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शरीर और स्वास्थ्य से जुडी कोई भी समस्या हमें परेशान करती है, लेकिन कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जो एक व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप दोनो से अत्यधिक परेशन करती हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक है शीघ्रपतन (Premature ejaculation)। यह बीमारी दोनों पार्टनर में चिंता और अवसाद जैसी नकारात्मक भावना को जन्म दे सकती है।

अगर आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं तो चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि ऐसे कुछ घरेलू उपाय हैं जिनके इस्तेमाल से आपको शीघ्रपतन की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।

  1. शीघ्र स्खलन का घरेलू उपाय है तरबूज - Shighrapatan rokne ke upay me kare watermelon ka upyog in Hindi
  2. शीघ्रपतन दूर करने का तरीका है एस्परैगस - Shighrapatan dur karne ka upay hai asparagus in Hindi
  3. शीघ्रपतन का घरेलू नुस्खा है केसर - Shighrapatan se chutkara dilata hai saffron in Hindi
  4. शीघ्र स्खलन रोकने का उपाय है दालचीनी - Shighrapatan rokne ka tarika hai cinnamon in Hindi
  5. शीघ्र स्खलन रोकने का देसी नुस्खा है हरी प्याज - Shighrapatan rokne ka gharelu upay hai green onion in Hindi
  6. शीघ्र स्खलन दूर करने का घरेलू नुस्खा है अश्वगंधा - Shighrapatan ko dur karne ke tarika hai ashwagandha in Hindi
  7. शीघ्र स्खलन से छुटकारा दिलाता है अदरक - Shighrapatan se mukti dilata hai ginger in Hindi
  8. शीघ्र स्खलन को खत्म करें जायफल से - Shighrapatan ko khatam kare nutmeg se in Hindi
  9. शीघ्रपतन ठीक करने का तरीका है कस्तूरी - Shighrapatan thik karne ka upay hai kasturi in Hindi
  10. शीघ्रपतन रोकने का उपाय है एवोकाडो - Shighrapatan rokne ke tarike me kare avocado ka upyog in Hindi
  11. शीघ्रपतन से बचने का तरीका है खजूर - Shighrapatan se bachne ka upay hai dates in Hindi
  12. शीघ्र स्खलन की समस्या का समाधान करे कद्दू के बीज से - Shighrapatan samasya ka samadhan kare pumpkin seeds se in Hindi

इस फल को कई नामों से बुलाया जाता है। तरबूज रक्त वाहिकाओं को बिना किसी नुकसान के लाभ पहुंचाता है। शीघ्रपतन की समस्या को दूर करने के लिए, नीचे दिए गए चरणों का पालन करें -

चरण 1 - छोटे टुकड़ों में तरबूज को काट लें।

चरण 2 - टुकड़ों पर कुछ अदरक के पाउडर और नमक को छिड़क लें।

चरण 3 - अब इसे खा लें। आप तरबूज को किसी भी फल के सलाद में मिलाकर खा सकते हैं।

(और पढ़ें - तरबूज के फायदे और नुकसान)

तरबूज कैसे काम करता है

तरबूज का महत्वपूर्ण तत्व फीटोनुट्रिएंट (phytonutrient) जिसे सिट्रूलाइन (citrulline) के नाम से भी जाना जाता है। यह घटक किसी भी व्यक्ति की कामेच्छा को बढ़ा सकता है।

एस्परैगस लिली के परिवार के समूह से संबंधित होता है और यह इसके औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। बहुत कम पौधों के समान, एस्परैगस के सभी अंग बहुत ही फायदेमंद होते हैं। जड़ी बूटी बैंगनी, हरे और सफेद रंगों में आती है। शीघ्रपतन को रोकने के लिए, नीचे दिए गए चरणों का पालन करें -

चरण 1 - दो चम्मच एस्परैगस (पाउडर) और एक कप मिल्क लें।

चरण 2 - अब इस मिश्रण को गैस पर गर्म करें। आप इसमें गाय का दूध भी मिला सकते हैं। (और पढ़ें - दूध के फायदे और नुकसान)

चरण 3 - बर्तन को ढक दें और मिश्रण को 15 मिनट के लिए उबाल लें।

चरण 4 - अब मिश्रण को छान लें और इसे पूरे दिन में तीन बार ज़रूर इस्तेमाल करें।

एस्परैगस और दूध कैसे काम करते हैं

एस्परैगस जड़ी बूटी में मौजूद खनिज, विटामिन, प्रोटीन और जिंक टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाते हैं। इनकी मदद से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रहता है और विटामिन सी की मदद से स्पर्म की मात्रा बढ़ती है साथ ही लिंग का रक्त प्रवाह और ब्लड प्रेशर भी सुधरता है। इस घरेलू उपाय को शीघ्रपतन के लिए सबसे अच्छा उपाय माना गया है। 

(और पढ़ें - टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के घरेलू उपाय)

दूध से जुड़े स्वास्थ्य लाभ हम सभी जानते हैं। यह त्वचा को नमी देता है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और अन्य कई समस्याओं से दूर रखता है। दूध के साथ अश्वगंधा का मिश्रण शीघ्रपतन की समस्या के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

दूध और एस्परैगस अच्छा नहीं है, अगर

  1. दूध और एस्परैगस अच्छा नहीं है, अगर आपका चयापचय (metabolism) कम है। चयापचय के कम होने से कार्बोहाइड्रेट, राफिनोस को फर्मेंटेशन द्वारा पचाना पड़ता है। और इस प्रक्रिया के दौरान आपको सूजन और गैस्ट्रिक की समस्याएं हो सकती हैं।
  2. अगर आप गर्भवती हैं। यह जन्म नियंत्रण के लिए इस्तेमाल हार्मोन का संतुलन बदल सकता है।
  3. अगर आपको लिल्ली से संबंधित परिजातियों से एलर्जी है तो आपके लिए एस्परैगस अच्छा नहीं है।
  4. अगर आपको दूध से एलर्जी है। इस स्थिति को लैक्टोज असहिष्णुता कहा जाता है। तो आप दस्त, पेट दर्द और अपच से ग्रस्त हो सकते हैं।

केसर को कामोत्तेजक से भी जाना जाता है इसलिए यह शीघ्रपतन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस अद्भुत जड़ी बूटी का उपयोग करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें -

चरण 1 - पानी में दस बादाम रातभर सोखने दें।

चरण 2 - अगले दिन, बादाम को छीलकर उसे मिक्सर में डाल दें और उसमे गाय का दूध मिक्स करके चला दें।

चरण 3 - थोड़ा सा उसमे अब केसर, अदरक और इलायची मिलाएं। इस मिश्रण को रोज़ाना सुबह पियें

(और पढ़ें - केसर के फायदे और नुकसान)

यह कैसे काम करते हैं

केसर में मौजूद खनिज, जिंक, आयरन आदि शीघ्रपतन का इलाज करने के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। एक अच्छा सम्भोग जीवन पाने के लिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। और ब्लड को नियंत्रित रखने के लिए सोडियम का सेवन कम करें। बादाम में सोडियम कम मात्रा में पाया जाता है जो आपकी शीघ्रपतन की समस्या के लिए बेहद फायदेमंद है। अदरक में सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं जो इन समस्याओं को दूर रखते हैं। इलाइची में कई खनिज पाए जाते हैं जो ब्लड प्रेशर और ह्रदय की गति को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं साथ ही शीघ्रपतन की समस्या का भी समाधान करते हैं।

केसर अच्छी नहीं है, अगर

  1. केसर अच्छी नहीं है अगर आप वजन कम करना चाहते हैं। बादाम ज़्यादा खाने से आपका कुछ वज़न बढ़ सकता है। (और पढ़ें - वजन घटाने के आसान तरीके)
  2. कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या से भी पीड़ित हो सकते हैं।
  3. अगर आप गर्भवती हैं। ज़्यादा मात्रा में केसर खाने से मिसकैरेज हो सकता है क्योंकि इससे गर्भस्राव संकुचित हो सकता है। आपके मूड में भी परिवर्तन होने लगेगा। अगर आपको लोलियम, जैतून और सलसोला पौधों की प्रजातियों से एलर्जी है तो इसके नुकसान आपको देखने को मिल सकते हैं। अगर आपको लो ब्लड प्रेशर है तो आप केसर लेने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।
  4. अदरक अच्छी नहीं है अगर आपको पित्त में पथरी की समस्या है। सर्जरी से पहले या बाद में इसका सेवन करने के लिए अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें।
  5. अगर आप गर्भवती है, स्तनपान कराती हैं, ह्रदय से सम्बंधित परेशानी या शुगर (मधुमेह) है तो अदरक लेने से बचें। अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं तो इलायची मिनट मिनट में लें।

दालचीनी अपने पेड़ की छाल से तैयार होती है। आम तौर पर यह छाल सर्दी जुकाम, गैस्ट्रिक समस्याओं, दस्त और जठरांत्र संबंधी परेशानी (जीआई) के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा दालचीनी तेल को गलारे, लोशन साबुन, टूथपेस्ट, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट और दवा उत्पादों में उपयोग किया जाता है। हालाँकि काफी कम लोगो को यह पता है कि दालचीनी की छाल भूख को उत्तेजित करती है, मासिक धर्म में ऐंठन का इलाज करती है, शीघ्रपतन का उपचार करती है और परजीवी कीड़े और बैक्टीरिया की वजह से संक्रमण को ठीक करती है। दालचीनी के कुछ उपायों से आप शीघ्रपतन को कम कर सकते हैं -

चरण 1 - कार्बनिक दालचीनी पाउडर के दो बड़े चम्मच और पानी की पांच चम्मच लें।

चरण 2 - दोनों को एक साथ मिलाकर इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार खाना खाने के बाद लें।

(और पढ़ें - दालचीनी के फायदे और नुकसान)

दालचीनी कैसे काम करती है

इस छाल में पाए जाने वाला तेल पेट फूलने की समस्या को दूर करता है। यह रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और इस प्रकार चयापचय को एक बढ़ावा मिल जाता है जिसकी मदद से भूख की उत्तेजना बढ़ जाती है। एस्ट्रिंजेंट गुण औषधीय घटकों से जुड़ा हुआ है जो टैनिन के नाम से जाना जाता है जिससे दस्त की समस्य रूकती है। अगर आपको शीघ्रपतन की समस्या साधारण पेट की परेशानी से जुडी हुई है तो ये उपाय बेहतर तरीके से काम करता है।

दालचीनी अच्छी नहीं है, अगर

  1. दालचीनी अच्छी नहीं है अगर आप गर्भवती हैं या बच्चे को स्तनपान करा रही हैं। इस विषय में अभी चिकित्सा अनुसंधान चल रहा है कि इन दोनों के लिए बेहतर है या नहीं।
  2. अगर आपको शुगर है तो आपको इसके सेवन से हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) की समस्या हो सकती है। इसलिए कृपया अपने ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित रखें। एंटीडायबेटिक दवाइयों के साथ दालचीनी की छाल का इस्तेमाल करने से बचें।
  3. अगर आप सर्जरी से गुज़र चुके हैं या सर्जरी उस दौरान हुई है तो दालचीनी की छाल के सेवन से ब्लड शुगर स्तर प्रभावित हो सकता है। दालचीनी को सर्जरी पहले या सर्जरी के बाद लेने से बचें।

इस 'बल्ब' के बीज का उपयोग शीघ्रपतन के लक्षणों को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। इस सब्जी का लाभ यह है कि यह सभी मौसमों में उगाया जा सकता है। इसकी कामोद्दीपक (aphrodisiac) गुण शीघ्रपतन की समस्या से निकलने में मदद करते हैं। बस आपको कुछ उपाय करने की ज़रूरत है -

चरण 1 - ऊपर की पत्तियों को सबसे पहले साफ़ कर लें। और हरे रंग का हिस्सा जो कि ख़राब होने वाला है उसे हटा दें।

चरण 2 - अब प्याज की बाहरी परत को हटा लें। चरण 3 - आप उन्हें खाने में डालने के लिए छोटे छोटे टुकड़ों में काट सकते हैं या इसकी सब्ज़ी बनाने के लिए काट लें।

वैकल्पिक उपाय

चरण 1 - बीज को मिक्सर में पीस लें और पानी के पांच चम्मच लें।

चरण 2 - अब बीज के पाउडर को पानी में तीन घंटे तक भिगो दें।

चरण 3 - भोजन करने से पहले इस मिश्रण को शीघ्रपतन का इलाज करने के लिए पी लें।

(और पढ़ें - हरे प्याज के फायदे)

हरी प्याज के बीज कैसे काम करते हैं

हरी प्याज में सूजनरोधी और एंटी-हिस्टामिन के गुण होते हैं। इसके साथ ही इसमें कई खनिज शामिल होते हैं जो स्पर्म की मात्रा को बढ़ाते हैं, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं और सम्भोग के लिए एक स्वस्थ रक्त का परिसंचरण करते हैं। इनकी मदद से शीघ्रपतन की समस्या से राहत मिलती है।

हरी प्याज के बीज अच्छे नहीं है, अगर -

  1. हरी प्याज अच्छी नहीं है अगर आपको सीने में जलन की समस्या है। इसके सेवन से स्थिति और भी ज़्यादा बदतर हो सकती है।
  2. अगर आपको गैस्ट्रिक रिफ्लक्स बिमारी है। इससे आपके मूड में परिवर्तन और नकारात्मक विचार और भावनाएं देखने को मिलेंगी।

ये घरेलू उपाय शीघ्रपतन की समस्या के लिए बेहद लाभदायक है। आमतौर पर जड़ी बूटी हमेशा अंगों की ताकत बढ़ाती हैं और शरीर की सहनशक्ति में सुधार करती हैं। आम तौर पर, इस जड़ी बूटी का उपयोग पुरुष बांझपन, नपुंसकता के लिए किया जाता है। यह तनाव, चिंता, अनिद्रा और हल्का ट्यूमर के विकास को भी दूर करता है।

चरण 1 - किसी भी हर्बल स्टोर से अश्वगंधा की जड़ें खरीदें।

चरण 2 - एक चम्मच अश्वगंधा की जड़ों को एक ग्लास दूध और एक चम्मच शहद के साथ मिलाएं।

चरण 3 - इस मिश्रण का इस्तेमाल रोज़ करें। वैकल्पिक उपाय आप अश्वगंधा पाउडर को घी के साथ मिलाकर खा सकते हैं इससे आपकी क्षमता और स्पर्म की मात्रा भी बढ़ेगी।

(और पढ़ें - अश्वगंधा खाने के फायदे)

अश्वगंधा कैसे काम करता है

इस जड़ी बूटी में रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो साल्मोनेला (Salmonella) के खिलाफ लड़ते हैं। यह जड़ी बूटी तंत्रिका तंत्र के लिए अच्छी होती है और जननांग अंगों सहित पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करती है। अश्वगंधा पुरुषों को यौन संभोग के दौरान लंबी अवधि प्राप्त करने में मदद करता है और आपको शीघ्रपतन जैसी समस्या से दूर रखता है।

अश्वगंधा अच्छा नहीं है, अगर -

  1. अश्वगंधा अच्छा नहीं है अगर आप गर्भवती हैं। इसके सेवन से आपको मिस्कैरेज भी हो सकता है।
  2. अगर आपको तनाव, चिंता, अनिंद्रा, हाइपरटेंशन और शुगर जैसी पुरानी समस्याएं हैं तो अश्वगंधा का सेवन सही नहीं है। अगर आपका शुगर लौ है तो ये जड़ी बूटी आपके शुगर के स्तर को और भी गिरा सकती है। (और पढ़ें - नींद के लिए घरेलू उपाय)
  3. इसका ज़्यादा सेवन मतली, पेट खराब और दस्त की परेशानी पैदा कर सकता है।
  4. अगर आपकी किसी भी तरह की सर्जरी होने वाली है तो आप अश्वगंधा का सेवन दो हफ्ते पहले से करना बंद कर दें।
  5. अगर आपको थाइरोइड है। इसके सेवन से हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

हमारे पूर्वजों ने हमेशा फलों और सब्जियों को अच्छे से खाने पर ज़ोर दिया। हालाँकि 20 वीं सदी में विज्ञान इतना उन्नत नहीं था लेकिन फिर भी वे जानते थे कि प्राकृतिक भोजन खाने से शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ती है और साधारण बीमारियों को रोकने में भी मदद मिलती है। अदरक कई व्यंजनों में पसंदीदा मसालों और जड़ी-बूटियों में से एक है। इसका उपयोग सामान्य बीमारियों जैसे डायरिया और गठिया का इलाज करने के लिए किया गया है। अदरक को यौन समस्याएं जैसे कि शीघ्रपतन का इलाज करने के लिए जाना जाता है। अदरक और शहद का सेवन लिबिडो, और विकृत (lustful) भावनाओं को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

चरण 1 - एक चम्मच अदरक लें और उसे फिर शहद के साथ मिला दें।

चरण 2 - इस मिश्रण का इस्तेमाल कुछ महीनो तक रोज़ाना करें। 

अदरक और शहद कैसे काम करते हैं

अदरक रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। इसके साथ ही यह खून के प्रवाह को भी बढ़ाता है और शीघ्रपतन की समस्या को भी दूर करता है। शहद में ऊर्जा देने का एक अच्छा स्त्रोत होता है। शहद में आयरन, विटामिन सी और कैल्शियम पाया जाता है।

अदरक और शहद अच्छे नहीं है, अगर -

  1. अदरक और शहद अच्छा नहीं है अगर आपकी पथरी की समस्या बहुत पुरानी चलती आ रही है। इसका सेवन पथरी में परिवर्तित हो सकता है।
  2. अगर आपको शहद सम्बंधित एलर्जी है तो इसका सेवन न करें। इसके अलावा, सिर्फ औषधीय प्रयोजनों के लिए शहद का सेवन करें।

इंडोनेशियाई के घरों में प्रसिद्ध सामग्री में से एक जायफल का इस्तेमाल कई बिमारियों के लिए उपयोग किया जाता है। इस मसाले के कामोद्दीपक गुण शीघ्रपतन की समस्या के लिए बेहद फायदेमंद घरेलू उपाय है। इसके औषधीय गुणों को अरब और मलेशिया जैसे देशों में बहुत पसंद किया जाता है। यह मसाला कई स्वास्थ्य लाभों से जुड़ा हुआ है जैसे अपच की समस्या, दर्द से राहत, शीघ्रपतन को दूर करना, विषाक्त पदार्थों को निकालना, पूरे शरीर में खून का संचलन आदि। आप जायफल के पाउडर को सॉस, सूप आदि के साथ मिलाकर खा सकते हैं।

चरण 1 - 1 ½ लीटर पानी, कुछ साफ कद्दू के बीज, 2 छोटे कटे हुए आलू और 5 लहसुन की फांके लें।

चरण 2 - पानी को उबाल लें।

चरण 3 - बाकी सामग्री को उबलते पानी में डाल दें।

(और पढ़ें - जायफल के फायदे और नुकसान)

चरण 4 - 10 मिनट के लिए उबलते रहने दें। फिर ढक्कन को बंद कर दें। कुछ देर बाद देख लें कि आलू और लहसुन गल गया है या नहीं।

चरण 5 - अच्छे से बनने के बाद सूप को पी लें।

जायफल कैसे काम करता है

जायफल में कई प्रभावी खनिज पाए जाते हैं। यह ह्रदय की गति और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है। अन्य महत्वपूर्ण घटक जैसे मिरिस्टीसिन (myristicin) और मेकलिगनन (macelignan) इसमें मौजूद होते हैं। दोनों मस्तिष्क के लिए लाभदायक होते हैं। इसी प्रकार यह अल्जाइमर रोग और मनोभ्रंश से भी बचाव करते हैं। साथ ही यह सभी कारक शीघ्रपतन की समस्या का भी इलाज करते हैं।

जायफल अच्छा नहीं है, अगर -

  1. अगर आप जायफल का ज़्यादा उपभोग करते हैं तो इसके साइड इफेक्ट्स आपको देखने को मिल सकते हैं जैसे कि भ्रम, उल्टी और अनियमित दिल की धड़कना।
  2. अगर आप स्तनपान कराने वाली या गर्भवती महिला हैं तो जायफल का प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। जायफल का उपयोग गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का कारण बन सकता है।

कस्तूरी को महासागर या खारे पानी में पनपा स्वादिष्ट सी फ़ूड माना जाता है। इतिहास का मानना है कि इसका उपयोग दूसरी शताब्दी ईस्वी के बाद से ही किया जाने लगा था। कस्तूरी का इस्तेमाल स्ट्यू और अन्य व्यंजनों में किया जाता है। नीचे कुछ चरणों में हम आपको बताएंगे की कस्तूरी का उपयोग कैसे किया जाता है।

चरण 1 - बाजार से कस्तूरी खरीदें। इसके अलावा दूध, मक्खन (दो चम्मच), नमक (एक चम्मच), सफेद मिर्च (एक चौथाई चम्मच) को एक साथ इक्खट्टा कर लें।

चरण 2 - कस्तूरी को गर्म पानी में डालें और तब तक उबलने दें जब तक वो मुलायम न हो जाये।

चरण 3 - अब इसे ठंडा होने के लिए रख दें और मिश्रण को छान लें।

चरण 4 - इस बीच, दूध को तैयार कर लें (आप दूध उबाल लें)।

चरण 5 - जब दूध उबाल जाये तो उसमे मक्खन, काली मिर्च और नमक मिला दें।

चरण 6 - अब, इसमें छाना हुआ तरल पदार्थ मिलाएं। अब इस मिश्रण को उबलने को रख दें।

चरण 7 - उबलने के बाद अब इसमें कस्तूरी मिला दें।

चरण 8 - मिश्रण का सेवन करने से पहले उसे ठंडा होने के लिए रख दें।

कस्तूरी कैसे काम करती है

कस्तूरी में मौजूद जिंक स्पर्म की मात्रा और पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन (एक व्यक्ति की दैनिक आवश्यकताओं की 1500 प्रतिशत से अधिक) को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करता है। जिंक एक व्यक्ति की कामेच्छा को बढ़ाता है।

कस्तूरी अच्छी नहीं है अगर

  1. कस्तूरी तब तक अच्छा नहीं है जब तक आप इसे विश्वसनीय स्रोत से नहीं खरीदते। क्योंकि इसमें पर्यावरण प्रदूषण और विषाक्त पदार्थों शामिल हो सकते हैं।
  2. अगर आपके शरीर में आयरन की मात्रा ज़्यादा है तो इसका सेवन न करें। शरीर में आयरन की मात्रा ज़्यादा होने से हीमोक्रोमाटोसिस (hemochromatosis) हो सकता है।
  3. कस्तूरी हृदय विकार के लिए अच्छा नहीं है। आपको सोडियम की उच्च मात्रा के कारण कई जटिलताएं अनुभव हो सकती हैं।
  4. अगर आपको शेलफिश से एलर्जी है। तो आप मतली, पेट दर्द, कब्ज, गैस, सूजन, आदि जैसे साइड इफेक्ट्स से पीड़ित हो सकते हैं। (और पढ़ें – पेट में गैस के घरेलू उपचार)

एवोकैडो में बहुत अधिक औषधीय गुण होते हैं। एवोकैडो शीघ्रपतन जैसी समस्या के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। इस समस्या को ठीक करने के लिए आपको कच्चे एवोकैडो खाने हैं और नीचे दी गयी विधि को अपनाना है -

चरण 1 - कुछ ताजे फलों के साथ फल का सलाद तैयार करें।

चरण 2 - एक कटोरे में कटा हुआ टमाटर, प्याज, एवोकैडो, नींबू का जूस, आदि लें।

चरण 3 - संतरे का जूस, ताजा पुदीना और सौंफ़ के बीज मिलाएं।

चरण 4 - अब इन्हें अच्छे से मिला लें और इनका फिर सेवन करें।

(और पढ़ें - एवोकाडो के फायदे और नुकसान)

एवोकाडो कैसे काम करता है

एवोकाडो में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट के गुण और खनिज पाए जाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन ई ऑर्गज़्म की तीव्रता को उत्तेजित करते हैं।

एवोकाडो अच्छा नहीं है, अगर -

  1. एवोकाडो अच्छा नहीं है अगर वो बीच में से क्रैक है या उसपर धब्बा लगा हुआ है या छूने में एकदम मुलायम है। अगर ऊपर से वो एकदम पतला है तो समझ जाएँ कि यह फल एकदम पक चूका है। 
  2. अगर आप स्तनपान कराने वाली या गर्भवती महिला हैं। एवोकाडो इस स्थिति में खाने से बचें।
  3. अगर आपको लेटेक्स एलर्जी है तो एवोकाडो का सेवन न करें। यह स्थिति आलू, टमाटर, पपीता, केला, कीवी फल खाते समय भी दिख सकती है।

खजूर हमें अरबी देशों की याद दिलाते हैं जहां प्रचुर मात्रा में विदेशी फल पाए जाते हैं। हजारों साल पहले, अरब देशों में खजूर लोकप्रिय थे और सिक्कों और दीवारों में चित्रित किए जाते थे। खजूर हृदय संबंधी समस्याओं, कब्ज, एनीमिया, दस्त और पेट के कैंसर जैसे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में सहायता करते हैं। वज़न बढ़ाने के लिए भी खजूर का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ आहार विशेषज्ञों का मानना है कि एक दिन में दो खजूर खाने से स्वस्थ और संतुलित आहार मिलता है। हालाँकि शीघ्रपतन का इलाज करने के लिए नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें -

चरण 1 - नाश्ते के लिए सूखे खजूर का उपयोग करें या दूध जके साथ सोने से पहले उन्हें लें।

चरण 2 - खजूर को मीठे व्यंजनों में शामिल करें।

(और पढ़ें - खजूर और छुहारे खाने के फायदे और नुकसान)

खजूर कैसे काम करता है

ये फल फाइबर, खनिज और विटामिन से समृध होता है जो दस्त, कब्ज, यौन रोग और पेट की समस्याओं जैसी स्थितियों का इलाज करता है। इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड और एस्ट्राडियोल औषधीय गुण समय से पहले होने वाले शीघ्रपतन का इलाज करते हैं। इसकी मदद से स्पर्म की गुणवत्ता, टेस्ट्स का वज़न और स्पर्म की गतिशीलता बढ़ती है।

खजूर अच्छा नहीं है, अगर -

  1. इसके ज़्यादा सेवन से दस्त, गैस, पेट दर्द और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
  2. खजूर अच्छा नहीं है अगर आप शुगर से पीड़ित हैं। चिकित्सक की मदद से शुगर के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है।

कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम होता है। यह खनिज टेस्टोस्टेरोन को खून के प्रवाह तक पहुंचाने में मदद करता है। कद्दू का इस्तेमाल आप कैसे करें -

चरण 1 - बीजों को अच्छे से सबसे पहले साफ करें। फिर धुप में सूखने के लिए उन्हें बाहर रख दें।

चरण 2 - सूखने के बाद इन्हे जैतून के तेल में भुने और उसमे ऊपर से नमक और काली मिर्च ड़ालकर खाएं।

(और पढ़ें - कद्दू के बीज के फायदे और नुकसान)

कद्दू का बीज कैसे काम करता है

इसमें असंतृप्त वसा के गुण होते हैं जो रक्त के प्रवाह और दिल के लिए अच्छे होते हैं। यह आपकी शीघ्रपतन की समस्या का इलाज करने में भी मदद करते हैं।

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