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खाने-पीने की ऐसी कई चीजें हैं जो आमतौर पर तो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं, लेकिन वे किसी न किसी कारण से गर्भवती महिलाओं के खाने के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती हैं। औषधीय गुणों और पोषक तत्वों से भरपूर लहसुन को लेकर भी अक्सर गर्भवती महिलाओं को ऐसी ही चिंता महसूस होती है कि क्या उन्हें प्रेगनेंसी के दौरान लहसुन का सेवन करना चाहिए?

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लहसुन एक जड़ी बूटी की तरह है और एंटीवायरल खाद्य पदार्थ है, जो दुनियाभर में कई तरह की रेसिपीज में स्वाद बढ़ाने वाले तत्व के तौर पर जाना जाता है। वैसे तो लहसुन प्रेगनेंसी में होने वाली कई तरह की समस्याएं जैसे- हाई ब्लड प्रेशर और प्रीएक्लेम्प्सिया को दूर करने और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। लेकिन आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि गर्भावस्था के दौरान आप कितनी मात्रा में लहसुन का सेवन कर सकती हैं, ताकि इसका आपकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।

  1. क्या गर्भावस्था में लहसुन खाना सुरक्षित है? - Is garlic safe during pregnancy in hindi?
  2. प्रेगनेंसी में लहसुन खाने के फायदे - Benefits of garlic during pregnancy in hindi
  3. प्रेगनेंसी में लहसुन खाने के नुकसान - Side effects of garlic during pregnancy in hindi

लहसुन को इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली प्राकृतिक औषधी के तौर पर जाना जाता है। लहसुन में ऑर्गैनोसल्फर अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह एक ऐसा तत्व है जो लहसुन को उसकी तेज सुगंध और स्वाद प्रदान करता है और साथ ही में सेहत से जुड़े फायदे भी। लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जिस कारण यह हमारे शरीर को ढेरों विटामिन्स, मिनरल्स और पोषक तत्व देने का काम करता है। साथ ही लहसुन शरीर में हार्मोन्स के फंक्शन को बेहतर बनाने के साथ ही शरीर में खून के संचार को भी नियमित करने में मदद करता है। 

इतनी सारी खूबियों के बाद हम यह कह सकते हैं कि लहसुन, प्रेगनेंसी के दौरान खाने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन सिर्फ सीमित मात्रा में, खासकर प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में। अगर आप अपनी डायट में लहसुन को शामिल करना चाहती हैं तो बेहद सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन करें खास कर गर्भावस्था के 1 से 3 महीने के समय में वरना गर्भ में पल रहे भ्रूण पर इसका नकारात्मक असर हो सकता है। साथ ही अधिक मात्रा में लहसुन का सेवन करने से लो ब्लड प्रेशर और खून के पतला होने जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

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इतने सालों में अब तक ऐसी कोई स्टडी भी सामने नहीं आयी है जो इस बात को साबित कर पाए कि गर्भावस्था के दौरान लहसुन का सेवन करना गर्भवती महिला या उसके बच्चे के लिए असुरक्षित हो सकता है या फिर लहसुन खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। ऐसे में अगर आप गर्भावस्था के दौरान लहसुन का सेवन करना चाहती हैं तो अपनी डॉक्टर या डायटिशियन से सलाह लें कि आपके लिए रोजाना कितना लहसुन खाना सेफ हो सकता है।

लहसुन की कितनी मात्रा का करें सेवन?
अब बात मात्रा या क्वॉन्टिटी की करें तो गर्भवती महिला को रोजाना लहसुन की 2 से 3 कली से ज्यादा का सेवन नहीं करना चाहिए और वह भी किसी रेसिपी या डिश में डालकर पकाकर उसका सेवन करना चाहिए। कच्चा लहसुन खाना गर्भवती महिला के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता है। इसके अलावा गर्भावस्था की तीसरी या आखिरी तिमाही में तो लहसुन का सेवन बिलकुल कम मात्रा में करें। इसके अलावा आप खुद से लहसुन को न काटें क्योंकि इसकी तेज गंध के कारण आपको जी मिचलाना या उल्टी की समस्या हो सकती है।

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गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान नियमित रूप से सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन कर सकती हैं क्योंकि इसके ढेरों फायदे भी हैं:

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  1. प्री-एक्लेमप्सिया की समस्या दूर करता है लहसुन - Garlic controls preeclampsia problem in hindi
  2. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है लहसुन - Blood pressure control karta hai lahsun
  3. कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है लहसुन - Cholesterol control karta hai lahsun
  4. शिशु का वजन बढ़ाने में मदद करता है लहसुन - Baby ka weight badhata hai garlic
  5. सर्दी-जुकाम, फ्लू को दूर रखता है लहसुन - Infection control karta hai lehsun
  6. स्किन इंफेक्शन और बाल गिरने से बचाता है लहसुन - Skin infection, hair fall se bachata hai garlic
  7. कैंसर को दूर रखता है लहसुन - Cancer ko door karta hai lehsun
  8. थकान कम करने में मदद करता है लहसुन - Thakan door karta hai garlic

प्री-एक्लेमप्सिया की समस्या दूर करता है लहसुन - Garlic controls preeclampsia problem in hindi

प्री-एक्लेमप्सिया प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली गंभीर स्थिति है जो करीब 2 से 8 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करती है। प्री-एक्लेमप्सिया की समस्या में प्लेसेंटा तक जाने वाली रक्त धमनियां संकुचित होने लगती हैं जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे तक ऑक्सीजन और भोजन नहीं पहुंच पाता जिससे बच्चे का विकास बाधित होने लगता है। ऐसे में लहसुन का सेवन करने से प्री-एक्लेमप्सिया की समस्या को रोकने में मदद मिल सकती है। 100 महिलाओं पर की गई एक स्टडी में यह बात सामने आयी।

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ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है लहसुन - Blood pressure control karta hai lahsun

प्री-एक्लेमप्सिया के अलावा जेस्टेशनल हाइपरटेंशन या गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली कॉमन समस्या है जो हर 10 में से 1 गर्भवती महिला को प्रभावित करती है। लिहाजा लहसुन का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। साथ ही लहसुन को हृदय रोग को दूर करने के लिए भी घरेलू उपाय के तौर पर जाना जाता है।

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कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है लहसुन - Cholesterol control karta hai lahsun

लहसुन में ऐलिसिन कम्पाउंड पाया जाता है जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने और उसे बैलेंस करने में मदद करता है। बारीक-बारीक कटा लहसुन कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी के अलावा कई और जटिलताओं को दूर करने में मदद करता है जिनसे हृदय रोग का खतरा हो सकता है।

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शिशु का वजन बढ़ाने में मदद करता है लहसुन - Baby ka weight badhata hai garlic

प्रेगनेंसी की एक और कॉमन समस्या है जन्म के वक्त बच्चे का कम वजन यानी लो बर्थ वेट। इस समस्या से निपटने में भी मददगार है लहसुन। इस बारे में हुई कुछ स्टडीज की मानें तो जिन बच्चों का जन्म के वक्त वजन कम होने की आशंका होती है उनके वजन को बढ़ाने में मदद करता है लहसुन। इसके अलावा लहसुन के सप्लिमेंट्स, प्लेसेंटा में मौजूद कोशिकाओं के विकास को भी बढ़ाते हैं।

सर्दी-जुकाम, फ्लू को दूर रखता है लहसुन - Infection control karta hai lehsun

जब महिला गर्भवती होती है तो बेहद जरूरी है कि वह स्वस्थ रहे और बीमार न पड़े ताकि उसे किसी तरह की दवाई का सेवन करने की जरूरत न पड़े। ऐसे में लहसुन का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है जिससे सर्दी-जुकाम, फ्लू और दूसरे कॉमन इंफेक्शन से बचने में मदद मिलती है।

स्किन इंफेक्शन और बाल गिरने से बचाता है लहसुन - Skin infection, hair fall se bachata hai garlic

लहसुन में पाए जाने वाले एंटी-माइक्रोबियल तत्व के कारण ही लहसुन स्किन और मुंह में होने वाले कई तरह के इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा लहसुन में ऐलिसिन जो कि सल्फर बेस्ड कम्पाउंड है यह भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है और सल्फर बाल गिरने से रोकने में मदद करता है। प्रेगनेंसी के दौरान और उसके बाद अक्सर बाल गिरने की समस्या देखने को मिलती है। ऐसे में लहसुन आपके बालों को बचाने में मदद कर सकता है।

कैंसर को दूर रखता है लहसुन - Cancer ko door karta hai lehsun

लहसुन का सेवन करने से कोलोन कैंसर के खतरे से बचने में मदद मिल सकती है। कई बार प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज होने की वजह से मलाशय से खून आने लगता है जिसे महिलाएं बवासीर या प्रेगनेंसी के लक्षण मान लेती हैं लेकिन यह कोलोरेक्टल कैंसर का संकेत हो सकता है। लिहाजा लहसुन के सेवन से पेट का कैंसर, आंत का कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर से भी बचने में मदद मिलती है।

थकान कम करने में मदद करता है लहसुन - Thakan door karta hai garlic

प्रेगनेंसी के दौरान हर वक्त थकान महसूस करना भी एक कॉमन समस्या है। लेकिन अगर गर्भवती महिला लहसुन का सेवन करे तो इससे भी इस समस्या को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान चक्कर आना, सिर घूमना और उल्टी आने की समस्या भी लहसुन से दूर हो सकती है।

वैसे तो गर्भावस्था के दौरान लहसुन खाने के कई फायदे हमने आपको बता दिए हैं। लेकिन अगर आप प्रेगनेंसी के दौरान सीमित मात्रा की जगह बहुत ज्यादा क्वॉन्टिटी में लहसुन का सेवन करें तो आपको कई साइड इफेक्ट्स का भी सामना करना पड़ सकता है। जैसे:

  • लहसुन को प्राकृतिक रूप से खून को पतला करने वाला ब्लड थिनर माना जाता है। ऐसे में अगर गर्भवती महिला बहुत ज्यादा लहसुन का सेवन करे तो इसकी वजह से लेबर या डिलिवरी के दौरान अनियंत्रित ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। फिर चाहे डिलिवरी नॉर्मल हो या फिर सिजेरियन
  • अत्यधिक मात्रा में लहसुन का सेवन करने से ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा लो हो सकता है। जिन महिलाओं को प्रीएक्लेम्प्सिया या जेस्टेशनल हाइपरटेंशन की समस्या है उनके लिए तो यह फायदेमंद हो सकता है लेकिन बाकी महिलाओं के लिए बीपी का बहुत ज्यादा लो होना हानिकारक हो सकता है। अगर गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर बहुत लो हो जाए तो गर्भवती महिला को शॉक लग सकता है और वह बेहोश हो सकती है।
  • बहुत अधिक लहसुन का सेवन करने से खून में इंसुलिन का स्त्राव अधिक हो सकता है खून में शुगर का लेवल कम हो सकता है। साथ ही बहुत ज्यादा लहसुन का सेवन करने से मिसकैरेज का भी खतरा हो सकता है।
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