके नहीं हैं। हालांकि यह विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के कारण हो सकता है लेकिन समय से पहले स्खलन कई सारे नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभावों के साथ भी जुड़ा हो सकता है। होम्योपैथिक उपचार शीघ्रपतन के मूल कारण को खत्म करने की कोशिश करता है, चाहे वह जैविक हो या मनोवैज्ञानिक। इसलिए, यह उपचार इस स्थिति से स्थायी राहत प्रदान करता है और इसे दोबारा होने से रोकता है।

(और पढ़ें - बेहतर सेक्स लाइफ के लिए योग)

Dr. Munish Kumar

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Dr. Pravesh Panwar

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Dr. R K Tripathi

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References

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  2. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Premature ejaculation.
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