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गर्भावस्था में फोलिक एसिड की अहम भूमिका होती है। डॉक्टर प्रेग्नेंसी के लिए प्रयास करने वाली महिलाओं को फोलिक एसिड खाने की सलाह देते हैं। इसको विटामिन बी9 के नाम से भी जाना जाता है। गर्भ में बच्चे के विकास और उसके अंगों के निर्माण के लिए फोलिक एसिड को जरूरी माना जाता है। इससे आपका बच्चा मस्तिष्क और मेरुदंड संबंधी जन्म से होने वाली परेशानियां से सुरक्षित रहता है। इसके साथ ही फोलिक एसिड से महिलाओं में लाल रक्त कोशिकाएं बनती हैं। गर्भावस्था के दौरान कई तरह की सब्जियों और फलों के माध्यम से आप फोलिक एसिड को ग्रहण कर सकती हैं।

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आगे जानेंगे कि गर्भावस्था में फोलिक एसिड का महत्व क्या है, प्रेग्नेंसी में फोलिक एसिड लेना कब से शुरू करें, कितनी मात्रा में लें और फोलिक एसिड युक्त आहार कौन से होते हैं।

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  1. गर्भावस्था में फोलिक एसिड का महत्व - Garbhavastha me folic acid ka mahtav
  2. प्रेगनेंसी में फोलिक एसिड लेना कब शुरू करें - Pregnancy me folic acid lena kab suru kare
  3. प्रेगनेंसी में फोलिक एसिड कितनी मात्रा में लेनी चाहिए? - Pregnancy me folic acid kitni matra me leni chahiye
  4. गर्भावस्था में खाएं फोलिक एसिड युक्त आहार - Garbhavastha me khaye folic acid yukt aahar

गर्भावस्था में फोलिक एसिड बच्चे के लिए बेहद जरूरी होता है। अगर प्रेग्नेंट महिला के शरीर में फोलिक एसिड पर्याप्त मात्रा में न हो, तो बच्चे की तंत्रिका ट्यूब (Neural tube) सही तरह से बंद नहीं हो पाती है। इससे बच्चे में तंत्रिका ट्यूब दोष (Neural tube defects) हो सकते हैं। इसमें मुख्यतः दो विकार होते हैं-

  1. स्पाइना बिफिडा (Spina bifida) – स्पाइना बिफिडा में गर्भ में विकसित होने वाले भ्रूण के मेरुदंड (Spinal cord) के चारों ओर बनने वाली सुरक्षा परत सही तरह से बंद नहीं हो पाती है। जिससे मेरु दंड के बीच में जगह रह जाती है। इससे भ्रूण की तंत्रिकाओं को स्थाई रूप से क्षति पहुंच सकती है।
  2. ऐनिन्सफैली (Anencephaly) - ऐनिन्सफैली (Anencephaly/ मस्तिष्क का जन्मजात रोग) में बच्चे के दिमाग का अधिकतर हिस्सा सही तरह से बन नहीं पाता है।

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ऐनिन्सफैली से ग्रसित बच्चे अधिक दिनों तक जीवित नहीं रह पाते हैं। इसके अलावा स्पाइना बिफिडा भी एक स्थाई विकार होता है। यह भ्रूण के बनने के दौरान होने वाली गंभीर समस्याओं में से एक है। लेकिन आप पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड ग्रहण करके बच्च को इस तरह की समस्याओं से बचा सकती है। यदि किसी महिला का पहला बच्चा इस तरह की परेशानी के साथ पैदा हुआ हो, तो दूसरे बच्चे के पैदा होने से पहले डॉक्टर सुरक्षा के तौर पर महिला को 4,000 माइक्रोग्राम (4 मिलीग्राम) नियमित फोलिक एसिड खाने की सलाह देते हैं।

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प्रेग्नेंसी से पहले और प्रेगनेंसी के दौरान फोलिक एसिड ग्रहण करने से आपका बच्चा निम्न तरह की समस्याओं से बचा रहता है-

  • कटा होंठ (Cleft lip) और कटा तालू (palate)
  • समय पूर्व बच्चे का जन्म (और पढ़ें - स्तनपान के फायदे)
  • जन्म के समय बच्चे का वजन कम होना
  • गर्भपात (Miscarriage)
  • गर्भ में बच्चे के बनने की धीमी प्रक्रिया

फोलिक एसिड से महिलाओं का निम्न तरह के जोखिम से बचाव होता है-

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प्रेगनेंसी के तीसरे सप्ताह से प्रेगनेंसी के चौथे सप्ताह में बच्चे में जन्म से होने वाले विकार होने की संभावनाएं अधिक होती है। इस कारण यह जरूरी है कि फोलिक एसिड को आप प्रेग्नेंसी के शुरूआती दौर से ही लेने लगें, क्योंकि इसी समय बच्चे के मस्तिष्क और मेरूदंड का निर्माण होता है। प्रेगनेंसी से पहले आपको शारीरिक रूप से तैयार करने के लिए डॉक्टर आपको कुछ जरूरी विटामिन के साथ फोलिक एसिड लेने की भी सलाह देते हैं। एक अध्ययन में इस बात का पता चला है कि जिन महिलाओं ने गर्भावस्था से करीब एक साल पहले से फोलिक एसिड को लेना शुरू किया, उनको समय से पहले डिलीवरी की संभावनाएं 50 प्रतिशत तक कम हो गईं थी।

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कई विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेग्नेंट होने से एक माह पहले से भी महिलाएं प्रतिदिन फोलिक एसिड ग्रहण कर सकती हैं। इसके अलावा गर्भावस्था के बाद भी महिलाओं को फोलिक एसिड का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। गर्भावस्था से पहले आप जिन विटामिन्स की दवाइयों को ग्रहण करती है, जरूरी नहीं कि गर्भावस्था के बाद भी आपको उनकी उसी मात्रा में आवश्यकता हो। इस स्थिति में आपको प्रेग्नेंट होने के बाद अपने डॉक्टर से मिलकर विटामिन और फोलिक एसिड की मात्रा के बारे में पूछ लेना चाहिए।

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प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड की कितनी मात्रा लेनी जरूरी होती है, यह प्रश्न कई महिलाओं के दिमाग में आता है। प्रेग्नेंसी के लिए विचार करने वाली महिलाओं को डॉक्टर 400 माइक्रोग्राम (0.4 मिलीग्राम) फोलिक एसिड लेने की सलाह देते हैं। यदि आप मल्टीविटामिन दवाइयों का सेवन कर रहीं हैं तो आपको फोलिक एसिड की निश्चित मात्रा के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर आप मल्टीविटामिन की दवाइयां नहीं ले रहीं हैं, तो भी आप फोलिक एसिड की दवाओं का सेवन कर सकती हैं। 

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डॉक्टर के मुताबिक महिलाओं को फोलिक एसिड की रोजाना कितनी मात्रा ग्रहण करनी चाहिए, उस बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है -

  • प्रेग्नेंसी से पूर्व – 400 माइक्रोग्राम (0.4 मिलीग्राम) (और पढ़ें - प्रेग्नेंट होने के घरेलू उपाय)
  • गर्भावस्था की पहली तिमाही में - 400 माइक्रोग्राम (0.4 मिलीग्राम)
  • गर्भावस्था के चौथे महीने से नौवें महीने तक - 600 माइक्रोग्राम (0.6 मिलीग्राम)
  • स्तनपान कराने वाली महिलाओं को - 500 माइक्रोग्राम (0.5 मिलीग्राम)

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गर्भावस्था में फोलिक एसिड क्यों जरूरी होता है, इस बारे में ऊपर बताया ही जा चुका है। आगे आपको बता दें कि ऐसे कई खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनकी मदद से आप गर्भावस्था में फोलिक एसिड की आवश्यकता को पूरा कर सकती हैं।

गर्भावस्था में फोलिक एसिड युक्त निम्न खाद्य पदार्थ खा सकती हैं -  

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फोलिक एसिड के अन्य स्रोत -

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कई बार देखा जाता है कि खाना पकाते समय फोलिक एसिड नष्ट हो जाता है, इसलिए फोलिक एसिड युक्त आहार को ज्यादा न पकाएं। ज्यादा समय तक पकाने से इन खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता कम हो जाती है। सब्जियों को आप कम पानी में भाप से ही पकाएं। इसके अलावा बेक करके भी आप सब्जियों का सेवन कर सकती हैं। कई हरी सब्जियों को आप कच्चा भी खा सकती हैं, लेकिन इससे पहले सब्जियों को अच्छी तरह से धो लेना बेहद जरूरी होता है। वैसे कई बार इन खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करने के बाद भी कई महिलाओं में फोलिक एसिड की कमी रह जाती है। ऐसें मे आप अपने डॉक्टर से मिलकर फोलिक एसिड युक्त पूरक (supplements) का विकल्प भी चुन सकती हैं।

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