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गर्भावस्‍था में संतुलित आहार बहुत जरूरी होता है क्‍योंकि इसका सीधा असर शिशु की सेहत और विकास पर पड़ता है। ऐसी कई चीज़ें होती हैं जो गर्भावस्‍था में खाना लाभकारी रहता है, इनमें से एक आम भी है। आज हम जानेंगे कि गर्भावस्था में आम खाना चाहिए या नहीं? 

गर्भावस्था में आम खाना बेहद लाभकारी होता है। आम को जूस या शेक के रूप में भी ले सकते हैं। इसके दो फायदे हैं - पहला तो शरीर में तरल पदार्थ की कमी नहीं होती है और दूसरा फल में मौजूद सभी पोषक तत्व शरीर को मिल जाते हैं।

  1. गर्भावस्‍था में आम खाने के फायदे - Pregnancy mein aam khane ke fayde
  2. गर्भावस्‍था में आम खाने के नुकसान - Pregnancy mein aam khane ke nuksan
  3. गर्भावस्था में आम को कैसे और कितना खाएं - Pregnancy mein aam ko kaise aur kitna khaye
  4. गर्भावस्था में आम खाने की सावधानियां - Pregnancy mein aam khane ki savdhaniya

गर्भावस्था में आम खाना सेहत के लिए निम्नलिखित कारणों से लाभकारी है:

  • आम खाने से दस्त, सिरदर्द, सुस्ती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • कुछ मामलों में अधिक आम खाने से हाथों और पैरों में झनझनाहट के साथ ही उलझन की भी शिकायत देखने को मिलती है।
  • गर्भावस्था में सिर चकराना और बार-बार मूड में परिवर्तन भी आम खाने के दुष्परिणाम होते हैं।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में बदलते मूड के उपाय)

गर्भावस्था में पके आम खाने के फायदे तो हैं लेकिन इसे सही मात्रा में खाया जाए। अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही अपने आहार में आम की मात्रा को बढ़ाना चाहिए। एक दिन में 1-2 आम खाने से भी कैलोरी की पर्याप्त मात्रा शरीर में जाती है। गर्भावस्था के आखरी तीन महीने सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं इसलिए आम खाने में सावधानी रखनी चाहिए।

कई बार ऐसा भी हो सकता है कि आपको यह पता न हो कि आपका फल प्राकृतिक रूप से पकाया गया है या कृत्रिम रूप से, ऐसे में सावधानी बरतना ज्यादा बेहतर होता है। आप विषाक्त पदार्थों के संपर्क को कम करने के लिए ये कदम जरूर उठाएं:

  • फल को अच्छे से धोकर ही खाएं।
  • आम को खाने से पहले छील लें।
  • एक काम और किया जा सकता है कच्चे आमों को खरीद कर उन्हें घर पर पकाएं। इससे हमें यह पता चल जाएगा कि वे कैल्शियम कार्बाइड और इसके दुष्प्रभावों से मुक्त हैं।
  • इसमें चीनी की मात्रा ज्‍यादा होती है इसलिए डायबिटीज से ग्रस्‍त गर्भवती महिलाएं आम न खाएं।
  • आम खरीदते समय आपको यह ध्यान रखना है कि आप केमिकल्‍स से पकाए गए आम को न खरीदें, आजकल इस तरह से पकाये गए आम अक्सर बाजार में देखने को मिलते हैं।

इस तरह के आम न खाएं:
कुछ संकेत हैं जिनसे आप जान सकते हैं कि आम प्राकृतिक रूप से पकाया गया है या उसमें रसायनों का उपयोग किया गया है, जैसे कि:

  • सुनिश्चित करें कि फल पर ग्रे या फिर सफेद रंग की कोटिंग तो नहीं है।
  • ऐसा फल बाहर से तो पका हुआ ही दिखेगा लेकिन अंदर से कच्चा और सख्त होता है।
  • कृत्रिम रूप से पकाए गए आम बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं, उन पर प्राकृतिक रूप से पके हुए आमों की तुलना में बहुत जल्दी काले धब्बे बन जाते हैं या वे ज्यादा पक जाते हैं।

कई मामलों में गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में मधुमेह की शिकायत देखी गई है ऐसे में उन्हें आम का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

सामान्य महिलाओं को (जिन्हें मधुमेह की शिकायत नहीं है) आम का सेवन सीमित मात्रा में करना लाभकारी रहता है। अगर आप आम नहीं खा सकते तो आप उसे किसी अन्य रूप में ले सकते हैं जैसे शेक और जूस आदि। आम में फाइबर, कैलोरी, विटामिन आदि पोषक तत्व पाए जाते है इसे सही मात्रा में खाना गर्भावस्था में अधिक गुणकारी साबित होगा।

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