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ग्लूटेन फ्री डाइट के बारे में आपने हाल-फिलहाल में इंटरनेट में खूब पढ़ा या देखा होगा। इसके बावजूद ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि ग्लूटेन क्या चीज है और इसका हमारे भोजन से क्या संबंध है? यह भी बहुत कम लोगों को पता होता है कि ग्लूटेन फ्री डाइट लेने से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है।

अगर आपने भी ग्लूटेन फ्री डाइट के बारे में सुना है लेकिन इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं तो आपको बता दें कि ग्लूटेन एक किस्म का प्रोटीन होता है जो कि जौ, राई और गेहूं में पाया जाता है। जो लोग ग्लूटेन युक्त आहार नहीं खा पाते हैं उनमें सीलिएक रोग हो सकता है, यह रोग छोटी आंत में सूजन और पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा का कारण बनता है।

सीलिएक रोग के सबसे आम लक्षण हैं दस्त, पेट में दर्द, पेट फूलना। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो इस समस्या से कैंसर (जैसे इंटेस्टाइनल लिंफोमा) और बांझपन, त्वचा पर चकत्ते, हड्डियों में कमजोरी और समय से पूर्व मृत्यु तक हो सकती है।

(और पढ़ें - हड्डी मजबूत करने के घरेलु उपाय)

स्वास्थ्य के प्रति सचेत लोगों को इन दिनों ग्लूटेन फ्री डाइट बहुत पसंद आ रही है और वो वजन घटाने, ऊर्जावान एवं स्वस्थ बने रहने के लिए इस डाइट की मदद ले रहे हैं। लेकिन आपको बता दें कि ग्लूटेन फ्री डाइट से वजन कम होने का कोई चिकित्सकीय प्रमाण अब तक सामने नहीं आया है और ये भी नहीं कहा जा सकता है कि ये स्वास्थ्य के लिए बेहतर होती है।

इस डाइट की उन लोगों को सलाह दी जाती है जो खाने में ग्लूटेन की मात्रा को सहन नहीं कर पाते हैं। आइए जानते हैं कि ग्लूटेन फ्री डाइट लेने के फायदे और नुकसान क्या हैं।

ग्लूटेन फ्री डाइट के फायदे

  • सीलिएक डिजीज से पीड़ित मरीज़ों के लिए ग्लूटेन फ्री डाइट बेहतर है। इससे इस बीमारी में होने वाली सूजन कम होगी और पोषक तत्वों का सही से अवशोषण हो पाता है।
  • सही समय पर ग्लूटेन फ्री डाइट लेने से ऑस्टियोपोरोसिस और आंतों के कैंसर से बचा जा सकता है। (और पढ़ें - ऑस्टियोपोरोसिस का आयुर्वेदिक इलाज)
  • ग्‍लूटेन फ्री डाइट लेने से आप खाद्य पदार्थों को खरीदते समय उनका लेबल जरूर पढ़ते हैं और इससे आपको अपनी डाइट के प्रति ज्‍यादा सचेत रहने की आदत हो जाती है।
  • यह डर्माटाइटिस हेर्पेटिफोर्मिस (एक प्रकार का सीलिएक डिजीज) को निंयत्रित करती है। यह बीमारी आंतों की बजाय त्वचा को प्रभावित करती है।
  • ग्लूटेन सेंस्टिविटी के लक्षण दिखने पर भी ग्लूटेन फ्री डाइट अच्छी रहती है। ऐसे लोगों को ग्लूटेन सेंस्टिविटी तो होती है लेकिन इन्हे सीलिएक रोग नहीं होता। इनमें दस्त, पेट में गैस, पेट फूलने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। (और पढ़ें - पेट फूल जाए तो क्या करें)

ग्लूटेन फ्री डाइट के नुकसान

  • ग्लूटेन फ्री डाइट फॉलो करने की वजह से आपको अपने आहार को लेकर बहुत सचेत रहना पड़ता है। हमेशा यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि आपने ग्लूटेन फ्री फूड ही खरीदे हैं या नहीं। इस डाइट पर जीवनभर रहना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
  • ग्लूटेन युक्त आहार आपको हर जगह मिल जाएंगे, जबकि ग्लूटेन फ्री आहार बहुत कम जगह मिलते हैं। यही वजह है कि लोग इस डाइट पर लंबे समय तक टिके नहीं रह पाते हैं।
  • सीलिएक मरीज जब ग्लूटेन फ्री डाइट लेते हैं तो वे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों जैसे कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम और विटामिन डी से वंचित रह जाते हैं। (और पढ़ें - विटामिन डी की कमी के लक्षण)
  • ग्लूटेन फ्री फूड का सेवन करने की वजह से आपका वजन बढ़ सकता है क्योंकि स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें चीनी और वसा का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। (और पढ़ें - वजन कम करने के उपाय)
  • इस डाइट को फाॅलो करना आसान नहीं है क्योंकि यह काफी खर्चीली होती है।

अगर आपको सीलिएक रोग नहीं है या ग्लूटेन सेंस्टिविटी की समस्या नहीं है तो आपको नॉर्मल डाइट ही लेनी चाहिए।

वैसे किसी भी रिसर्च में ग्लूटेन फ्री डाइट ले रहे लोगों की सेहत में कोई सुधार नहीं देखा गया। इसके अलावा इस डाइट को फाॅलो करना आसान नहीं है। अतः सीलिएक के मरीजों को ही इस डाइट को फॉलो करना चाहिए क्योंकि उनके लिए प्रभावकारी इलाज में सिर्फ ग्लूटेन फ्री डाइट ही उपलब्ध है। अगर आपको सीलिएक रोग के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो खुद अपनी मर्जी से इस डाइट को फॉलो करना शुरू न करें। डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही ग्लूटेन फ्री डाइट लेना सही रहता है।

(और पढ़ें - लैक्टोज इनटॉलेरेंस क्या है)

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