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बच्चे का दिमाग तेज होने के कई कारण होते हैं, जिसमें आहार अपनी अहम भूमिका निभाता है। बच्चे के सही विकास के लिए शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स उचित मात्रा में मौजूद होने चाहिए। इनकी उचित मात्रा न होने का सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ता है और बच्चे का दिमागी व शारीरिक विकास प्रभावित होता है।

संतुलित और पौष्टिक आहार को बच्चे की डाइट में शामिल करने से बच्चे के मस्तिष्क का विकास तेजी से होने के साथ ही, उसके दिमाग की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होती है, दिमाग तेज होता है और बच्चा आसानी से अपने मस्तिष्क को एकाग्र कर पाता है। आज के दौर में अधिकतर माता-पिता अपने बच्चे का दिमाग तेज करना चाहते हैं और वे चाहते हैं कि आने वाले भविष्य में उनका बच्चा तेजी से सभी चीजों को सीख सकें। इसके लिए वह कई तरह के उपायों को खोजते रहते हैं।

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जो माता-पिता अपने बच्चे के दिमाग को तेज करना चाहते हैं उनके लिए इस लेख में “बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए क्या खिलाना चाहिए” के विषय को विस्तार से बताया गया है।

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  1. बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए खिलाएं दूध और दही - Bacho ka dimag tej karne ke liye khilaye doodh aur dahi
  2. बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए खिलाना चाहिए पालक - Bacho ka dimag tej karne ke liye khilana chahiye palak
  3. बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए अंडा खिलाएं - Bacho ka dimag tej karne ke liye anda khilaye
  4. बच्चों का दिमाग तेज करता है अखरोट - Bacho ka dimag tej karta hai akhrot
  5. बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए उसको ब्रोकली खिलाएं - Bacho ka dimag tej karne ke liye usko broccoli khilaye
  6. बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए ओटमिल खिलाएं - Bacho ka dimag tej karne ke liye oatmeal khilaye
  7. बच्चे का दिमाग तेज करता है एवोकाडो - Bacho ka dimag tej karta hai avocados
  8. बच्चों का दिमाग को तेज करने के लिए खाने में हल्दी का करें उपयोग - Bacho ka dimag tej karne ke liye khane me haldi ka kare upyog
  9. बच्चों का दिमाग बढ़ाने के लिए साबुत अनाज खिलाना चाहिए - Bacho ka dimag badhane ke liye sabut anaj khilana chahiye
  10. बच्चों का दिमाग बढ़ाने वाले अन्य आहार - Bacho ka dimag badhane wale anya aahar

डेयरी उत्पादों में बच्चों के दिमाग के ऊतक, न्यूरोट्रांसमीटर और एंजाइम्स को बनाने वाले प्रोटीन और विटामिन बी की अधिक मात्रा में पाई जाती है। दूध और दही में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन दिमाग को ऊर्जा प्रदान करता है।

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हाल में हुई रिसर्च से पता चला है कि बच्चों और किशोंरों को एक दिन में जितना विटामिन डी लेने की सलाह दी जाती है, उनके शरीर को उससे दस गुना अधिक की आवश्यकता होती है। विटामिन डी न्यूरोमस्कुलर प्रणाली और मानव कोशिकाओं के जीवनचक्र के लिए लाभकारी होता है।

बच्चे के सेरियल्स (जैसे कॉर्न फ्लैक्स, ओट्स आदि) में कम वसा वाला दूध मिलाकर आप उसको आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर सकते हैं। आप बच्चे को चीज स्टिक्स भी बनाकर दे सकते हैं। 

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पालक बच्चों के मस्तिष्क की कोशिकाओं को मजबूत करने का कार्य करता है। इसके साथ ही पालक में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स (कई कारणों से शरीर में बनने वाले विषाक्त पदार्थों) के कारण होने वाली क्षति को दोबारा ठीक करने के लिए आवश्यक होते हैं। ऐसा माना जाता हैं कि फ्री रेडिकल्स मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट और याद्दाश्त को कम करते हैं। पालक में फोलेट भी पाया जाता है जो बच्चों के दिमाग के विकास में सहायक होता है।

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अंडे में कोलिन (cholines) होता है, यह ऐसा पोषक तत्व जो मस्तिष्क में किसी जानकारी को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए तंत्रिका मार्गों को बनाए रखता है। एक अंडा बच्चे के शरीर के लिए आवश्यक कोलिन की मात्रा का एक चौथाई हिस्सा पूरा करता है।

दो अध्ययनों से इस बात का पता चला है कि कोलिन अधिक लेने का संबंध मस्तिष्क के बेहतर कार्य और अच्छी याद्दाश्त से है। हालांकि, अधिकतर लोग अपने डाइट में पर्याप्त कोलिन नहीं ले पाते हैं। अंडे खाना कोलिन लेने का आसान तरीका होता है, अंडे की जर्दी इस पोषक तत्व का महत्वपूर्ण स्त्रोत मानी जाती है। 

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अखरोट का स्वाद कई बच्चों को पसंद आता है। अखरोट में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड बच्चे की याद्दाश्त को बढ़ाने के साथ ही मस्तिष्क में आने वाली सूजन को कम करता है। इसके अलावा यह मस्तिष्क में एकत्रित अतिरिक्त प्रोटीन को हटाता है जिससे दिमाग की शक्ति में सुधार होता है।

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बैरीज (berries) की तरह अखरोट भी काफी मंहगे होते हैं। आप बच्चे को अन्य स्वस्थ आहार के साथ अखरोट मिलाकर दे सकते हैं। दही, केला, अखरोट और शहद का मिश्रण बच्चों को काफी पसंद आता है। अगर बच्चा ज्यादा छोटा है तो आप उसको अखरोट कद्दूकस करके दें, क्योंकि अखरोट को खाने या निगलने में उसको परेशानी हो सकती है।

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बच्चे के दिमाग को तेज करने के लिए ब्रोकली (हरी फूलगोभी) का उपयोग करें। ब्रोकली में डीएचए (DHA) होता है, जो मस्तिष्क के न्यूरोन को जोड़ने में मदद करता है। इसमें कैंसर से लड़ने के गुण भी होते हैं। ब्रोकली में अधिक मात्रा में “विटामिन के” पाया जाता है, एक कप ब्रोकली एक दिन में “विटामिन के” की आवश्यक मात्रा से कहीं अधिक पूर्ति करती है। ब्रोकली बच्चे के दिमाग को तेज करने के साथ ही अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है।

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ओट्स पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए जाना जाता है, लेकिन यह बच्चे के दिमाग के लिए भी अच्छा साबित होता है। जो बच्चे नाश्ते में नियमित रूप से ओट्स खाते हैं वह अपने स्कूल में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ओट्स शरीर की रक्त शर्करा (चीनी) को नियंत्रित करते हैं।

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बच्चों को सुबह के समय आवश्यक शक्ति ओट्स ही प्रदान करते हैं। इनमें विटामिन ई, विटामिन बी, पोटैशियम और जिंक जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर और मस्तिष्क के कार्यों की क्षमता बढ़ाने का काम करते हैं। ओट्स का अपना कोई स्वाद नहीं होता, लेकिन इनको स्वादिष्ट बनाने के लिए आप बच्चे को ओट्स में फलों को मिलाकर दे सकते हैं।

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एवोकाडो मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। यह मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने वाले अनसैचुरेटेड फैट का बड़ा स्त्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन बी कोम्पलैक्स की उच्च मात्रा बच्चों में हाइपरटेंशन की संभावना को कम करती है। एवोकाडो में “विटामिन K” और पोटेशियम के अलावा फोलेट पाया जाता है, ये सभी तत्व बच्चे के मस्तिष्क के विकास में सहायक हैं।   

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हल्दी में कई औषधिय गुण होते हैं। बच्चे के दिमाग को तेज करने के लिए भी आप हल्दी का उपयोग कर सकते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (curcumin) तत्व में एंटीऑक्सीडेटिव (antioxidative) और एंटीइंफ्लेमेट्री (anti-inflammatory) गुण होते हैं। हल्दी के यह दोनों गुण समय के साथ मस्तिष्क को होने वाले नुकसान से बचाते हैं।

इसके साथ ही हल्दी मस्तिष्क में बीटा-एमिलोइड प्लाक (beta amyloid palque) को बनने से रोकती है। एक अध्ययन से पता चला है कि यह एक खतरनाक तत्व है, जो मस्तिष्क की क्षमता को कम कर देता है। हल्दी सेरोटोनिन और डोपामाइन नामक तत्व को भी बढ़ाती है, यह दोनों ही तत्व मूड को अच्छा बनाने का काम करते हैं।   

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मस्तिष्क को लगातार ऊर्जा की आवश्यकता होती है और साबुत अनाज इस आवश्यकता की पूर्ति करता है। फाइबर खून में ग्लूकोज को धीमी गति से जारी करता है। रक्त में धीमी गति से ग्लूकोज के जारी होने से बच्चा दिनभर चुस्त रहता है। इसके साथ ही साबुत अनाज बच्चे के दिमाग को लगातार ऊर्जा प्रदान करके उसकी एकाग्रता को बढ़ाता है। इसमें फोलेट भी पाया जाता है जो मस्तिष्क के कार्यों के लिए आवश्यक है।  

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बच्चों का दिमाग बढ़ाने के लिए माता-पिता को उनके खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ऐसे में आप अपने बच्चे की डाइट में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं।

  • सब्जियां:
    जो सब्जियां गहरे रंग की होती हैं, वह एंटीऑक्सीडेंट्स का प्रमुख स्त्रोत मानी जाती है। एंटीऑक्सीडेट्स मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ बनाने में सहायक होता है। मस्तिष्क के लिए फायदेमंद सब्जियों में शकरकंद, कद्दू और गाजर को शामिल किया जाता है। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक आदि में फोलेट मौजूद होता है जो बच्चे को डिमेंशिया की समस्या से दूर रखता है।

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  • आंवला:
    आंवला के कई फायदे होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट्स का उच्च स्त्रोत है, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ने में सहायक है। फ्री रेडिकल्स मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने और उनको तोड़ने का काम करते हैं। इसके अलावा आंवला में विटामिन सी के गुण भी पाए जाते हैं, जो नोरएपिनेफ्रीन (norepinephrine) के उत्पादन में मदद करता है। नोरएपिनेफ्रीन एक तरह का न्यूरोट्रांसमीटर है, जो मस्तिष्क के कार्य में सुधार करता है।

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  • बीन्स: 
    बच्चे के दिमाग को तेज करने के लिए उसकी डाइट में बीन्स को शामिल करना चाहिए। इनमें अधिक मात्रा में ओमेगा फैटी एसिड पाया जाता है, जो बच्चे की याद्दाश्त को बढ़ाता है। सभी प्रकार की बीन्स में से राजमा को दिमाग बढ़ाने के लिए अन्य के मुकाबले अधिक उपयोगी माना जाता है। अधिकतर बच्चों को राजमा चावल खाना पसंद होता है, ऐसे में आप अपने बच्चे को समय-समय पर राजमा खाने के लिए दे सकते हैं।

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  • सेब: 
    सेब खाने से एसिटिलकोलाइन (Acetylcholine) नामक विशेष तरह का रसायन बनता है। यह रसायन मस्तिष्क की नसों में संदेश के आदान प्रदान में सहायक होता है। इसके साथ ही सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से मस्तिष्क को होने वाली क्षति से बचाते हैं। आप बच्चे को सेब कई तरह से खाने में दे सकते हैं। लेकिन बच्चे को सेब देने से पहले इसे साफ धो लें और इसका छिलका उतार लें।

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  • पानी: 
    बच्चे की सेहत और तेज दिमाग के लिए पर्याप्त पानी पिलाना भी बेहद जरूरी होता है। मस्तिष्क की कोशिकाओं को शरीर की अन्य कोशिकाओं के मुकाबले अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसे में पानी किसी अन्य तत्व की अपेक्षा शरीर में आवश्यक ऊर्जा को अधिक प्रभावी ढंग से प्रदान करता है। शरीर में पानी की कमी न होने देने से ना सिर्फ सोचने की शक्ति बढ़ती है, बल्कि इससे बच्चों का एकाग्रता संबंधी विकार से भी बचाव होता है।

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